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Jabalpur

मध्य प्रदेश का Modern Flyover Jabalpur में, Traffic Jam से मिलेगी राहत और मिलेगा Children Park

मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर (Jabalpur) को आज एक नई सौगात मिली है। यहां Madan Mahal से Damoh Naka तक फैला हुआ राज्य का सबसे बड़ा और मॉडर्न फ्लाईओवर (Flyover) बनकर तैयार हो गया है। यह फ्लाईओवर न सिर्फ ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) से राहत देगा बल्कि इसके नीचे बने Basketball Court, Open Gym और Children Park इसे और खास बना रहे हैं। Jabalpur Flyover की खास बातें Traffic में बड़ा बदलाव पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुंचने में 40–45 मिनट लगते थे। अब इस Flyover के जरिए यह दूरी महज 6–8 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे समय और ईंधन की बचत होगी तथा शहर के व्यापार को नई गति मिलेगी। Flyover के नीचे Sports & Fitness Hub इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि फ्लाईओवर के नीचे लोगों की सेहत और मनोरंजन का भी ध्यान रखा गया है। इससे यह जगह केवल ट्रैफिक समाधान नहीं बल्कि एक सामुदायिक और सामाजिक गतिविधियों का हब भी बन जाएगी। उद्घाटन कब होगा? इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन 23 अगस्त 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहान यादव करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Gaya Visit: गया में ₹13,000 Crore Projects का शुभारंभ, Vishnupad Corridor से जुड़ी उम्मीदें

PM Modi ने आज (22 अगस्त 2025) गया (बिहार) में जनता को बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी ने यहाँ करीब ₹13,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान मगध विश्वविद्यालय, गया में भव्य जनसभा हुई, जहाँ लाखों की भीड़ उमड़ी। PM Modi की बड़ी सौगातें – Projects Worth ₹13,000 Crore Vishnupad Corridor पर टिकी उम्मीदें गया का विष्णुपद मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। PM Modi की इस यात्रा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि Vishnupad Corridor Project को भी जल्द मंजूरी मिल सकती है। इससे गया को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। Political Significance यह पीएम मोदी का इस साल बिहार का सातवाँ दौरा और अब तक का 54वाँ दौरा है। बार-बार हो रही यात्राएँ दिखाती हैं कि बिहार को केंद्र सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad में 10th Class Student की हत्या, School Campus में हड़कंप

Ahmedabad, 20 अगस्त 2025: गुजरात के अहमदाबाद शहर के खोखरा इलाके में स्थित सेवन्थ डे स्कूल में 19 अगस्त को एक दुखद घटना सामने आई। कक्षा 10 के छात्र नयन की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कैसे हुआ हमला Ahmedabad पुलिस के अनुसार, हमलावर कक्षा 8 का छात्र था। यह घटना एक साधारण विवाद का परिणाम बताई जा रही है। हमले के बाद नयन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा नयन के परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। घटना ने इलाके में शोक और आक्रोश फैलाया। पुलिस की कार्रवाई Ahmedabad पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावर छात्र को हिरासत में लिया गया है। जांच के अनुसार, यह हमला धार्मिक या सांप्रदायिक कारण से नहीं हुआ था, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश की वजह से हुआ। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव स्कूल प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने अब सुरक्षा कड़े करने के उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Archana Tiwari

Archana Tiwari Safe: लापता सिविल जज Aspirant 12 दिन बाद मिली GRP ने बरामद

भोपाल, 20 अगस्त 2025: 12 दिन से लापता अर्चना तिवारी (Archana Tiwari), जो कटनी की रहने वाली हैं और एक Law Graduate व Civil Judge Aspirant हैं, आज सुरक्षित भोपाल लौट आई हैं। उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से GRP (Government Railway Police) ने बरामद किया। कैसे हुई लापता Archana Tiwari 7 अगस्त 2025 को इंदौर से कटनी जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रही थीं। बताया गया कि वह रानी कमलापति स्टेशन के पास शौचालय जाने के लिए उठीं और फिर ट्रेन में वापस नहीं लौटीं। इसके बाद उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और पुलिस ने खोजबीन शुरू की। खोजबीन और पुलिस की कार्रवाई बरामदगी और परिवार से मिलना 20 अगस्त को GRP ने अर्चना को लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से बरामद किया और उन्हें भोपाल लाया गया। परिवार से मिलते ही उनके खुशी के पल देखे गए। आगे की जांच पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि Archana Tiwari 12 दिनों के दौरान कहाँ थीं और उनके लापता होने में किसी की भूमिका थी या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Archana Tiwari

Archana Tiwari Missing Case: कटनी की सिविल जज Aspirant 11 दिन से लापता

कटनी (Katni) की 29 वर्षीय सिविल जज (Civil Judge) बनने की तैयारी कर रही युवती अर्चना तिवारी (Archana Tiwari) की गुमशुदगी को 11 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस केस में नया मोड़ आया है—जहां परिजन और कांग्रेस नेता दावा कर रहे हैं कि अर्चना सुरक्षित है, वहीं पुलिस इस दावे को मानने से इंकार कर रही है। Relatives का दावा – Archana Tiwari Safe हैं कटनी यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा और अर्चना के एक रिश्तेदार ने कहा है कि अर्चना सुरक्षित है। उनका दावा है कि उसने परिवार से फोन पर बात की और रेलवे पुलिस (GRP) से भी संपर्क किया है। उनका कहना है कि जल्द ही अर्चना सबके सामने आएगी। Police का जवाब – कोई Official Contact नहीं जीआरपी (GRP) उपनिरीक्षक अनिल मरावी ने इन दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अब तक अर्चना से कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस का मानना है कि यह खबर सिर्फ अफवाह भी हो सकती है और बिना प्रमाण के इसे सच नहीं माना जा सकता। Investigation Update – Cyber Cell से मिले Inputs पुलिस ने इस मामले की जांच तेज कर दी है। साइबर सेल से मिले इनपुट पर जीआरपी की एक टीम ग्वालियर भेजी गई है। माना जा रहा है कि वहां से कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं। कैसे हुई थी गुमशुदगी? 7 अगस्त की रात अर्चना नर्मदा एक्सप्रेस (Indore–Bilaspur) से कटनी आ रही थी। भोपाल स्टेशन पर रात करीब 11:30 बजे वह टॉयलेट के लिए उठी, लेकिन इसके बाद वापस अपनी सीट पर नहीं लौटी। तभी से वह लापता है। Family की चिंता और लोगों की उम्मीद अर्चना की गुमशुदगी से परिवार और शहर के लोग बेहद चिंतित हैं। परिजनों के दावे ने उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि न होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal बनेगा Electronics Hub: MP Cabinet ने 371 Cr Cluster, Kaynes Investment और Scholarship को दी मंजूरी

Bhopal । मध्यप्रदेश सरकार ने राजधानी भोपाल को Electronics & Semiconductor Hub बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई MP Cabinet Meeting में कई अहम फैसले लिए गए जिनमें 371.95 करोड़ का Electronics Manufacturing Cluster (EMC), Kaynes Technology का 352 करोड़ का निवेश, Geeta Bhavan Wellness Center और नई Scholarship Schemes शामिल हैं। 371 करोड़ का Electronics Manufacturing Cluster in Bhopal MP Semiconductor Policy 2025 का बड़ा विज़न Kaynes Electronics का 352 Cr Investment Geeta Bhavan Wellness Center & Scholarship मध्यप्रदेश सरकार के ये फैसले राज्य को Electronics Manufacturing और Semiconductor Industry में नई पहचान देंगे। इससे न केवल Industrial Growth और Job Opportunities बढ़ेंगी बल्कि भोपाल को Innovation और Technology Hub बनाने का सपना भी पूरा होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sagar

MP Weather Update: Sagar में मौसम बदलाव, बारिश और ठंड का अलर्ट

Sagar, मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज रात से बादल घिरने लगेंगे और अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तापमान में गिरावट आ सकती है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सागर का वर्तमान मौसम Sagar का मौसम अभी अधिकतर बादलों से ढका हुआ है। तापमान लगभग 29°C (85°F) है। लोग हल्की बारिश और हवाओं में बदलाव के लिए तैयार रहें। आगामी सप्ताह का Sagar Weather Forecast सावधानियाँ मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और जलभराव की संभावना है। लोग घर और वाहनों की सुरक्षा का ध्यान रखें और मौसम अपडेट्स पर नजर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Yadav

CM Mohan Yadav ने PM Modi को मध्य प्रदेश के Farmers & Metro Projects के लिए आमंत्रित किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने 18 अगस्त 2025 को दिल्ली के संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में होने वाले बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना था। मुख्य कार्यक्रम और आमंत्रण: केंद्र और राज्य सरकार का विकास फोकस CM Mohan Yadav ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से मध्य प्रदेश में औद्योगिकीकरण, कृषि और रोजगार सृजन में तेजी आएगी। इन कार्यक्रमों में पीएम की भागीदारी राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mumbai

Mumbai Rains: मुंबई में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, IMD ने Red Alert जारी, Schools-Colleges बंद

मुंबई (Mumbai) में एक बार फिर मानसून का कहर देखने को मिल रहा है। सोमवार, 18 अगस्त 2025 को हुई Heavy Rainfall ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने Red Alert in Mumbai जारी किया है और लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। Mumbai Rains ने बिगाड़ा City Life सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण मुंबई की कई सड़कों पर Waterlogging हो गया है। Schools-Colleges बंद, BMC का फैसला स्थिति को देखते हुए BMC (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे Mumbai Weather Update पर नजर रखें और बिना जरूरत यात्रा न करें। Trains और Flights पर असर भारी बारिश का असर लोकल ट्रेन और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। जनजीवन प्रभावित जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों की दिनचर्या ठप हो गई है। निचले इलाकों के कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistani Warship

Operation Sindoor: भारतीय Navy के डर से Pakistani Warship ईरान Border के पास छिपे

Pakistani Warships Gwadar Port में छिपे ताज़ा Satellite Images ने पाकिस्तान की नौसेना की असली हालत उजागर कर दी है। Operation Sindoor के दौरान भारतीय Navy के जबरदस्त दबाव और मिसाइल स्ट्राइक के डर से Pakistani Warships सीधे टक्कर लेने के बजाय ईरान बॉर्डर के पास ग्वादर पोर्ट में जाकर छिप गए। ग्वादर, पाकिस्तान का अहम बंदरगाह है जो ईरान की सीमा से सिर्फ 100 किलोमीटर दूर है। Civilian Port के बीच Warship छुपाए गए Satellite तस्वीरों में साफ दिखा कि पाकिस्तानी Navy ने अपने Warships को कराची के Naval Base से हटाकर Commercial Ports और Civilian Activities के बीच खड़ा कर दिया। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान ने ऐसा कदम भारतीय Missiles से बचने के लिए उठाया। पूर्व वाइस एडमिरल एस. सी. सुरेश बांगरा के अनुसार – “नागरिक जहाजों के बीच वॉरशिप छुपाना पाकिस्तान की कमजोर रणनीति को दिखाता है।” भारतीय Navy का दबदबा ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई 2025) पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था। इस दौरान भारतीय Navy ने 36 Warships तैनात किए, जिसमें Aircraft Carrier INS Vikrant भी शामिल था। नौसेना की शक्ति के सामने पाकिस्तान की Navy अपने Base से बाहर निकल ही नहीं सकी। CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि – “Operation Sindoor के दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की नौसेना को उनके बंदरगाहों में पूरी तरह Confine कर दिया।” Pak Navy की Strategy या Compulsion? ग्वादर और कराची के Civilian Ports पर Warships खड़ा करना पाकिस्तान की Strategy थी या मजबूरी – इस पर चर्चा जारी है। लेकिन Satellite Images ने यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान की नौसेना भारतीय शक्ति के सामने कमजोर और रक्षात्मक थी। India का Strong Message Operation Sindoor ने साबित कर दिया कि भारत की Navy न सिर्फ Arabian Sea में बल्कि पूरे Region में Dominance रखती है। Pakistani Warships का छिपना इस बात का सबूत है कि भारत की Missile और Naval Power के सामने पाकिस्तान के पास कोई ठोस Strategy नहीं थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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