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सिवनी हवाला कांड में नया मोड़: हाईकोर्ट ने कार चालक सोहनलाल को सुरक्षित घर पहुंचाने का दिया आदेश

सिवनी हवाला कांड में अब एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। जिस कार से हवाला का पैसा बरामद हुआ था, उसके चालक सोहनलाल परमार को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रूप से घर तक छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां सोहनलाल को रखा गया, वहां के CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं। यह मामला तब सामने आया जब जालना निवासी गंगाबाई परमार, जो सोहनलाल की पत्नी हैं, ने अपने पति की रिहाई के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके पति को कई दिनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। गंगाबाई ने बताया कि उनके पति को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और 12 अक्टूबर को छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद जालना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर उन्हें सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद हवाला केस के चालक सोहनलाल को पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस को सोहनलाल की मेडिकल जांच कराने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के आदेश दिए। गंगाबाई का यह भी कहना है कि इस दौरान न तो ट्रांजिट रिमांड ली गई, न ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस पूरे प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 पुलिसकर्मी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। क्या है पूरा मामला?सिवनी पुलिस ने नागपुर निवासी सोहन परमार से करीब 2.96 करोड़ रुपए बरामद किए थे। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में जब्त रकम सिर्फ 1.45 करोड़ रुपए दिखाई और बाकी रकम छिपा ली। इतना ही नहीं, आरोपी को बिना कार्रवाई के छोड़ भी दिया गया। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने 1.45 करोड़ रुपए जमा कराए, लेकिन इसके बाद आईजी प्रमोद वर्मा ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया। यह मामला अब न्यायालय की निगरानी में है और इसके हर पहलू की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
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भोपाल में किसानों का प्रदर्शन: जीतू पटवारी पहुंचे शिवराज के घर, सड़क पर ही उड़ेल दी गेहूं की बोरियां

भोपाल में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास के बाहर किसानों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। वे अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे और जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो उन्होंने शिवराज के घर के सामने ही सड़क पर गेहूं की बोरियां उलट दीं और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया। किसानों की मांग और कांग्रेस का रुख दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ लगभग डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने भावांतर योजना, प्याज, धान और अन्य फसलों के दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद जीतू पटवारी ने कहा— “भावांतर योजना के ज़रिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था, और अब फिर वही दोहराया जा रहा है।” इसके बाद पटवारी ने एलान किया कि वे किसानों की समस्याएं सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और उनके बंगले तक पैदल जाएंगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खींचतान जैसे ही जीतू पटवारी और किसान रेड क्रॉस चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने। कई बार पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पटवारी हर बार चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। आखिरकार, वे शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए। वहां शिवराज ने पटवारी और कुछ नेताओं को अंदर बुलाया और कुछ देर चर्चा की। मुलाकात के बाद पटवारी ने मांगी माफी बंगले से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा— “अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर दीजिए।” भाजपा का पलटवार वहीं, भाजपा नेता हितेश बाजपेई ने X (ट्विटर) पर पटवारी की गेहूं की बोरी उठाए तस्वीर साझा की और लिखा— “किसानों की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति चमका रहे हैं जीतू पटवारी जी। उनके साथ पीआर टीम फोटो और वीडियो बनाने में लगी थी।” For more such political updates, visit: www.deshharpal.com
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Delhi

Delhi-NCR में Diwali 2025 Green Crackers की अनुमति, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने Delhi और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में इस दीवाली के दौरान Green Crackers के इस्तेमाल की अनुमति दी है। अदालत का यह फैसला त्योहार की खुशियों और वायु प्रदूषण नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। Green Crackers क्या हैं? Green Crackers पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं। इन्हें NEERI और PESO द्वारा प्रमाणित निर्माताओं द्वारा बनाया जाता है। इन पटाखों में हानिकारक गैसों और धुएं की मात्रा कम होती है, जिससे वातावरण सुरक्षित रहता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश आदेश का कारण Delhi सुप्रीम कोर्ट ने माना कि हालांकि ग्रीन क्रैकर्स पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त नहीं हैं, फिर भी ये पारंपरिक पटाखों से कम हानिकारक हैं। अदालत ने अवैध पटाखों की तस्करी को भी गंभीर चुनौती बताया, जो दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को बढ़ाती है। प्रतिबंध और प्रवर्तन सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इस दिशा में एक बड़ा कदम है कि दीवाली के त्यौहार को खुशियों और सुरक्षा के साथ मनाया जा सके, जबकि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को भी सुरक्षित रखा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NDA

Nitish Kumar नाराज़ NDA Seat Sharing पर बढ़ा तनाव, सीटों की घोषणा टली

NDA में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ा तनाव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) के लिए NDA में सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गठबंधन के भीतर 9 सीटों के बंटवारे को लेकर अपसेट होने की खबर है, जिससे प्रत्याशियों की घोषणा में देरी हो रही है। JDU ने मांगा पुनर्विचार जेडीयू ने भाजपा से इन सीटों पर पुनर्विचार (Reconsideration) की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, आज शाम NDA की Emergency Joint Press Conference भी हो सकती है, जिसमें गठबंधन के सभी नेता हिस्सा लेंगे। महागठबंधन में सीट बंटवारे का विवाद वहीं, महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर विवाद जारी है। RJD के कुछ उम्मीदवारों को पहले पार्टी द्वारा सिंबल दिया गया था, लेकिन तेजस्वी यादव की आपत्ति के बाद कई सिंबल वापस ले लिए गए। जेडीयू सांसद का इस्तीफा इस बीच, जेडीयू सांसद अजय मंडल ने नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा (Resignation) भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में उनकी सलाह नहीं ली गई, जिससे वे आहत हैं। भाजपा का बयान NDA में सीट बंटवारे को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि गठबंधन में कोई नाराजगी नहीं है और सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा है। चुनाव की तारीखें और प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
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VHP

VHP का नया अभियान Apna Tyohar, Apno Se Vyavhar ने खड़ा किया विवाद

VHP के होर्डिंग्स और उनका संदेश भोपाल। दीपावली के करीब राजधानी भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा लगाए गए hoardings ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इन होर्डिंग्स पर लिखा गया है: “अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार” और “दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें।” संदेश का उद्देश्य लोगों से अपील करना है कि वे अपने ही समुदाय के व्यापारियों से खरीदारी करें। VHP का तर्क और अभियान का उद्देश्य VHP का कहना है कि यह पहल हिंदू दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की मदद के लिए है। प्रचार प्रमुख जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को दीपावली के मौके पर आर्थिक सहारा देना है। राजनीतिक और सामाजिक बहस हालांकि, इस कदम ने राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस को जन्म दे दिया है। कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक विभाजन की कोशिश बताया और आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह के संदेश समाज में समुदाय आधारित भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। पहले भी उठे विवाद इससे पहले भी नवरात्रि के दौरान ‘गरबा जिहाद’ और करवाचौथ पर ‘मेहंदी जिहाद’ जैसे मुद्दों ने विवाद खड़ा किया था। अब दीपावली से पहले यह नया संदेश राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। भोपाल में VHP होर्डिंग्स विवाद ने यह दिखा दिया है कि त्योहारों पर भी सामाजिक और राजनीतिक बहसें तेज होती जा रही हैं। ‘Apna Tyohar, Apno Se Vyavhar’ संदेश ने उत्सव की खुशी के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर: पेट्रोल पंप पर अचानक गिरे युवक की मौत, साइलेंट हार्ट अटैक से गई जान – CCTV में कैद हुई पूरी घटना

मध्यप्रदेश के इंदौर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। पेट्रोल पंप पर फ्यूल डलवाने पहुंचे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। पंपकर्मियों ने तुरंत उसे उठाया और पानी के छींटे मारे, लेकिन जब वह होश में नहीं आया तो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विजयनगर इलाके के पेट्रोल पंप की घटना घटना विजयनगर क्षेत्र के होटल सयाजी के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम पंप की है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। पूरा वाकया CCTV कैमरे में कैद हो गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह साइलेंट हार्ट अटैक मानी जा रही है। पेमेंट करते समय अचानक गिरे युवक पुलिस के अनुसार मृतक का नाम सौदान सिंह (45 वर्ष) पुत्र फूल सिंह परमार है, जो सिंगापुर टाउनशिप में रहते थे। सोमवार सुबह वे अपनी टेम्पो ट्रैवलर में पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे। पेमेंट करते समय अचानक वे जमीन पर गिर पड़े। पंपकर्मियों ने की मदद, अस्पताल में मौत घटना के तुरंत बाद पंपकर्मियों ने उन्हें संभाला और पानी के छींटे मारे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो तुरंत एम्बुलेंस से भंडारी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सौदान सिंह की मौत हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव, जांच जारी पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय हॉस्पिटल भेज दिया है। विजयनगर थाना पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। For more information and latest updates, visit: www.deshharpal.com
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खंडवा जिला अस्पताल में लापरवाही का मामला: गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों का हंगामा – FIR की मांग पर अड़े

मध्यप्रदेश के खंडवा जिला अस्पताल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया। मृतका के पति ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है और पत्नी का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। 7 अक्टूबर को कराया था भर्ती, डॉक्टरों ने कहा था – अब सब ठीक है मृतका आरती के पति अभिषेक ने बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर को अपनी पत्नी को कमर दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने 12 घंटे में 4 इंजेक्शन लगाए और 9 अक्टूबर को छुट्टी देते हुए कहा कि अब वह ठीक हैं। फिर बिगड़ी तबीयत, बच्चे की मौत की खबर, ऑपरेशन में 5 घंटे की देरी 11 अक्टूबर को आरती की तबीयत फिर खराब हो गई, तो अभिषेक उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है। अभिषेक का आरोप है कि इसके बावजूद ऑपरेशन करने में 5 घंटे की देरी की गई, जिससे हालत और बिगड़ गई। डॉक्टर की अमानवीय टिप्पणी से भड़के परिजन अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान एक डॉक्टर ने स्टाफ से कहा —“खून वाली पेशेंट को बाहर रखो, मुझे खून भरी लात मार रही है।”इस अमानवीय टिप्पणी से परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया, उन्होंने इसे डॉक्टरों की असंवेदनशीलता बताया। इंदौर रेफर करने से रोका, ICU में तोड़ा दम 12 अक्टूबर की रात डॉक्टरों ने पहले आरती को इंदौर रेफर करने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद कहा कि मरीज ठीक है और इलाज यहीं होगा। अभिषेक का कहना है कि उन्होंने खून की व्यवस्था भी की, फिर भी पत्नी का इलाज सही तरीके से नहीं किया गया। 13 अक्टूबर की सुबह आरती की हालत अचानक बिगड़ गई और ICU में भर्ती करने के बाद सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई। पति ने कलेक्टर से की शिकायत, FIR की मांग पर अड़े अभिषेक ने इसे डॉक्टरों की लापरवाही बताया है। उन्होंने डॉक्टर लक्ष्मी डूडवे, नेहा पंवार और अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। अभिषेक ने साफ कहा है कि जब तक दोषियों पर FIR दर्ज नहीं होती, तब तक वह पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे। For more information and latest updates, visit: deshharpal.com
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Coldrif Cough Syrup

Coldrif Cough Syrup Case ED ने Sresan Pharma पर मारा छापा

Sresan Pharmaceuticals के Coldrif Cough Syrup विवाद के बीच Enforcement Directorate (ED) ने चेन्नई में कंपनी से जुड़े सात स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई G. Ranganathan की गिरफ्तारी के बाद की गई, जिन्हें मध्य प्रदेश पुलिस ने 9 अक्टूबर 2025 को हिरासत में लिया था। ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच ED की जांच Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कंपनी के financial transactions और money laundering की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कंपनी के illegal और toxic operations का वित्तीय पक्ष उजागर करने के लिए उठाया गया है। Coldrif Cough Syrup में विषाक्तता और बच्चों की मौत Sresan Pharma के Coldrif सिरप में diethylene glycol (DEG) पाया गया, जो अत्यधिक जहरीला है। इस कारण कम से कम 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के थे। मृतक मामले मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले और राजस्थान में सामने आए हैं। TNFDA और कंपनी की अनियमितताएं Sresan Pharmaceuticals को 2011 में Tamil Nadu Food and Drug Administration (TNFDA) द्वारा लाइसेंस मिला था। कंपनी ने राष्ट्रीय drug safety regulations का उल्लंघन करते हुए लगभग एक दशक तक संचालन जारी रखा। Kanchipuram स्थित कंपनी की फैक्ट्री में poor infrastructure और multiple compliance failures पाई गईं, जिसमें DEG का उपयोग भी शामिल था। सरकारी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश WHO की चेतावनी World Health Organization (WHO) ने भारत में घरेलू दवाओं में DEG और Ethylene Glycol की सुरक्षा जांच में कमियों पर चिंता जताई। WHO ने कहा कि यदि दूषित दवाएं export हुईं तो वैश्विक स्तर पर खतरा हो सकता है। उन्होंने सभी contaminated pharmaceutical products को market से हटाने का आग्रह किया। आगे की प्रक्रिया ED की जांच का उद्देश्य Sresan Pharma के financial और operational aspects को उजागर करना और toxic syrup से हुई बच्चों की मौत के लिए accountability तय करना है।
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छत्तीसगढ़: कॉलेज छात्रा के साथ दोस्ती के बहाने दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, युवती हुई प्रेग्नेंट तो कराया गर्भपात

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सूरजपुर के रहने वाले एक युवक ने कॉलेज छात्रा से पहले दोस्ती की, फिर प्यार और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। जब युवती गर्भवती हुई, तो युवक ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया। पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, प्यार और शादी का झांसा बना जाल सरकंडा थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय छात्रा ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पहचान सूरजपुर के मानपुर थाना क्षेत्र के जामा मस्जिद के पास रहने वाले साजिद अहमद (25) से हुई थी। साजिद भी सरकंडा में किराए के मकान में रहता था। सोशल मीडिया के जरिए दोनों की बात शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। किराए के घर में किया दुष्कर्म, छिपकर बनाया वीडियो फरवरी महीने में साजिद ने युवती को घूमाने के बहाने अपने किराए के घर बुलाया, जहां शादी का झूठा वादा कर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। 40 फोटो और वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल आरोपी ने युवती के करीब 40 फोटो और वीडियो बनाकर धमकाना शुरू कर दिया। वह कहता था कि अगर उसने बात नहीं मानी तो ये वीडियो सोशल मीडिया और उसके परिचितों को भेज देगा। डर के कारण युवती लगातार उसके झांसे में आती रही और इसी दौरान वह प्रेग्नेंट हो गई। शादी का दबाव डालने पर कराया गर्भपात, दी जान से मारने की धमकी जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया और बाद में जान से मारने की धमकी दी। मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी युवती ने आखिरकार अपनी मां को सारी बात बताई। फिर दोनों ने मिलकर सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी साजिद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। For more information and latest updates, visit: www.deshharpal.com
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष 2025: श्रेणी मिलन पथ संचलन में एकता, समरसता और राष्ट्रभाव का भव्य आयोजन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर श्रेणी मिलन पथ संचलन : एकता, समरसता और राष्ट्रभाव का भव्य प्रतीकभोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को श्रेणी मिलन पथ संचलन का भव्य आयोजन तात्या टोपे स्टेडियम में किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भोपाल विभाग द्वारा संयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियों और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत नारों ने वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश माननीय श्री रोहित आर्या जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री प्रेमशंकर जी, सह-क्षेत्र प्रचारक, ने मुख्य वक्ता के रूप में संघ के कार्य, उद्देश्य और समाज में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत उद्बोधन दिया। मंच पर प्रांत संघचालक माननीय श्री अशोक पांडे जी, विभाग संघचालक श्री सोमकांत जी उमालकर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, विधि, प्रशासन, उद्योग, कृषि, कला, खेलकूद तथा मातृशक्ति सहित समाज के विविध वर्गों से जुड़े तीन हजार से अधिक स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। इस दौरान तात्या टोपे स्टेडियम स्वयंसेवकों के अनुशासित संचलन, दंड, योगासन और घोष की स्वर लहरियों से गूंज उठा। सुसज्जित गणवेश में सुसंगठित स्वयंसेवकों की श्रेणियां जब एक स्वर में कदमताल करती हुईं आगे बढ़ीं, तो यह दृश्य राष्ट्र की एकता, अनुशासन और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक बन गया।संघ स्थापना का उद्देश्य और प्रेरणामुख्य अतिथि श्री रोहित आर्य जी ने समाज में संघ की यात्रा एवं संघ कार्यों का उल्लेख किया साथ ही नागरिक शिष्टाचार एवं सामाजिक समन्वय पर विचार व्यक्त किये। वक्ता प्रेमशंकर जी ने अपने उद्बोधन में पूज्यनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा संघ की स्थापना के पीछे के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ का जन्म केवल संगठन खड़ा करने के लिए नहीं हुआ, बल्कि राष्ट्र को संगठित, समर्थ और संस्कारित बनाने के संकल्प से हुआ। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार जी ने देखा कि देश की समस्याओं की जड़ समाज की विखंडित चेतना में है, इसलिए उन्होंने संगठन के माध्यम से व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण का कार्य आरंभ किया। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र तक के निर्माण का सतत प्रवाह है।गुरुजी के आदर्शों की चर्चाश्री प्रेमशंकर जी ने अपने उद्बोधन में द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘गुरुजी’ की जीवन दृष्टि और उनके नेतृत्व में संघ के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने संघ को संगठन के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत राष्ट्रशक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में संघ का कार्य समाज के विविध क्षेत्रों शिक्षा, संस्कृति, ग्रामविकास, सेवा में फैला।समरसता और पंच परिवर्तन के सूत्रश्री प्रेमशंकर जी ने कहा कि समाज में समरसता और एकजुटता ही राष्ट्र की शक्ति का आधार है। संघ यही सिखाता है कि समाज का कोई अंग छोटा या बड़ा नहीं सबके साथ समान सम्मान और सहभागिता ही सच्ची समरसता है। उन्होंने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के सूत्र के बारे में बताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tibet-Nepal

Tibet-Nepal Border पर भारी तबाही, 11 दिन बाद Foreign Journalists ने देखा Ground Reality

Tibet-Nepal की सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही के 11 दिन बाद आखिरकार विदेशी मीडिया को तिब्बत के प्रभावित इलाके तक पहुंच मिली। चीन के विदेश मंत्रालय की व्यवस्था के तहत चुनिंदा International Journalists को Gyirong County ले जाया गया, जहां आपदा के बाद की तस्वीरें पहली बार दुनिया के सामने ज्यादा साफ तौर पर आई हैं। यह आपदा इतनी भयावह थी कि चीन-नेपाल सीमा पर मौजूद कभी व्यस्त रहने वाला Gyirong Border Crossing मलबे और कीचड़ में बदल गया। पांच मंजिला कस्टम बिल्डिंग समेत कई ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए। मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर तबाही देखी, जबकि Rescue Teams अब भी मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। Nepal में 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या भी 1,300 के पार पहुंच चुकी है। नेपाल में बड़ी संख्या में लापता लोग Hydropower Projects से जुड़े कर्मचारी हैं। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक करीब 900 हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इनमें 121 लोगों के सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका जताई गई है। मलबे से घिरी सुरंगों तक पहुंचना Rescue Teams के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। तबाही के बीच जिंदा बचने की उम्मीद इतनी बड़ी त्रासदी के बीच कुछ घटनाओं ने उम्मीद भी जगाई है। नेपाल में दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को करीब नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा बाहर निकाला गया। उनके बचने की कहानी ने उन परिवारों में भी उम्मीद पैदा की है, जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। बचाव अभियान में नेपाल के साथ भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका समेत कई देशों की टीमें मदद कर रही हैं। मुश्किल पहाड़ी इलाका, भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और सुरंगों में जमा पानी Rescue Operation को लगातार कठिन बना रहे हैं। Tibet में 43 मौतें, 519 लोग Missing चीन की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक तिब्बत के Gyirong इलाके में अब तक 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 519 लोग लापता हैं। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। यही वजह है कि लापता लोगों के परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ विदेशी राजनयिकों और परिवारों ने चीन से राहत अभियान और Missing Persons को लेकर ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग की है। Foreign Media की पहुंच पर क्यों उठे सवाल? आपदा के शुरुआती दिनों में तिब्बत के प्रभावित हिस्से तक विदेशी पत्रकारों की पहुंच सीमित रही। नेपाल की तरफ से आपदा की तस्वीरें और जमीनी रिपोर्ट लगातार सामने आती रहीं, लेकिन चीनी हिस्से की स्थिति को लेकर जानकारी अपेक्षाकृत कम उपलब्ध थी। अब 11 दिन बाद चीन की ओर से चुनिंदा विदेशी पत्रकारों को Gyirong ले जाने के बाद सीमा क्षेत्र में हुई तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे वहां चल रहे Search and Rescue Operation और नुकसान के वास्तविक स्तर को समझने में मदद मिली है। भारत के नागरिक भी प्रभावित इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं, जबकि 166 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत ने नेपाल के राहत अभियान में करीब 95 टन राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम भेजी है। भारतीय टीमों में Tunnel Rescue, Forensic और Medical Experts भी शामिल हैं। इन टीमों की मदद से मलबे और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सिर्फ बाढ़ नहीं, Himalayan Disaster का बड़ा संकेत इस पूरी घटना ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते ग्लेशियर और Glacial Lake से जुड़े जोखिमों पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के लिए यह हादसा केवल एक स्थानीय प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में Infrastructure और Disaster Preparedness को लेकर बड़ी चेतावनी भी है। फिलहाल Nepal और Tibet में हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे, सुरंगों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार Search Operation चला रहे हैं। कुछ लोगों के कई दिनों बाद जिंदा मिलने से उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन 5,500 से ज्यादा लोगों का अब भी लापता होना इस आपदा की भयावहता को बयां करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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