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Monsoon

Goa में Monsoon की एंट्री, Kerala में Heavy Rain Alert; MP और छत्तीसगढ़ को अभी इंतजार

देश के कई हिस्सों में लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान हैं, लेकिन अब राहत की खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) ने Goa में एंट्री कर ली है और इसके साथ ही बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। हालांकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि मौसम विभाग ने इन राज्यों में मानसून देर से पहुंचने का अनुमान जताया है। उधर Kerala में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। Kerala में बारिश का कहर, Wayanad-Kasaragod में Alert Kerala के Wayanad और Kasaragod जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। Goa पहुंचा Monsoon, मौसम हुआ सुहाना अरब सागर में बने अनुकूल मौसमीय सिस्टम की वजह से मानसून Goa तक पहुंच चुका है। बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। Goa के बीच और पर्यटन स्थलों पर भी बारिश का असर साफ दिखाई देने लगा है। MP-Chhattisgarh में मानसून की एंट्री में देरी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फिलहाल प्री-मानसून एक्टिविटी देखने को मिल रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायपुर और दुर्ग समेत कई शहरों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश का दौर जारी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में मानसून की आधिकारिक एंट्री सामान्य तारीख से कुछ दिन देर से हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक आंधी, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश का इंतजार खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की नजरें मानसून पर टिकी हुई हैं। अच्छी बारिश खेती के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। कई किसान अब मानसून की स्थायी बारिश शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बुवाई का काम समय पर शुरू हो सके। वहीं शहरों में रहने वाले लोग भी लगातार बढ़ रही गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे सप्ताह से मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल पूरे देश में मानसून की चाल पर नजर बनी हुई है और आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Annamalai

BJP से अलग होते ही चमके Annamalai, नई पार्टी के साथ बनाया बड़ा रिकॉर्ड

तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई (Annamalai) ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अपने नए राजनीतिक मंच की शुरुआत कर दी। खास बात यह रही कि लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर लाखों लोगों ने इस नए आंदोलन से जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। अन्नामलाई की नई पहल को राज्य में तेजी से मिल रहे समर्थन ने भाजपा समेत तमिलनाडु की बाकी पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी उनका नया अभियान लगातार ट्रेंड करता नजर आया। लॉन्च के 10 घंटे में 10 लाख रजिस्ट्रेशन अन्नामलाई की ओर से शुरू किए गए नए राजनीतिक प्लेटफॉर्म ‘We The Leaders’ और ‘Idhu Namma Iyakkam’ को जनता का बड़ा रिस्पॉन्स मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉन्च के महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन सदस्यता के लिए आवेदन किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों के बीच अन्नामलाई की मजबूत पकड़ इस भारी समर्थन की बड़ी वजह है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने खुद को तमिलनाडु की राजनीति में एक आक्रामक और अलग सोच वाले नेता के रूप में स्थापित किया है। BJP छोड़ने के पीछे क्या है वजह? पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई लंबे समय से तमिलनाडु BJP का बड़ा चेहरा माने जाते थे। हालांकि पिछले कुछ महीनों से पार्टी की रणनीति और गठबंधन राजनीति को लेकर उनके मतभेद सामने आ रहे थे। बताया जा रहा है कि AIADMK के साथ गठबंधन और राज्य में भाजपा की राजनीतिक दिशा को लेकर उनकी राय अलग थी। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि अब वह जनता की आवाज और जमीनी मुद्दों को केंद्र में रखकर राजनीति करेंगे। BJP नेताओं के इस्तीफों से बढ़ी हलचल अन्नामलाई के फैसले के बाद तमिलनाडु भाजपा में भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष करु नागराजन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा कुछ अन्य नेताओं के भी अन्नामलाई के समर्थन में आने की चर्चा है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अगर आने वाले दिनों में और नेता इस नए मंच से जुड़ते हैं तो राज्य में भाजपा की स्थिति कमजोर हो सकती है। युवाओं और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ अन्नामलाई की सबसे बड़ी ताकत उनकी सोशल मीडिया मौजूदगी मानी जाती है। युवा वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। उनकी सभाओं और भाषणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काफी देखा जाता रहा है। नई पार्टी के लॉन्च के साथ ही सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने समर्थन में पोस्ट शेयर किए। यही वजह रही कि सदस्यता अभियान ने कुछ ही घंटों में रिकॉर्ड आंकड़ा छू लिया। 2026 विधानसभा चुनाव पर टिकी नजर अन्नामलाई ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका नया राजनीतिक मंच 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उनका फोकस भ्रष्टाचार, रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी शासन जैसे मुद्दों पर रहने वाला है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में तीसरा बड़ा विकल्प बन पाएंगे या फिर यह समर्थन केवल शुरुआती उत्साह तक सीमित रहेगा। फिलहाल उनकी नई राजनीतिक शुरुआत ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह गर्म कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cockroach Janata Party

Cockroach Janata Party Protest: “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” के नारों से गूंजा जंतर-मंतर

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को माहौल उस समय गरमा गया जब ‘Cockroach Janata Party’ के नेतृत्व में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। पार्टी के फाउंडर अभिजीत भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने मंच से सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखा हमला बोला। “Education Minister इस्तीफा दो” के लगे नारे सुबह से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए लोग “Education Minister इस्तीफा दो”, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “युवाओं की आवाज सुनो” जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे इलाके में प्रदर्शनकारियों का जोश साफ दिखाई दे रहा था। छात्रों ने बताई अपनी परेशानियां प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि लगातार बढ़ती फीस, परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और रोजगार की कमी ने युवाओं की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई छात्रों ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही, जिससे भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अभिजीत ने सरकार पर साधा निशाना पार्टी फाउंडर अभिजीत ने अपने संबोधन में कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीति से ज्यादा छात्रों और आम लोगों की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा से जुड़े असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। अभिजीत ने कहा कि अगर छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए थे। कई जगह बैरिकेडिंग लगाई गई और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा। सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड हुआ प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी यह प्रदर्शन तेजी से चर्चा में आ गया। #JantarMantarProtest और #EducationMinisterResign जैसे हैशटैग ट्रेंड करते नजर आए। प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें लोगों के बीच तेजी से शेयर की जा रही हैं। आने वाले समय में बढ़ सकता है आंदोलन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में देश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GDP

India Economy Update: GDP 7.7% तक पहुंची, अगले साल 6.6% तक गिरावट संभव

भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन दिखाते हुए इस साल 7.7% GDP ग्रोथ दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले साल की 7.1% ग्रोथ से बेहतर है और यह साफ संकेत देता है कि देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में यह रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है और GDP ग्रोथ करीब 6.6% तक सीमित रह सकती है। आज के समय में जहां दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी गति से बढ़ रही हैं, वहीं भारत का प्रदर्शन अब भी मजबूत बना हुआ है। इस साल ग्रोथ क्यों बढ़ी? भारत की अर्थव्यवस्था में आई इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर भारतीय इकोनॉमी को मजबूती दी है। अगले साल धीमी ग्रोथ की आशंका क्यों? विशेषज्ञों के अनुसार कुछ ग्लोबल और घरेलू कारणों से आने वाले समय में ग्रोथ थोड़ी कम हो सकती है: क्या कहती है तस्वीर? कुल मिलाकर भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।लेकिन यह भी साफ है कि आगे की राह में स्थिर और संतुलित विकास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर निवेश और रोजगार सृजन पर फोकस बढ़ाया गया तो भारत आने वाले सालों में फिर से तेज ग्रोथ पकड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Modi Gujarat Visit ₹18,000 करोड़ प्रोजेक्ट्स, डिफेंस फैक्ट्री और Green India का संदेश

PM Modi का गुजरात दौरा इस बार सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसमें डिफेंस, डेवलपमेंट और ग्रीन एनर्जी तीनों का मजबूत संदेश देखने को मिला। एक तरफ उन्होंने अत्याधुनिक हथियार फैक्ट्री में भारत की रक्षा ताकत को करीब से देखा, तो दूसरी तरफ सूरत में होने वाली रैली को पर्यावरण से जोड़कर एक अलग दिशा दी। Hazira Defence Factory Visit: Made in India टैंक और ड्रोन की ताकत पीएम मोदी ने हेज़रा स्थित एक आधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा किया, जहां देश में बने अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्हें दिखाया गया: इन सभी तकनीकों ने भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और “Atmanirbhar Bharat” मिशन को मजबूती दी है। यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। ₹18,000+ करोड़ के Development Projects की सौगात गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कई बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग ₹18,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स का फोकस रहेगा: इन योजनाओं से खासकर दक्षिण गुजरात में रोजगार और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। Surat Rally EV Theme: कार्यकर्ता पहुंचे EV और साइकिल से सूरत में होने वाली बड़ी जनसभा इस बार एक खास संदेश लेकर आ रही है। कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि वे कार्यक्रम में: पहुंचें। इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल के प्रति जागरूक करना है। शहर में इसको लेकर खास तैयारी और ग्रीन मूवमेंट भी देखने को मिल रहा है। Make in India + Green India का मजबूत संदेश पीएम मोदी का यह पूरा दौरा तीन बड़े संदेश देता है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump India Trade Statement: “भारत ने US का फायदा उठाया”, फिर भी बोले – Modi से होगी Deal

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर एक बार फिर बड़ा और चर्चित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कई दशकों तक अमेरिका के साथ व्यापार में “फायदा उठाया”, लेकिन अब अमेरिका टैरिफ नीतियों के जरिए अच्छा राजस्व कमा रहा है। इसके बावजूद ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि वह भारत के साथ भविष्य में एक बड़ी ट्रेड डील करने के पक्ष में हैं। उनका यह बयान एक बार फिर भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को सुर्खियों में ले आया है। भारत पर ट्रम्प की टिप्पणी क्या है? ट्रम्प ने अपने बयान में भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन पर सवाल उठाए। उनके अनुसार: हालांकि, सख्त बयान के बावजूद ट्रम्प ने रिश्तों को पूरी तरह नकारात्मक नहीं बताया। “मोदी की वजह से आगे होगी बड़ी Deal” ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह भारत के साथ बड़े व्यापारिक समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसकी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने अच्छे संबंधों को बताया। उनके अनुसार: यह बयान राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है। India-US Trade Relations पर असर भारत और अमेरिका दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन टैरिफ, एक्सपोर्ट और मार्केट एक्सेस को लेकर मतभेद भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इस बयान के संभावित प्रभाव: राजनीतिक संकेत भी अहम ट्रम्प का बयान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देता है। एक तरफ उन्होंने भारत पर व्यापार असंतुलन का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ मोदी के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताया। इससे यह संकेत मिलता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

China Pakistan Relations: क्या चीन के इशारों पर चल रहा है पाकिस्तान?

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या Pakistan अब पूरी तरह China के कंट्रोल में है या यह सिर्फ मजबूत रणनीतिक साझेदारी है? पुतिन ने इस मुद्दे पर सीधा और साफ संकेत दिया कि दुनिया के रिश्तों को इतना सरल नहीं कहा जा सकता कि किसी देश को दूसरे देश के “पूरे कंट्रोल” में बताया जाए। China-Pakistan Relations: रिश्ते कितने गहरे हैं? पिछले कुछ सालों में चीन और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तेजी से मजबूत हुए हैं। खासकर: इन्हीं कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ यह मानते हैं कि पाकिस्तान का झुकाव चीन की तरफ काफी बढ़ा है। Putin का साफ संदेश क्या था? Vladimir Putin ने अपने बयान में यह माना कि देशों के बीच प्रभाव और साझेदारी होती है, लेकिन इसे “पूर्ण कंट्रोल” कहना सही नहीं है। उनका इशारा था कि: दुनिया में क्या चल रही है बहस? इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच दो तरह की राय सामने आई है: पहली राय:पाकिस्तान धीरे-धीरे चीन के प्रभाव क्षेत्र में जा रहा है। दूसरी राय:यह सिर्फ रणनीतिक साझेदारी है, किसी का “कंट्रोल” नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Patna

Patna Firing कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में बड़ा अपडेट आया सामने

Patna में कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने न सिर्फ इलाके को हिला दिया है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। अचानक हुई इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में जांच के दौरान चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक Khan Sir का नाम भी सामने चर्चा में आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि उनका इस घटना से प्रत्यक्ष संबंध है। फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को समझने की कोशिश कर रही हैं। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? पटना के एक कोचिंग संस्थान के बाहर अचानक फायरिंग की घटना हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। छात्र और आसपास मौजूद लोग डर के माहौल में इधर-उधर भागने लगे। घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की जांच में तेजी पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद कई टीमों को जांच में लगाया है। CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड्स और आसपास के लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आने लगी हैं। कुछ लोग इसे कोचिंग से जुड़े विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पुलिस ने साफ किया है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों में चिंता, जांच पर नजर इस घटना ने स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सभी की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस फायरिंग के पीछे असली वजह क्या थी और कौन लोग इसमें शामिल हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

India Bangladesh Border Tension: घुसपैठ विवाद से बढ़ा तनाव, ढाका ने लगाए गंभीर आरोप

India और Bangladesh की सीमा पर एक बार फिर हालात गरमाते नजर आ रहे हैं। बॉर्डर इलाके में घुसपैठ को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है, जिससे कूटनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। India और Bangladesh के बीच यह नया विवाद सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ से जुड़ा बताया जा रहा है। बॉर्डर पर क्या हुआ? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा, जो बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। इन्हीं घटनाओं के बाद बांग्लादेश की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। ढाका का आरोप है कि सीमा पर “अनियमित गतिविधियां” बढ़ रही हैं और पहले से तय समझौतों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। इसी को लेकर भारत से जवाब मांगा गया है। भारत का रुख क्या है? भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को तुरंत रोका जा रहा है। भारत का पक्ष साफ है कि जो लोग पकड़े गए हैं, वे बिना अनुमति सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। सुरक्षा एजेंसियों का यह भी कहना है कि हर कदम नियमों और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत ही उठाया जाता है। क्यों बार-बार उठता है यह मुद्दा? भारत–बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सीमाओं में से एक मानी जाती है। यहां समय-समय पर कई कारणों से तनाव देखने को मिलता है: इन सभी कारणों से कभी-कभी स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है, हालांकि जमीनी स्तर पर सहयोग भी जारी रहता है। रिश्तों पर कितना असर? हालांकि इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच रिश्ते पूरी तरह खराब नहीं हुए हैं। व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति के स्तर पर भारत और बांग्लादेश लगातार संपर्क में रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा से जुड़े मुद्दों का हल बातचीत और आपसी सहयोग से ही संभव है। तनाव भले ही दिखे, लेकिन दोनों देशों के रिश्ते व्यापक रूप से स्थिर बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Varanasi

Varanasi Mega Project: 130 फीट ऊंचे Shivling के साथ काशी को मिलेगी नई पहचान

भगवान शिव की नगरी Varanasi अब एक और ऐतिहासिक पहचान बनाने जा रही है। Varanasi में जल्द ही दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस भव्य प्रोजेक्ट को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक वर्ल्ड क्लास स्पिरिचुअल पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वाराणसी नगर निगम करीब 20 एकड़ जमीन पर इस मेगा प्रोजेक्ट को तैयार करने जा रहा है। पार्क के बीचों-बीच 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग बनाया जाएगा, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग बताया जा रहा है। काशी की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को बेहद खास माना जा रहा है। पुराने जलकल परिसर को मिलेगा नया रूप यह पूरा प्रोजेक्ट भेलूपुर-कमच्छा स्थित पुराने जलकल परिसर की जमीन पर विकसित किया जाएगा। वर्षों से खाली पड़ी इस जगह को अब धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में बदला जाएगा। बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। काशी पहले ही बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के कारण दुनियाभर में चर्चा में है। अब यह नया शिवलिंग पार्क शहर को एक नई पहचान देने की तैयारी में है। पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं इस स्पिरिचुअल पार्क को सिर्फ धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पार्क में सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, बच्चों के लिए गेमिंग जोन, फूड प्लाजा, लाइब्रेरी, फैमिली पिकनिक एरिया और हरियाली से भरा ऑक्सीजन पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा काशी की संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाले वॉल म्यूरल्स भी लगाए जाएंगे। काशी की विरासत दिखाएगा Museum इस प्रोजेक्ट में एक बड़ा म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जहां काशी की धार्मिक परंपरा, घाटों की संस्कृति, संगीत, कला और बाबा विश्वनाथ से जुड़ी विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। इसके साथ ही एक आधुनिक प्लैनेटेरियम बनाने की भी योजना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में काशी के पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ा इजाफा हो सकता है। सोशल मीडिया पर Viral हुआ 3D Video परियोजना का 3D वीडियो सामने आने के बाद सोशल media पर लोग इसकी भव्यता की जमकर चर्चा कर रहे हैं। वीडियो में विशाल शिवलिंग, हरियाली और आधुनिक डिजाइन की झलक देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे काशी की नई पहचान बताया है। धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास का यह अनोखा संगम आने वाले वर्षों में वाराणसी को Spiritual Tourism का बड़ा केंद्र बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Earthquake

6.7 Magnitude Earthquake in Indonesia: भूकंप के तेज झटकों से सहमे लोग

Indonesia में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप (Earthquake) ने लोगों में दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई, जिसके बाद कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समुद्र के भीतर था भूकंप का केंद्र स्थानीय एजेंसियों के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था। झटके इतने तेज थे कि कई शहरों में लोगों ने कुछ सेकेंड तक जमीन को लगातार कांपते हुए महसूस किया। कई जगहों पर लोग खुले मैदानों और सड़कों पर जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग डर के कारण इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर, सुनामी का बड़ा खतरा नहीं हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल सुनामी की कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों की नजर पूरे हालात पर बनी हुई है। क्यों बार-बार आते हैं इंडोनेशिया में भूकंप? इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह देश “Ring of Fire” क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले भी यहां कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जिनमें भारी तबाही देखने को मिली थी। लोगों से अफवाहों से बचने की अपील भूकंप के बाद लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील कर रहा है। राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़ी तबाही की खबर सामने नहीं आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ayodhya

Ayodhya Ram Mandir Case: चढ़ावे में गड़बड़ी पर SIT Action, आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गड़बड़ी का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक आज इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की जा सकती हैं। वहीं SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने मंदिर परिसर में बंद कमरे में कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई। इसी को लेकर कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। कर्मचारियों से पूछे गए अहम सवाल SIT ने पूछताछ के दौरान कर्मचारियों से यह जानने की कोशिश की कि मंदिर में ड्यूटी खत्म होने के बाद किसी प्रकार की चेकिंग होती थी या नहीं। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि चढ़ावे की रकम को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया क्या थी और किन लोगों को उस जगह तक पहुंचने की अनुमति थी। जांच एजेंसियों ने कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, CCTV निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि कई रिकॉर्ड और फुटेज को दोबारा खंगाला जा रहा है। दो FIR दर्ज होने की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली FIR चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गबन को लेकर दर्ज हो सकती है। वहीं दूसरी FIR सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर की जा सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं में नाराजगी, प्रशासन पर उठे सवाल राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होनी चाहिए थी। फिलहाल SIT पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आखिर कौन-कौन लोग सामने आते हैं और प्रशासन क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
अमेरिका

अमेरिका-ईरान Peace Agreement से दुनिया में हलचल, 19 जून को हो सकता है ऐतिहासिक ऐलान

कई सालों से तनाव और टकराव के बीच उलझे अमेरिका और ईरान के रिश्तों में अब नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के बाद Peace Deal के ड्राफ्ट पर डिजिटल साइन होने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समझौते की औपचारिक घोषणा 19 जून को स्विट्जरलैंड में की जा सकती है। इस खबर के सामने आते ही दुनिया भर में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अगर यह डील पूरी तरह सफल होती है तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। डिजिटल साइन के बाद बढ़ी उम्मीदें रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शुरुआती समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सहमति जताई है। हालांकि अभी कुछ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम बातचीत बाकी है। सूत्रों की मानें तो इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी लगातार जारी थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम सामने आया है। क्या-क्या शामिल है इस Peace Deal में? इस प्रस्तावित समझौते में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई है। इनमें युद्धविराम को मजबूत करना, स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में समुद्री आवाजाही को सामान्य बनाना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई शर्तों के साथ बातचीत शुरू करना शामिल है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी रखने की भी बात कही जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह कदम भविष्य में बड़े कूटनीतिक बदलाव का रास्ता खोल सकता है। ₹28 लाख करोड़ के Economic Package की चर्चा इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका की ओर से ईरान को दिए जाने वाले संभावित आर्थिक राहत पैकेज को लेकर हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग ₹28 लाख करोड़ तक की आर्थिक मदद, निवेश या फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर सकता है। हालांकि अभी तक इस रकम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भी साफ कहा गया है कि अंतिम फैसला बातचीत पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। दुनिया की नजर 19 जून की बैठक पर अगर 19 जून को यह समझौता औपचारिक रूप लेता है तो इसे पिछले कई दशकों में अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा डिप्लोमैटिक बदलाव माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक तेल बाजार को भी राहत मिल सकती है। तेल व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं निवेशकों को भी वैश्विक व्यापार में सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही है। अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ विवाद हालांकि माहौल सकारात्मक जरूर दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ईरान जहां प्रतिबंधों में पूरी राहत चाहता है, वहीं अमेरिका सुरक्षा और न्यूक्लियर निगरानी को लेकर सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में 19 जून की बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या यह Peace Deal वास्तव में इतिहास बदल पाएगी या फिर बातचीत एक बार फिर अधूरी रह जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Telegram

Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

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