अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Yoga Day 2026) के अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से नियमित योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और संतुलित जीवन की कुंजी भी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से योग करता है, तो बढ़ती उम्र में भी वह खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस कर सकता है। उन्होंने कहा कि “70 साल की उम्र में भी व्यक्ति 50 साल जैसी ऊर्जा महसूस कर सकता है, यदि योग उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाए।”
Kolkata में हजारों लोगों के साथ किया योगाभ्यास
योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कई योगासन किए और लोगों को भी उनके सही अभ्यास के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक योग किया। पूरे आयोजन में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संदेश दिखाई दिया।
‘Yoga जोड़ता है, बांटता नहीं’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग की सबसे बड़ी ताकत लोगों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि योग किसी धर्म, भाषा या देश की सीमाओं में बंधा नहीं है। आज पूरी दुनिया इसे बेहतर स्वास्थ्य और तनावमुक्त जीवन के लिए अपना रही है।
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अपने शरीर, मन और प्रकृति के साथ जोड़ता है। यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता लगातार दुनिया भर में बढ़ रही है।
मानसिक तनाव से राहत का आसान उपाय
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में तनाव, चिंता और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक ऐसा माध्यम है, जो दवाइयों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है।
उन्होंने युवाओं से खास तौर पर अपील की कि वे मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के बजाय हर दिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए जरूर निकालें।
दुनिया के कई देशों में मनाया गया Yoga Day
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय दूतावासों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं ने सामूहिक योग सत्र आयोजित कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि आज योग वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है।
स्वस्थ भारत के लिए दिया विशेष संदेश
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि हर परिवार योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर ले, तो आने वाले वर्षों में भारत अधिक स्वस्थ, जागरूक और ऊर्जावान राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 20 से 30 मिनट योग करने का संकल्प लेने की अपील की।
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