आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर◆BREAKINGदेश-हरपलAmit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह◆BREAKINGएंटरटेनमेंटRanbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में परीक्षा में नकल और गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल कोर्ट गठित◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर◆BREAKINGदेश-हरपलAmit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह◆BREAKINGएंटरटेनमेंटRanbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में परीक्षा में नकल और गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल कोर्ट गठित◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

22 साल बाद मांगा भरण-पोषण, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला की याचिका की खारिज

रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला की 22 साल बाद भरण-पोषण की मांग को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि इतने लंबे समय तक चुप रहने के बाद अब महिला को भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं बनता। हाईकोर्ट ने इस फैसले में फैमिली कोर्ट के आदेश को भी सही ठहराया है। क्या था मामला? दुर्ग निवासी एक महिला ने अपने पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 144 के तहत याचिका दाखिल की थी। उसने अंतरिम राहत के तौर पर हर महीने 40 हजार रुपए भरण-पोषण और 25 हजार रुपए मुकदमे के खर्च की मांग की थी। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि महिला 22 साल तक शांत रही, और अब अचानक से भरण-पोषण मांगना तर्कसंगत नहीं है। इसी फैसले के खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई थी। महिला थी पटवारी, बाद में हुई बर्खास्त याचिका में महिला ने बताया कि वर्ष 2002 में पति और सास ने उसे और उसके बेटे को घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह 2007 में पटवारी के पद पर नियुक्त हुई, लेकिन एक आपराधिक मामले में फंसने के चलते 2019 में बर्खास्त कर दी गई। अब वह बेरोजगार है और जीवन यापन के लिए भरण-पोषण की जरूरत बता रही है। पति ने निकाला, इसलिए हकदार: महिला का तर्क महिला ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि चूंकि पति ने ही उसे घर से निकाला, इसलिए वह पत्नी होने के नाते भरण-पोषण की हकदार है। उसने बताया कि अपनी सारी जमा पूंजी बेटे की पढ़ाई और बीमार पिता की दवाओं में खर्च कर दी है। हाईकोर्ट ने नहीं माना महिला का पक्ष लेकिन हाईकोर्ट महिला के तर्कों से सहमत नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि महिला ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर इतने वर्षों तक चुप क्यों रही, और अब अचानक भरण-पोषण की जरूरत क्यों पड़ी। चूंकि वह पहले सरकारी सेवा में थी, इसलिए माना जा सकता है कि उसके पास कुछ न कुछ आर्थिक संसाधन अवश्य हैं। DeshHarpal का विश्लेषण: यह मामला बताता है कि भरण-पोषण जैसे अधिकारों के लिए भी न्यायिक प्रक्रिया में समय और परिस्थिति की निरंतरता मायने रखती है। यदि कोई पक्ष लम्बे समय तक निष्क्रिय रहता है, तो अदालतें उससे उचित कारणों की अपेक्षा रखती हैं। www.deshharpal.com — जहां हम लाते हैं आपके लिए कानून, समाज और व्यवस्था से जुड़ी सबसे अहम खबरें, निष्पक्ष और सरल भाषा में।
Read more
Scorpion

Dhamtari ,जामुन तोड़ते वक्त Scorpion के डंक से मासूम की मौत, Rainy Season में बढ़ा खतरा

छत्तीसगढ़ के Dhamtari जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। Magarlod थाना क्षेत्र के Paraswani गांव में एक 7 वर्षीय बच्ची की जहरीले बिच्छू (Scorpion) के डंक से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्ची अपने दोस्तों के साथ Jamun तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी। क्या हुआ हादसे में? पीड़ित बच्ची का नाम खीलेश निषाद था, जो पेड़ पर जामुन तोड़ने के दौरान Scorpion Sting का शिकार हो गई। बिच्छू का ज़हर इतना जहरीला था कि उसकी तबीयत तुरंत बिगड़ने लगी। परिजन उसे Magarlod Health Center लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत में धमतरी के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। गांव में छाया मातम बच्ची की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। Rainy Season में बढ़ रहा है Scorpion और Snake का खतरा बारिश के मौसम में ज़हरीले जीव-जंतु जैसे बिच्छू (Scorpion) और सांप (Snakes) अधिक सक्रिय हो जाते हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में यह खतरा और भी ज्यादा होता है। Safety Tips in Monsoon (बारिश में सुरक्षा के उपाय) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

बिलासपुर में ‘नाइटी गैंग’ का आतंक: रेलवे कर्मचारियों के घरों से 8 लाख की चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र स्थित देवरीखुर्द हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक बार फिर ‘नाइटी गैंग’ ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने रेलवे कर्मचारियों के तीन सूने मकानों को निशाना बनाकर लगभग 8 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चुरा लिए। घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें पांच आरोपी नजर आ रहे हैं।YouTube चोरों ने घरों के दरवाजों की कुंडी तोड़कर और लोहे की ग्रिल उखाड़कर अंदर प्रवेश किया। 22 मई को के. निखिलेश कुमार अपने परिवार के साथ आंध्रप्रदेश गए थे और मोबाइल से घर के सीसीटीवी कैमरे की निगरानी कर रहे थे। उन्हें घर का ताला खुला दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों और पुलिस को सूचना दी। बुधवार को लौटने पर उन्होंने देखा कि घर के मुख्य दरवाजे का ताला, कुंडी और ग्रिल उखड़ी हुई थी और घर के अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने निखिलेश कुमार के घर से सोने का हार, कंगन, चूड़ियाँ, अंगूठियाँ, चैन, लॉकेट, इयरिंग्स, मंगलसूत्र, सोने का धागा, सोने का सिक्का, चांदी की पायल और 20 हजार रुपये नकद चुरा लिए। पड़ोसी एसके भट्टाचार्य के घर से 25 हजार रुपये नकद, चांदी की पायल, कड़ा, सोने की अंगूठियाँ और अन्य जेवरात चोरी हुए। माइकल मिंज के घर से चांदी का गिलास समेत कुल चार लाख से अधिक का सामान चोर ले गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। पुलिस को शक है कि यह वही गिरोह है जिसने 22 मई को मोपका क्षेत्र के गणेश वेली और महावीर सिटी के दो सूने मकानों में चोरी की थी और 26 मई को मस्तूरी जयरामनगर की एक ज्वेलरी शॉप में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इन सभी घटनाओं में चोरों ने गाउन और मुखौटा पहन रखा था और उनकी हरकतें सीसीटीवी में कैद हुई थीं।
Read more

रेलवे के डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट ने नर्स से रेप किया:बिलासपुर में पार्टी करने घर बुलाकर वारदात की; 10 दिन तक डरी-सहमी रही

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रेलवे स्टेशन की मेडिकल यूनिट में तैनात एक नर्स ने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। पार्टी के बहाने घर बुलाया, फिर किया घिनौना कृत्य 26 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह एक निजी अस्पताल में नर्स है और रेलवे स्टेशन पर स्थित मेडिकल यूनिट में ड्यूटी करती थी। इस यूनिट की निगरानी डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट फिरतू राम पटेल (50) करते थे। काम के सिलसिले में दोनों की बातचीत होती रहती थी। नर्स ने बताया कि फिरतू राम कुछ दिनों से पार्टी देने की बात कर रहा था। 17 मई को उसने अपने सरकंडा स्थित गणेश वैली के घर बुलाया। वहां उसे अकेला पाकर उसने नर्स के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता डरी-सहमी 10 दिन तक चुप रही, लेकिन आखिरकार उसने अपने परिजनों को सारी बात बताई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। लंबे समय से अकेले रहता है आरोपी जांच में सामने आया है कि आरोपी फिरतू राम पटेल अपनी पत्नी से अलग रह रहा है और घर में अकेला ही रहता है। पत्नी ने विवाद के चलते तलाक की अर्जी भी दी हुई है। ऑफिस से पकड़ा गया आरोपी, कुबूला जुर्म सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई। जब आरोपी अपने घर पर नहीं मिला तो पुलिस टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। उसे वहीं ऑफिस से गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। deshharpal.com इस केस की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
Read more

बिलासपुर में नाइटी-मुखौटा वाला चोर गिरोह, VIDEO:कार्टून मुखौटा लगाकर ज्वेलरी शॉप का शटर तोड़ा, फिर बोरे में सोने-चांदी के गहने भरकर ले गए चोर

बिलासपुर जिले के जयरामनगर में रविवार की रात एक अजीबोगरीब लेकिन चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई। यहां नाइटी पहनकर और कार्टून वाले मुखौटे लगाए एक चोर गिरोह ने एक ज्वेलरी शॉप का ताला तोड़कर लाखों रुपए के आभूषण चुरा लिए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है और अब इसे लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रात के अंधेरे में बोरी में भर ले गए गहने जानकारी के मुताबिक, कोटमीसोनार निवासी संजय सोनी रोज की तरह रविवार की शाम अपनी ज्वेलरी दुकान बंद करके घर चले गए थे। अगले दिन सुबह जब स्थानीय लोग दुकान के सामने से गुजरे, तो देखा कि शटर टूटा हुआ है। तुरंत ही यह खबर आसपास के व्यापारियों और फिर पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें पांच नकाबपोश चोर दुकान में घुसते और बोरी में गहने भरकर ले जाते नजर आए। नाइटी और कार्टून मास्क में दिखे चोर सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोर नाइटी जैसी महिलाओं की पोशाक और कार्टून कैरेक्टर वाले मुखौटे पहनकर चोरी करने आए थे। माना जा रहा है कि वे अपनी पहचान छिपाने के लिए इस तरह की वेशभूषा में आए थे। उनके हाथ में शटर काटने के औजार भी थे। चुराए गए गहनों की सही कीमत अभी अज्ञात दुकान संचालक संजय सोनी ने बताया कि लाखों के गहने चोरी हुए हैं, लेकिन चोरी गए माल का अभी सटीक मूल्यांकन नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि हर दिन दुकान बंद करने के बाद कीमती सोने के गहने वे घर ले जाते थे। दुकान में कुछ चांदी और डमी गहने ही रखे जाते थे। पुलिस का दावा – सिर्फ एक लाख की चोरी मस्तूरी थाने के टीआई हरीश तांडेकर का कहना है कि चोरों ने लगभग आधा किलो चांदी और कुछ नकली गहने चुराए हैं। पुलिस के अनुसार चोरी गई वस्तुओं की कुल कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है। फिलहाल, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है। https://deshharpal.com/इस अजीब लेकिन गंभीर चोरी की घटना से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
Read more
Encounter

Chhattisgarh मुठभेड़ वांछित नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज Encounter में ढेर – Naxal Commander Killed

छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे सबसे बड़े ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 21 मई 2025 को अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ (Encounter) में भारत का सबसे वांछित नक्सली (Most Wanted Naxal) कमांडर नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज (Nambala Keshav Rao alias Basavaraj) मारा गया। इस कार्रवाई में कुल 27 माओवादी ढेर किए गए, जिनमें 12 महिलाएं भी शामिल थीं। कौन था बसवराज? बसवराज 2018 से भाकपा (माओवादी) का महासचिव था और संगठन की सैन्य रणनीति का प्रमुख मास्टरमाइंड माना जाता था। उसके सिर पर ₹1.5 करोड़ का इनाम घोषित था। वह 2010 के दंतेवाड़ा हमले और 2013 के झीरम घाटी नरसंहार जैसे कई बड़े नक्सली हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता रहा है। ऑपरेशन की सफलता इस मुठभेड़( Encounter) में मारे गए 27 माओवादियों पर कुल ₹12.3 करोड़ का इनाम था। बसवराज के साथ मारे गए अधिकांश उग्रवादी उसकी सुरक्षा में तैनात थे। यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत की गई, जो 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री का बयान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन को माओवाद के खिलाफ “अंतिम कील” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार है। राज्य में शांति और विकास की राह अब और मजबूत होगी।” आगे की रणनीति हालांकि, माओवादी संगठन के अन्य शीर्ष नेता जैसे माडवी हिडमा अभी भी फरार हैं। सुरक्षा बल अब शेष नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कान्स के रेड कार्पेट पर छत्तीसगढ़ की जूही:’जलती पृथ्वी’ वाली ड्रेस पहनकर किया वॉक; वियतनाम के डिजाइनर को बनाने में ढाई महीने लगे

दुनिया के सबसे चर्चित फिल्म समारोहों में से एक कांस फिल्म फेस्टिवल में इस बार छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन हुआ। दुर्ग की रहने वाली जूही व्यास ने पहली बार इस मंच पर न सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि एक खास संदेश के साथ दुनिया का ध्यान खींचा। जूही व्यास ग्रीनपीस इंडिया संस्था के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर रेड कार्पेट पर पहुंचीं। संस्था की राष्ट्रीय निदेशक मोहिनी शर्मा के साथ उन्होंने ‘वॉइस ऑफ द प्लैनेट’ अभियान के तहत एक खास ड्रेस पहनकर जलवायु परिवर्तन और धरती की पीड़ा को दर्शाया। इस खास ड्रेस को वियतनाम के मशहूर डिजाइनर गुयेन टीएन ट्रिएन ने डिजाइन किया, जिसे तैयार करने में ढाई महीने लगे। यह ड्रेस ‘जलती हुई पृथ्वी’ की प्रतीक थी – आग जैसे रंग और डिजाइन इस बात की चेतावनी देते हैं कि अगर प्रदूषण यूं ही बढ़ता रहा तो हमारा भविष्य कैसा होगा। “ये सिर्फ एक ड्रेस नहीं, बल्कि एक कहानी है” – जूही दैनिक भास्कर से बात करते हुए जूही ने कहा, “यह सिर्फ एक ड्रेस नहीं है, यह उन करोड़ों लोगों की कहानी है जो जलवायु संकट का खामोशी से सामना कर रहे हैं। एक मां होने के नाते मुझे अगली पीढ़ी के लिए धरती को बचाने की जिम्मेदारी और भी ज्यादा महसूस होती है।” उन्होंने कहा कि वे चाहतीं तो स्टाइलिश ड्रेस पहनकर वहां जातीं, लेकिन उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल धरती के दर्द को दिखाने के लिए किया। “हवा, मिट्टी और पानी को बचाना इंसानों की जिम्मेदारी है, लेकिन इस पर कोई बात नहीं कर रहा,” जूही ने कहा। कौन हैं जूही व्यास? भिलाई निवासी जूही व्यास दो बच्चों की मां हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में की थी, लेकिन अपने जुनून को पहचानते हुए फैशन और मेकअप की दुनिया में कदम रखा। करीब 12 साल पहले दुर्ग में उन्होंने ‘जूही सैलून एंड स्पा’ की शुरुआत की। जूही एक मेकअप आर्टिस्ट, मॉडल और कई ब्यूटी टाइटल की विजेता भी हैं। कांस फिल्म फेस्टिवल का इतिहास(deshharpal.com) कांस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत 1939 में हुई थी, जब वेनिस फिल्म फेस्टिवल की तानाशाही से तंग आकर फ्रांस ने खुद का फेस्टिवल शुरू किया। हालांकि उसी साल हिटलर के पोलैंड पर हमले के चलते पहले दिन ही फेस्टिवल रोकना पड़ा।इसके बाद 1946 में यह फेस्टिवल फिर से शुरू हुआ और तब से आज तक यह दुनिया भर की फिल्मों और कलाकारों को एक ग्लोबल मंच देता आ रहा है।
Read more

सड़क पर बिखरे टमाटर.. लूटने मची होड़:बिलासपुर-कोटा मार्ग में टमाटर से भरी पिकअप पलटी, लोग उठा-उठाकर ले गए, हादसे में नहीं हुई जनहानि

सड़क पर बिखरे टमाटर, लोगों की जुटी भीड़ पिकअप के पलटने से उसमें भरे टमाटर सड़क पर बिखर गए। इस हादसे के बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई। पिकअप में कैरेट में रखे टमाटर को सड़क पर बिखरे देख लोगों की भीड़ उठा-उठाकर ले जाने लगी। इसके चलते वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सब्जी व्यापारी की मदद करते रहे लोग(https://deshharpal.com/) वहीं, इस दौरान कुछ लोग सब्जी व्यापारी की मदद करते हुए बिखरे टमाटर को समेटने लगे। उन्होंने टमाटर ले जा रहे लोगों को भी रोकने की कोशिश की। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पिकअप का ड्राइवर भी सुरक्षित है।
Read more
Naxalite Encounter

छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़ (Naxalite Encounter): अबूझमाड़ में 27 नक्सली ढेर, बसवराज समेत टॉप लीडर्स का खात्मा

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। 21 मई 2025 को हुई भीषण मुठभेड़ (Naxalite Encounter in Chhattisgarh) में 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें माओवादी संगठन के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज भी शामिल हैं। बसवराज पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था और वह पार्टी की पोलित ब्यूरो का सदस्य था। इंटेलिजेंस इनपुट पर शुरू हुआ ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि बसवराज अबूझमाड़ के बोटेर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर Naxalite Encounter सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें भारी गोलीबारी के दौरान माओवादी कैंप पर बड़ी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया और बड़ी संख्या में AK-47 राइफलें, विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद किए। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट से टूटा नक्सल नेटवर्क इससे पहले अप्रैल-मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट (Operation Black Forest) के तहत भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। यह 21 दिन तक चला ऑपरेशन था, जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कर्रगुट्टालु पहाड़ियों में चला। इसमें 31 नक्सली मारे गए, जिनमें 16 महिला नक्सली भी थीं। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों की केंद्रीय कमान को गहरा झटका दिया। सरकार का मिशन: 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को मल्टी-सर्विस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली और रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

अरपा नदी से अवैध रेत खनन का मामला:बिलासपुर में रिवर व्यू रोड के नाम पर f से रेत निकाली; 60 करोड़ बढ़ी लागत

बिलासपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरपा नदी इस वक्त संकट में है। रिवर व्यू रोड बनाने के नाम पर नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन किया जा रहा है। पेंड्रा के अमरपुर से लेकर बिलासपुर तक नदी पहले ही सूखी हुई है, और अब इस पर मानो दोहरी मार पड़ रही है। 160 करोड़ का बना 100 करोड़ का प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 100 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी। लेकिन काम में देरी और अन्य वजहों से अब यह लागत 160 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रिवर व्यू रोड के निर्माण का ठेका मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। नदी के एक किनारे पर 2000 मीटर और दूसरी ओर 1800 मीटर लंबी सड़क बननी है। अवैध रेत खनन के आरोप ठेकेदार कंपनी पर सिल्ट हटाने की आड़ में अवैध रेत खनन का गंभीर आरोप है। नगर निगम ने सड़क निर्माण के लिए नदी की तलहटी से सिल्ट हटाने को कहा था, ताकि भराई हो सके। लेकिन मौके पर बिना नियंत्रण खुदाई की जा रही है, जिससे नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। क्या कहता है नगर निगम? (deshharpal.com) नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी के मुताबिक, ठेकेदार को केवल जलभराव रोकने के लिए सिल्ट हटाने और जमीन समतल करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने ये भी कहा कि ठेकेदार को रेत निकालने की अनुमति है, लेकिन निकाली गई रेत की रॉयल्टी खनिज विभाग को देना अनिवार्य है।
Read more
1 … 20 21 22 23

Trending News

Editor's Picks

Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.