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NHRC Notice, मध्य प्रदेश मदरसे, Hindu बच्चों का दाखिला, धर्मांतरण रैकेट, अवैध मदरसे MP, Priyank Kanungo, Madrasa Foreign Funding, शिक्षा विभाग MP

MP के मदरसों में 556 हिंदू बच्चों कुरान की तालीम

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के 27 अवैध मदरसों में 556 हिंदू बच्चों के दाखिले की शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग को 15 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया। देश हरपल | भोपाल।राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के कई मदरसों में कथित धर्मांतरण रैकेट की शिकायत पर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस भेजते हुए 15 दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के 27 अवैध मदरसों में 556 हिंदू बच्चों को दाखिला देकर कुरान और हदीस पढ़ाई जा रही है। इनमें मुरैना के इस्लामपुरा, जौरा, पोरसा, अंबाह, कैलारस, सबलगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल बताए गए हैं। आयोग के सवाल – हिंदू बच्चों को कैसे मिल रहा दाखिला? आयोग को मिली शिकायत के अनुसार: आयोग ने निर्देश दिए हैं कि – आयोग का बयान आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा: “संविधान की धारा 21(ए) के अंतर्गत हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है। यदि मदरसे स्कूल श्रेणी में नहीं आते तो हिंदू बच्चों का वहां दाखिला गंभीर सवाल खड़ा करता है।” शिकायतकर्ता ने इसे एक संगठित धर्मांतरण रैकेट बताते हुए कहा है कि बच्चों को बिना अभिभावक की अनुमति अवैध तरीके से इन मदरसों में भेजा जा रहा है। यह मामला सिर्फ बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संवैधानिक अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के पालन जैसे बड़े सवाल जुड़े हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस इस नेटवर्क पर क्या कार्रवाई करती है।
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साध्वी प्रज्ञा सिंह बयान, नवरात्रि हिंदू मुस्लिम विवाद, साध्वी प्रज्ञा हिंदू महिलाएं, मुस्लिम पुरुष खतरा, भोपाल साध्वी प्रज्ञा न्यूज, हिंदू मुस्लिम संबंध, Madhya Pradesh News, Desh Harpal News

साध्वी प्रज्ञा सिंह का बड़ा बयान, हिंदू महिलायें मुस्लिम पुरुषों से दूर रहें

नवरात्रि 2025 के दौरान कट्टरपंथियों की हरकतों पर पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने हिंदू महिलाओं से अपील की कि वे मुस्लिम पुरुषों से दूर रहें और किसी भी रिश्ते में जाने से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं।रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को भोपाल में विश्व हिन्दू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी के नवरात्रि कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उसी दौरान उन्होंने ये बातें कही। ठाकुर ने कहती हैं कि उनमे भाई-बहन का कोई रिश्ता नहीं होता है। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हिंदू समाज की बेटियों को चाहिए कि वे मुस्लिम पुरुषों से दूरी बनाएँ और किसी भी तरह के रिश्तों या मित्रता में पड़ने से बचें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा –“जो लोग अपनी ही बहनों का सम्मान नहीं करते, वे आपको कैसे सम्मान देंगे?” साध्वी प्रज्ञा की अपील भोपाल समेत पूरे देश में नवरात्रि के आयोजन पूरे उत्साह से हो रहे हैं। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
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Chhindwara

Chhindwara Kidney Infection MP में बच्चों की मौत पर प्रशासन ने किया अलर्ट

मध्यप्रदेश के Chhindwara जिले में एक रहस्यमयी Kidney Infection (किडनी संक्रमण) ने पिछले एक महीने में सात बच्चों की जान ले ली है। इस गंभीर स्थिति ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया है। ताजा घटना Chhindwara जिले के तमिया और कोयलांचल क्षेत्रों में यह समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है। इन क्षेत्रों से प्रभावित बच्चों में मुख्य लक्षण तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई रहे हैं। ताजा मामले में, चार वर्षीय विकास यादववंशी का नागपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उनके गांव दीघावनी में किया गया। प्रशासन का कदम इस स्वास्थ्य संकट के बीच जिला प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं: स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर सतर्क रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न कराएँ और लक्षण पाए जाने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। जांच जारी प्रभावित क्षेत्रों से नमूने पुणे की लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक अधिकारियों ने पूरे इलाके में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore चिड़ियाघर पहुंचे CM Mohan Yadav, बच्चों की तरह पक्षियों को खिलाया दाना

Indore चिड़ियाघर पहुंचे CM Mohan Yadav, बच्चों की तरह पक्षियों को खिलाया दाना

मध्यप्रदेश के CM Mohan Yadav आज Indore चिड़ियाघर पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ पल बेहद सादगी और आत्मीयता के साथ बिताए। सीएम यादव ने अपनी हथेलियों में दाना रखकर पक्षियों को खिलाया। बच्चों की तरह मुस्कुराते हुए वे पक्षियों के बीच घुलते-मिलते नजर आए। चिड़ियाघर में मौजूद लोगों ने जब यह नजारा देखा तो सभी के चेहरे पर खुशी झलक उठी। कई लोग सीएम के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। इंदौर दौरे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हरदा में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। यह छोटा-सा पल बताता है कि जिम्मेदारियों के बीच भी एक नेता के जीवन में सरलता और अपनापन कितना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Mohan Yadav

मध्य प्रदेश CM Mohan Yadav Delhi Visit तीसरे दिन लगातार चर्चा

मुख्यमंत्री मोहन यादव का लगातार तीसरा दिल्ली दौरा मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav इस सप्ताह लगातार तीसरे दिन दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। सोमवार और मंगलवार के बाद, बुधवार को भी उन्होंने जबलपुर से दिल्ली का रुख किया। इस यात्रा का उद्देश्य महत्वपूर्ण राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करना बताया जा रहा है। BJP नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों से हुई बैठकें दिल्ली में CM Mohan Yadav ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की विकास योजनाएँ और OBC Quota (ओबीसी आरक्षण) Hearing जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। यात्रा का उद्देश्य और संभावित नतीजे सूत्रों के अनुसार,CM Mohan Yadav का यह लगातार दिल्ली दौरा प्रदेश के लिए नई योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी लाने का संकेत है। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्रालयों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। राजनीतिक और विकास दृष्टिकोण विशेषज्ञ मानते हैं कि CM Mohan Yadav की यह यात्रा न केवल राजनीतिक बल्कि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में मध्य प्रदेश में नई योजनाओं और ओबीसी आरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएँ होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Durga Puja

Bhopal Shahjahanabad Durga Puja Collection के दौरान Violence

Bhopal, मध्य प्रदेश – शहर के शाहजहानाबाद इलाके में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ Durga Puja 2025 के लिए दान जमा करने गए शिक्षक कृष सोनी पर चाकू से हमला किया गया। यह हमला गुरुवार रात लगभग 11:30 बजे हनुमान मंदिर के पास हुआ। घटना का विवरण सूत्रों के अनुसार, तीन लोग—इलू चौहान, बिट्टू उर्फ़ रॉकी और ऋषि राठौर—ने सोनी को रोकने की कोशिश की और धमकी दी कि वे इस क्षेत्र में दान संग्रह न करें। जब सोनी ने इसका विरोध किया, तो हमला भड़क गया। इस दौरान बिट्टू ने चाकू से सोनी के चेहरे पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद और पुलिस की कार्रवाई स्थानीय लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और घायल को अस्पताल पहुंचाया। हमलावर मौके से भाग गए और धमकी दी कि अगर सोनी फिर से दान संग्रह करने आए, तो उन्हें नुकसान होगा। सोनी की माता भारती सोनी ने चोला मंदिर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आई.पी.सी. की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आरोपीयों की तलाश शुरू कर दी है। घायल सोनी वर्तमान में इलाजरत हैं और उन्होंने बताया कि हमला उन्हें घर लौटते समय किया गया। सुरक्षा पर उठ रहे सवाल यह घटना त्योहारों के समय धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियों में लगे लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया गया है कि वे ऐसे स्वयंसेवकों और समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सीहोर: शातिर बाइक चोर गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 4 चोरी की मोटरसाइकिलें

सीहोर जिले की रेहटी पुलिस ने एक शातिर बाइक चोर को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देश पर, एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा और थाना प्रभारी रेहटी निरीक्षक राजेश कहारे की टीम ने की। ऐसे पकड़ा गया आरोपी 13 सितंबर को वार्ड क्रमांक 8, चौपड़ा कॉलोनी निवासी भंवर सिंह उइके ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मोटरसाइकिल रात में घर के बाहर से चोरी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि भभड़ नदी के पास एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल के साथ खड़ा है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी की पहचान और कबूलनामा आरोपी ने अपना नाम जितेंद्र कलमोदिया (34 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 9, मालवा कॉलोनी, रेहटी बताया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने यह मोटरसाइकिल ही नहीं, बल्कि तीन अन्य बाइकें भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की थीं। पुलिस ने की बाइक बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से सभी चारों बाइक जब्त कर लीं और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा। 👉 मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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सागर: सरकारी वेयरहाउस से 100 बोरी अनाज चोरी, कीमत करीब 4 लाख रुपए

सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के ग्राम रमगढ़ा स्थित एक सरकारी वेयरहाउस में चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया। चोरों ने चैनल गेट और मेन गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां से 80 बोरी मूंग और 20 बोरी सरसों चोरी कर ले गए। चोरी गए अनाज की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। सुबह सामने आई वारदात फरियादी विपुल जैन (निवासी वार्ड नंबर 10, सागर रोड रहली) ने पुलिस को बताया कि उनका एमके वेयरहाउस ग्राम रमगढ़ा, खैराना तिगड्डा चांदपुर रोड पर स्थित है, जहां सरकारी मूंग, सरसों, सोयाबीन और मसूर का भंडारण होता है।रात को गोदाम सामान्य रूप से बंद किया गया था, लेकिन सुबह करीब 11 बजे मैनेजर शैलेश बैरागी जब वेयरहाउस पहुंचे तो देखा कि गेट टूटे पड़े थे। गिनती के बाद खुला राज सूचना मिलने पर सरकारी वेयरहाउस मैनेजर बलराम पटेल भी मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि गोदाम के पीछे वाले गेट क्रमांक-2 के ताले भी टूटे थे और माल बिखरा पड़ा था। गिनती करने पर सामने आया कि कुल 100 बोरियां (80 मूंग, 20 सरसों, प्रत्येक 50 किलो की) चोरी हो चुकी हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार चोरी गए अनाज की कीमत करीब 4 लाख रुपए है। CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र सक्रिय पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी की जाएगी। 👉 ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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भोपाल: पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था चरमराई, 250 से ज्यादा सिटी बसें बंद – अब ई-बसों से मिलेगी राहत

राजधानी भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले एक साल में ढाई सौ से ज्यादा सिटी बसें बंद हो चुकी हैं। फिलहाल 25 रूट में से सिर्फ 95 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। करीब 1 लाख यात्रियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसी बीच नगर निगम का दावा है कि नए साल से 100 ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। ई-बस सेवा की तैयारी जिला विकास समिति की बैठक में उठा मुद्दा मंगलवार को हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बसों की बदहाल स्थिति पर चर्चा हुई। सांसद आलोक शर्मा ने निगम कमिश्नर से सवाल किया कि आखिर 368 में से सिर्फ 95 बसें ही क्यों चल रही हैं? जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की ज़रूरत है। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस पर सहमति जताई। सांसद बोले – “पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होना चाहिए” सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मज़बूत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब वे महापौर थे तो छात्रों, महिलाओं, दिव्यांगजन, सीनियर सिटीजन और कर्मचारियों को महापौर स्मार्ट पास की सुविधा दी गई थी। अगर यह योजना फिर से शुरू की जाती है तो आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। क्यों बंद हुईं बसें? कितनी बसें चाहिए भोपाल को? एक सर्वे के मुताबिक, भोपाल में 800 बसें होनी चाहिए ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुचारू रूप से चल सके। लेकिन वास्तविकता इसके उलट है – शहर में बसों की संख्या लगातार घट रही है और आम यात्री परेशानी झेल रहे हैं। 👉 भोपाल और मध्यप्रदेश से जुड़ी हर अपडेट के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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ट्रक हादसे का आरोपी ड्राइवर गुलशेर और साथी 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर

ट्रक हादसे के मुख्य आरोपी ड्राइवर गुलशेर और उसके साथी शंकर को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दोनों के 5 दिन के रिमांड की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब पुलिस उनसे घटना से जुड़ी हर जानकारी विस्तार से लेगी। गुपचुप तरीके से कोर्ट पेशी एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि दोनों को 14 नंबर कोर्ट में पेश किया गया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह करीब 11 बजे आरोपी को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान वकील और हिंदूवादी संगठनों के लोग रास्ता देखते रह गए, क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि पेशी दोपहर 1 से 2 बजे के बीच होगी। 21 सितंबर को फिर होगी पेशी कोर्ट ने दोनों को 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब उस दिन उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस दौरान उनसे घटना और अन्य मामलों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पहले से दर्ज हैं कई मामले आरोपी गुलशेर पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और पशु के साथ अप्राकृतिक कृत्य जैसे अपराध शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह शराब पीने का आदी है और उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है। 👉 ताज़ा अपडेट्स और खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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