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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Indore Visit बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिले राहुल गांधी, पीड़ितों को देंगे 1 लाख की मदद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने इंदौर दौरे के दौरान सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज और सहयोग का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से भी उन्होंने उपचार की स्थिति को लेकर चर्चा की। हॉस्पिटल गेट पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता Rahul Gandhi के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। केवल सीमित नेताओं और अधिकारियों को ही अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर हलचल का माहौल रहा। भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद Rahul Gandhi का अगला कार्यक्रम भागीरथपुरा क्षेत्र में तय है। यहां वे हालिया घटनाओं से प्रभावित पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ितों के घर जाकर हालात का जायजा लेंगे। पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कांग्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मदद पीड़ितों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। मानवीय संवेदना के संदेश के साथ इंदौर दौरा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा राजनीतिक से अधिक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ है। उनका प्रयास है कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर शहर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Yadav

AI Conference में CM Mohan Yadav का बड़ा बयान Yantra–Mantra–Tantra में उलझी दुनिया

देश में तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के बीच एक अहम बयान सामने आया है। एक AI कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने बुद्धि (Intelligence) के तीन प्रकार बताते हुए समाज और टेक्नोलॉजी के रिश्ते पर गहरी बात रखी। उनका कहना था कि आज की दुनिया यंत्र, मंत्र और तंत्र में उलझ चुकी है और इन सब पर किसी न किसी तरह का षड्यंत्र हावी होता जा रहा है। क्या हैं बुद्धि के तीन प्रकार? CM Mohan Yadav के अनुसार, आधुनिक समाज तीन तरह की बुद्धि से संचालित हो रहा है: 1. यंत्र बुद्धि (Machine Intelligence)यह वह बुद्धि है जो मशीनों, कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दिखाई देती है। तेज़ फैसले लेना, डेटा का विश्लेषण करना और काम को आसान बनाना इसकी पहचान है। 2. मंत्र बुद्धि (Mantra Intelligence)यह इंसान की सोच, विचार, संस्कृति और नैतिकता से जुड़ी होती है। यही वह ताकत है जो सही और गलत का फर्क बताती है और समाज को दिशा देती है। 3. तंत्र बुद्धि (System Intelligence)यह सरकार, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और संस्थाओं की व्यवस्था से जुड़ी बुद्धि है, जो पूरे समाज को चलाने का काम करती है। “इन पर षड्यंत्र भारी है” का मतलब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चिंता जताई कि आज इन तीनों शक्तियों – यंत्र, मंत्र और तंत्र – का उपयोग कई बार जनहित से ज़्यादा निजी फायदे और सत्ता के लिए किया जा रहा है।AI, डेटा और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों को सशक्त बनाने के बजाय कभी-कभी उन्हें नियंत्रित करने या भ्रमित करने के लिए भी होने लगा है। यही वह “षड्यंत्र” है जिसकी ओर उन्होंने इशारा किया। AI कॉन्फ्रेंस में यह बात क्यों अहम है? आज जब AI हर क्षेत्र में घुस चुका है – शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और शासन तक – तब यह ज़रूरी हो जाता है कि टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मानवीय मूल्य और नैतिक सोच भी आगे बढ़े। CM Mohan Yadav का साफ संदेश था कि अगर मशीनें तेज़ हैं तो इंसानों की सोच और भी जिम्मेदार होनी चाहिए। आगे का रास्ता उन्होंने कहा कि AI और टेक्नोलॉजी इंसान की मदद के लिए हों, उस पर हावी होने के लिए नहीं। अगर यंत्र और तंत्र को मंत्र यानी नैतिकता और विवेक से नहीं जोड़ा गया, तो समाज असंतुलन की ओर जा सकता है। CM Mohan Yadav का यह बयान सिर्फ़ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि हमारे भविष्य पर भी एक अहम सवाल खड़ा करता है –क्या हम मशीनों को दिशा देंगे या मशीनें हमें चलाएंगी? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सी.आर.सी. भोपाल में दिव्यांगजनों के लिए पतंग महोत्सव में भाग लिया

सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मकर संक्रांति के अवसर पर समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.), भोपाल में आयोजित दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर मंत्री ने दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद किया और उन्हें पर्व की शुभकामनाएँ दीं। मकर संक्रांति: सामाजिक समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ावा मिलता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके सशक्तिकरण, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। दिव्यांगजनों को वितरित किए गए सहायक उपकरण कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री सारंग ने दिव्यांगजनों को 03 बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल और 02 टीचिंग लर्निंग मटेरियल (TLM) किट सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि ये उपकरण दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सहज बनाने और उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन की दिशा में प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सी.आर.सी., भोपाल परिसर का दौरा और गतिविधियों की जानकारी मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम के बाद सी.आर.सी. परिसर का भ्रमण किया और संस्थान में संचालित विभिन्न पुनर्वास, शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सी.आर.सी. भोपाल समावेशी विकास और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक सोच किसी भी चुनौती को पार करने की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयास करते रहें और समाज में अपने योगदान को बढ़ाएं। पतंग उत्सव में बच्चों का उत्साह कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा पतंग निर्माण और पतंग उड़ाने की गतिविधियाँ उत्साहपूर्वक आयोजित की गईं। इन गतिविधियों से बच्चों में सृजनात्मकता, सहभागिता और आत्मविश्वास का विकास हुआ। बच्चों ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर सी.आर.सी., भोपाल के निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार, संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजनों के अभिभावक और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कैलाश नारायण

पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा पर हमला कायस्थ एवं सकल हिंदू समाज ने किया विरोध प्रदर्शन

भोपाल | 14 जनवरी 2026 – पूर्व राज्यसभा सांसद और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. श्री कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई छेड़छाड़ के विरोध में भोपाल में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। रोशनपुरा चौराहे पर बुधवार को कायस्थ समाज और सकल हिंदू समाज के नागरिकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अटल पथ स्थित पार्क में स्थापित स्व. कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा के साथ आग लगाकर छेड़छाड़ की गई, जो न केवल एक सम्मानित जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि समाज की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग प्रदर्शन के दौरान उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों की शीघ्र पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कायस्थ समाज और सकल हिंदू समाज ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों और जननायकों की प्रतिमाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ समाज की एकता और शांति को भंग करने का प्रयास है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए दोषियों को शीघ्र दंडित किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख समाजिक प्रतिनिधि प्रदर्शन में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव नीलू, प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष युवा संगठन संजीव श्रीवास्तव, वेद आशीष, महेन्द्र श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, उदय सत्य, अग्रवाल समाज से वेंकटेश गोयल, पंजाबी समाज के तेज़ेन्दर सिंह, जाट समाज से शैलेंद्र वर्मा, मुस्लिम समाज से मुस्तकीम बेग, सैनी समाज से महेश सैनी, माहेश्वरी समाज से गिरधर और अरुण राठी, मंडी व्यापारी समाज से हरीश, शिव यादव, यादव समाज से मनोज जैन, जैन समाज से प्रमोद नेमा, अग्रवाल समाज से सुभाष अग्रवाल, पवन सक्सेना, चेम्बर्स के अजय देवनानी, आलोक, अनिल, बृजेश श्रीवास्तव, व्योम खरे, डॉ. ब्रजेश, अभय प्रधान, दिनेश, विनय श्रीवास्तव, दिनेश सक्सेना, अमोल सक्सेना, अनिल राज, प्रमोद प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार, चित्रांश दीप, विजय, आर.वी. सक्सेना, मधु भटनागर, संजीव श्रीवास्तव, चंदरेश सक्सेना, सौरभ कुलश्रेष्ठ, ब्रजेश श्रीवास्तव, विश्वनाथ भटनागर, मुकेश राठौर, संजय पटेल और सुशील श्रीवास्तव सहित अन्य सामाजिक संगठनों के नागरिक उपस्थित रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

Indore में हाल ही में हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का जवाब असंवेदनशील है और इस गंभीर घटना ने इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को पूरे देश में नुकसान पहुंचाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन ने मामले को संभाला, वह संतोषजनक नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। इस बीच, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 38 नए मरीज मिलने से चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में निगरानी कर रही हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अभी भी कमजोर हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह सिर्फ कागजी जवाब देने के बजाय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करे, ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और आम लोगों का भरोसा बना रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

भोपाल ब्रेकिंग निशातपुरा आरओबी बना विकास की नई पहचान, 9 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निशातपुरा आरओबी का निरीक्षण भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह परियोजना भोपाल के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। देश का पहला आरओबी जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा निशातपुरा आरओबी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला रेलवे ओवरब्रिज होगा जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से निकलेगा। तकनीकी दृष्टि से यह एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जा रहा है। यह आरओबी भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। नवंबर तक पूरा होने का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नवंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं ताकि तय समय में आरओबी को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके पूरा होते ही वर्षों से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी। नया और पुराना भोपाल होगा सीधे तौर पर जुड़ा निशातपुरा आरओबी के बन जाने से नया और पुराना भोपाल सीधे जुड़ जाएगा। करोंद, छोला और निशातपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों में रेलवे फाटकों के कारण लंबे जाम लगते हैं, जो आरओबी बनने के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। भोपाल स्टेशन से छोला खेड़ापति तक सीधा मार्ग यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक बनेगा। इससे स्टेशन क्षेत्र से छोला और करोंद की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बंटेगा। लगभग 9 लाख नागरिक होंगे लाभान्वित इस परियोजना से करीब 9 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह आरओबी समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा। एयरपोर्ट तक पहुंच होगी और अधिक आसान आरओबी के निर्माण से नये और पुराने भोपाल से छोला क्षेत्र के साथ-साथ राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी। इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए कमेटी गठित परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय हेतु एक विशेष कमेटी बनाई गई है। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता और गति पर लगातार नजर रखेगी। भोपाल के विकास को मिलेगी नई गति कुल मिलाकर, निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज भोपाल के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि भोपाल को एक आधुनिक, स्मार्ट और सुगठित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Welcomes New Year 2026 पार्टी, म्यूज़िक, डिनर और सुरक्षा की पूरी प्लानिंग

Bhopal शहर न्यू ईयर 2026 (New Year Eve 31 December) को लेकर पूरी तरह तैयार है। साल की आख़िरी रात को यादगार बनाने के लिए शहर के होटल, रिज़ॉर्ट, क्लब और फार्महाउस में ज़ोरदार तैयारियाँ चल रही हैं। डीजे नाइट, लाइव म्यूज़िक, डिनर पार्टी से लेकर फैमिली फंक्शन तक — हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है। Bhopal New Year Party 2026: होटल और रिज़ॉर्ट्स में धमाल Bhopal के बड़े होटल और रिज़ॉर्ट्स इस बार न्यू ईयर को भव्य अंदाज़ में मनाने जा रहे हैं। कई जगहों पर पहले से ही बुकिंग तेज़ हो चुकी है। इन सभी जगहों पर एंट्री टिकट, कपल पास और फैमिली पैकेज उपलब्ध हैं। Club & DJ Night in Bhopal: युवाओं के लिए खास युवाओं के बीच क्लब और डीजे पार्टी का क्रेज़ इस साल भी बरकरार है।शहर के कई पब और रेस्टो-बार में: का आयोजन किया जा रहा है। कई जगह स्टैग एंट्री लिमिटेड रखी गई है, इसलिए पहले से जानकारी लेना ज़रूरी है। New Year Trend 2026: घर की पार्टी और दोस्तों के साथ सुकून इस बार एक बड़ा ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है कि कई लोग घर पर ही न्यू ईयर सेलिब्रेशन करना पसंद कर रहे हैं।छोटे ग्रुप, छत पर पार्टी, BBQ, बोनफायर और दोस्तों के साथ सादा लेकिन खास जश्न — यह विकल्प खासतौर पर परिवारों और प्रोफेशनल्स को पसंद आ रहा है। Bhopal New Year Security: पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी न्यू ईयर को देखते हुए भोपाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस का साफ संदेश है — जश्न मनाइए, लेकिन नियमों के साथ। New Year 2026 Bhopal: शराब और नियम राज्य सरकार की ओर से अस्थायी लाइसेंस की सुविधा दी गई है, ताकि होटल और आयोजक कानूनी रूप से शराब परोस सकें।बिना अनुमति या सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर कार्रवाई की जाएगी। Bhopal में New Year 2026 Celebration हर मायने में खास होने जा रहा है।जहाँ एक ओर होटल और क्लबों में ज़ोरदार पार्टियाँ होंगी, वहीं दूसरी ओर लोग घर और दोस्तों के साथ सादगी भरा जश्न भी मनाएंगे।मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर नए साल का स्वागत उत्साह, संगीत और खुशियों के साथ करने को तैयार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गुना में प्रेम प्रसंग का दुखद अंत: नाबालिग लड़की की मौत, प्रेमी का शव कॉलोनी में मिला

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। रविवार रात इलाज के दौरान एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही उसके प्रेमी के अस्पताल से लापता होने की खबर आई, जबकि सोमवार सुबह उसका शव कॉलोनी में मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, रशीद कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय गणेश रजक और उसकी 16 वर्षीय पड़ोसी के बीच करीब एक साल से प्रेम संबंध था। रविवार शाम जब लड़की की मां और भाई घर पहुंचे, तो उसकी तबीयत बिगड़ी हुई थी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के बाद वह सो गई, लेकिन रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान गणेश भी अस्पताल पहुंचा था। जैसे ही उसे लड़की की मौत की सूचना मिली, वह वहां से चला गया। सोमवार सुबह उसका शव रशीद कॉलोनी में मिला, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लड़की के परिजनों का आरोप है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था और उसी दौरान गणेश वहां आया था। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों एक ही समाज से थे और बालिग होने पर शादी कराने की बात चल रही थी। वहीं, गणेश के भाई जयपाल का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। 👉 इस तरह की और ताज़ा व भरोसेमंद खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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मोहन सरकार के 2 वर्ष खेल, युवा और सहकारिता में ऐतिहासिक उपलब्धियों का लेखा-जोखा

डबल इंजन सरकार का प्रभावी नेतृत्व भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दो वर्षों में डबल इंजन सरकार की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गईं। गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर फोकस सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया, जिससे समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिला। खेल और युवाओं को मिली नई उड़ान प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान प्रमुख रहे। बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और लगातार राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण में निवेश फिटनेस और नवाचार की नई पहल देश में पहली बार फिट इंडिया क्लब की शुरुआत की गई, जिसे हर विधानसभा में लागू किया जाएगा।सेना और पुलिस भर्ती के लिए पार्थ योजना के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खिलाड़ियों को रोजगार और सम्मान सीएम युवा शक्ति मिशन और स्पोर्ट्स टूरिज्म अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और स्किल एक्सचेंज खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025 10 जनवरी से खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरुआत होगी। यह आयोजन देश में पहली बार खेल संघों के साथ मिलकर किया जा रहा है। सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में सहकारी आंदोलन को सशक्त किया जा रहा है। देश में पहली बार सहकारिता से जुड़ी सभी भर्तियां आईबीपीएस के माध्यम से हुईं, आगे 2000 और नियुक्तियां होंगी। पैक्स और किसानों के लिए बड़े सुधार किसान हित और कृषि सुधार खाद, बैंक और दुग्ध संघों को सशक्तिकरण हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP

69 Years of MP Assembly विशेष सत्र में ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का रोडमैप

मध्य प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा का अहम दिन, 17 दिसंबर 2025, विधानसभा के 69वें स्थापना दिवस (69 Years of MP Legislative Assembly) के रूप में मनाया गया। यह दिन न केवल इतिहास में दर्ज है, बल्कि राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय करने का भी अवसर है। स्थापना की पृष्ठभूमि मध्य प्रदेश (MP) का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ और उसी वर्ष 17 दिसंबर को राज्य विधानसभा का पहला सत्र आयोजित किया गया। तब से लेकर आज तक यह विधानसभा राज्य की कानून बनाने और विकास की दिशा निर्धारित करने वाली मुख्य संस्था रही है। विशेष सत्र का आयोजन 69वें स्थापना दिवस पर, MP Assembly Special Session का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकसित और समृद्ध भविष्य (Developed Madhya Pradesh Vision) पर चर्चा करना था। सत्र की मुख्य बातें नेताओं की प्रतिक्रिया मध्य प्रदेश (MP) की विधानसभा न केवल कानून बनाने वाली संस्था है, बल्कि यह राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुधारों की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाती है। यह 69वां स्थापना दिवस राज्य के नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि लोकतंत्र और विकास साथ-साथ चलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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