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UP Assembly Election 2027

UP Assembly Election 2027: ओवैसी का बड़ा बयान, ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपना Political Haq लेगा’

UP Assembly Election 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। नेताओं के दौरे और बयानबाजी के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। बहराइच और श्रावस्ती के दौरे पर पहुंचे ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब ‘अब्दुल’ सिर्फ दरी बिछाने और नारे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपना राजनीतिक हक मांगेगा। ओवैसी के इस बयान ने यूपी की चुनावी राजनीति में एक बार फिर Political Representation और मुस्लिम वोटर्स की हिस्सेदारी के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। ‘अब्दुल अब सिर्फ दरी नहीं बिछाएगा’ ओवैसी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज से वोट की उम्मीद की जाती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने की बात आने पर उसे पीछे कर दिया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘अब्दुल’ का उदाहरण दिया। AIMIM प्रमुख का कहना है कि मुस्लिम समाज को केवल चुनावी समर्थन देने वाले वर्ग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उसे राजनीति और सत्ता में अपनी हिस्सेदारी के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि अब ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’, बल्कि अपने Political Rights और हिस्सेदारी की बात करेगा। सपा और विपक्ष पर ओवैसी का निशाना ओवैसी ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि यूपी में मुस्लिमों की अलग राजनीतिक ताकत को मजबूत होते देख कई दल असहज हैं। AIMIM प्रमुख लगातार यह कहते रहे हैं कि मुस्लिम समाज को किसी एक पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा राजनीतिक प्रतिनिधित्व रहा है। हालांकि, ओवैसी के इन आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों का पक्ष अलग हो सकता है। इसलिए उनके बयानों को राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। भिनगा सीट से उम्मीदवार का ऐलान श्रावस्ती दौरे के दौरान ओवैसी ने भिनगा विधानसभा सीट से हाजी दद्दन खान को AIMIM का उम्मीदवार घोषित किया। दद्दन खान हाल में बसपा छोड़कर AIMIM में शामिल हुए हैं। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही AIMIM ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता का संकेत दिया है। पार्टी आने वाले समय में दूसरे क्षेत्रों में भी संगठन और उम्मीदवारों को लेकर अपनी रणनीति सामने रख सकती है। गठबंधन पर भी AIMIM का रुख यूपी चुनाव को लेकर ओवैसी पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर सकती है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि चुनाव नजदीक आने पर AIMIM किन सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और दूसरे राजनीतिक दलों के साथ उसका समीकरण किस दिशा में जाता है। SIR के मुद्दे का भी किया जिक्र ओवैसी ने Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि AIMIM इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई थी। SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक बहस चल रही है। यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची और वोटर अधिकार से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। UP Election 2027 में AIMIM की क्या रणनीति? असदुद्दीन ओवैसी के लगातार यूपी दौरे और उम्मीदवारों की शुरुआती घोषणाओं से AIMIM की चुनावी सक्रियता दिखाई दे रही है। पार्टी मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दे रही है। फिलहाल यूपी चुनाव में अभी काफी समय है और राजनीतिक समीकरण बदलने की गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में ओवैसी का ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’ वाला बयान आने वाले चुनाव में Muslim Political Representation के मुद्दे को कितना बड़ा बनाता है, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों से साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hamam Al-Hammami

Indian Pilot Attack: Hamam Al-Hammami की पुरानी नौकरी से जुड़े चौंकाने वाले दावे, जांच जारी

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के मामले में आरोपी सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी (Hamam Al-Hammami) के तौर पर हुई है। घटना के बाद से आरोपी की पुरानी नौकरी, उसकी गतिविधियों और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर जांच तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हमामी पहले Oman Air में काम कर चुका था। उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगालने पर यह बात सामने आई है कि कंपनी में रहते हुए उसके व्यवहार और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठी थीं। कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर किया हमला यह मामला उस समय सामने आया जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। घटना के बीच विमान की स्थिति भी कुछ समय के लिए गंभीर हो गई और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। हालांकि, कैप्टन ने हालात संभालने की कोशिश की। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार और आरोपी सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया। मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है। Oman Air में भी उठे थे सवाल हमाम अल-हमामी के पुराने करियर को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। बताया गया है कि वह करीब सात साल तक Oman Air से जुड़ा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी में रहते हुए उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई थी। इसके बाद उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरी भूमिका में भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे मामले में अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में घटनाओं की परिस्थितियों और समय को लेकर अंतर दिखाई देता है। इसलिए इन दावों की आधिकारिक जांच का इंतजार किया जा रहा है। Al-Qaeda से प्रभावित होने का भी दावा हमाम अल-हमामी को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि वह Al-Qaeda की विचारधारा से प्रभावित था। जांच एजेंसियां उसके पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्टों में कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री से जुड़े उसके संपर्क और गतिविधियों का जिक्र किया गया है। हालांकि, अभी तक अल-कायदा के साथ उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि जांच पूरी होने तक इन दावों को आरोप या जांच के एंगल के तौर पर ही देखा जा रहा है। कैसे बचा बड़ा हादसा? फ्लाइट के कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई थी। स्थिति बिगड़ने के बावजूद विमान को संभाला गया और उसे ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भी घटना के बाद काफी चर्चा हुई है। हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाना और यात्रियों को बचाना इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा रहा। अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे? जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम अल-हमामी ने विमान के अंदर हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी। इसके साथ ही उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड, कथित कट्टरपंथी गतिविधियों और सुरक्षा जांच से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर उसके पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह बाद में दूसरी एयरलाइन में पायलट की जिम्मेदारी तक कैसे पहुंचा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। Hamam Al-Hammami के कथित कट्टरपंथी संबंधों और Al-Qaeda से जुड़े दावों पर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tirupati

Tirupati Pharma Factory में Boiler Blast, 5 कर्मचारियों की मौत; 10 की हालत गंभीर

आंध्र प्रदेश के तिरुपति (Tirupati) जिले से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। श्री सिटी के SEZ स्थित TIL Healthcare की फार्मा यूनिट में अचानक बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 5 कर्मचारियों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अचानक हुआ जोरदार Boiler Blast जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार सुबह फैक्ट्री में हुआ। उस समय कर्मचारी अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान बॉयलर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग और धुएं का माहौल बन गया। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ कर्मचारी हादसे की चपेट में आ गए। Rescue Team ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि करीब 10 घायल कर्मचारियों की हालत गंभीर है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और जरूरत के अनुसार कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बॉयलर में विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ। क्या यह तकनीकी खराबी थी या फिर किसी दूसरे कारण से यह हादसा हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें घटनास्थल से जानकारी जुटा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही Boiler Blast की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। परिवारों में पसरा मातम हादसे में कर्मचारियों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम पसर गया। फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तिरुपति सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और राहत कार्य है। वहीं, इस गंभीर औद्योगिक हादसे की जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Guwahati Nightclub

Guwahati Nightclub में हंगामा महिला से मारपीट और बदसलूकी का आरोप, Manager हिरासत में

असम के गुवाहाटी से एक नाइटक्लब (Guwahati Nightclub) में महिला के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो में दो महिलाएं एक महिला के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। वहीं, क्लब के बाउंसरों पर भी घटना के दौरान उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। Nightclub में महिला के साथ मारपीट का आरोप मिली जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी के एक नाइटक्लब में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि उसके कपड़े भी उतारे गए और उसके साथ बदसलूकी की गई। वायरल वीडियो में दो महिलाएं कथित तौर पर महिला को लात मारती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। बाउंसरों की भूमिका पर भी सवाल इस मामले में नाइटक्लब के बाउंसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि जब महिला के साथ मारपीट हो रही थी, तब उसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, घटना के पूरे क्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। वायरल वीडियो के अलावा मौके पर मौजूद लोगों और क्लब स्टाफ से मिली जानकारी भी जांच में अहम हो सकती है। Club Manager हिरासत में घटना के बाद पुलिस ने नाइटक्लब के मैनेजर को हिरासत में लिया है। उससे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस वायरल वीडियो और क्लब में लगे CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है। इससे घटना का पूरा क्रम समझने और आरोपों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। Viral Video के बाद सामने आया मामला बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से लोगों के बीच पहुंचा। वीडियो में महिला के साथ मारपीट का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसके बाद नाइटक्लब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Asian Games 2026

Asian Games 2026: भारत को 18वां Gold, Kumkum Mohod और Pranavi Urs ने रचा इतिहास

Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो बड़ी खुशखबरियां आईं। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, वहीं प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के Gold Medals की संख्या बढ़कर 18 हो गई। कुमकुम मोहोड ने Archery में रचा इतिहास 17 साल की भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve के फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद शूट-ऑफ में मुकाबला तय हुआ। यहां कुमकुम ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना लगाते हुए 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने Gold Medal अपने नाम कर लिया। कुमकुम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह Asian Games के महिला Individual Recurve में Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय Archery में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भी कुमकुम इस एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने महिला टीम रिकर्व में Gold और Mixed Pair में Silver Medal भी जीता है। Pranavi Urs ने Golf में बनाया नया इतिहास गोल्फ में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया। वह Asian Games में Individual Golf Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। प्रणवी ने चार राउंड के खेल में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए Gold Medal पर कब्जा किया। फाइनल राउंड में एक समय प्रणवी मुश्किल स्थिति में भी पहुंच गई थीं। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उनकी बढ़त कम हो गई थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जरूरी Birdies हासिल कीं। आखिरी होल तक प्रणवी ने अपना संयम बनाए रखा और पार स्कोर के साथ Gold Medal पक्का कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गोल्फ के लिए भी एक यादगार दिन बना दिया। Indian Women’s Golf Team को Silver प्रणवी उर्स की Individual Gold जीत के साथ भारतीय महिला Golf Team ने भी Silver Medal हासिल किया। टीम में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने बेहतर स्कोर के साथ Gold हासिल किया, जबकि भारत को Silver Medal से संतोष करना पड़ा। 18 Gold के साथ भारत की शानदार Medal Tally कुमकुम मोहोड और प्रणवी उर्स के Gold Medal ने Asian Games 2026 में भारत के अभियान को और मजबूत कर दिया है। भारत के खाते में अब 18 Gold, 26 Silver और 35 Bronze सहित कुल 79 Medals हो गए हैं। एक ही दिन Archery और Golf में दो ऐतिहासिक Gold जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कुमकुम की सटीक निशानेबाजी और प्रणवी की Golf Course पर शानदार वापसी ने इस दिन को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बना दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Captain Smit Machchhar

Captain Smit Machchhar हीरो बने भारतीय Pilot, PM मोदी से Netanyahu तक ने की तारीफ

Flydubai की फ्लाइट में हुए खतरनाक घटनाक्रम के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) लगातार सुर्खियों में हैं। मुश्किल हालात में जिस तरह उन्होंने धैर्य और सूझबूझ दिखाई, उसकी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और RSS समेत कई नेताओं और संगठनों ने स्मित की बहादुरी की सराहना की है। स्मित के लिए यह घटना सिर्फ एक मुश्किल उड़ान नहीं थी। उस वक्त विमान में सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर थी और हर फैसला बेहद अहम था। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। Flydubai Flight में आखिर क्या हुआ था? दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए और विमान अचानक नीचे जाने लगा। हालात बिगड़ने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद क्रू और अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने में मदद की। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। PM मोदी ने की Captain Smit से बात कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की। पीएम मोदी ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनकी सेहत का हाल जाना और मुश्किल समय में उनके साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान स्मित ने घटना से जुड़े अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि लंबे Flying Experience ने उन्हें उस समय स्थिति को समझने और तेजी से फैसला लेने में मदद की। प्रधानमंत्री ने स्मित के साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Netanyahu ने भी बताया ‘True Hero’ कैप्टन स्मित की बहादुरी की गूंज इजरायल तक पहुंची। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की तारीफ की। नेतन्याहू ने स्मित को True Hero बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया। उनके मुताबिक, संकट की उस घड़ी में स्मित की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण रही और इससे विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद मिली। यही वजह है कि घटना के बाद स्मित मच्छार को लेकर भारत और इजरायल दोनों जगह लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। RSS और नेताओं ने भी किया सलाम स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ राजनीतिक गलियारों में भी हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से भी उनके साहस की सराहना की गई। इसके अलावा अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। RJD सांसद मनोज झा समेत कई नेताओं ने संकट के समय उनके साहस और जिम्मेदारी की तारीफ की। खास बात यह रही कि स्मित की तारीफ किसी एक राजनीतिक खेमे तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग विचारधारा से जुड़े लोगों ने भी उनकी भूमिका को सराहा। 17 साल का Flying Experience बना ताकत कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें करीब 17 साल का Flying Experience है और वह लगभग 11 साल तक SpiceJet से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने Flydubai में काम शुरू किया। शायद यही लंबा अनुभव संकट की उस घड़ी में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। जब कुछ ही सेकंड में फैसले लेने थे, तब उन्होंने हालात को समझते हुए कदम उठाया। देशभर में हो रही बहादुरी की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों तक कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनके साहस और पेशेवर जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं। एक पायलट के लिए हर उड़ान में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब खुद पायलट मुश्किल में हो और फिर भी वह स्थिति को संभालने की कोशिश करे, तो ऐसी घटना लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बन जाती है। घटना की जांच जारी Flydubai फ्लाइट में हुई इस घटना की जांच जारी है। घटना के पीछे की पूरी वजह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी एक ऐसे भारतीय पायलट की कहानी बन गई है, जिसने मुश्किल समय में हिम्मत नहीं छोड़ी। PM मोदी, Netanyahu, RSS और कई नेताओं की ओर से मिली तारीफ ने उनकी बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge चिनाब रेल ब्रिज पर ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेलवे ने इसका एक शानदार वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें ट्रेन को विशाल चिनाब ब्रिज से गुजरते हुए देखा जा सकता है। यह ब्रिज जम्मू-श्रीनगर रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी ऊंचाई नदी तल से करीब 359 मीटर है, यानी यह पेरिस के मशहूर एफिल टावर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। इतनी ऊंचाई पर ट्रेन का दौड़ना इंजीनियरिंग और भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। जम्मू-श्रीनगर के बीच रेल संपर्क बेहतर होने से यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह रेल सेवा यात्रा को आसान और तेज बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। चिनाब ब्रिज पर दौड़ती ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। ऊंचे पहाड़ों, गहरी घाटी और विशाल रेलवे पुल के बीच ट्रेन का यह नजारा बेहद खास दिखाई देता है। Desh Har Pal website पर देश-दुनिया की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Bihar-UP Monsoon: बाढ़ ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल, मानसून की विदाई के बीच Kedarnath में बढ़ी ठंड

Monsoon की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बाढ़ की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश में भी कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ों पर मौसम ने अचानक करवट ली है और केदारनाथ में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित बिहार में नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह खेतों में पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में आने-जाने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बिहार में फिलहाल बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। UP में भी Flood का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है। सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला था। अब मानसून की विदाई के बीच भी कुछ इलाकों में नदियों के बढ़े जलस्तर ने परेशानी बरकरार रखी है। Kedarnath में -4°C पहुंचा तापमान मैदानी इलाकों में जहां बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है, वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ रही है। केदारनाथ में तापमान -4°C तक पहुंचने से वहां सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने का असर साफ नजर आ रहा है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने की सलाह दी जा रही है। एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ बढ़ती ठंड अक्टूबर की शुरुआत में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रंग देखने को मिल रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जहां बाढ़ और बढ़े नदी जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ों में ठंड दस्तक दे चुकी है। मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बदल सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम अपडेट के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Captain Smit Machchhar

Flydubai Hero Captain Smit Machchhar: कौन हैं 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय Pilot?

मुश्किल वक्त में इंसान की असली परीक्षा होती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला Flydubai की एक फ्लाइट में, जहां गंभीर हालात के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से सैकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना के बाद स्मित मच्छार का नाम दुनियाभर में चर्चा में है। दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक गंभीर स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इसके बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी और हालात को संभालने की कोशिश जारी रखी। कौन हैं Captain Smit Machchhar? Captain Smit Machchhar मुंबई के रहने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने शुरू से पायलट बनने का सपना नहीं देखा था। उनका शुरुआती रुझान परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस की ओर था। इसी दिशा में उन्होंने पढ़ाई भी शुरू की थी। बाद में एक Aviation Seminar में हिस्सा लेने के बाद उनकी दिलचस्पी विमानन क्षेत्र में बढ़ी। यहीं से उनके करियर ने नया मोड़ लिया और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया। इसके बाद स्मित ने न्यूजीलैंड में Commercial Pilot Training हासिल की। भारत लौटने के बाद उन्होंने Boeing 737 की ट्रेनिंग पूरी की और 2011 में SpiceJet के साथ अपने करियर की शुरुआत की। आगे चलकर उन्होंने Flydubai ज्वाइन किया। रिपोर्टों के मुताबिक, स्मित के पास 9,750 से ज्यादा उड़ान घंटों का अनुभव है। उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। Flight FZ1073 में क्या हुआ था? 30 सितंबर 2026 को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। विमान में कुल 174 यात्री थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में ऐसी स्थिति पैदा हुई जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इस दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बेहद मुश्किल थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान की Saudi Arabia के Tabuk में Emergency Landing कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है। स्मित मच्छार के माता-पिता का नाम क्या है? कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना के बाद स्मित के परिवार से फोन पर बातचीत की। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनके पिता का नाम भूपेंद्र मच्छार और मां का नाम गीता मच्छार है। प्रधानमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Captain Smit Machchhar की पत्नी का नाम स्मित मच्छार की पत्नी का नाम सोनल बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार से बातचीत के दौरान उनकी पत्नी सोनल से भी बात की। स्मित की निजी जिंदगी से जुड़ी बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए परिवार के बारे में उपलब्ध और पुष्ट जानकारी तक ही सीमित रहना बेहतर है। PM Modi ने भी की बहादुरी की तारीफ कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। घटना के बाद स्मित को एक ऐसे Pilot के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने बेहद मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। परिवार में भी हैं Pilot स्मित मच्छार के परिवार का Aviation से संबंध भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। यानी विमानन क्षेत्र से उनका रिश्ता केवल उनके करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार में भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। क्यों चर्चा में हैं Captain Smit Machchhar? कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी इसलिए खास है क्योंकि एक पायलट के सामने उड़ान के दौरान सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा होती है। मुश्किल परिस्थिति में घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की। Flydubai की इस घटना में 174 यात्री सुरक्षित बच पाए। इसी वजह से भारत से लेकर इजरायल तक स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल इलाज के दौर से गुजर रहे हैं। उनके साहस और इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि संकट की घड़ी में धैर्य और सही फैसला कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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एस जयशंकर का पाकिस्तानी रिपोर्टर पर तंज, बोले- ‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी रिपोर्टर के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्टर ने उनसे पूछा था कि दक्षिण एशिया आखिर कब तक नई दिल्ली, काबुल और इस्लामाबाद से फैलने वाले आतंकवाद का सामना करता रहेगा। इस पर जयशंकर ने जवाब दिया, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” जवाब देने के बाद विदेश मंत्री मुस्कुराए और वहां से चले गए। UN मुख्यालय में मीडिया से बातचीत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जयशंकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। समुद्री जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों पर होने वाले हमले अब कभी-कभार होने वाली घटनाएं नहीं रह गए हैं। ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। 3 महीने में भारतीयों की मौत और एक लापता जयशंकर ने समुद्री जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की घटनाएं भी बताईं।
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Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Viral Video: ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ बयान ने खींचा लोगों का ध्यान

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) अपने प्रवचनों और आध्यात्मिक विचारों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। इन दिनों उनके एक वीडियो को लेकर लोगों के बीच काफी दिलचस्पी देखी जा रही है। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे शब्दों से चर्चा में आए इस वीडियो को लोग आध्यात्मिक नजरिए से समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस कथन का पूरा संदर्भ समझना जरूरी है, ताकि किसी अधूरी क्लिप के आधार पर गलत मतलब न निकाला जाए। प्रेमानंद महाराज का वीडियो क्यों हो रहा वायरल? Premanand Maharaj के प्रवचनों में अक्सर जीवन, मृत्यु, आत्मा, भगवान की भक्ति और मन की शांति जैसे विषयों पर चर्चा होती है। उनके विचारों को बड़ी संख्या में लोग सुनते और सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। इसी वजह से उनके प्रवचनों के छोटे-छोटे वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचते हैं। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे कथन को आध्यात्मिक संदर्भ में समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि महाराज किस सवाल का जवाब दे रहे थे और उससे पहले तथा बाद में उन्होंने क्या कहा था। केवल एक वाक्य के आधार पर उनके विचारों का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। जीवन और आत्मा को लेकर क्या है आध्यात्मिक नजरिया? भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में आत्मा, शरीर और जन्म-मृत्यु को लेकर अलग-अलग दार्शनिक व्याख्याएं मिलती हैं। भगवद्गीता में भी आत्मा को शरीर से अलग और अविनाशी बताया गया है। इसी तरह संतों के प्रवचनों में व्यक्ति की वास्तविक पहचान, अहंकार और ईश्वर से जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा होती रहती है। ऐसे विचारों को समझने के लिए उनके मूल संदर्भ को देखना जरूरी है। किसी आध्यात्मिक कथन का अर्थ सामान्य बोलचाल के अर्थ से अलग भी हो सकता है। प्रेमानंद महाराज का पुराना भावुक वीडियो भी हुआ था वायरल हाल ही में Premanand Maharaj का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि यह वीडियो उनके शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद का है। हालांकि, आजतक की फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो नया नहीं था। इसका लंबा संस्करण प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक YouTube चैनल ‘भजन मार्ग’ पर 1 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। वायरल हिस्सा उसी प्रवचन में लगभग 7 मिनट 10 सेकंड पर मौजूद था। इसलिए इसे सितंबर में सामने आई घटना के बाद का वीडियो बताना भ्रामक था। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तारीख और संदर्भ की जांच करना जरूरी है। <escape><Cite refs={[“turn157990search0″,”turn157990search1”]}/></escape> आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बीच भी चर्चा में हैं महाराज वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामले और शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। इस बीच आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बारे में अलग-अलग दावे भी किए गए। ऐसे मामलों में पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज का एक अन्य वीडियो भी चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने भक्ति के मार्ग पर बने रहने की कठिनाई पर बात की। <escape><Cite refs={[“turn157990search2″,”turn585743search3”]}/></escape> वायरल वीडियो को पूरा देखना क्यों जरूरी है? सोशल मीडिया पर किसी संत या सार्वजनिक व्यक्ति के बयान का छोटा हिस्सा तेजी से वायरल हो सकता है। लेकिन कई बार वीडियो का शुरुआती या अंतिम हिस्सा न होने से उसका वास्तविक अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। इसलिए किसी कथन पर राय बनाने से पहले उसका पूरा वीडियो, तारीख और मूल स्रोत देखना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pakistan

Imran Khan की PTI को झटका! Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू

Pakistan की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू करने और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार के अधिकार सीमित किए जाने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की संघीय सरकार और PTI के बीच पहले से जारी टकराव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संघीय कैबिनेट की सिफारिश पर इस फैसले को मंजूरी दी। सरकार ने इसके पीछे आतंकवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख वजह बताया है। वहीं, PTI इस कदम का विरोध कर रही है। हालांकि, प्रांतीय प्रशासन में हुए बदलाव और उसके कानूनी प्रभावों से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Khyber Pakhtunkhwa में Emergency लगाने की वजह क्या है? पाकिस्तान की संघीय सरकार का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों के कारण लंबे समय से तनाव है। सरकार का आरोप है कि PTI के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही थी। इसी आधार पर संघीय कैबिनेट ने इमरजेंसी लागू करने की सिफारिश की। दूसरी ओर, PTI का कहना है कि सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान राजनीतिक अधिकारों को सीमित करके नहीं किया जा सकता। इस मामले में केंद्र सरकार और विपक्ष के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। Imran Khan की PTI सरकार पर क्या पड़ेगा असर? खैबर पख्तूनख्वा को इमरान खान की पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में यहां प्रशासनिक अधिकारों में बदलाव PTI के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। यदि प्रांतीय सरकार की शक्तियां निलंबित करके प्रशासन राज्यपाल या संघीय सरकार के नियंत्रण में दिया जाता है, तो इससे शासन व्यवस्था और केंद्र-प्रांत के संबंधों पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि, इमरजेंसी लागू होने और निर्वाचित सरकार के अधिकार समाप्त होने के बीच कानूनी अंतर होता है। इसलिए अंतिम स्थिति समझने के लिए राष्ट्रपति के आदेश, संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि आवश्यक है। इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI का प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई की मांग PTI के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल है। अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थन में पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। PTI समर्थकों के इस्लामाबाद की ओर मार्च और संभावित प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है। पार्टी चाहती है कि इमरान खान से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए और उनकी रिहाई की मांग पर ध्यान दिया जाए। वहीं, संघीय सरकार के सामने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। प्रदर्शन, सुरक्षा इंतजाम और केंद्र-विपक्ष के बीच बातचीत का परिणाम आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है। PTI ने फैसले पर उठाए सवाल PTI ने केंद्र सरकार के कदम का विरोध करते हुए इसे प्रांतीय अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी का तर्क है कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र और प्रांत के बीच सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, संघीय सरकार सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपने फैसले को जरूरी बता रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Delhi Protest: CJP नेताओं का आरोप- फ्लाइट से किया Kidnap, दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गरम है। 10 अक्टूबर को शुरू हुआ विरोध 11 अक्टूबर को भी जारी रहा। इस बीच CJP के नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। पार्टी के नेता सौरव दास ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। यह मामला अब केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। हिरासत की कार्रवाई, चुनाव आयोग की भूमिका और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। CJP नेताओं ने क्यों लगाया Kidnap करने का आरोप? अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। नेताओं के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी अंदर आए और उन्हें हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया। सौरव दास ने इसे फ्लाइट से किडनैप किए जाने जैसा बताया और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत का हवाला दिया गया। ऐसे में इस मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं। Delhi Protest: लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कई इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, जबकि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें राजनीतिक कार्यकर्ता और विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य लोग भी थे। 11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन जारी रहने के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे। CJP समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि हिरासत में लेकर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। हिरासत के बाद CJP नेताओं को मिली राहत रिपोर्टों के मुताबिक, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। CJP नेताओं ने हिरासत की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है। इस मामले में हिरासत की परिस्थितियों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। आखिर क्यों हो रहा है Election Commission के खिलाफ प्रदर्शन? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। वे इस मामले की जांच और चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है। भाजपा ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। Democracy में Protest के अधिकार पर फिर छिड़ी बहस दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी बात रखने और संस्थाओं से जवाब मांगने का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करे। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर हो। फिलहाल, CJP नेताओं की हिरासत और दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शन ने चुनाव आयोग तथा SIR को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gautam Gambhir

Gautam Gambhir in Ujjain: महाकाल मंदिर में टेका माथा, Team India के लिए मांगा आशीर्वाद

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे T20 मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir ) उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए। गंभीर ने देश की खुशहाली और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। क्रिकेट के मैदान पर रणनीति बनाने वाले गंभीर का यह धार्मिक दौरा आस्था और खेल के जुड़ाव को दिखाता है। Gautam Gambhir ने बाबा महाकाल से क्या मांगा? उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में गौतम गंभीर ने विधि-विधान से दर्शन किए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ सितांशु कोटक भी मौजूद रहे। गंभीर ने कामना की कि बाबा महाकाल की कृपा देश और भारतीय क्रिकेट टीम पर बनी रहे। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब टीम इंडिया भारत-वेस्टइंडीज T20 सीरीज के अहम मुकाबले की तैयारी कर रही है। महाकाल मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्रिकेट जगत की हस्तियों का यहां आना भी अक्सर प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। Mahakal Temple पहुंचे बैटिंग कोच सितांशु कोटक गौतम गंभीर के साथ भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। दोनों का उज्जैन दौरा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले हुआ। क्रिकेट में खिलाड़ियों की मेहनत, सही रणनीति और दबाव में प्रदर्शन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में कई खिलाड़ी और खेल से जुड़े लोग बड़े मुकाबलों से पहले मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। गंभीर का महाकाल दर्शन भी इसी वजह से चर्चा में है। India vs West Indies 3rd T20: इंदौर में होगी भिड़ंत भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा T20 इंटरनेशनल मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच काफी उत्साह है। सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस नतीजे के बाद तीसरे मैच में भारतीय टीम की वापसी पर सबकी नजरें रहेंगी। बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना टीम इंडिया के लिए अहम होगा। Team India की सफलता के लिए की प्रार्थना गौतम गंभीर के लिए यह दौरा केवल मंदिर में दर्शन करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने देश और टीम इंडिया के लिए भी शुभकामनाएं दीं। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक भी उम्मीद कर रहे हैं कि खिलाड़ी मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे और मुकाबले में जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। अब सभी की नजरें इंदौर के मैदान पर होने वाले भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले पर हैं। बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर की यह यात्रा खेल और आस्था के खूबसूरत मेल के रूप में देखी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shivraj Singh Chouhan

Shivraj Singh Chouhan की अपील: नवरात्रि पर महिलाओं के सम्मान का लें संकल्प

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ महिलाओं के सम्मान की बात भी उतनी ही जरूरी है। इसी संदेश के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) चौहान ने सोशल मीडिया पर एक Reel शेयर की और लोगों से बेटियों, बहनों और माताओं का आदर करने की अपील की। उनके संदेश का सार है कि अगर हम मां दुर्गा की पूजा करते हैं, तो हमें अपने जीवन में भी महिलाओं को सम्मान देना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान की यह अपील ऐसे समय में सामने आई है, जब नवरात्रि के दौरान देशभर में देवी आराधना और कन्या पूजन की तैयारियां चल रही हैं। उनका संदेश लोगों को यह सोचने का मौका देता है कि पूजा-पाठ के साथ हमारा व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Shivraj Singh Chouhan ने Reel शेयर कर क्या संदेश दिया? शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्रि के अवसर पर Reel के जरिए महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों के प्रति आदर का भाव रखें और महिलाओं को सम्मानजनक माहौल देने का संकल्प लें। उनके संदेश का मुख्य भाव है कि मां दुर्गा की आराधना केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। महिलाओं के साथ घर, समाज और सार्वजनिक स्थानों पर कैसा व्यवहार किया जाता है, यह भी हमारी सोच और संस्कार को दर्शाता है। ‘बेटी-बहन का सम्मान नहीं, तो मां की पूजा बेकार’ यह संदेश सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ता है। नवरात्रि में हम मां दुर्गा को शक्ति का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं। ऐसे में अपने आसपास की महिलाओं के साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करना भी जरूरी है। महिलाओं का सम्मान सिर्फ अच्छी बातें कहने तक सीमित नहीं है। उनकी राय सुनना, उनकी पसंद और फैसलों का आदर करना, भेदभाव से बचना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना भी इसका हिस्सा है। शिवराज सिंह चौहान की अपील इसी बात पर जोर देती है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। Women Respect और Safety क्यों है जरूरी? महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में परिवार, समाज और प्रशासन सभी की भूमिका होती है। बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना, उनके साथ भेदभाव न करना और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। अक्सर त्योहारों के दौरान हम अच्छे विचारों और संकल्पों की बात करते हैं, लेकिन असली बदलाव तब आता है, जब इन विचारों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाया जाए। घर में बेटियों को बराबरी का अधिकार देना और महिलाओं की स्वतंत्रता का सम्मान करना इसी बदलाव की शुरुआत हो सकती है। नवरात्रि पर लें महिलाओं के सम्मान का संकल्प नवरात्रि आस्था, शक्ति और सकारात्मक बदलाव का पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। यह अवसर अपने व्यवहार और सोच पर विचार करने का भी है। शिवराज सिंह चौहान की अपील का संदेश यही है कि मां दुर्गा की पूजा के साथ बेटियों, बहनों और माताओं को सम्मान देना भी हमारी जिम्मेदारी है। महिलाओं के प्रति आदर केवल नवरात्रि के नौ दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि पूजा का भाव तभी सार्थक होता है, जब हम अपने व्यवहार में भी सम्मान, समानता और संवेदनशीलता को जगह दें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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