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Bhopal

MP Bhopal Breaking न्याय यात्रा में बवाल, स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस के बीच तनाव

नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘न्याय यात्रा’ के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट हुए। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया। न्याय यात्रा के दौरान बिगड़ी महिला कर्मचारी की तबीयत प्रदर्शन के दौरान उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब यात्रा में शामिल एक महिला कर्मचारी अचानक गश खाकर गिर पड़ी। तेज धूप और लगातार नारेबाजी के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार दिलाया। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रण में आ गए। यातायात प्रभावित, बातचीत की उम्मीद प्रदर्शन के चलते शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। वहीं कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP

MP Cabinet Decision उड़द पर ₹600 Bonus, Tribal जिलों में होगी Agriculture Meeting

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत और उत्साह की खबर है। Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उड़द (Urad) पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस देने को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से खासकर खरीफ सीजन में उड़द की खेती करने वाले किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। किसानों को MSP के साथ मिलेगा अतिरिक्त लाभ सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ₹600 प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त दी जाएगी। यानी किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम सुनिश्चित होगा। लंबे समय से किसान दलहन फसलों पर प्रोत्साहन की मांग कर रहे थे, ऐसे में यह निर्णय उनके लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार की उम्मीदों से जुड़ी होती है। ऐसे में जब फसल का दाम अच्छा मिलता है, तो घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और भविष्य की योजनाएं भी साकार होती हैं। Tribal Districts में होगी Agriculture Cabinet Meeting मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आगामी कृषि कैबिनेट बैठक जनजातीय बहुल (Tribal Majority) जिलों में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य है कि सरकार सीधे किसानों से संवाद कर सके और उनकी जमीनी समस्याओं को समझ सके। जनजातीय क्षेत्रों में अक्सर संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं की कमी महसूस की जाती है। वहां बैठक आयोजित करने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाई जा सकेंगी और कृषि निवेश को बढ़ावा मिलेगा। दलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उड़द पर बोनस से प्रदेश में दलहन (Pulses) उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य और देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में यह एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। सरकार का यह फैसला सिर्फ एक आर्थिक घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला कदम है। जब नीति और नीयत दोनों साथ हों, तो खेतों की हरियाली ही प्रदेश की समृद्धि बनती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन विकसित मध्यप्रदेश @2047 में बड़ा कदम

प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश लाकर नई तकनीकों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। इसी संकल्प के साथ मध्यप्रदेश को आगामी 25 वर्षों में एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में कही। राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका ऑर्गेनाइजर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संपादक प्रफुल्ला केतकर के साथ संवाद करते हुए ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के विजन पर विस्तार से चर्चा की। निवेश और रोजगार सृजन पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है और इस दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आगामी 25 वर्षों का विस्तृत दृष्टिपत्र तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान प्रति व्यक्ति आय लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये है, जिसे अगले 25 वर्षों में बढ़ाकर 22 लाख 50 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। एमएसएमई से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी रहा है, लेकिन औद्योगिक विकास के लिए एमएसएमई सेक्टर राज्य की रीढ़ है। राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि छोटे शहरों और कस्बों तक औद्योगिक विकास पहुंचे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लागू की गई 18 नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्रीय कॉन्क्लेव से छोटे शहरों में उद्योग विस्तार डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने संभागीय स्तर पर विभिन्न सेक्टर आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए हैं, जिससे उद्योगों का विस्तार बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों तक भी हो सके। माइनिंग, टेक्सटाइल, टूरिज्म और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कटनी और शहडोल में माइनिंग सेक्टर में निवेश के लिए देश के बड़े उद्योगपति आगे आए हैं, वहीं नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल उपकरण निर्माण के लिए औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने की पहल उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसके लिए स्वरोजगार योजनाओं और युवा उद्यमिता को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ होम-स्टे जैसी पहल ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर तेजी से घटकर मात्र 1 से 1.5 प्रतिशत के आसपास रह गई है। रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना पर निवेशकों को विशेष अनुदान भी दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान कृषि क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत विशेष योजनाएं लागू कर रही है। कृषि उत्पादन के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में ही 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ा है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने की योजना है। नवीकरणीय ऊर्जा में प्रदेश की मजबूत बढ़त नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य देश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर मुरैना में सोलर एनर्जी का बड़ा प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जिससे दोनों राज्य छह-छह महीने बिजली का उपयोग करेंगे। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मंदसौर के गांधी सागर बांध में पंप स्टोरेज परियोजना भी कम समय में पूरी की गई है। बजट, शहरीकरण और औद्योगिकीकरण पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का आगामी बजट भी विकास को नई गति देगा। राज्य का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बजट को दोगुना करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विकास के लिए शहरीकरण और औद्योगिकीकरण दोनों जरूरी हैं। इंदौर और भोपाल में मेट्रोपोलिटन एरिया विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का मानना है कि जहां उद्योग स्थापित होंगे, वहीं शहरों का भी तेजी से विकास होगा। नक्सलवाद से मुक्ति एक बड़ी उपलब्धि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश 31 मार्च की तय समय-सीमा से पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दोबारा नक्सलवाद न पनपे, इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा पर फोकस युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ भविष्य में बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी सेंटर खोले जा रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के सकारात्मक उपयोग के लिए छात्रों को तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में उद्योग जगत की सहभागिता कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप भी उपस्थित थे। भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण कुमार गोयल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी...
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Bhopal

Bhopal Hostel Incident MBBS छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत, बाथरूम से बरामद हुई Acid Bottle

Bhopal मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) भोपाल की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा का शव एक निजी हॉस्टल के बाथरूम में संदिग्ध हालत में मिला। मौके से एसिड की बोतल बरामद होने के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। मृत छात्रा की पहचान रोशनी के रूप में हुई है, जो अलीराजपुर जिले की रहने वाली थी। उसने करीब चार महीने पहले ही गांधी मेडिकल कॉलेज में MBBS कोर्स में एडमिशन लिया था और पढ़ाई के लिए भोपाल में रह रही थी। सुबह नहीं निकली तो हुआ शक सोमवार सुबह जब रोशनी तय समय पर कॉलेज नहीं पहुंची और कई बार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो सका, तो उसकी सहेलियों को चिंता हुई। हॉस्टल पहुंचकर जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तब हॉस्टल स्टाफ को सूचना दी गई। दरवाजा खोलने पर बाथरूम में रोशनी का शव पड़ा मिला। तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया गया। छात्रा को हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। Acid Bottle मिलने से बढ़ा संदेह घटनास्थल से एसिड की एक बोतल मिलने के बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा की मौत आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। पढ़ाई का दबाव बना हुआ था कॉलेज सूत्रों और सहपाठियों के अनुसार, रोशनी पिछले कुछ समय से पढ़ाई के तनाव में थी। MBBS जैसे कठिन कोर्स के शुरुआती महीनों में वह काफी दबाव महसूस कर रही थी। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और व्यक्तिगत बातचीत की भी जांच कर रही है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ घटना की सूचना मिलते ही छात्रा के परिजन भोपाल के लिए रवाना हो गए। बेटी की असमय मौत से परिवार सदमे में है। कॉलेज प्रशासन ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। जांच जारी Bhopal कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। यह घटना एक बार फिर मेडिकल छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को उजागर करती है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Youth Games

MP Youth Games 2026 TT Nagar में शाम 5 बजे से बदली यातायात व्यवस्था

भोपाल के टीटी नगर में आज से MP Youth Games 2026 का भव्य शुभारंभ हो रहा है। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों के लिए न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच है, बल्कि भोपाल में खेलों के उत्साह को भी बढ़ाएगा। इस वजह से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। प्रशासन ने समारोह के दौरान नागरिकों और खिलाड़ियों दोनों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को सख्त किया है। मुख्य जानकारी: समारोह स्थल के आसपास के मार्गों पर डायवर्ट किए जाने के कारण शाम के समय यातायात भीड़भाड़ वाला और धीमा रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले यात्रा योजना बनाएं और समारोह स्थल पर आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। MP Youth Games का आयोजन मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस खेल महोत्सव में विभिन्न खेलों में प्रतिभागी अपनी योग्यता दिखाएंगे और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। आयोजन में आने वाले दर्शकों के लिए भी व्यवस्था की गई है ताकि वे आराम से खेलों का आनंद ले सकें। ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग:TT Nagar और आसपास के मुख्य मार्गों पर शाम 5 बजे से वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। साथ ही, सोशल मीडिया और स्थानीय ट्रैफिक अपडेट्स के माध्यम से लोगों को यातायात की ताजा जानकारी दी जाएगी। इस भव्य आयोजन के माध्यम से भोपाल में युवा खेलों का उत्साह चरम पर पहुंचने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य है कि MP Youth Games 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो और नागरिकों तथा खिलाड़ियों दोनों के लिए सुरक्षित और सहज अनुभव सुनिश्चित हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Republic Day Celebration भोपाल में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा

लाल परेड मैदान में गरिमा और उत्साह का माहौल Bhopal के ऐतिहासिक लाल परेड मैदान में 76वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। राज्य स्तरीय समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल ने ध्वजारोहण किया और भव्य परेड की सलामी ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। परेड में दिखा अनुशासन और देशभक्ति का जज़्बा सुबह से ही लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। परेड में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट-गाइड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियों ने अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। जवानों की सधी हुई कदमताल और बैंड की देशभक्ति धुनों ने पूरे माहौल को गर्व से भर दिया। झांकियों में मध्यप्रदेश की संस्कृति और विकास की झलक समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न विभागों और जिलों की झांकियां रहीं। इन झांकियों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी परंपराएं, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और विकास योजनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने झांकियों को खूब सराहा और मोबाइल कैमरों में यादें कैद कीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन स्कूली बच्चों और सांस्कृतिक दलों की देशभक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। हर प्रस्तुति में देश के प्रति प्रेम, एकता और समर्पण का संदेश साफ झलक रहा था। उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक रहा। राज्यपाल का संदेश राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास, समरसता और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उज्जैन

Breaking News Tarana उज्जैन के तराना में उपद्रव, घरों पर पथराव, 10 से ज्यादा बसों को नुकसान

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में एक बार फिर हिंसा ने लोगों की नींद उड़ा दी। गुरुवार शाम मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया। गुस्साई भीड़ ने कई घरों पर पत्थर फेंके, दुकानों में तोड़फोड़ की और बस स्टैंड पर खड़ी बसों को निशाना बनाया। कुछ बसों में आग लगाए जाने की भी पुष्टि हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद की जड़ एक युवक पर हुआ हमला बताया जा रहा है। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई। लोग अपने घरों में दुबक गए, बाजार बंद हो गए और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा नुकसान हिंसा के दौरान तराना बस स्टैंड पर खड़ी करीब 10 से 11 बसों के शीशे तोड़ दिए गए। कुछ बसों में आग लगाने की कोशिश की गई और एक-दो बसों के अंदर आग भी भड़क गई। इसके अलावा आसपास खड़ी गाड़ियां और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई घरों पर पत्थर फेंके गए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। पुलिस और प्रशासन हरकत में स्थिति बिगड़ने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हालात काबू में करने के लिए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। रात भर पुलिस गश्त करती रही ताकि हालात दोबारा न बिगड़ें। प्रशासन ने उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। अब तक कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। लोग सहमे, बाजार बंद घटना के बाद तराना के कई इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर बाजार बंद रखे। जिन घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है, उनके मालिक गहरे सदमे में हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी यहां तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार हिंसा ने ज्यादा डर पैदा कर दिया है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नुकसान का आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। तराना की यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि छोटे-से विवाद कैसे बड़ी हिंसा में बदल जाते हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और कस्बे में फिर से सुकून लौटे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhar

Dhar Bhojshala SC का आदेश Basant Panchami पूजा औरJumma Namaz होंगे सुरक्षित ढंग से

धार (Madhya Pradesh) का Bhojshala–कमाल मौला मस्जिद परिसर फिर से सुर्खियों में है। इस बार 23 जनवरी 2026 को Basant Panchami और Jumma (Friday) Namaz एक ही दिन पड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित स्थल पर दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग टाइमिंग तय कर दी है ताकि पूजा और नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। Supreme Court का बड़ा फैसला सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि: तय की गई Timing इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों की धार्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और व्यवस्थित प्रार्थना सुनिश्चित की है। Dhar Bhojshala का इतिहास और संवेदनशीलता Dhar Bhojshala स्थल हिन्दू धर्म में सरस्वती/वागदेवी मंदिर और मुस्लिम धर्म में कमाल मौला मस्जिद के रूप में माना जाता है। पहले से ही एएसआई (Archaeological Survey of India) की देखरेख में पूजा और नमाज होती रही है। इस साल Basant Panchami और Jumma एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों की धार्मिक गतिविधियों में टकराव की संभावना थी। सुप्रीम कोर्ट ने संतुलन और समझदारी के साथ आदेश जारी कर विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल किया। प्रशासन की तैयारी स्थानीय प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुरक्षा और crowd management की व्यवस्था मजबूत कर दी है। अलग प्रवेश द्वार, सुरक्षा गार्ड और व्यवस्थापक तैनात किए गए हैं ताकि पूजा और नमाज दोनों सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला धर्मनिरपेक्षता और communal harmony का उदाहरण है। यह न केवल विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का प्रयास है, बल्कि समुदायों के धार्मिक अधिकारों का सम्मान भी सुनिश्चित करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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यूथ गेम्स

27 जनवरी को टीटी नगर स्टेडियम में खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

भोपाल। खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेसवार्ता में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को शाम 6:30 बजे भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य नाटिका और भव्य आतिशबाजी भी दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगी। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स सफलतापूर्वक चल रहा है। खेल विभाग और विभिन्न खेल संघों के सहयोग से इसका आयोजन एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार सभी खेल संघों के साथ मिलकर खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं 25 जनवरी तक संपन्न हो जाएंगी। इसके बाद 27 जनवरी से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। ये प्रतियोगिताएं प्रदेश के 9 जिलों में आयोजित की जाएंगी। मंत्री सारंग ने बताया कि 31 जनवरी को भोपाल में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस बार यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक खेलों जैसे पिट्टू और रस्साकशी के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी शामिल किया गया है, जिससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्लॉक स्तर से अब तक 1 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है, जो खेलो एमपी यूथ गेम्स की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाता है। खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच मिल रहा है और युवाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Viral Video Case पार्किंग विवाद में युवती से मारपीट, शहर में मचा हड़कंप

भोपाल (Bhopal) के कल्पना नगर इलाके में एक मामूली सा पार्किंग विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। कैसे शुरू हुआ विवाद? बताया जा रहा है कि एक हिंदू युवती अपने भाई और दोस्तों के साथ मदरसे के पास स्कूटी खड़ी कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां वाहन खड़ा करने पर आपत्ति जताई। बात इतनी बढ़ी कि कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। युवती के गंभीर आरोप पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके साथियों को बेल्ट और डंडों से पीटा गया।उसने यह भी बताया कि झगड़े के दौरान उसके बाल उखाड़े गए, और उसके भाई के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे खून बहने लगा। वीडियो में युवती भावुक होकर अपनी आपबीती बताती दिख रही है, जिसने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: सोशल मीडिया और समाज पर असर वीडियो वायरल होने के बाद लोग दो हिस्सों में बंट गए —कुछ लोग युवती के समर्थन में सामने आए तो कुछ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद कैसे बड़ी हिंसा में बदल जाते हैं, और सार्वजनिक स्थानों पर सहनशीलता की कितनी जरूरत है। Bhopal का यह Parking Dispute Case हमें याद दिलाता है कि शहरों में बढ़ती भीड़ और जगह की कमी कैसे तनाव को जन्म देती है।अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर हैं, जिससे सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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