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दिल्ली धमाका: अब जुड़ा कनेक्शन मध्यप्रदेश के महू से, आरोपी डॉक्टर की यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पर जांच की नजर

दिल्ली धमाके का एक सिरा अब मध्यप्रदेश के महू से जुड़ता नजर आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी, जो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था, उसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी मूल रूप से महू का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि डॉ. उमर नबी ने अपनी i-20 कार में विस्फोटक रखकर खुद को उड़ा लिया, जबकि उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल शकील को विस्फोटक जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।इस यूनिवर्सिटी को चलाने वाला अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट भी महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी ने ही स्थापित किया था। वही ट्रस्ट का अध्यक्ष और यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति भी है। यूनिवर्सिटी का बयान: “हर काम कानून के हिसाब से” बुधवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने पहली बार बयान जारी करते हुए कहा— “हमारे दो डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल और शाहीन सईद) हिरासत में हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी का उनसे जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी में न कोई केमिकल और न ही विस्फोटक रखा गया था। हमारी लैब सिर्फ MBBS स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए है और हर काम कानून के हिसाब से किया जाता है।” जवाद का अतीत: इन्वेस्टमेंट कंपनी से लेकर यूनिवर्सिटी तक जांच में पता चला है कि जवाद ने पहले अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी के नाम से कारोबार शुरू किया था। उसने लोगों को मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया, लेकिन 2001 में आर्थिक गड़बड़ी के बाद वह परिवार समेत दिल्ली भाग गया। इसके बाद फरीदाबाद में कॉलेज शुरू किया, जो आगे चलकर यूनिवर्सिटी बन गया। महू में खाली पड़ा मकान, जांच जारी महू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद और उसके परिवार के पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है।उनके अनुसार, “जवाद करीब 25 साल पहले तक महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हम्माद सिद्दीकी शहर काजी रह चुके हैं। वहीं, उसका सौतेला भाई अफाम हत्या के मामले में जेल जा चुका है।” वर्तमान में जवाद के महू स्थित चार मंजिला मकान पर ताला लगा है। यह मकान उसके पिता के नाम पर है और स्थानीय लोग इसे ‘मौलाना की बिल्डिंग’ के नाम से जानते हैं। आईजी (ग्रामीण) अनुराग सिंह ने कहा— “हमें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। संबंधित रिकॉर्ड जुटाकर जांच की जा रही है।” 🔗 Source: Deshharpal News Portal — सच्ची और संवेदनशील खबरों के लिए जुड़ें deshharpal.com
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Bihar

Bihar Exit Poll 2025 नितीश कुमार की NDA को भारी बढ़त, RJD महागठबंधन हुआ पीछे

Bihar Assembly Election 2025 Exit Poll Results: Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल नतीजों ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य में नितीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार एक बार फिर सत्ता में लौट सकती है। लगभग सभी सर्वेक्षणों में बीजेपी-जेडीयू (BJP-JDU) गठबंधन को बहुमत से ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की महागठबंधन (Mahagathbandhan) को पिछड़ता हुआ दिखाया गया है। एग्जिट पोल्स में NDA को बड़ी बढ़त विभिन्न मीडिया एजेंसियों और सर्वे कंपनियों द्वारा जारी एग्जिट पोल्स के मुताबिक, एनडीए को 145 से 167 सीटों तक मिलने का अनुमान है। वहीं, महागठबंधन को 70 से 101 सीटों के बीच बताया गया है।जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj) का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जहां पार्टी को 0 से 5 सीटों तक ही मिलने की संभावना है। प्रमुख एजेंसियों के आंकड़े: इन नतीजों से साफ है कि बिहार की जनता ने नितीश कुमार और भाजपा पर भरोसा जताया है। महागठबंधन को झटका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की अगुवाई वाले महागठबंधन (RJD-Congress-Left) को इस बार के एग्जिट पोल्स में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलते दिख रहे हैं।बेरोजगारी, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर प्रचार करने के बावजूद, जनता ने एनडीए को स्थिरता और अनुभव का विकल्प माना है। जन सुराज का प्रदर्शन फीका प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की नई पार्टी जन सुराज को इस चुनाव में बहुत सीमित समर्थन मिलता दिख रहा है।राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, पार्टी का प्रभाव कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गया है, जिससे वह निर्णायक भूमिका में नहीं दिखती। बिहार ने बनाया रिकॉर्ड इस बार बिहार ने 64.7% मतदान (Voting Turnout) दर्ज किया है, जो राज्य के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बार सबसे ज्यादा रही, जिससे यह चुनाव बेहद रोचक बन गया है। 14 नवंबर को आएंगे नतीजे एग्जिट पोल केवल पूर्वानुमान हैं, असली तस्वीर 14 नवंबर 2025 को साफ होगी जब मतगणना पूरी होगी और बिहार चुनाव 2025 (Bihar Election 2025 Results) के वास्तविक परिणाम सामने आएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत: परिजनों और अधिवक्ताओं ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और साथी वकील इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अब वकीलों ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की है। घटना की रात घर नहीं लौटे राहुल, 22 घंटे बाद नदी में मिला शव जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय वकील राहुल अग्रवाल 10 नवंबर की रात करीब एक बजे अपने साथी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। इसके करीब 22 घंटे बाद राहुल की लाश अरपा नदी से बरामद हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया। वकीलों ने जताई हत्या की आशंका वकीलों का कहना है कि यह न तो आत्महत्या है और न ही कोई साधारण हादसा। उनके अनुसार, यह किसी “संदेहास्पद या अप्राकृतिक कारण” से हुई मौत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है, जिससे परिवार और कानूनी समुदाय दोनों ही असंतुष्ट हैं। स्पेशल टीम से जांच की मांग अधिवक्ताओं के एक दल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। घटना से पहले क्या हुआ था राहुल अग्रवाल, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे, पिछले 7-8 साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। 6 नवंबर को वे हाईकोर्ट में प्रेक्टिस के लिए गए थे। शाम को नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा शोरूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद वे मुकेश के मोपका स्थित घर गए, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी थोड़ी देर के लिए आया। इसके बाद राहुल घर नहीं लौटे, और अगली सुबह उनकी लाश नदी में मिली। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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गुना पुलिस की बड़ी सफलता: महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियां गुजरात और राजस्थान से बरामद

गुना की कैंट पुलिस ने शानदार काम करते हुए महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल खोज निकाला है। एक लड़की को गुजरात के पोरबंदर से और दूसरी को राजस्थान के कोटा से बरामद किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया है। फरवरी और जून से थीं लापता पहली 16 वर्षीय किशोरी 23 फरवरी को बिना बताए घर से चली गई थी, जबकि दूसरी 15 साल की लड़की 19 जून से लापता थी। दोनों के परिवारों ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिली सफलता प्रदेशभर में 1 से 30 नवंबर तक “विशेष ऑपरेशन मुस्कान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत SP अंकित सोनी ने सभी थाना प्रभारियों को लापता बच्चों की खोज तेज करने के निर्देश दिए थे। ASP मानसिंह ठाकुर और CSP प्रियंका मिश्रा के निर्देशन में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से दोनों लड़कियों का लोकेशन ट्रेस किया। दो राज्यों में भेजी गईं पुलिस टीमें जांच में पता चला कि एक लड़की गुजरात के पोरबंदर में है जबकि दूसरी राजस्थान के कोटा में। इसके बाद पुलिस की दो टीमें तुरंत दोनों राज्यों के लिए रवाना हुईं और सफलतापूर्वक दोनों नाबालिगों को सुरक्षित गुना लेकर आईं। बाल कल्याण समिति ने किया सुपुर्द गुना पहुंचने के बाद दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति अध्यक्ष नीरू शर्मा ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया। पुलिस टीम की सराहना इस पूरी कार्रवाई में TI अनूप कुमार भार्गव, उप निरीक्षक ज्योति राजपूत, SI अरुंधति राजावत, प्रधान आरक्षक मनोज कलावत, आरक्षक माखन चौधरी, सचिन शर्मा, सूर्यभान जाट, महिला आरक्षक प्रीति राठौड़, रक्षा रघुवंशी, धनकुवर जाटव और साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव व भूपेंद्र खटीक की अहम भूमिका रही। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में दोस्त ने ही की दोस्त की पत्थर से हत्या, रेलवे स्टेशन पर मिला शव

ग्वालियर में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां एक युवक की उसके ही जिगरी दोस्त ने सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को शहर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला खून से लथपथ शव यह घटना ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के सर्कुलेटिंग एरिया की है। यहां 28 वर्षीय शिवम यादव, निवासी नूरगंज, का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उसके सिर पर गहरे घाव थे और पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। शिवम घरों में रंगाई-पुताई का काम करता था। CCTV में दिखा आखिरी वक्त का सच पुलिस को मौके से CCTV फुटेज मिला जिसमें शिवम और उसका दोस्त आकाश जाटव शराब खरीदते नजर आ रहे हैं। फुटेज में दोनों कुछ देर बात करते हैं और फिर सड़क की ओर जाते हैं। इसके बाद आकाश ने पत्थर उठाकर शिवम के सिर पर वार कर दिया। कहासुनी के बाद हत्या की कबूलियत सोमवार रात पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शिवम शराब पीने के बाद उसे जबरदस्ती घूमने के लिए दबाव डाल रहा था। इसी बात पर गुस्से में आकर उसने पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस की सख्त जांच जारी आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों काफी देर से झगड़ रहे थे। पुलिस को शक है कि आरोपी की कहानी पूरी सच्चाई नहीं है। जीआरपी थाना नैरोगेज प्रभारी दीप शिखा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या के असली कारणों की गहराई से जांच जारी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Bihar

Bihar चुनाव 2025 दूसरे फेज की वोटिंग में युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग आज (11 नवंबर) पूरे जोश के साथ जारी है। इस चरण में राज्य की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 3.70 करोड़ से अधिक मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें लगभग 1.95 करोड़ पुरुष, 1.74 करोड़ महिलाएं और 600 से अधिक थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं। Bihar Election 2025 Voting Update सुबह 9 बजे तक 14.55% मतदान दर्ज किया गया था। कई जिलों में सुबह से ही लंबी कतारें दिखाई दीं। हालांकि कुछ मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी दिक्कत की वजह से थोड़ी देर के लिए मतदान रुका, लेकिन जल्दी ही प्रक्रिया सामान्य कर दी गई। किन जिलों में हो रही वोटिंग दूसरे चरण में 20 जिलों की सीटों पर मतदान चल रहा है, जिनमें शामिल हैं – पटना, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, जमुई, बेगूसराय और मुंगेर जैसे प्रमुख जिले। सीमांचल और अंग क्षेत्र की सीटें इस चरण में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। NDA vs Mahagathbandhan – किसकी साख दांव पर इस चरण में NDA (BJP + JDU) और महागठबंधन (RJD + Congress + Left) के बीच सीधी टक्कर है। कई दिग्गज नेताओं की साख इस चरण में दांव पर लगी है, जिनमें कई मंत्रियों और पूर्व विधायकों की सीटें भी शामिल हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान के लिए कड़े इंतज़ाम किए हैं। संवेदनशील बूथों पर CCTV कैमरे और वेबकास्टिंग की सुविधा दी गई है। अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ पुलिस गश्त भी लगातार जारी है। मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएं भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंच रही हैं। कई जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ उमड़ी हुई है। बिहार चुनाव 2025 का दूसरा चरण बेहद अहम है, क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर सत्ता की राह तय करेगा। एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए यह राउंड ‘Make or Break’ साबित हो सकता है। जनता अब विकास, रोजगार और स्थिरता के मुद्दों पर मतदान कर रही है, जिसका नतीजा बिहार की सियासत का भविष्य तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कोरबा: ईसाई पत्नी का जैन पति पर धर्म बदलने का दबाव डालने का आरोप, हाईकोर्ट ने 12 हजार रुपए भरण-पोषण का आदेश बरकरार रखा

कोरबा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने के बाद ईसाई धर्म की महिला ने अपने जैन पति पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि शादी के बाद पति उसे अपने साथ नहीं ले गया और ससुराल वालों ने भी उस पर जैन धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पत्नी के इनकार के बाद वह मजबूरी में अपने मायके में ही रहने लगी। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की। कोर्ट को बताया गया कि उसे कमर और सीने में गंभीर दर्द रहता है, जिसका इलाज कराने में हर माह 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं। वहीं पति एक इंजीनियर है और उसकी मासिक सैलरी करीब 85,940 रुपए है। पत्नी ने कोर्ट से हर माह 45 हजार रुपए भरण-पोषण की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने 12 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसमें उसने कहा कि पत्नी शिक्षित है और खुद का खर्च उठा सकती है। लेकिन हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पत्नी के पास आय का कोई स्रोत नहीं है, जबकि पति की आमदनी पर्याप्त है। ऐसे में पत्नी को आर्थिक सहायता देना जरूरी है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पत्नी को हर महीने 12 हजार रुपए भरण-पोषण मिल सकेगा। 👉 ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में आदिवासी विधवा से अन्याय: शादी का झांसा देकर किया रेप, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई — ज़हर खाकर दी जान देने की कोशिश

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय आदिवासी विधवा महिला ने रविवार को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि एक खेत मालिक ने उससे शादी का झांसा देकर रेप किया, और जब उसने न्याय के लिए पुलिस व अधिकारियों से शिकायत की, तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। इसी अन्याय से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। ससुराल ने निकाला, मायके में रह रही थी महिला पीड़िता ने बताया कि वह विधवा है और उसकी चार बेटियां हैं। बेटा न होने के कारण ससुराल वालों ने उसे झिरन्या क्षेत्र से निकाल दिया था। अब उसकी बेटियां सास-ससुर के पास हैं और वह खुद मायके में रह रही थी। खेत मालिक ने शादी का झांसा देकर किया रेप महिला के मुताबिक, जुलाई में वह जामला गांव के एक खेत में मजदूरी करने गई थी, जहां खेत मालिक सुखलाल भिलाला ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 15 दिन तक साथ रखा, फिर पंचायत में हुआ पैसों का सौदा सुखलाल उसे भगाकर ले गया और करीब 15 दिन तक अपने साथ रखा। जब परिजनों को पता चला, तो पंचायत बुलाई गई। वहां तय हुआ कि शादी के बदले सुखलाल 80 हजार रुपए देगा। उसने पहले 25 हजार दिए, लेकिन बाद में कहा कि “वह विधवा है, कबाड़ हो गई है।” तीन महीने तक साथ रखकर फिर भगा दिया महिला का आरोप है कि सुखलाल ने तीन महीने तक उसे पत्नी की तरह रखा और फिर यह कहकर निकाल दिया कि उसने कोई शादी नहीं की। पुलिस और प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई पीड़िता ने 24 अक्टूबर को पंधाना थाने में शिकायत की, लेकिन सिर्फ आवेदन लेकर लौटा दिया गया। 4 नवंबर को उसने जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी से भी मुलाकात की, पर कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर उठाया आत्मघाती कदम न्याय न मिलने से निराश महिला ने रविवार को ज़हर खा लिया। भाई ने समय रहते देखा और उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस बोली—मामले की जानकारी नहीं थी टीआई दिलीप देवड़ा ने कहा कि उन्हें इस आवेदन की जानकारी नहीं थी, अब कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएसपी अनिल सिंह चौहान ने कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की है तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसे और सच्चे समाचार पढ़ें: www.deshharpal.com
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कटनी f ग्रामीणों की जिद पर जीता न्याय: कलेक्टर ने ठेकेदार को दी सड़क की लीज, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

कटनी जिले की बरही तहसील के तीन गांवों — करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा — के लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। ग्रामीणों की आवाजाही रोकने वाले मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दरअसल, इन गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क को कटनी कलेक्टर ने एक ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को लीज पर दे दी थी। ठेकेदार ने उस रास्ते पर गिट्टी डंप करना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया। कलेक्टर से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ⚖️ कोर्ट ने जताई नाराजगी मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने पहले प्रशासन को सड़क खोलने के आदेश दिए, लेकिन आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खोला गया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी किया और 10 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा — “अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ है, तो यह गंभीर अवमानना का मामला है।” 🛣️ ग्रामीणों का एकमात्र रास्ता यह सड़क वर्षों से ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा रही है। लोग इसी रास्ते से तहसील और शहर तक आते-जाते थे।लेकिन 1 जुलाई 2025 को कलेक्टर ने खनिज विभाग की रिपोर्ट पर ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की करीब 65 हेक्टेयर भूमि को ठेकेदार को लीज पर दे दी। महज 300 रुपये वार्षिक किराये में यह जमीन खनन डंपिंग साइट के रूप में दे दी गई। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि “सार्वजनिक सड़क” के रूप में दर्ज है। 🧾 ग्रामीणों की याचिका बनी आधार कटनी निवासी संदीप जायसवाल ने 16 सितंबर को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।27 सितंबर और 13 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन को सड़क खोलने का आदेश दिया था।लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो 4 नवंबर को अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण जे. पवार, अक्षत अरजरिया और चिरंजीवी शर्मा ने दलील दी कि प्रशासन ने “राजनीतिक दबाव” में आकर यह निर्णय लिया। ⚠️ कोर्ट की सख्त चेतावनी कोर्ट ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनी सड़क को किसी निजी व्यक्ति या कंपनी के हित में नहीं दिया जा सकता।यदि अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगी।फिलहाल, अदालत ने सड़क पर डंपिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिली है। 📍 ग्रामीणों की एकजुटता और न्याय के प्रति भरोसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। 👉 ऐसी और जनहित से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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MP में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती के लिए आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक भरें फॉर्म

मध्यप्रदेश पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज बड़ा दिन है। सब इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार भर्ती के लिए आवेदन भरने का आज आखिरी दिन (10 नवंबर) है। उम्मीदवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। राज्य में कुल 500 पदों पर भर्ती हो रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगले साल 9 जनवरी 2026 से भोपाल, इंदौर सहित 12 शहरों में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगा। 📝 आवेदन और संशोधन की अंतिम तिथि 💰 आवेदन शुल्क (यह शुल्क केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए लागू है।) 👮 वेतनमान और योग्यता 📍 परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन, रतलाम, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा और बालाघाट सहित 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी। यह भर्ती युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार आज ही अपना आवेदन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरा करें। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
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1 90 91 92 93 94 135

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Tibet-Nepal

Tibet-Nepal Border पर भारी तबाही, 11 दिन बाद Foreign Journalists ने देखा Ground Reality

Tibet-Nepal की सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही के 11 दिन बाद आखिरकार विदेशी मीडिया को तिब्बत के प्रभावित इलाके तक पहुंच मिली। चीन के विदेश मंत्रालय की व्यवस्था के तहत चुनिंदा International Journalists को Gyirong County ले जाया गया, जहां आपदा के बाद की तस्वीरें पहली बार दुनिया के सामने ज्यादा साफ तौर पर आई हैं। यह आपदा इतनी भयावह थी कि चीन-नेपाल सीमा पर मौजूद कभी व्यस्त रहने वाला Gyirong Border Crossing मलबे और कीचड़ में बदल गया। पांच मंजिला कस्टम बिल्डिंग समेत कई ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए। मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर तबाही देखी, जबकि Rescue Teams अब भी मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। Nepal में 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 5,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या भी 1,300 के पार पहुंच चुकी है। नेपाल में बड़ी संख्या में लापता लोग Hydropower Projects से जुड़े कर्मचारी हैं। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक करीब 900 हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इनमें 121 लोगों के सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका जताई गई है। मलबे से घिरी सुरंगों तक पहुंचना Rescue Teams के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। तबाही के बीच जिंदा बचने की उम्मीद इतनी बड़ी त्रासदी के बीच कुछ घटनाओं ने उम्मीद भी जगाई है। नेपाल में दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को करीब नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा बाहर निकाला गया। उनके बचने की कहानी ने उन परिवारों में भी उम्मीद पैदा की है, जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। बचाव अभियान में नेपाल के साथ भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका समेत कई देशों की टीमें मदद कर रही हैं। मुश्किल पहाड़ी इलाका, भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और सुरंगों में जमा पानी Rescue Operation को लगातार कठिन बना रहे हैं। Tibet में 43 मौतें, 519 लोग Missing चीन की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक तिब्बत के Gyirong इलाके में अब तक 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 519 लोग लापता हैं। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। यही वजह है कि लापता लोगों के परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ विदेशी राजनयिकों और परिवारों ने चीन से राहत अभियान और Missing Persons को लेकर ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग की है। Foreign Media की पहुंच पर क्यों उठे सवाल? आपदा के शुरुआती दिनों में तिब्बत के प्रभावित हिस्से तक विदेशी पत्रकारों की पहुंच सीमित रही। नेपाल की तरफ से आपदा की तस्वीरें और जमीनी रिपोर्ट लगातार सामने आती रहीं, लेकिन चीनी हिस्से की स्थिति को लेकर जानकारी अपेक्षाकृत कम उपलब्ध थी। अब 11 दिन बाद चीन की ओर से चुनिंदा विदेशी पत्रकारों को Gyirong ले जाने के बाद सीमा क्षेत्र में हुई तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे वहां चल रहे Search and Rescue Operation और नुकसान के वास्तविक स्तर को समझने में मदद मिली है। भारत के नागरिक भी प्रभावित इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं, जबकि 166 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत ने नेपाल के राहत अभियान में करीब 95 टन राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम भेजी है। भारतीय टीमों में Tunnel Rescue, Forensic और Medical Experts भी शामिल हैं। इन टीमों की मदद से मलबे और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। सिर्फ बाढ़ नहीं, Himalayan Disaster का बड़ा संकेत इस पूरी घटना ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते ग्लेशियर और Glacial Lake से जुड़े जोखिमों पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के लिए यह हादसा केवल एक स्थानीय प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में Infrastructure और Disaster Preparedness को लेकर बड़ी चेतावनी भी है। फिलहाल Nepal और Tibet में हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे, सुरंगों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार Search Operation चला रहे हैं। कुछ लोगों के कई दिनों बाद जिंदा मिलने से उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन 5,500 से ज्यादा लोगों का अब भी लापता होना इस आपदा की भयावहता को बयां करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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