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भोपाल के 40 से अधिक इलाकों में शनिवार को 6 घंटे तक बिजली कटौती, मेंटेनेंस के चलते सप्लाई रहेगी प्रभावित

भोपाल। राजधानी भोपाल के 40 से अधिक इलाकों में शनिवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के कारण 3 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली से जुड़े जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। प्रभावित क्षेत्रों में चूना भट्टी, जनता नगर, चाणक्यपुरी, कमला नगर, मक्सी, बागली समेत कई प्रमुख इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बिजली कंपनी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद सभी प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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₹70 करोड़ की MDMA ड्रग्स तस्करी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, इंदौर-मंदसौर समेत कई ठिकानों पर छापे

इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने करीब ₹70 करोड़ मूल्य की 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर, मंदसौर और अन्य स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। ED ने बताया कि यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत दर्ज किया गया था। फरार आरोपी को ट्रैक कर की गई कार्रवाई जांच के दौरान पता चला कि मामले का एक प्रमुख आरोपी अपने ठिकानों से फरार था। ED ने खुफिया सूचनाओं और आधुनिक तकनीकों की मदद से हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। कई दिनों की निगरानी के बाद आरोपी को इंदौर के एक गुप्त ठिकाने पर चिन्हित किया गया, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया। दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त तलाशी के दौरान एजेंसी को आरोपियों की संपत्तियों, बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। ED अब इन साक्ष्यों के आधार पर अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime), मनी ट्रेल और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। रिश्तेदार के नाम मिला बैंक लॉकर कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी ने लॉकर की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी ED का कहना है कि तलाशी में मिले साक्ष्यों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। एजेंसी मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका और अवैध धन के लेन-देन की गहन जांच कर रही है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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गुना में सरकारी कर्मचारियों पर दो दिनों में दो हमले, आबकारी टीम और बिजली विभाग के कर्मचारियों से मारपीट

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में दो दिनों के भीतर सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की टीम पर हमला किया गया, जबकि दूसरे मामले में बिजली का बकाया बिल वसूलने और कनेक्शन काटने पहुंचे विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। दोनों मामलों में कैंट थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर हमला कैंट थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार आबकारी विभाग के उप निरीक्षक राधाकृष्ण अटारिया ने बताया कि बुधवार को जिले में अवैध शराब के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई थी। टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एल.आर. करोटिया, एसआई मोहनिश शर्मा, वर्धमान जैन, आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, अरुण कुमार शर्मा, दिनेश कुमार राठौर, पूजा रघुवंशी और खुशबू रघुवंशी शामिल थे। दोपहर करीब 4:30 बजे टीम हरिपुर गांव के पास खेतों में पहुंची, जहां अवैध शराब मिलने पर जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोप है कि विरोध के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे सरकारी वाहन के चालक दिलीप सांडे घायल हो गए। आरक्षक अरुण शर्मा के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोपियों ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बिजली विभाग की टीम से भी की गई मारपीट दूसरा मामला बिजली विभाग से जुड़ा है। फीडर इंचार्ज अमर सिंह यादव ने शिकायत में बताया कि विभाग की टीम राजस्व वसूली और बकाया बिल के कारण बिजली कनेक्शन काटने के लिए गोकुल सिंह चक बस्ती पहुंची थी। बताया गया कि उपभोक्ता ओमकारलाल अहिरवार पर 65,626 रुपए का बिजली बिल बकाया है और पिछले छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। शिकायत के अनुसार, दो दिन पहले जब कर्मचारी कनेक्शन काटने पहुंचे थे, तब उपभोक्ता और उसके परिवार ने विरोध कर कर्मचारियों को कार्रवाई नहीं करने दी। बुधवार शाम सहायक यंत्री प्रशांत यादव अपनी टीम के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद संजेश अहिरवार, लखन अहिरवार और परिवार की एक महिला ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों से धक्का-मुक्की की। आरोपियों ने लाठी लेकर सहायक यंत्री पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद कर्मचारी वहां से जान बचाकर निकले। पुलिस ने दर्ज किए दोनों मामलों में केस बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों के भीतर कर्मचारियों के साथ दो बार अभद्रता और मारपीट हुई, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कैंट थाना पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश की ताजा खबरों और प्रशासनिक अपडेट के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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17 साल बाद पूरा होने जा रहा नर्मदा जल सुरंग का सपना, बरगी बांध का पानी पहुंचेगा विंध्य और बुंदेलखंड

कटनी। मध्य प्रदेश के महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 17 साल पहले शुरू हुई देश की सबसे बड़ी जल सुरंग (वॉटर टनल) परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग लगभग पूरी हो चुकी है। इसके शुरू होते ही पहली बार बरगी बांध का पानी कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने किया परियोजना का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के अधिकारियों के साथ परियोजना का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए सिंचाई का नया आधार बनेगी। 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया जा रहा है। शुरुआती चरण में लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सीधे लाभ मिलने की संभावना है, जिससे किसानों की खेती और उत्पादन क्षमता में बड़ा बदलाव आएगा। 17 साल में पूरी हुई चुनौतीपूर्ण परियोजना इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 2008 में हुई थी। समय के साथ इसकी लागत बढ़कर करीब 2,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। निर्माण के दौरान इंजीनियरों को संगमरमर, चूना पत्थर, मिट्टी और बड़े-बड़े बोल्डरों जैसी कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। सुरंग की खुदाई में इस्तेमाल होने वाले महंगे कटर कई बार टूटे, जिन पर ही करीब 67 करोड़ रुपए खर्च हो गए। मीथेन गैस और मशीन खराब होने से रुका काम वर्ष 2013 में सुरंग के भीतर मीथेन गैस मिलने के कारण लगभग चार महीने तक निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बाद 2016 में अमेरिका से मंगाई गई अत्याधुनिक रॉबिन्स टनल बोरिंग मशीन (TBM) भी खराब हो गई। बाद में जर्मनी से नई मशीन मंगाकर काम दोबारा शुरू किया गया। पानी निकालने पर ही खर्च हुए 200 करोड़ रुपए निर्माण के दौरान सुरंग में अनुमान से कहीं अधिक भूजल रिसाव हुआ। हर मिनट 18 से 20 हजार लीटर पानी सुरंग में भरने लगा। शुरुआत में 50 से 100 हॉर्स पावर के पंप लगाए गए, लेकिन बाद में उनकी क्षमता बढ़ाकर 4000 हॉर्स पावर तक करनी पड़ी। केवल सुरंग से पानी निकालने (डी-वाटरिंग) पर ही 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए, जिसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सका। युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी संभावित विरोध को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल को उनके घर से हिरासत में लिया। इसके अलावा जिले के कई अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया। मध्य प्रदेश की राजनीति, विकास परियोजनाओं और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra: उज्जैन में रचा इतिहास, पहली बार जगन्नाथ-बलभद्र-सुभद्रा के लिए तैयार हुए 3 अलग-अलग रथ

उज्जैन में इस बार Jagannath Rath Yatra 2026 आस्था, परंपरा और भव्यता का अद्भुत संगम बन गई। धार्मिक नगरी में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा तीन अलग-अलग रथों पर निकाली गई। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। इस भव्य यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ का 35 फीट ऊंचा नंदीघोष रथ (Nandighosh Rath) रहा। आकर्षक सजावट और पारंपरिक शैली में तैयार किए गए इस विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान हुए। रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सड़क किनारे मौजूद रहे और भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। ढाई लाख की खास पोशाक में सजे भगवान जगन्नाथ इस बार भगवान जगन्नाथ का श्रृंगार भी बेहद खास रहा। प्रभु को पहनाई गई विशेष पोशाक को जापानी धागों, मोतियों और बारीक कारीगरी से तैयार किया गया है। इस पोशाक की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पोशाक में पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक कारीगरी का सुंदर मेल देखने को मिला। भगवान के इस दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों ने इसे रथ यात्रा का सबसे आकर्षक पल बताया। Ujjain में पहली बार 3 Rath Yatra का आयोजन उज्जैन में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए अलग-अलग रथ तैयार किए गए। इससे यात्रा का स्वरूप पहले से ज्यादा भव्य दिखाई दिया। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। रथों की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर तैयारियां की गईं। यात्रा मार्ग पर भक्तों ने फूलों की बारिश कर भगवान का स्वागत किया। भक्ति में डूबा उज्जैन, हजारों भक्त बने साक्षी रथ यात्रा के दौरान उज्जैन का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते नजर आए। लोगों ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। उज्जैन की यह Jagannath Rath Yatra न सिर्फ धार्मिक आयोजन रही, बल्कि शहर की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक बनी। तीन रथों पर निकली यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आयोजन के रूप में याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चलती कार में लगी भीषण आग, धमाके से मची अफरा-तफरी; चालक ने कूदकर बचाई जान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बुधवार देर रात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका होने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। चालक ने समय रहते कूदकर बचाई जान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया। चालक के सुरक्षित बाहर आने के कुछ ही क्षण बाद आग ने पूरी कार को अपनी गिरफ्त में ले लिया और वाहन धू-धूकर जलने लगा। चालक की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड घटना की सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या वाहन में तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। जली हुई कार का पंजीयन नंबर MP-07-TH-1239 है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वाहन ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। deshharpal.comमध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:
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भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक प्रभावित रहेगी सप्लाई

भोपाल। राजधानी भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में गुरुवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते 1 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने आवश्यक बिजली संबंधी कार्य पहले ही पूरे कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। कटौती से दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैंपस, भवानी धाम समेत कई प्रमुख इलाके प्रभावित होंगे। किस समय किन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद? सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बिजली कंपनी की अपील बिजली कंपनी ने बताया कि यह कटौती रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण की जा रही है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरा कर लें। मौसम या तकनीकी कारणों से बिजली कटौती के समय में बदलाव भी संभव है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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इंदौर में CM मोहन यादव का बड़ा बयान: ‘एक देश में सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए’, UCC लागू करने के संकेत

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह के दौरान समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं। उनके जीवन में भी कठिनाइयां आती हैं। एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। UCC लागू करने की तैयारी का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान” का विचार दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और अब मध्य प्रदेश भी उसी भावना के साथ समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर सीधे कानून लाने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की। समिति ने प्रदेश के 55 जिलों और 10 संभागों में जाकर लोगों से सुझाव लिए हैं। इन सुझावों के आधार पर सरकार अब विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में है। 83 करोड़ रुपये की लागत से बने नए जिला अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय का लोकार्पण भी किया। करीब 83.16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चार मंजिला अस्पताल से पश्चिमी इंदौर के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पहले चरण में अस्पताल की केवल 34 बेड वाली प्रसूति (मैटरनिटी) विंग शुरू की गई है। मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य प्रमुख विभागों की सेवाएं बाद में शुरू की जाएंगी। 38 साल बाद मिला नया जिला अस्पताल धार रोड स्थित पुराना जिला अस्पताल वर्ष 1988 से एक जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। नए अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 18 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ पहुंची लागत अस्पताल निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये थी, लेकिन समय के साथ संशोधित स्वीकृतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 83.16 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ अभी शुरू नहीं हो सका है। 166 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती अस्पताल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 166 अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और लैब तकनीशियन शामिल हैं। स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा तैयारियों की समीक्षा भी की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यक्रम में बुलाने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इमरजेंसी स्टाफ को छोड़कर जिले के सभी जोनल स्वास्थ्य कर्मचारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए। इसे लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। पश्चिमी इंदौर को मिलेगी शुरुआती राहत अस्पताल शुरू होने से चंदन नगर, नूरानी नगर, द्वारकापुरी, सिरपुर, राजेंद्र नगर सहित पश्चिमी इंदौर और आसपास के कई गांवों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, अन्य विभाग शुरू होने तक गंभीर मरीजों को अभी भी एमवाय अस्पताल पर निर्भर रहना होगा। बलराम कृषि महोत्सव का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान किसानों के लिए कई घोषणाएं भी की गईं, जिनमें प्रमुख हैं— मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, ड्रोन तकनीक, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी देने की घोषणा की। लंबे समय से लंबित इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र की यातायात समस्या कम होने की उम्मीद है। नोट: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की मंशा और तैयारियों की जानकारी दी है। कानून लागू करने की प्रक्रिया विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ेगी। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति, विकास एवं ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान: जीतू पटवारी ने पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सरकार को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक आरिफ मसूद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इंदौर से शुरू हुई कांग्रेस की साइक्लोथॉन का समापन भोपाल में सभा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। जीतू पटवारी ने पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 90 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले से लेकर लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षाओं तक कई विवाद सामने आए और ऐसा कोई बड़ा परीक्षा आयोजन नहीं हुआ जो पूरी तरह विवादों से मुक्त रहा हो। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया कि पेपर लीक मामलों के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद उन्होंने अब तक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। आरिफ मसूद का RSS पर हमला कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कई छात्रों ने अपने भविष्य के लिए संघर्ष किया और कुछ ने अपनी जान भी गंवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की शिक्षा और विचारधारा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को शुरू से ही असहजता रही है। हरीश चौधरी बोले- शिक्षा संस्थाओं पर दबाव कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CBSE, NEET और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक प्रभाव पड़ा है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उमंग सिंघार ने युवाओं से किया बदलाव का आह्वान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसी भी देश में परिवर्तन लाने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नियमित सरकारी भर्तियों के बजाय आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग उठाएगी। साइक्लोथॉन के समापन पर ट्रैफिक जाम इंदौर से भोपाल पहुंची लगभग 200 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन के समापन पर हमीदिया अस्पताल के सामने सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान रॉयल मार्केट रोड पर यातायात प्रभावित रहा और बैरिकेडिंग के कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी। इस दौरान एक एम्बुलेंस भी ट्रैफिक में फंस गई, जबकि दूसरी एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। बाद में पुलिस ने रास्ता खुलवाकर एम्बुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाया। नमाज के दौरान पटवारी ने रोका भाषण सभा के दौरान पास की मस्जिद में नमाज अदा की जा रही थी। नमाज की आवाज सुनकर जीतू पटवारी ने कुछ देर के लिए अपना संबोधन रोक दिया। नमाज समाप्त होने के बाद उन्होंने फिर से भाषण शुरू किया। इसके बाद पटवारी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति अस्पताल के समीप जानबूझकर दी गई, जबकि पहले ऐसे आयोजन अन्य स्थानों पर कराए जाते रहे हैं। कार्यक्रम में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे सभा में उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, आरिफ मसूद सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने नारेबाजी की। हालांकि, मीडिया द्वारा जब कुछ प्रतिभागियों से नीट परीक्षा और साइक्लोथॉन के उद्देश्य को लेकर सवाल पूछे गए, तो कई प्रतिभागी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस दौरान विधायक आरिफ मसूद कार्यकर्ताओं से शांत और व्यवस्थित रहने की अपील करते भी नजर आए। नोट: कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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खंडवा में 8.43 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, मंच पर महापौर के स्वागत को लेकर दिखी भाजपा की गुटबाजी

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में बुधवार को 8 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। ये सभी कार्य विधायक के लिए आरक्षित विशेष मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रामेश्वर कुंड और पदमकुंड के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण सहित कुल 11 विकास परियोजनाएं शामिल हैं। हालांकि, कार्यक्रम विकास कार्यों से अधिक मंच पर हुई राजनीतिक हलचल को लेकर चर्चा में रहा। नगर निगम के मंच पर शुरुआत में महापौर अमृता यादव का स्वागत नहीं किए जाने पर एमआईसी सदस्य ने विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें बुके देकर सम्मानित किया गया। विकास कार्यों के श्रेय को लेकर अलग-अलग दावे कार्यक्रम के दौरान महापौर अमृता यादव ने विकास कार्यों का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया। वहीं, विधायक कंचन तनवे ने कहा कि 8.43 करोड़ रुपये के इन कार्यों को उनकी विशेष निधि से स्वीकृति दिलाई गई, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी प्रदान की। इस दौरान मंच पर जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कैबिनेट मंत्री विजय शाह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाजपा के भीतर गुटबाजी की चर्चा भी देखने को मिली। इन विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में शामिल हैं— सांसद समर्थक पार्षद के वार्ड में हुआ आयोजन जिस रामेश्वर वार्ड में कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहां भाजपा पार्षद काजल यादव निर्वाचित हैं। उनके प्रतिनिधि प्रदीप यादव भाजपा मंडल अध्यक्ष होने के साथ-साथ सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के समर्थक माने जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुकेश तनवे की सराहना करते हुए उन्हें “सुपर विधायक” बताया। महापौर के स्वागत को लेकर बना चर्चा का विषय कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर महापौर अमृता यादव का स्वागत नहीं किया गया, तो एमआईसी सदस्य वरुण बावरे ने इसका विरोध जताया। इसके बाद भाजपा पार्षद डिंपल चौरसिया ने महापौर का बुके देकर स्वागत किया। यह घटनाक्रम पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बना रहा। मध्य प्रदेश और देश की ताजा राजनीतिक एवं विकास संबंधी खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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