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Supreme Court

महिला आरक्षण कानून में Delay पर Supreme Court नाराज़ Center को भेजा Notice

देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए लाया गया Women Reservation Bill 2023 (महिला आरक्षण कानून) एक बार फिर सुर्खियों में है। Supreme Court ने इस कानून को लागू करने में हो रही देरी पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि आखिर महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ कब मिलेगा? क्या है मामला? साल 2023 में संसद ने संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम पारित किया था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था।लेकिन इस कानून की एक शर्त यह थी कि इसे तभी लागू किया जाएगा जब नई जनगणना (Census) और परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस देरी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में ऐसी शर्त लगाना मनमाना और असंवैधानिक है। Supreme Court की सख्ती सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला महिलाओं के समान अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर कब तक इंतजार करना होगा?अदालत ने सरकार को चार हफ्तों में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और पूछा कि जनगणना व परिसीमन की प्रक्रिया कब पूरी होगी। क्यों हो रही है देरी? सरकार की ओर से पहले कहा गया था कि Women Reservation Law तभी लागू होगा जब नई जनगणना और परिसीमन पूरी होगी। लेकिन अभी तक जनगणना की तारीख तय नहीं हुई है।इस वजह से कानून के लागू होने की प्रक्रिया अधर में लटकी है, जबकि महिलाओं के अधिकारों की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों की राय संविधान विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है। अगर अदालत सक्रिय हुई, तो आने वाले वर्षों में Women Reservation Act के लागू होने की राह आसान हो सकती है।विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जनगणना और परिसीमन को बहाना बनाकर महिला आरक्षण में देरी करना न्यायसंगत नहीं है। आगे क्या? अब अगली सुनवाई में केंद्र सरकार को अदालत को बताना होगा कि यह कानून कब लागू किया जा सकता है। अगर कोर्ट सख्त रुख अपनाता है, तो सरकार को Women Reservation Bill के अमल के लिए टाइमलाइन तय करनी पड़ सकती है। महिला आरक्षण कानून को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप देश में महिलाओं की राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम साबित हो सकता है। अगर यह कानून जल्द लागू होता है, तो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील ने अरपा पुल से लगाई छलांग, प्रेमिका की सगाई से था दुखी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील राहुल अग्रवाल (30) ने अरपा नदी पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि राहुल अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी सगाई किसी और से हो गई, जिससे वह मानसिक तनाव में था। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। गुरुवार रात से लापता, शुक्रवार को नदी में मिला शव राहुल अग्रवाल भाटापारा का रहने वाला था और पिछले कई सालों से बिलासपुर की ग्रीन गार्डन कॉलोनी, मंगला में रह रहा था। गुरुवार को वह रोज़ की तरह हाईकोर्ट गया था। शाम को उसने अपने दोस्त मुकेश राठिया से मुलाकात की और दोनों ने सिरगिट्टी और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में साथ समय बिताया। देर रात 1.30 बजे राहुल ने घर जाने की बात कही और बाइक से निकल गया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुबह जब राहुल का फोन बंद मिला तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की और रामसेतु ब्रिज पर राहुल की बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली। इसके बाद उसके नदी में कूदने की आशंका जताई गई। अरपा नदी से बरामद हुआ शव शुक्रवार की रात करीब 10.30 बजे कुछ युवकों ने अरपा नदी में एक शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस और SDRF टीम ने रात करीब 1 बजे शव को बाहर निकाला। दोस्तों ने टी-शर्ट देखकर शव की पहचान राहुल अग्रवाल के रूप में की। प्रेमिका की सगाई से टूट गया था राहुल पुलिस जांच में पता चला कि राहुल का एक लड़की से प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन लड़की के परिवार ने उसकी सगाई किसी और जगह तय कर दी, जिससे राहुल गहरे तनाव में था।परिवार और दोस्तों का कहना है कि यही कारण हो सकता है कि उसने यह कदम उठाया। पढ़ाई और करियर राहुल ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई (2013–2018) की थी। कुछ साल तक वह एक महिला वकील के साथ एसोसिएट के रूप में काम करता रहा, बाद में उसने स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस शुरू की थी। पुलिस जांच जारी सिटी कोतवाली टीआई देवेश सिंह राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारणों का पता चल सकेगा। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
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गुना बायपास पर भीषण सड़क हादसा: उज्जैन जा रहे परिवार की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, 2 की मौत, 4 गंभीर घायल

शनिवार सुबह गुना बायपास पर RTO कार्यालय के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक परिवार की कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवार उज्जैन महाकालेश्वर दर्शन के लिए जा रहा था। उज्जैन दर्शन के रास्ते हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, शिवलाल शुक्ला अपने परिवार के साथ कार (क्रमांक UP78-EF-9805) से उज्जैन जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे वे गुना बायपास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही हाहाकार मच गया। सड़क पर एक ही लेन खुली थी, आमने-सामने की भिड़ंत बायपास पर फिलहाल सड़क का पेंचवर्क चल रहा है, जिसके कारण केवल एक लेन खुली थी। ट्रक और कार दोनों उसी रास्ते पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रक ने ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे आमने-सामने टक्कर हो गई। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। दो की मौत, चार घायल — दो को ग्वालियर रेफर हादसे में शिवलाल शुक्ला और कुंज शुक्ला (10) की मौके पर ही मौत हो गई।घायलों में स्वाति शुक्ला (25), दीपा शुक्ला, रीता शुक्ला और डेढ़ साल की मान्या शुक्ला शामिल हैं।पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दो की हालत नाजुक होने पर ग्वालियर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ट्रक चालक और दुर्घटना के सही कारणों की पड़ताल कर रही है। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
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सीहोर में मेडिकल दुकानों पर औचक जांच: 6 दुकानों से दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने जिले में मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से की गई। जांच टीम ने बकतरा और बुधनी क्षेत्र की कई दुकानों का दौरा किया। रिकॉर्ड और साफ-सफाई की जांच निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों की साफ-सफाई, दवाओं के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, एक्सपायर्ड दवाओं के रख-रखाव और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की स्थिति की बारीकी से जांच की। 6 मेडिकल दुकानों से लिए गए सैंपल टीम ने कुल 6 मेडिकल दुकानों से दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जिन दुकानों का निरीक्षण किया गया उनमें शामिल हैं –सतेंद्र मेडिकल, जीवनरक्षा मेडिकल, लक्ष्मी मेडिकल, बालाजी मेडिकल, आरके मेडिकल और पीयूष मेडिकल। प्रशासन ने बताया कि अगर जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
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इंदौर में भाजपा नेता सत्तन का मंच से तंज: ‘जो सेव-परमल पर जीते थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन ने वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से बिना किसी का नाम लिए तीखा व्यंग्य किया। सत्तन ने कहा—“जो कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं।” यह कार्यक्रम इंदौर के राजवाड़ा में हुआ था। जब सत्तन मंच पर बोल रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी सायरन बजाते हुए पहुंची। नगर अध्यक्ष ने बताया कि “कैलाश जी आ गए”, तो सत्तन मुस्कुराए और बोले—“ये भी प्रजातंत्र का गौरव है कि जो कल तक झंडा उठाकर घूमते थे, आज गाड़ी में घूम रहे हैं। उनके आने से पहले ही ‘पी-पी-पी-पी’ की आवाज हो रही है।” सत्तन ने आगे कहा—“जो लोग कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब आपके पुण्य प्रताप से राजकीय गाड़ियों में बैठकर आपके बीच आने का गौरव पा रहे हैं। ये सम्मान आपने दिया है, तालियां तो बनती हैं।” उनकी बातों पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। पुराने कार्यकर्ताओं को याद किया सत्तन ने कहा कि आज मंच पर नई पीढ़ी के नेता हैं, लेकिन बाहर वही पुराने कार्यकर्ता खड़े हैं जिन्होंने संघर्ष के दिनों में पार्टी का झंडा थामे रखा था। आज वे खड़े होकर आत्मसंतुष्टि पा रहे हैं कि उनके संघर्ष से राष्ट्रप्रेम की मशाल जल रही है।उन्होंने कहा, “भाजपा भारत माता की जय और राष्ट्र चेतना के जागरण के लिए कार्य कर रही है।” विजयवर्गीय बोले – ‘वंदे मातरम्’ देश को फिर से खड़ा करने का मंत्र कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि एक मंत्र है। यह भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि जब देश की आज़ादी के 100 साल पूरे हों, तब भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिना जाए।” भाजपा नगर अध्यक्ष बोले – ‘वंदे मातरम् एक ग्रंथ है’ भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ एक ग्रंथ है, जिसने भारत की एकता और बलिदान की भावना को जन्म दिया। इसे गाते-गाते असंख्य क्रांतिकारी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।” यह गीत आज भी भारत माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 🔸 For more such news, visit deshharpal.com
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Kranti Singh

MP की शेरनी Kranti Singh Gaur जब गांव की लड़की बनी Indian Women Team की स्टार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की गौरव बेटी क्रांति सिंह गौड़ (Kranti Singh Gaur) आज पूरे देश की प्रेरणा बन चुकी हैं। महिला वनडे World Cup 2025 में भारत को चैंपियन बनाने वाली इस तेज गेंदबाज का जब अपने गांव घुवारा (Ghuwara) में आगमन हुआ, तो पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “क्रांति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।स्थानीय लोगों, प्रशासन और स्कूली छात्राओं ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से उनका शानदार स्वागत किया। Village से World Champion तक: Kranti Gaur की प्रेरक Journey क्रांति सिंह गौड़ का जन्म 11 अगस्त 2003 को छतरपुर जिले के घुवारा गांव में हुआ। साधारण परिवार में पली-बढ़ी क्रांति के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत थे। आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन क्रिकेट खेलने का जुनून कम नहीं हुआ। शुरुआती दिनों में न किट थी, न ग्राउंड – फिर भी उन्होंने उधार के जूतों और टूटे बल्ले से अभ्यास शुरू किया। गांव के लड़कों के साथ खेलते हुए क्रांति ने अपने खेल को निखारा और जल्द ही मध्यप्रदेश महिला क्रिकेट टीम तक पहुंच गईं। Kranti Gaur का क्रिकेट करियर और बड़ी उपलब्धि क्रांति ने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।साल 2025 में उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया। अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में ही उन्होंने 5 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता, और इस ऐतिहासिक जीत की नायिका बनीं छतरपुर की क्रांति सिंह गौड़। छतरपुर में सम्मान और उत्सव क्रांति गौड़ के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद पूरे मध्यप्रदेश में जश्न मनाया गया।छतरपुर में जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंच पर उन्हें “छतरपुर की गौरव बेटी” कहकर सम्मानित किया गया।राज्य सरकार ने उन्हें ₹1 करोड़ रुपये का इनाम और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। Kranti Singh Gaur का भावनात्मक बयान क्रांति ने कहा — “जब मैं गांव में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी, लोग मजाक उड़ाते थे। आज वही लोग मुझे सलाम कर रहे हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे गांव की हर बेटी अपने सपनों को पूरा करे, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।” सरकार की घोषणा: छतरपुर में बनेगा नया क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री ने कहा कि छतरपुर जिले में जल्द ही आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। प्रेरणा बनी Kranti Singh Gaur क्रांति सिंह गौड़ की कहानी मेहनत, संघर्ष और हौसले की मिसाल है।उन्होंने साबित किया है कि अगर सपनों को सच्चे दिल से जिया जाए, तो गांव की मिट्टी से भी विश्व विजेता (World Champion) बनना संभव है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन शहर में जगह-जगह हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। खास बात यह रही कि अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले लोगों के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना हेलमेट यात्रा करने पर अब किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। कई जगहों पर पुलिस टीमों ने सड़कों पर रुकवाकर लोगों को नियम समझाए और चालान भी काटे। कई दोपहिया सवार ऐसे मिले जिनके पास पीछे बैठे व्यक्ति के लिए हेलमेट नहीं था, उन्हें चेतावनी देकर आगे से नियम पालन करने की हिदायत दी गई। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह अभियान सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अपनी सुरक्षा को गंभीरता से लें और बाइक पर सवार हर व्यक्ति हेलमेट जरूर पहने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा: तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, युवक 5 फीट उछलकर सड़क पर गिरा – रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट

खंडवा शहर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नवचंडी मंदिर के पास सुपर मार्केट के सामने मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार युवक करीब 5 फीट हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा और 8-9 फीट तक लुढ़कता चला गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे के पूरे दृश्य कैद हो गए। घायल युवक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, युवक आनंद नगर की ओर जा रहा था, तभी गुर्जर अस्पताल की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई और तिराहे पर दोनों की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार करीब 100 मीटर तक आगे निकल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया। बार-बार हो रहे हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं होने और मोड़ की जानकारी न होने से गाड़ियां तेज रफ्तार में आ जाती हैं। व्यवसायी रजत लाड़ ने बताया, “नगर निगम को यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर और टर्न के चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” दो महीने पहले भी हुआ था ऐसा हादसा स्थानीय लोगों ने बताया कि दो महीने पहले भी इसी मोड़ पर एक कार ने बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी और उसे इंदौर रेफर किया गया था। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मोड़ को “ब्लैक स्पॉट” घोषित कर सुरक्षित व्यवस्था करे, ताकि यहां और जिंदगियां खतरे में न पड़ें। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर: दिल में छेद वाली तीन दिन की बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई भेजा गया, स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी के दिन भी खोला ऑफिस

जबलपुर जिले के सिहोरा में जन्मी एक तीन दिन की बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। गुरुवार दोपहर बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू किया जाएगा। छुट्टी के दिन खोला गया ऑफिस, डेढ़ घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी थी, लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का ऑफिस खोला गया। अधिकारियों ने महज डेढ़ घंटे में सारे दस्तावेज़ और औपचारिकताएं पूरी कर लीं, ताकि बच्ची को तुरंत इलाज के लिए भेजा जा सके। पिता ने कहा- “भास्कर और सरकार की मदद से बची मेरी बच्ची” सिहोरा निवासी सत्येंद्र दाहिया और उनकी पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बेटी के दिल में छेद है, जिसका इलाज मुंबई में संभव है।सत्येंद्र ने कहा, “दैनिक भास्कर डिजिटल और स्वास्थ्य विभाग की बदौलत मेरी बेटी को समय पर मदद मिली, इसके लिए मैं आभारी हूं।” एयर एम्बुलेंस से मुंबई रवाना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुंची। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, RBSK जिला प्रबंधक डॉ. सुभाष शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी और सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े मौजूद थे। बच्ची के मुंबई पहुंचते ही नारायणा अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया। विधायक ने जताया आभार विधायक संतोष बरकड़े ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदनशील योजनाओं की वजह से आज जरूरतमंद परिवारों को जीवनदान मिल रहा है। जैसे ही मुझे इस केस की जानकारी मिली, मैंने तुरंत कलेक्टर और सीएमएचओ से बात की और RBSK योजना के तहत बच्ची को मुंबई भेजने की व्यवस्था कराई।” सीएमएचओ बोले- संवेदनशीलता से काम किया डॉ. संजय मिश्रा ने बताया, “हमारे स्टाफ ने छुट्टी के दिन भी सेवा भावना से काम किया। सभी ने मिलकर दस्तावेज़ तैयार किए और मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से बच्ची को सुरक्षित मुंबई रवाना किया गया।” 👉 ऐसी ही संवेदनशील और प्रेरणादायक खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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ग्वालियर में पुलिस-डकैत मुठभेड़: थाना प्रभारी महावीर परिहार घायल, योगी गुर्जर गैंग पर शिकंजा कसने की तैयारी

ग्वालियर के बेहट इलाके में गुरुवार सुबह पुलिस और योगी गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बेहट थाना प्रभारी महावीर परिहार गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ बेहट और हस्तिनापुर के बीच के जंगलों में हुई, जहां पुलिस का सामना गैंग के 3-4 सदस्यों से हुआ। बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बावजूद डकैत जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। 9 सितंबर को किया था गर्भवती महिला का अपहरण पुलिस के मुताबिक, यही गैंग 9 सितंबर को तिघरा थाना क्षेत्र में एक परिवार पर हमला कर गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण कर चुका है। गैंग का सरगना योगी गुर्जर पर ₹30,000 का इनाम घोषित है। जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज घटना के बाद पुलिस ने जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पांच टीमें लगातार डकैतों की तलाश में जुटी हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके की निगरानी कर रहे हैं। 22 दिन से पुलिस जंगल खंगाल रही करीब 10 साल बाद पुलिस को दो आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में एंटी डकैत स्क्वॉड बनानी पड़ी है। पिछले 22 दिनों से पुलिस चंबल के बीहड़ों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक योगी गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, योगी कभी अपनी प्रेमिका के ससुराल तो कभी उसके मायके (श्योपुर) में धमका कर पुलिस को चकमा दे रहा है। हथियारों से लैस गैंग फिर से सक्रिय लंबे समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ में अब एक बार फिर डकैतों की हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर, जो कभी कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर का साथी था, अब अपनी खुद की गैंग के साथ सक्रिय है। इस गिरोह में करीब 16 सदस्य हैं, जिनके पास पिस्टल, बंदूक और माउजर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। पुलिस के लिए बना सिरदर्द ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के इलाकों में योगी गुर्जर का आतंक फैल गया है। अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से होने के बाद से वह ‘सिरफिरा बागी डकैत’ बन गया है। पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है और उम्मीद है कि जल्द ही गैंग को पकड़ लिया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताज़ा और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Tibet-Nepal

Tibet-Nepal Border पर भारी तबाही, 11 दिन बाद Foreign Journalists ने देखा Ground Reality

Tibet-Nepal की सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही के 11 दिन बाद आखिरकार विदेशी मीडिया को तिब्बत के प्रभावित इलाके तक पहुंच मिली। चीन के विदेश मंत्रालय की व्यवस्था के तहत चुनिंदा International Journalists को Gyirong County ले जाया गया, जहां आपदा के बाद की तस्वीरें पहली बार दुनिया के सामने ज्यादा साफ तौर पर आई हैं। यह आपदा इतनी भयावह थी कि चीन-नेपाल सीमा पर मौजूद कभी व्यस्त रहने वाला Gyirong Border Crossing मलबे और कीचड़ में बदल गया। पांच मंजिला कस्टम बिल्डिंग समेत कई ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए। मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर तबाही देखी, जबकि Rescue Teams अब भी मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। Nepal में 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या भी 1,300 के पार पहुंच चुकी है। नेपाल में बड़ी संख्या में लापता लोग Hydropower Projects से जुड़े कर्मचारी हैं। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक करीब 900 हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इनमें 121 लोगों के सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका जताई गई है। मलबे से घिरी सुरंगों तक पहुंचना Rescue Teams के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। तबाही के बीच जिंदा बचने की उम्मीद इतनी बड़ी त्रासदी के बीच कुछ घटनाओं ने उम्मीद भी जगाई है। नेपाल में दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को करीब नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा बाहर निकाला गया। उनके बचने की कहानी ने उन परिवारों में भी उम्मीद पैदा की है, जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। बचाव अभियान में नेपाल के साथ भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका समेत कई देशों की टीमें मदद कर रही हैं। मुश्किल पहाड़ी इलाका, भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और सुरंगों में जमा पानी Rescue Operation को लगातार कठिन बना रहे हैं। Tibet में 43 मौतें, 519 लोग Missing चीन की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक तिब्बत के Gyirong इलाके में अब तक 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 519 लोग लापता हैं। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। यही वजह है कि लापता लोगों के परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ विदेशी राजनयिकों और परिवारों ने चीन से राहत अभियान और Missing Persons को लेकर ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग की है। Foreign Media की पहुंच पर क्यों उठे सवाल? आपदा के शुरुआती दिनों में तिब्बत के प्रभावित हिस्से तक विदेशी पत्रकारों की पहुंच सीमित रही। नेपाल की तरफ से आपदा की तस्वीरें और जमीनी रिपोर्ट लगातार सामने आती रहीं, लेकिन चीनी हिस्से की स्थिति को लेकर जानकारी अपेक्षाकृत कम उपलब्ध थी। अब 11 दिन बाद चीन की ओर से चुनिंदा विदेशी पत्रकारों को Gyirong ले जाने के बाद सीमा क्षेत्र में हुई तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे वहां चल रहे Search and Rescue Operation और नुकसान के वास्तविक स्तर को समझने में मदद मिली है। भारत के नागरिक भी प्रभावित इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं, जबकि 166 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत ने नेपाल के राहत अभियान में करीब 95 टन राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम भेजी है। भारतीय टीमों में Tunnel Rescue, Forensic और Medical Experts भी शामिल हैं। इन टीमों की मदद से मलबे और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सिर्फ बाढ़ नहीं, Himalayan Disaster का बड़ा संकेत इस पूरी घटना ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते ग्लेशियर और Glacial Lake से जुड़े जोखिमों पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के लिए यह हादसा केवल एक स्थानीय प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में Infrastructure और Disaster Preparedness को लेकर बड़ी चेतावनी भी है। फिलहाल Nepal और Tibet में हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे, सुरंगों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार Search Operation चला रहे हैं। कुछ लोगों के कई दिनों बाद जिंदा मिलने से उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन 5,500 से ज्यादा लोगों का अब भी लापता होना इस आपदा की भयावहता को बयां करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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