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Tiruvallur

Tiruvallur Factory Accident: Ammonia Gas Leak से 65+ Workers प्रभावित, 6 गंभीर

तमिलनाडु के Tiruvallur में एक फैक्ट्री के अंदर हुए अमोनिया गैस लीक ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे में 65 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित हो गए, जबकि 6 वर्करों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सुबह की शिफ्ट के दौरान हुए इस हादसे ने कामकाज के माहौल को पूरी तरह बदल दिया। कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री के अंदर घबराहट फैल गई और लोग सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दौड़ पड़े। कैसे हुआ यह हादसा? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री के एक तकनीकी यूनिट में Ammonia Gas Leakage हुआ। गैस जैसे ही फैलनी शुरू हुई, वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और कई कर्मचारी बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद फैक्ट्री प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया। कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री बनी “खतरे का जोन” राहत और बचाव कार्य तेज हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम और प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया। अस्पताल में भर्ती कई कर्मचारी अभी भी गैस के असर से उबर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा सिस्टम मजबूत होते तो यह हादसा टल सकता था। लोग पूछ रहे हैं कि क्या: प्रशासन ने शुरू की जांच जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया की गहन जांच की जाएगी। अगर लापरवाही साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारतीय नौसेना

भारतीय नौसेना को मिले 3 नए Warships: INS Androth और Sandhayak की बड़ी एंट्री

भारतीय नौसेना के बेड़े में तीन नए स्वदेशी युद्धपोतों की एंट्री हुई है, जिससे देश की समुद्री सुरक्षा और मजबूत हो गई है। ये जहाज न सिर्फ आधुनिक तकनीक से लैस हैं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को भी नई दिशा देते हैं। इन नए युद्धपोतों में प्रमुख हैं INS Dunagiri, INS Androth और INS Sandhayak। इन तीनों को अलग-अलग रणनीतिक भूमिकाओं के लिए तैयार किया गया है, जिससे भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल ताकत कई गुना बढ़ गई है। INS Dunagiri: Modern Stealth Frigate with BrahMos Capability INS Dunagiri को एक एडवांस स्टील्थ फ्रिगेट के रूप में डिजाइन किया गया है, जो दुश्मन के रडार से बचकर ऑपरेशन करने में सक्षम है। इसमें BrahMos missile जैसी हाई-स्पीड और सटीक मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को इंटीग्रेट करने की क्षमता है, जिससे यह जहाज बेहद घातक बन जाता है। यह युद्धपोत समुद्री निगरानी, हमला और सुरक्षा अभियानों में अहम भूमिका निभाएगा। INS Androth: Anti-Submarine Warfare में नई ताकत INS Androth को खास तौर पर पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) के लिए विकसित किया गया है। इसका मुख्य काम समुद्र में छिपी दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना है। आधुनिक सेंसर और हथियार प्रणालियों के साथ यह जहाज भारत की समुद्री सीमाओं को और सुरक्षित बनाता है। INS Sandhayak: Hydrographic Survey में अहम भूमिका INS Sandhayak एक आधुनिक सर्वे वेसल है, जो समुद्र की गहराई, जलमार्ग और नेविगेशन मैपिंग का काम करती है। यह जहाज लगातार लंबे समय तक समुद्र में ऑपरेशन कर सकता है, जिससे भारत के समुद्री रास्तों की सुरक्षा और बेहतर योजना संभव होती है। आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम ये तीनों युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं, जो भारत के “Make in India” और “Atmanirbhar Bharat” मिशन को मजबूत करते हैं। इनके शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, युद्ध क्षमता और रणनीतिक पकड़ पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir Ayodhya Update: नकद दान घटा, Digital Donation ने बदली तस्वीर

Ram Mandir Ayodhya में दान को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। जहां पहले मंदिर की दानपेटियों से रोजाना करीब ₹10 से ₹12 लाख तक का चढ़ावा निकलता था, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर ₹1 लाख से भी कम बताया जा रहा है। इस बदलाव ने श्रद्धालुओं के बीच चर्चा तेज कर दी है। मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों का कहना है कि यह सिर्फ रकम का बदलाव नहीं है, बल्कि दान देने के तरीके में भी बड़ा परिवर्तन दिख रहा है। पहले कितना मिलता था चढ़ावा? कुछ समय पहले तक राममंदिर की दानपेटियों में— यह दान मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। अब क्यों घट गया कैश दान? अब स्थिति बदलती नजर आ रही है, जिसके पीछे कई कारण हैं— 1. Digital Donation का बढ़ता चलन UPI, QR code और ऑनलाइन दान ने नकद की जगह ले ली है। 2. कैश कम लेकर आने की आदत अब लोग कम नकद रखते हैं, जिससे दानपेटियों में पैसा कम जा रहा है। 3. पारदर्शिता की मांग डिजिटल दान को ज्यादा सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य माना जा रहा है। 4. बदलती सोच नई पीढ़ी सीधे मोबाइल से दान करना ज्यादा आसान समझती है। श्रद्धालुओं की राय मंदिर आने वाले कई भक्तों का कहना है कि डिजिटल दान से पारदर्शिता बढ़ी है और भरोसा भी मजबूत हुआ है। लेकिन कुछ श्रद्धालुओं को लगता है कि नकद दान की कमी से पारंपरिक धार्मिक अनुभव थोड़ा बदल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि दान व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाई जानी चाहिए ताकि श्रद्धा और विश्वास दोनों बने रहें। क्या है आगे की तस्वीर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नकद दान और कम हो सकता है और डिजिटल माध्यम पूरी तरह प्रमुख बन सकता है। इससे मंदिर ट्रस्ट को रिकॉर्ड रखने और सुरक्षा में भी आसानी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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International Yoga Day

International Yoga Day 2026 Celebration: India में लद्दाख से ऋषिकेश तक योग का अद्भुत नजारा

International Yoga Day 2026 इस बार बेहद भव्य और उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया। भारत से लेकर दुनिया के कई देशों में लोगों ने सुबह-सुबह योगाभ्यास कर “स्वस्थ जीवन” का संदेश दिया। इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रही, जिसमें बढ़ती उम्र में फिट और मानसिक रूप से संतुलित रहने पर जोर दिया गया। लद्दाख में बर्फीली वादियों के बीच योग लद्दाख की ठंडी और खूबसूरत वादियों में योग दिवस की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच सेना के जवानों, स्थानीय लोगों और छात्रों ने एक साथ योग किया। सुबह की हल्की धूप और ठंडी हवा के बीच जब लोगों ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया तो पूरा माहौल ऊर्जा और शांति से भर गया। यह नजारा सच में भारत की विविधता और योग की ताकत को दिखाता है। गंगा घाटों पर आध्यात्मिक माहौल उत्तराखंड के ऋषिकेश और गंगा किनारे योग दिवस का दृश्य बेहद शांत और आध्यात्मिक रहा। सुबह-सुबह गंगा की लहरों की आवाज और मंत्रोच्चारण के बीच लोगों ने ध्यान और योगाभ्यास किया। देश-विदेश से आए योग साधकों ने भी इसमें हिस्सा लिया और इसे एक “spiritual experience” बताया। गंगा किनारे का यह माहौल लोगों के मन और आत्मा दोनों को सुकून देने वाला रहा। देशभर में बड़े स्तर पर आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों में भी योग दिवस को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई शहरों में स्कूलों, कॉलेजों, सेना और सामाजिक संस्थाओं ने सामूहिक योग सत्र आयोजित किए। जबलपुर में हुए एक बड़े कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी योगाभ्यास किया और लोगों से योग को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने की अपील की। थीम “Yoga for Healthy Ageing” का संदेश इस साल की थीम ने खासतौर पर यह संदेश दिया कि योग सिर्फ एक्सरसाइज नहीं बल्कि एक lifestyle है जो उम्र बढ़ने के साथ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योग तनाव कम करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और जीवन को संतुलित बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UBT

Shiv Sena UBT Breaking आज अलग हो सकते हैं बागी सांसद, महाराष्ट्र की सियासत में हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। Shiv Sena (UBT) में पिछले कई दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। खबर है कि पार्टी के कई बागी लोकसभा सांसद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अगले राजनीतिक कदम का ऐलान कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को फिर से गर्मा दिया है। यदि सांसद पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। अलग संसदीय समूह या शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि छह सांसद अलग संसदीय समूह बनाने की तैयारी में हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अब तक किसी भी सांसद की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की निगाहें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां स्थिति पूरी तरह साफ हो सकती है। पार्टी बैठकों से दूरी ने बढ़ाई अटकलें पिछले कुछ दिनों से कई सांसद पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल नहीं हुए। इसी के बाद से शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हो गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग होते हैं तो इसका असर केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति पर भी दिखाई देगा। उद्धव ठाकरे गुट ने अपनाया सख्त रुख संभावित बगावत के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने भी सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी की ओर से बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से यह अपील भी की गई है कि किसी नए गुट को जल्दबाजी में मान्यता न दी जाए। पार्टी का कहना है कि संगठन की विचारधारा और अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। संजय राउत का हमला, राजनीतिक बयानबाजी तेज शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए लालच दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को जनता का समर्थन होने का भरोसा है, तो पहले सांसद पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सांसदों की ओर से भी इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज ठाकरे और अमित शाह के बयान भी चर्चा में इस राजनीतिक संकट के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के समर्थन में बयान दिया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना का नेतृत्व अब एकनाथ शिंदे के हाथों में मजबूत हुआ है। दोनों नेताओं के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। Press Conference के बाद साफ होगी तस्वीर आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि बागी सांसद अलग होने का औपचारिक ऐलान करते हैं, तो शिवसेना (UBT) के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं यदि आखिरी समय में कोई सांसद अपना फैसला बदलता है, तो उद्धव ठाकरे गुट को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Alert: 20 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 8 राज्यों में अब भी 40°C के पार तापमान

देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 20 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मानसून की रफ्तार पिछले 13 दिनों से तेलंगाना के आसपास थमी हुई है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में लोगों को अब भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आठ राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। 20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। Telangana में थमा Monsoon, कई राज्यों में बढ़ा इंतजार आमतौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले करीब 13 दिनों से मानसून तेलंगाना के आसपास ही सक्रिय बना हुआ है और आगे नहीं बढ़ पाया है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही मानसून दोबारा तेजी पकड़ सकता है। 8 राज्यों में Heatwave जैसे हालात बारिश में देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। देश के आठ राज्यों में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून सक्रिय नहीं होता, तब तक इन इलाकों में गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। MP और Rajasthan को जल्द मिल सकती है राहत हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि अनुमान सही साबित होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी यह अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। खेती पर भी पड़ रहा असर मानसून की धीमी चाल ने खेती-किसानी की रफ्तार को भी प्रभावित किया है। कई जिलों में किसान खेत तैयार करके बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग की जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं जिन क्षेत्रों में गर्मी का असर बना हुआ है, वहां पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके बाद मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी और खरीफ सीजन की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

Delhi Protest शिक्षा मंत्री के खिलाफ CJP का आंदोलन तेज, जंतर-मंतर पर रातभर डटे रहे कार्यकर्ता

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party – CJP) का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात धरना देते हुए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर दिनभर नारेबाजी, भाषण और बैठकों का दौर चलता रहा। देर रात तक बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर मौजूद रहे और आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा करते रहे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौके पर तैनात रही। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मामलों में सरकार संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है। उनका कहना है कि इन मुद्दों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की अपील भी की। धरने के बीच क्रिकेट खेलते दिखे दीपके प्रदर्शन के बीच एक अलग नजारा भी देखने को मिला। पार्टी से जुड़े नेता दीपके धरना स्थल पर समर्थकों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने का एक सामान्य प्रयास था। वहीं, विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सवाल उठाए और इसे आंदोलन की गंभीरता से जोड़कर आलोचना की। पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। आगे की रणनीति पर नजर कॉकरोच जनता पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG Re-Exam

NEET UG Re-Exam 2026: 23 लाख Candidates की आज परीक्षा, Dharmendra Pradhan बोले- बिना डरे दें Exam

लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। NEET UG Re-Exam 2026 आज देशभर में आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा में करीब 22.8 लाख (लगभग 23 लाख) छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। पिछली परीक्षा को लेकर उठे विवाद और पेपर लीक के आरोपों के बाद यह री-एग्जाम कराया जा रहा है। इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार और National Testing Agency (NTA) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। देशभर के 564 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की आवाजाही शुरू हो गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ प्रवेश प्रक्रिया को भी पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। मुख्य सुरक्षा व्यवस्थाएं: इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी तरह की नकल, पेपर लीक या फर्जी अभ्यर्थियों की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है। Candidates के लिए जरूरी Guidelines NTA ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। प्रवेश के समय एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना भी जरूरी रहेगा। क्यों कराया जा रहा है NEET UG Re-Exam? NEET UG 2026 की पहली परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई और बढ़ते दबाव के बीच NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। आज लाखों छात्रों के भविष्य का बड़ा दिन देशभर के लाखों परिवारों की उम्मीदें आज इस परीक्षा से जुड़ी हैं। कई छात्रों ने पिछले कुछ हफ्तों में दोबारा तैयारी की और अब वे अपने मेडिकल कॉलेज के सपने को साकार करने के लिए परीक्षा देने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम समय में तनाव लेने के बजाय शांत मन से प्रश्नपत्र हल करना बेहतर रणनीति होगी। NEET UG Re-Exam 2026: Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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International Yoga Day 2026

International Yoga Day 2026: Kolkata में PM Modi बोले- Yoga से 70 की उम्र में भी 50 जैसी ऊर्जा संभव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Yoga Day 2026) के अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से नियमित योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और संतुलित जीवन की कुंजी भी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से योग करता है, तो बढ़ती उम्र में भी वह खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस कर सकता है। उन्होंने कहा कि “70 साल की उम्र में भी व्यक्ति 50 साल जैसी ऊर्जा महसूस कर सकता है, यदि योग उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाए।” Kolkata में हजारों लोगों के साथ किया योगाभ्यास योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कई योगासन किए और लोगों को भी उनके सही अभ्यास के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक योग किया। पूरे आयोजन में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संदेश दिखाई दिया। ‘Yoga जोड़ता है, बांटता नहीं’ अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग की सबसे बड़ी ताकत लोगों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि योग किसी धर्म, भाषा या देश की सीमाओं में बंधा नहीं है। आज पूरी दुनिया इसे बेहतर स्वास्थ्य और तनावमुक्त जीवन के लिए अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अपने शरीर, मन और प्रकृति के साथ जोड़ता है। यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता लगातार दुनिया भर में बढ़ रही है। मानसिक तनाव से राहत का आसान उपाय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में तनाव, चिंता और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक ऐसा माध्यम है, जो दवाइयों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। उन्होंने युवाओं से खास तौर पर अपील की कि वे मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के बजाय हर दिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए जरूर निकालें। दुनिया के कई देशों में मनाया गया Yoga Day अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय दूतावासों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं ने सामूहिक योग सत्र आयोजित कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि आज योग वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है। स्वस्थ भारत के लिए दिया विशेष संदेश अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि हर परिवार योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर ले, तो आने वाले वर्षों में भारत अधिक स्वस्थ, जागरूक और ऊर्जावान राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 20 से 30 मिनट योग करने का संकल्प लेने की अपील की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Re-Exam

NEET Re-Exam 2026: नागपुर छात्र को मिला Abu Dhabi सेंटर, सिस्टम गड़बड़ी से मचा हड़कंप

NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की ओर से एडमिट कार्ड जारी होते ही कुछ गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में तनाव और चिंता का माहौल बन गया है। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब एक छात्र को भारत नहीं बल्कि Abu Dhabi (UAE) परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया। नागपुर छात्र को भारत से बाहर मिला परीक्षा केंद्र नागपुर के एक NEET अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड में जो परीक्षा केंद्र मिला, वह सीधे अबू धाबी था। इस घटना के बाद परिवार की चिंता और नाराज़गी दोनों बढ़ गई, क्योंकि परीक्षा सिर्फ एक दिन दूर थी। भुवनेश्वर छात्रा का Dehradun सेंटर भी बदला गया इसी तरह भुवनेश्वर की एक छात्रा को पहले Dehradun exam centre अलॉट किया गया था। लेकिन शिकायत और जांच के बाद उसका सेंटर बदल दिया गया। इस तरह की लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने NEET परीक्षा प्रणाली की तैयारी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NTA की सफाई: “तकनीकी खराबी की वजह से हुई गलती” NTA की ओर से कहा गया है कि यह समस्या system glitch और technical error के कारण हुई है। एजेंसी का दावा है कि: NEET Re-Exam से पहले पूरे देश में मॉक ड्रिल NEET री-एग्जाम 2026 से पहले आज पूरे देश में mocks drill / rehearsal आयोजित की गई। इसका उद्देश्य है: छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता लगातार सामने आ रही इन गलतियों से छात्रों और उनके परिवारों में असमंजस की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है: कई छात्र यह भी कह रहे हैं कि इतनी बड़ी परीक्षा में ऐसी गलतियां “unacceptable” हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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