आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Ban: 1993 से विरोध की आवाज बना जंतर-मंतर, अब प्रदर्शन के नियमों में बदलाव◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi on CEC: राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के मैसेज आते हैं, इस्तीफा देकर हटें◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोना ₹1,005 सस्ता, 10 ग्राम Gold ₹1.48 लाख पर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: सेंसेक्स 500 अंक टूटा, Nifty में 150 अंकों की गिरावट◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का सवाल- ‘दिल्ली कैद में क्यों है?’, Supreme Court जाएगा विपक्ष◆BREAKINGदेश-हरपलBharatpur Murder Case: पूर्व BJP विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत से मचा हड़कंप, गांव में तनाव◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update: दिल्ली-NCR में तेज बारिश, लखनऊ में बाढ़ और राजस्थान में ओले◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Ban: 1993 से विरोध की आवाज बना जंतर-मंतर, अब प्रदर्शन के नियमों में बदलाव◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi on CEC: राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के मैसेज आते हैं, इस्तीफा देकर हटें◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोना ₹1,005 सस्ता, 10 ग्राम Gold ₹1.48 लाख पर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: सेंसेक्स 500 अंक टूटा, Nifty में 150 अंकों की गिरावट◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का सवाल- ‘दिल्ली कैद में क्यों है?’, Supreme Court जाएगा विपक्ष◆BREAKINGदेश-हरपलBharatpur Murder Case: पूर्व BJP विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत से मचा हड़कंप, गांव में तनाव◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update: दिल्ली-NCR में तेज बारिश, लखनऊ में बाढ़ और राजस्थान में ओले◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Asian Games 2026

Asian Games 2026: भारत को 18वां Gold, Kumkum Mohod और Pranavi Urs ने रचा इतिहास

Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो बड़ी खुशखबरियां आईं। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, वहीं प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के Gold Medals की संख्या बढ़कर 18 हो गई। कुमकुम मोहोड ने Archery में रचा इतिहास 17 साल की भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve के फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद शूट-ऑफ में मुकाबला तय हुआ। यहां कुमकुम ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना लगाते हुए 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने Gold Medal अपने नाम कर लिया। कुमकुम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह Asian Games के महिला Individual Recurve में Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय Archery में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भी कुमकुम इस एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने महिला टीम रिकर्व में Gold और Mixed Pair में Silver Medal भी जीता है। Pranavi Urs ने Golf में बनाया नया इतिहास गोल्फ में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया। वह Asian Games में Individual Golf Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। प्रणवी ने चार राउंड के खेल में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए Gold Medal पर कब्जा किया। फाइनल राउंड में एक समय प्रणवी मुश्किल स्थिति में भी पहुंच गई थीं। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उनकी बढ़त कम हो गई थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जरूरी Birdies हासिल कीं। आखिरी होल तक प्रणवी ने अपना संयम बनाए रखा और पार स्कोर के साथ Gold Medal पक्का कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गोल्फ के लिए भी एक यादगार दिन बना दिया। Indian Women’s Golf Team को Silver प्रणवी उर्स की Individual Gold जीत के साथ भारतीय महिला Golf Team ने भी Silver Medal हासिल किया। टीम में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने बेहतर स्कोर के साथ Gold हासिल किया, जबकि भारत को Silver Medal से संतोष करना पड़ा। 18 Gold के साथ भारत की शानदार Medal Tally कुमकुम मोहोड और प्रणवी उर्स के Gold Medal ने Asian Games 2026 में भारत के अभियान को और मजबूत कर दिया है। भारत के खाते में अब 18 Gold, 26 Silver और 35 Bronze सहित कुल 79 Medals हो गए हैं। एक ही दिन Archery और Golf में दो ऐतिहासिक Gold जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कुमकुम की सटीक निशानेबाजी और प्रणवी की Golf Course पर शानदार वापसी ने इस दिन को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बना दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Captain Smit Machchhar

Captain Smit Machchhar हीरो बने भारतीय Pilot, PM मोदी से Netanyahu तक ने की तारीफ

Flydubai की फ्लाइट में हुए खतरनाक घटनाक्रम के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) लगातार सुर्खियों में हैं। मुश्किल हालात में जिस तरह उन्होंने धैर्य और सूझबूझ दिखाई, उसकी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और RSS समेत कई नेताओं और संगठनों ने स्मित की बहादुरी की सराहना की है। स्मित के लिए यह घटना सिर्फ एक मुश्किल उड़ान नहीं थी। उस वक्त विमान में सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर थी और हर फैसला बेहद अहम था। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। Flydubai Flight में आखिर क्या हुआ था? दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए और विमान अचानक नीचे जाने लगा। हालात बिगड़ने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद क्रू और अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने में मदद की। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। PM मोदी ने की Captain Smit से बात कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की। पीएम मोदी ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनकी सेहत का हाल जाना और मुश्किल समय में उनके साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान स्मित ने घटना से जुड़े अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि लंबे Flying Experience ने उन्हें उस समय स्थिति को समझने और तेजी से फैसला लेने में मदद की। प्रधानमंत्री ने स्मित के साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Netanyahu ने भी बताया ‘True Hero’ कैप्टन स्मित की बहादुरी की गूंज इजरायल तक पहुंची। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की तारीफ की। नेतन्याहू ने स्मित को True Hero बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया। उनके मुताबिक, संकट की उस घड़ी में स्मित की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण रही और इससे विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद मिली। यही वजह है कि घटना के बाद स्मित मच्छार को लेकर भारत और इजरायल दोनों जगह लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। RSS और नेताओं ने भी किया सलाम स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ राजनीतिक गलियारों में भी हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से भी उनके साहस की सराहना की गई। इसके अलावा अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। RJD सांसद मनोज झा समेत कई नेताओं ने संकट के समय उनके साहस और जिम्मेदारी की तारीफ की। खास बात यह रही कि स्मित की तारीफ किसी एक राजनीतिक खेमे तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग विचारधारा से जुड़े लोगों ने भी उनकी भूमिका को सराहा। 17 साल का Flying Experience बना ताकत कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें करीब 17 साल का Flying Experience है और वह लगभग 11 साल तक SpiceJet से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने Flydubai में काम शुरू किया। शायद यही लंबा अनुभव संकट की उस घड़ी में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। जब कुछ ही सेकंड में फैसले लेने थे, तब उन्होंने हालात को समझते हुए कदम उठाया। देशभर में हो रही बहादुरी की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों तक कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनके साहस और पेशेवर जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं। एक पायलट के लिए हर उड़ान में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब खुद पायलट मुश्किल में हो और फिर भी वह स्थिति को संभालने की कोशिश करे, तो ऐसी घटना लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बन जाती है। घटना की जांच जारी Flydubai फ्लाइट में हुई इस घटना की जांच जारी है। घटना के पीछे की पूरी वजह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी एक ऐसे भारतीय पायलट की कहानी बन गई है, जिसने मुश्किल समय में हिम्मत नहीं छोड़ी। PM मोदी, Netanyahu, RSS और कई नेताओं की ओर से मिली तारीफ ने उनकी बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge चिनाब रेल ब्रिज पर ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेलवे ने इसका एक शानदार वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें ट्रेन को विशाल चिनाब ब्रिज से गुजरते हुए देखा जा सकता है। यह ब्रिज जम्मू-श्रीनगर रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी ऊंचाई नदी तल से करीब 359 मीटर है, यानी यह पेरिस के मशहूर एफिल टावर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। इतनी ऊंचाई पर ट्रेन का दौड़ना इंजीनियरिंग और भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। जम्मू-श्रीनगर के बीच रेल संपर्क बेहतर होने से यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह रेल सेवा यात्रा को आसान और तेज बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। चिनाब ब्रिज पर दौड़ती ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। ऊंचे पहाड़ों, गहरी घाटी और विशाल रेलवे पुल के बीच ट्रेन का यह नजारा बेहद खास दिखाई देता है। Desh Har Pal website पर देश-दुनिया की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Bihar-UP Monsoon: बाढ़ ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल, मानसून की विदाई के बीच Kedarnath में बढ़ी ठंड

Monsoon की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बाढ़ की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश में भी कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ों पर मौसम ने अचानक करवट ली है और केदारनाथ में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित बिहार में नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह खेतों में पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में आने-जाने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बिहार में फिलहाल बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। UP में भी Flood का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है। सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला था। अब मानसून की विदाई के बीच भी कुछ इलाकों में नदियों के बढ़े जलस्तर ने परेशानी बरकरार रखी है। Kedarnath में -4°C पहुंचा तापमान मैदानी इलाकों में जहां बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है, वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ रही है। केदारनाथ में तापमान -4°C तक पहुंचने से वहां सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने का असर साफ नजर आ रहा है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने की सलाह दी जा रही है। एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ बढ़ती ठंड अक्टूबर की शुरुआत में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रंग देखने को मिल रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जहां बाढ़ और बढ़े नदी जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ों में ठंड दस्तक दे चुकी है। मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बदल सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम अपडेट के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Captain Smit Machchhar

Flydubai Hero Captain Smit Machchhar: कौन हैं 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय Pilot?

मुश्किल वक्त में इंसान की असली परीक्षा होती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला Flydubai की एक फ्लाइट में, जहां गंभीर हालात के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से सैकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना के बाद स्मित मच्छार का नाम दुनियाभर में चर्चा में है। दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक गंभीर स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इसके बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी और हालात को संभालने की कोशिश जारी रखी। कौन हैं Captain Smit Machchhar? Captain Smit Machchhar मुंबई के रहने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने शुरू से पायलट बनने का सपना नहीं देखा था। उनका शुरुआती रुझान परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस की ओर था। इसी दिशा में उन्होंने पढ़ाई भी शुरू की थी। बाद में एक Aviation Seminar में हिस्सा लेने के बाद उनकी दिलचस्पी विमानन क्षेत्र में बढ़ी। यहीं से उनके करियर ने नया मोड़ लिया और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया। इसके बाद स्मित ने न्यूजीलैंड में Commercial Pilot Training हासिल की। भारत लौटने के बाद उन्होंने Boeing 737 की ट्रेनिंग पूरी की और 2011 में SpiceJet के साथ अपने करियर की शुरुआत की। आगे चलकर उन्होंने Flydubai ज्वाइन किया। रिपोर्टों के मुताबिक, स्मित के पास 9,750 से ज्यादा उड़ान घंटों का अनुभव है। उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। Flight FZ1073 में क्या हुआ था? 30 सितंबर 2026 को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। विमान में कुल 174 यात्री थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में ऐसी स्थिति पैदा हुई जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इस दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बेहद मुश्किल थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान की Saudi Arabia के Tabuk में Emergency Landing कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है। स्मित मच्छार के माता-पिता का नाम क्या है? कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना के बाद स्मित के परिवार से फोन पर बातचीत की। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनके पिता का नाम भूपेंद्र मच्छार और मां का नाम गीता मच्छार है। प्रधानमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Captain Smit Machchhar की पत्नी का नाम स्मित मच्छार की पत्नी का नाम सोनल बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार से बातचीत के दौरान उनकी पत्नी सोनल से भी बात की। स्मित की निजी जिंदगी से जुड़ी बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए परिवार के बारे में उपलब्ध और पुष्ट जानकारी तक ही सीमित रहना बेहतर है। PM Modi ने भी की बहादुरी की तारीफ कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। घटना के बाद स्मित को एक ऐसे Pilot के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने बेहद मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। परिवार में भी हैं Pilot स्मित मच्छार के परिवार का Aviation से संबंध भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। यानी विमानन क्षेत्र से उनका रिश्ता केवल उनके करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार में भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। क्यों चर्चा में हैं Captain Smit Machchhar? कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी इसलिए खास है क्योंकि एक पायलट के सामने उड़ान के दौरान सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा होती है। मुश्किल परिस्थिति में घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की। Flydubai की इस घटना में 174 यात्री सुरक्षित बच पाए। इसी वजह से भारत से लेकर इजरायल तक स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल इलाज के दौर से गुजर रहे हैं। उनके साहस और इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि संकट की घड़ी में धैर्य और सही फैसला कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

एस जयशंकर का पाकिस्तानी रिपोर्टर पर तंज, बोले- ‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी रिपोर्टर के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्टर ने उनसे पूछा था कि दक्षिण एशिया आखिर कब तक नई दिल्ली, काबुल और इस्लामाबाद से फैलने वाले आतंकवाद का सामना करता रहेगा। इस पर जयशंकर ने जवाब दिया, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” जवाब देने के बाद विदेश मंत्री मुस्कुराए और वहां से चले गए। UN मुख्यालय में मीडिया से बातचीत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जयशंकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। समुद्री जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों पर होने वाले हमले अब कभी-कभार होने वाली घटनाएं नहीं रह गए हैं। ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। 3 महीने में भारतीयों की मौत और एक लापता जयशंकर ने समुद्री जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की घटनाएं भी बताईं।
Read more

PM मोदी ने ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में बजाई खंजरी, गुजराती और हिंदी भजनों में हुए मग्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी गुजराती और हिंदी भजनों के बीच खंजरी बजाते और भजन सुनते नजर आए। वे भजनों में मग्न दिखाई दिए। युवाओं के बीच उभर रहा ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड ‘भजन क्लबिंग’ युवाओं, खासकर जेन Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया स्प्रिचुअल ट्रेंड बताया जा रहा है। इसमें पारंपरिक भजन और कीर्तन को आधुनिक कॉन्सर्ट या नाइट-क्लब जैसी वाइब और प्रोडक्शन के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक आध्यात्मिक संगीत को आधुनिक प्रस्तुति के जरिए युवाओं तक पहुंचाना है।
Read more

एअर इंडिया ने शराब के नशे में मिले पायलट को किया सस्पेंड, ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से उतारा; जांच तक जारी रहेगी कार्रवाई

एअर इंडिया ने ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को शराब के नशे में पाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया है। फ्लाइट से पहले होने वाले अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट में पायलट के नशे में होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसे स्विट्जरलैंड में ही विमान से उतार दिया गया। जांच पूरी होने तक पायलट का निलंबन जारी रहेगा। यह मामला 6 सितंबर का है। टेकऑफ से पहले ग्राउंड स्टाफ को पायलट से शराब की गंध आई थी। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पायलट का अनिवार्य टेस्ट कराया गया। टेस्ट में नशे की पुष्टि होने पर उसे विमान से उतार दिया गया और बाद में उसी फ्लाइट से भारत भेजा गया। एअर इंडिया ने कहा- सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस एअर इंडिया ने कहा कि सुरक्षा, नियमों या प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन को लेकर कंपनी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाती है। स्विट्जरलैंड में भी हुई कार्रवाई फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट का ड्रग टेस्ट भी आया था पॉजिटिव एअर इंडिया में पायलटों से जुड़े नियमों के उल्लंघन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 4 अगस्त को फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कमांडर पायलट का ड्रग टेस्ट दो बार पॉजिटिव आया था। यह फ्लाइट करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। विमान में 145 लोग सवार थे, जिनमें 20 से ज्यादा यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे। पायलट ने बताया था कि उसे नींद से जुड़ी समस्या थी और वह डॉक्टर की सलाह पर दवा ले रहा था। उसके मुताबिक, उसने सोने की कोशिश की, लेकिन नींद नहीं आई। इसके बाद उसने दवा ली थी। पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर DGCA के सख्त नियम पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर DGCA के नियम सख्त हैं। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 24 के तहत पायलट या क्रू मेंबर को उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के मादक पदार्थ या अल्कोहल का सेवन करने से रोकने का प्रावधान है। उड़ान के दौरान भी इसका सेवन प्रतिबंधित है। पायलटों के लिए कौन-कौन से मेडिकल टेस्ट जरूरी? क्लास-2 मेडिकल: स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) के लिए जरूरी होता है और फ्लाइट ट्रेनिंग शुरू करने से पहले कराया जाता है। क्लास-1 मेडिकल: कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और एयरलाइन पायलटों के लिए जरूरी होता है। इसमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ विजन, हियरिंग और हृदय से जुड़ी जांच शामिल होती है। ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट: उड़ान से पहले और लैंडिंग के बाद पायलटों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाता है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि पायलट के शरीर में अल्कोहल मौजूद तो नहीं है। साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट: पायलटों के लिए नशीले पदार्थों और साइकोएक्टिव सब्सटेंस की जांच भी की जाती है। इसके तहत रैंडम ड्रग टेस्टिंग का प्रावधान है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पायलट प्रतिबंधित पदार्थों के प्रभाव में न हों।
Read more

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, पटना में वाटर कैनन का इस्तेमाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।  इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अगर CEC ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की डेडलाइन दी थी।  SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की SIT जांच की मांग भी की गई है।  कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग में मनमानी हो रही कांग्रेस का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमाने तरीके से फैसले ले रहे हैं और दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पार्टी का यह आरोप इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने कुछ बदलावों को “अनधिकृत” और “अवैध” बताते हुए सवाल उठाए थे।  हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा था कि आयोग में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 
Read more

CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार को फिर दी चेतावनी, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान; SIR को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने कहा है कि यदि CEC इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन को शहर-शहर तक ले जाया जाएगा।  CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की समय-सीमा दी थी। पार्टी ने SIR के जरिए 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। यह CJP का दावा है; इसे चुनाव आयोग द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया गया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी हुआ हंगामा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे। पोस्टरों पर CEC से इस्तीफा देने की मांग लिखी थी। कांग्रेस भी देशभर में चुनाव कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित कर चुकी है।  महाराष्ट्र SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 2 याचिकाएं महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें SIR की संवैधानिक वैधता, प्रक्रिया और इसे लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई है।  याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद SIR से जुड़े 14 प्रशासनिक आदेश जारी किए गए। याचिकाओं में इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।  पहली याचिका में क्या मांग? महाराष्ट्र के चार मतदाताओं की ओर से वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर याचिका में SIR के तहत जारी 14 आदेशों को रद्द करने की मांग की गई है। इसके अलावा हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग की गई है। याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, बूथ संबंधी नियमों और ECI-NET की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी शामिल है। याचिका में नई वोटर लिस्ट तैयार होने तक संबंधित विधानसभा चुनावों को स्थगित करने की मांग भी की गई है।  दूसरी याचिका में ASDD वोटर्स का मुद्दा दूसरी याचिका मुंबई के दो निवासियों ने वकील हितेंद्र गांधी के माध्यम से दायर की है। इसमें ASDD वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने से जुड़े नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने SIR और ASDD से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने, अप्रैल 2026 में दिए गए प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई करने और महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देशों को रद्द करने की मांग की है। 10 महीने में 14 लिखित आपत्तियों का दावा यह विवाद 23 सितंबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद और बढ़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं।  रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को अपने संज्ञान के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह की आंतरिक चर्चाएं सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।  यूपी में CEC के दो कार्यक्रम स्थगित चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े दो युवा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इनमें पहला कार्यक्रम मेरठ में और दूसरा वाराणसी में प्रस्तावित था। EC के एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों कार्यक्रम 21 सितंबर को ही स्थगित किए गए थे और इसका मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है।  SIR को लेकर विवाद क्यों बढ़ा? SIR को लेकर मुख्य विवाद वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने के तरीके से जुड़ा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का उल्लेख किया गया है, जबकि चुनाव आयोग ने अंतिम फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।  फिलहाल CJP की आंदोलन की चेतावनी, विपक्ष की राजनीतिक मांगों और SIR से जुड़ी याचिकाओं के बीच यह मामला न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है।
Read more
1 … 4 5 6 7 8 … 235

Trending News

Editor's Picks

मां चंद्रघंटा

Navratri 2026: तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है, इसलिए उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका स्वरूप साहस, शक्ति और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा की कथा पौराणिक मान्यताओं में मां चंद्रघंटा को देवी दुर्गा का युद्ध के लिए तत्पर स्वरूप बताया गया है। मान्यता है कि वे अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और दुष्ट शक्तियों का सामना करती हैं। उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि शक्ति के साथ विवेक और साहस भी जरूरी हैं। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः। भोग: मां को दूध से बनी मिठाई या खीर अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Jantar Mantar

Jantar Mantar Ban: 1993 से विरोध की आवाज बना जंतर-मंतर, अब प्रदर्शन के नियमों में बदलाव

दिल्ली का जंतर-मंतर (Jantar Mantar) सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि देशभर के लोगों की आवाज उठाने का एक बड़ा मंच रहा है। जब भी किसी मुद्दे पर सरकार का ध्यान खींचना होता था, लोग यहां धरना देने पहुंच जाते थे। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे का आंदोलन हो या भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन, जंतर-मंतर ने कई बड़े आंदोलनों को करीब से देखा है। लेकिन अब यहां धरना-प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। दिल्ली पुलिस के ताजा फैसले के बाद जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में शामिल नहीं है। इसकी जगह दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए तय किया गया है। इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस जगह पर पिछले करीब 33 साल से लोग अपनी मांगें उठाते रहे, वहां प्रदर्शन की व्यवस्था क्यों बदली गई? Jantar Mantar Protest Ban: क्या है पूरा मामला? Jantar Mantar पर प्रदर्शन की व्यवस्था में बदलाव को लेकर 12 अक्टूबर 2026 को चर्चा तेज हुई। दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों में बदलाव किया गया है। अब प्रदर्शन के लिए तीन जगहों को तय किया गया है। इनमें सेंट्रल दिल्ली का रामलीला मैदान, नॉर्थ दिल्ली का बुराड़ी मैदान और ईस्ट दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। इस फैसले से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और दूसरे समूहों के लिए अपनी रणनीति बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार खत्म हो गया है। प्रदर्शन के लिए तय नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी रहेगा। 1993 से विरोध-प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र रहा जंतर-मंतर जंतर-मंतर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की प्रमुख जगह के रूप में पहचान 1993 के आसपास मिली। इससे पहले दिल्ली के बोट क्लब इलाके में बड़े धरने और सभाएं हुआ करती थीं। अक्टूबर 1988 में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान बोट क्लब पर जुटे थे। इसके बाद वहां प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगने लगीं और दूसरे स्थान की जरूरत महसूस हुई। धीरे-धीरे जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के लिए एक प्रमुख ठिकाना बन गया। संसद के नजदीक होने के कारण यहां होने वाले प्रदर्शनों पर मीडिया और राजनीतिक दलों का ध्यान भी आसानी से जाता था। यही वजह रही कि अगले कई दशकों तक यह जगह अलग-अलग आंदोलनों का गवाह बनी। Anna Hazare Movement: अन्ना आंदोलन से देशभर में चर्चा साल 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने जंतर-मंतर को देशभर में सुर्खियों में ला दिया था। 5 अप्रैल 2011 को अन्ना हजारे ने लोकपाल कानून की मांग को लेकर अनशन शुरू किया। इस आंदोलन को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी इससे जुड़े थे। भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी इस आवाज ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस शुरू कर दी और आगे चलकर आम आदमी पार्टी के गठन का रास्ता भी बना। उस दौर में जंतर-मंतर पर जुटने वाली भीड़ ने दिखाया कि किसी मुद्दे को लेकर लोगों का शांतिपूर्ण विरोध किस तरह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है। Farmers Protest: तमिलनाडु के किसानों ने भी उठाई आवाज 2017 में तमिलनाडु के किसानों ने कर्ज, सूखे और आर्थिक परेशानियों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। किसानों की मांगों में कर्ज राहत, सूखा राहत पैकेज और कावेरी जल विवाद से जुड़े मुद्दे शामिल थे। किसानों का यह प्रदर्शन लंबे समय तक चर्चा में रहा। जंतर-मंतर पर जुटे किसानों ने अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की। इस आंदोलन ने खेती-किसानी से जुड़े संकट और किसानों की मांगों पर एक बार फिर ध्यान खींचा। Wrestlers Protest: पहलवानों के धरने ने खींचा देश का ध्यान साल 2023 में जंतर-मंतर पर भारतीय कुश्ती जगत से जुड़े पहलवानों का प्रदर्शन भी काफी चर्चा में रहा। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पहलवानों के इस धरने ने खेल जगत के साथ-साथ राजनीति में भी बहस छेड़ दी। प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी शिकायतों की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई। इस आंदोलन ने एक बार फिर जंतर-मंतर को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन भी चर्चा में अक्टूबर 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी विवाद सामने आया। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। पुलिस के अनुसार, संगठन ने 7 अक्टूबर को अनुमति के लिए आवेदन किया था, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामान्य तौर पर कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होता है। इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला भी चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, किसी भी प्रदर्शन की अनुमति उसके आवेदन, सुरक्षा व्यवस्था और लागू नियमों के आधार पर तय की जाती है। Jantar Mantar पर पहले भी लग चुकी हैं पाबंदियां जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन को लेकर विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। साल 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद यहां प्रदर्शनों को लेकर प्रतिबंधात्मक निर्देश दिए थे। शिकायतों में शोर, गंदगी और आसपास के लोगों को होने वाली परेशानी जैसे मुद्दे शामिल थे। बाद में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर और बोट क्लब क्षेत्र में प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध के मामले पर सुनवाई की। अदालत ने शांतिपूर्ण विरोध को नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा माना, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित नियम लागू किए जा सकते हैं। इससे साफ है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बहस केवल किसी एक आंदोलन तक सीमित नहीं रही है। इसमें नागरिकों के अधिकार, स्थानीय लोगों की परेशानी और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई पहलू शामिल रहे हैं। अब कहां कर सकेंगे लोग धरना-प्रदर्शन? दिल्ली पुलिस के ताजा आदेश के...
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi on CEC: राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के मैसेज आते हैं, इस्तीफा देकर हटें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के मैसेज उन्हें आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह ज्ञानेश कुमार को अपराधी नहीं मानते, बल्कि उनके मुताबिक उनसे गड़बड़ी कराई जा रही है। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देकर रास्ते से हटने की मांग की है। राहुल गांधी का यह बयान चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहा है। CEC Gyanesh Kumar पर राहुल गांधी ने क्या कहा? राहुल गांधी के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार के साथ उनके मैसेज के जरिए संपर्क होता है। उन्होंने कहा कि वह उन्हें अपराधी नहीं मानते, लेकिन आरोप लगाया कि उनसे गलत काम कराया जा रहा है। राहुल ने यह भी मांग की कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट हो। हालांकि, राहुल गांधी के इन आरोपों को लेकर सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है। उनके बयान और आरोपों को चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आधिकारिक जवाब से अलग समझना चाहिए। SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद? मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कुछ मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। वहीं, चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया के लिए निर्धारित नियमों के तहत काम करता है। इस मुद्दे पर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतभेद ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। Supreme Court जाने की तैयारी में INDIA Bloc राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को कानूनी स्तर पर उठाने की बात कही है। INDIA Bloc का रुख है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्टता मिलनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने पर संबंधित पक्षों की दलीलें और उपलब्ध दस्तावेज इस विवाद के कानूनी पहलुओं को समझने में अहम होंगे। चुनाव आयोग पर बढ़ा राजनीतिक दबाव ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी का बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग की भूमिका विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव से जोड़कर उठा रही है। फिलहाल, इस विवाद में राहुल गांधी के आरोप, चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े तथ्य अलग-अलग देखना जरूरी है। आगे इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold Price

Gold Price Today: सोना ₹1,005 सस्ता, 10 ग्राम Gold ₹1.48 लाख पर

Gold Price की कीमतों में आज गिरावट दर्ज की गई है। सोना ₹1,005 सस्ता हो गया, जिसके बाद 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.48 लाख पर आ गया। सोने की कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, सोने के भाव में रोजाना बदलाव होता है। ऐसे में खरीदारी करने से पहले अपने शहर में ताजा रेट की जानकारी लेना जरूरी है। Gold Rate Today: आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सोने की कीमत में ₹1,005 की गिरावट आई है। इसके बाद 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.48 लाख बताया जा रहा है। सोने की कीमतों पर नजर रखने वाले खरीदारों के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि भाव में थोड़ी सी कमी भी बड़ी खरीदारी के दौरान कीमत पर असर डाल सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 24 कैरेट सोना मुख्य रूप से निवेश के लिए खरीदा जाता है, जबकि गहने बनाने में आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है। इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय 22 कैरेट का भाव भी जरूर चेक करें। सितंबर में भी ₹8,000 तक गिरा था सोने का भाव सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पिछले महीने भी देखने को मिला था। सितंबर में सोना करीब ₹8,000 तक सस्ता हुआ था। अब एक बार फिर कीमतों में गिरावट आने से बाजार में सोने के अगले रुख को लेकर चर्चा बढ़ गई है। सोने के भाव पर केवल घरेलू मांग का असर नहीं पड़ता। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की चाल, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई कारण गोल्ड रेट को प्रभावित करते हैं। इसी वजह से कभी सोने की कीमत तेजी से बढ़ती है, तो कभी इसमें गिरावट देखने को मिलती है। क्या अभी Gold खरीदना सही रहेगा? अगर आप लंबे समय से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा भाव पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, सिर्फ एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना जरूरी नहीं है। आने वाले दिनों में कीमतें किस दिशा में जाएंगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। खरीदारी से पहले अपने बजट और जरूरत को ध्यान में रखें। अगर गहने खरीद रहे हैं, तो सोने की कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू GST को भी जोड़ें। साथ ही, हॉलमार्क वाला सोना खरीदना बेहतर रहता है। 22 और 24 कैरेट Gold Rate में क्या है अंतर? 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट सोने में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे गहने बनाना आसान होता है। इसी कारण दोनों की कीमतों में अंतर रहता है। यह भी ध्यान रखें कि ₹1.48 लाख का भाव 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के लिए बताया गया है। आपके शहर में वास्तविक कीमत अलग हो सकती है। खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा रेट जरूर पता करें। Gold Price Today: आगे क्या रहेगा सोने का रुख? सोने की कीमत में आई आज की गिरावट ने खरीदारों का ध्यान खींचा है। सितंबर में भी करीब ₹8,000 की कमी दर्ज होने के बाद अब ₹1,005 की ताजा गिरावट बाजार के लिए चर्चा का विषय है। फिलहाल सोने की कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, यह बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए निवेश या खरीदारी का फैसला करने से पहले ताजा भाव और बाजार के रुझान को समझना जरूरी है। नोट: यह खबर उपलब्ध कराए गए सोने के भाव के आंकड़ों पर आधारित है। प्रकाशन से पहले ताजा रेट और सितंबर में हुई गिरावट की पुष्टि जरूर करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 500 अंक टूटा, Nifty में 150 अंकों की गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में सोमवार, 12 अक्टूबर को कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। एक समय बाजार में तेजी की उम्मीद नजर आ रही थी, लेकिन कुछ ही देर में बिकवाली बढ़ गई। सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 71,900 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर IT और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बाजार में अचानक आई इस कमजोरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार संभलता है या गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रहता है। Sensex Today: 71,900 के आसपास पहुंचा बाजार सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दिखाई दी, लेकिन बाद में बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा गिरकर करीब 71,900 के स्तर पर कारोबार करने लगा। वहीं, निफ्टी भी लगभग 150 अंक नीचे आ गया। बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सावधानी बरतते नजर आए। जिन निवेशकों को सुबह बाजार में तेजी की उम्मीद थी, उनके लिए अचानक आई गिरावट ने चिंता बढ़ा दी। IT और Banking Stocks में सबसे ज्यादा बिकवाली सोमवार के कारोबार में IT और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। टेक महिंद्रा समेत कुछ आईटी शेयरों में कमजोरी रही। वहीं, SBI, ICICI Bank और Axis Bank जैसे प्रमुख बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का असर दिखाई दिया। इन सेक्टरों के बड़े शेयरों में गिरावट आने से प्रमुख बाजार सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। हालांकि, सभी शेयरों में एक जैसी कमजोरी नहीं रही। ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी अलग-अलग रहा। Stock Market में गिरावट की क्या है वजह? Stock Market में गिरावट के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण हो सकते हैं। निवेशक इस समय वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर खास नजर रख रहे हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली होने पर बाजार के प्रमुख शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे सेंसेक्स और निफ्टी की चाल भी प्रभावित होती है। कच्चे तेल की कीमतें: भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। वैश्विक बाजारों का असर: अमेरिका में बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे कारक निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार में मुनाफावसूली: तेजी के बाद निवेशकों की ओर से शेयर बेचकर मुनाफा निकालना भी गिरावट की एक वजह हो सकता है। हालांकि, किसी एक कारोबारी सत्र की गिरावट को केवल एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। रुपये और कच्चे तेल पर भी निवेशकों की नजर शेयर बाजार के साथ-साथ रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी महत्वपूर्ण हैं। रुपये में कमजोरी आने से आयात महंगा हो सकता है, जिसका असर कंपनियों की लागत पर पड़ता है। वहीं, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इसी वजह से निवेशक केवल शेयरों की कीमतों पर ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया से जुड़े आर्थिक संकेतों पर भी नजर बनाए हुए हैं। निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बीच निवेशकों के लिए धैर्य रखना जरूरी है। बाजार में हर गिरावट का मतलब यह नहीं होता कि सभी शेयरों में लंबे समय तक कमजोरी बनी रहेगी। इसी तरह, थोड़ी तेजी आने पर यह मान लेना भी ठीक नहीं कि बाजार पूरी तरह संभल गया है। निवेश का फैसला लेते समय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। केवल बाजार की गिरावट देखकर जल्दबाजी में शेयर खरीदने या बेचने से बचना बेहतर है। आगे कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? आने वाले दिनों में बाजार की दिशा विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि सेंसेक्स 71,900 के आसपास खुद को संभाल पाता है या बाजार में दबाव बना रहता है। कुल मिलाकर, सोमवार को सेंसेक्स में करीब 500 अंकों और निफ्टी में लगभग 150 अंकों की गिरावट ने बाजार के माहौल को कमजोर किया। IT और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली इसका प्रमुख हिस्सा रही। फिलहाल निवेशकों के लिए बाजार की चाल पर नजर रखना और सोच-समझकर फैसले लेना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.