आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

जबलपुर: दिल में छेद वाली तीन दिन की बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई भेजा गया, स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी के दिन भी खोला ऑफिस

जबलपुर जिले के सिहोरा में जन्मी एक तीन दिन की बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। गुरुवार दोपहर बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू किया जाएगा। छुट्टी के दिन खोला गया ऑफिस, डेढ़ घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी थी, लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का ऑफिस खोला गया। अधिकारियों ने महज डेढ़ घंटे में सारे दस्तावेज़ और औपचारिकताएं पूरी कर लीं, ताकि बच्ची को तुरंत इलाज के लिए भेजा जा सके। पिता ने कहा- “भास्कर और सरकार की मदद से बची मेरी बच्ची” सिहोरा निवासी सत्येंद्र दाहिया और उनकी पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बेटी के दिल में छेद है, जिसका इलाज मुंबई में संभव है।सत्येंद्र ने कहा, “दैनिक भास्कर डिजिटल और स्वास्थ्य विभाग की बदौलत मेरी बेटी को समय पर मदद मिली, इसके लिए मैं आभारी हूं।” एयर एम्बुलेंस से मुंबई रवाना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुंची। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, RBSK जिला प्रबंधक डॉ. सुभाष शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी और सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े मौजूद थे। बच्ची के मुंबई पहुंचते ही नारायणा अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया। विधायक ने जताया आभार विधायक संतोष बरकड़े ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदनशील योजनाओं की वजह से आज जरूरतमंद परिवारों को जीवनदान मिल रहा है। जैसे ही मुझे इस केस की जानकारी मिली, मैंने तुरंत कलेक्टर और सीएमएचओ से बात की और RBSK योजना के तहत बच्ची को मुंबई भेजने की व्यवस्था कराई।” सीएमएचओ बोले- संवेदनशीलता से काम किया डॉ. संजय मिश्रा ने बताया, “हमारे स्टाफ ने छुट्टी के दिन भी सेवा भावना से काम किया। सभी ने मिलकर दस्तावेज़ तैयार किए और मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से बच्ची को सुरक्षित मुंबई रवाना किया गया।” 👉 ऐसी ही संवेदनशील और प्रेरणादायक खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

ग्वालियर में पुलिस-डकैत मुठभेड़: थाना प्रभारी महावीर परिहार घायल, योगी गुर्जर गैंग पर शिकंजा कसने की तैयारी

ग्वालियर के बेहट इलाके में गुरुवार सुबह पुलिस और योगी गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बेहट थाना प्रभारी महावीर परिहार गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ बेहट और हस्तिनापुर के बीच के जंगलों में हुई, जहां पुलिस का सामना गैंग के 3-4 सदस्यों से हुआ। बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बावजूद डकैत जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। 9 सितंबर को किया था गर्भवती महिला का अपहरण पुलिस के मुताबिक, यही गैंग 9 सितंबर को तिघरा थाना क्षेत्र में एक परिवार पर हमला कर गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण कर चुका है। गैंग का सरगना योगी गुर्जर पर ₹30,000 का इनाम घोषित है। जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज घटना के बाद पुलिस ने जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पांच टीमें लगातार डकैतों की तलाश में जुटी हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके की निगरानी कर रहे हैं। 22 दिन से पुलिस जंगल खंगाल रही करीब 10 साल बाद पुलिस को दो आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में एंटी डकैत स्क्वॉड बनानी पड़ी है। पिछले 22 दिनों से पुलिस चंबल के बीहड़ों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक योगी गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, योगी कभी अपनी प्रेमिका के ससुराल तो कभी उसके मायके (श्योपुर) में धमका कर पुलिस को चकमा दे रहा है। हथियारों से लैस गैंग फिर से सक्रिय लंबे समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ में अब एक बार फिर डकैतों की हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर, जो कभी कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर का साथी था, अब अपनी खुद की गैंग के साथ सक्रिय है। इस गिरोह में करीब 16 सदस्य हैं, जिनके पास पिस्टल, बंदूक और माउजर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। पुलिस के लिए बना सिरदर्द ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के इलाकों में योगी गुर्जर का आतंक फैल गया है। अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से होने के बाद से वह ‘सिरफिरा बागी डकैत’ बन गया है। पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है और उम्मीद है कि जल्द ही गैंग को पकड़ लिया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताज़ा और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

भोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिजकेसभोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को शाहबानो केस पर आधारित फिल्म ‘हक’ (Haq) की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिल्म किसी की निजता का हनन नहीं करती। साथ ही कोर्ट ने शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की रिलीज, प्रदर्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में क्या था दावा सिद्दिका बेगम ने कोर्ट में कहा था कि फिल्म मेकर्स ने उनकी अनुमति के बिना फिल्म बनाई है। उनका आरोप था कि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि दिखाई गई है, जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर सुपर्ण एस. वर्मा, जंगली पिक्चर्स, बावेजा स्टूडियोज, और CBFC के चेयरपर्सन को कानूनी नोटिस भी भेजा था। फिल्म 7 नवंबर को होगी रिलीज हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 4 नवंबर को पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है। क्या कहा याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई के दौरान सिद्दिका बेगम की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने तर्क दिया कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में ऐसे दृश्य और डायलॉग हैं जो उनकी मां शाहबानो की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई संवाद काल्पनिक हैं और वास्तविक जीवन में शाहबानो और उनके पति के बीच ऐसे संवाद कभी नहीं हुए थे। वारसी ने यह भी कहा कि फिल्म में शाहबानो के जीवन और ऐतिहासिक केस को तो दिखाया गया है, लेकिन उसमें कई बातें तोड़ी-मरोड़ी गई हैं। फिल्म में उनके परिवार के निजी अनुभव और संवेदनशील पहलू बिना अनुमति शामिल किए गए हैं। फिल्म मेकर्स का पक्ष फिल्म के निर्माता पक्ष के वकील अजय बागड़िया और हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। सभी घटनाएं सम्मानजनक और सकारात्मक दृष्टिकोण से फिल्माई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘हक’ समाज में महिला अधिकारों और न्याय की लड़ाई को दिखाने वाली फिल्म है। इस तरह हाईकोर्ट ने साफ किया कि फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी, और दर्शक तय करेंगे कि वह इसे किस नजरिए से देखते हैं। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

इंदौर: ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स सप्लाई करने वाला युवक गिरफ्तार, टीन चादर की दुकान की आड़ में चल रहा था कारोबार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स की सप्लाई करता था। आरोपी टीन चादर की दुकान की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था और हर सौदे पर मोटा कमीशन कमाता था। कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को 22 ग्राम MD ड्रग्स के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उनका कनेक्शन परवेज खान नामक युवक से सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने धार निवासी परवेज को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पहले शहीम पिता सलीम खान और मोहम्मद शारिक पिता मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 3 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि परवेज खान ही जावरा से ड्रग्स लाकर सप्लाई करवाता था। पुलिस के मुताबिक, परवेज पहले ऑनलाइन पैसा अपने खाते में मंगवाता था, फिर ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। इस गिरफ्तारी से MD ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस उससे जुड़ी आगे की कड़ियां भी तलाश रही है। ढाई लाख रुपए की ब्राउन शुगर भी जब्त एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी सिलसिले में बाणगंगा और रावजी बाजार क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। दोनों से कुल ढाई लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई है। पुलिस अब इनसे भी आगे की लिंक तलाशने में जुटी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहेंwww.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
Read more

ग्वालियर में आधी रात गैंगवार: रिंकू कमरिया गैंग की ताबड़तोड़ फायरिंग, हवलदार का बेटा समेत दो घायल

ग्वालियर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को घासमंडी, कोटेश्वर रोड पर वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गैंगवार हुआ। बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने कार सवार दो दोस्तों पर करीब 15 मिनट तक 35 से ज्यादा गोलियां दागीं। इस फायरिंग में एक हवलदार का बेटा समेत दो युवक घायल हुए। वर्चस्व और पैसे की लड़ाई में चली गोलियां पुलिस के मुताबिक, शिवनगर घोसीपुरा जनकगंज निवासी विजय सिंह गौड़, जिनके पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हवलदार हैं, रविवार रात अपने दोस्तों बल्लू सरदार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घासमंडी गए थे। लौटते समय कोटेश्वर रोड पर रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक चली गोलीबारी में विजय गौड़ को पैर में तीन गोलियां और हाकिम को एक गोली लगी। घटना के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इलाके में देर रात दहशत फैल गई। 5 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद घायल विजय ने पुलिस को बताया कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद को लेकर हुआ। रिंकू कमरिया पैसे की वसूली के बाद रकम वापस नहीं कर रहा था और धमकी दे रहा था कि “पैसा मांगा तो गोली मार दूंगा।”रिंकू कमरिया ग्वालियर थाने का लिस्टेड बदमाश है, जिस पर फायरिंग, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई केस पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को हजीरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पुलिस ने रिंकू कमरिया गैंग के सभी बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह के मुताबिक, “घायल युवकों के बयान लिए जा रहे हैं। हमलावरों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।” 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
Read more

भोपाल में रंजिश के चलते युवक पर तलवार से हमला, चार हमलावर फरार – हालत गंभीर

भोपाल के बागसेवनिया इलाके में पुरानी रंजिश का खौफनाक नतीजा सामने आया। देर रात चार युवकों ने एक युवक को घेरकर उस पर तलवार और डंडों से हमला कर दिया। आरोपी युवक को अधमरी हालत में छोड़कर मौके से भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने घायल को लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवक का इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रास्ते में घेरकर किया हमला पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय रिजवान खान, निवासी पिपालिया पेंदे खां, कार धोने का काम करता है। शनिवार रात वह दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी उस्मान, साहिब, अनस और उनके साथी ने रास्ते में घेरकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले मारपीट की और फिर तलवार से रिजवान के सिर और हाथों पर कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि रिजवान खून से लथपथ सड़क पर पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रिजवान का एक आरोपी से झगड़ा हुआ था — उसी का बदला लेने यह हमला किया गया। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात में कई ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 🔗 For more such updates, visit: www.deshharpal.com
Read more
Metro

Bhopal Metro CMRS ने शुरू की Metro Safety जांच, जल्द शुरू हो सकती Services

Bhopal Metro परियोजना के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में CMRS (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम भोपाल पहुंची और मेट्रो के मुख्य कॉरिडोर, स्टेशनों और डिपो की व्यापक जांच की। यह निरीक्षण मेट्रो के सुरक्षा और तकनीकी मानकों की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CMRS टीम का Metro Inspection CMRS टीम ने सब्जी नगर से एम्स तक के मेट्रो स्टेशनों और मुख्य ट्रैक का निरीक्षण किया। टीम ने ट्रेन, डिपो, सिग्नल, ट्रैक के बोल्ट और स्टेशन सुविधाओं की पूरी जांच की। मेट्रो के संचालन और सॉफ्टवेयर का भी अध्ययन किया गया। टीम ने निरीक्षण के दौरान सभी सुरक्षा और तकनीकी मानकों को संतोषजनक पाया। अगर कोई कमी नहीं पाई जाती है, तो CMRS जल्द ही मेट्रो के व्यावसायिक संचालन (Commercial Operations) की अनुमति दे सकती है। पहले चरण का निरीक्षण 25 सितंबर को CMRS की टीम ने मेट्रो डिपो और ट्रेनों का पहला निरीक्षण किया था। इस दौरान ट्रैक के बोल्ट, सिग्नल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई थी। यह कदम मेट्रो के सुरक्षित और भरोसेमंद संचालन के लिए आवश्यक था। CMRS की भूमिका CMRS (Metro Rail Safety Commissioner) भारतीय रेलवे मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह आयोग मेट्रो परियोजनाओं की सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करता है। वर्तमान में इस आयोग के अध्यक्ष हैं श्री जनक कुमार गर्ग (IRSEE:1987)। भोपालवासियों के लिए खुशखबरी इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के बाद, भोपाल मेट्रो जल्द ही संचालन के लिए तैयार हो सकती है। राज्य सरकार की योजना है कि इस महीने के अंत तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाए। यह शहरवासियों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक Metro सुविधा प्रदान करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

सिवनी हवाला कांड में नया मोड़: हाईकोर्ट ने कार चालक सोहनलाल को सुरक्षित घर पहुंचाने का दिया आदेश

सिवनी हवाला कांड में अब एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। जिस कार से हवाला का पैसा बरामद हुआ था, उसके चालक सोहनलाल परमार को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रूप से घर तक छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां सोहनलाल को रखा गया, वहां के CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं। यह मामला तब सामने आया जब जालना निवासी गंगाबाई परमार, जो सोहनलाल की पत्नी हैं, ने अपने पति की रिहाई के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके पति को कई दिनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। गंगाबाई ने बताया कि उनके पति को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और 12 अक्टूबर को छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद जालना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर उन्हें सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद हवाला केस के चालक सोहनलाल को पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस को सोहनलाल की मेडिकल जांच कराने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के आदेश दिए। गंगाबाई का यह भी कहना है कि इस दौरान न तो ट्रांजिट रिमांड ली गई, न ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस पूरे प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 पुलिसकर्मी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। क्या है पूरा मामला?सिवनी पुलिस ने नागपुर निवासी सोहन परमार से करीब 2.96 करोड़ रुपए बरामद किए थे। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में जब्त रकम सिर्फ 1.45 करोड़ रुपए दिखाई और बाकी रकम छिपा ली। इतना ही नहीं, आरोपी को बिना कार्रवाई के छोड़ भी दिया गया। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने 1.45 करोड़ रुपए जमा कराए, लेकिन इसके बाद आईजी प्रमोद वर्मा ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया। यह मामला अब न्यायालय की निगरानी में है और इसके हर पहलू की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
Read more

भोपाल में किसानों का प्रदर्शन: जीतू पटवारी पहुंचे शिवराज के घर, सड़क पर ही उड़ेल दी गेहूं की बोरियां

भोपाल में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास के बाहर किसानों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। वे अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे और जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो उन्होंने शिवराज के घर के सामने ही सड़क पर गेहूं की बोरियां उलट दीं और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया। किसानों की मांग और कांग्रेस का रुख दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ लगभग डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने भावांतर योजना, प्याज, धान और अन्य फसलों के दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद जीतू पटवारी ने कहा— “भावांतर योजना के ज़रिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था, और अब फिर वही दोहराया जा रहा है।” इसके बाद पटवारी ने एलान किया कि वे किसानों की समस्याएं सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और उनके बंगले तक पैदल जाएंगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खींचतान जैसे ही जीतू पटवारी और किसान रेड क्रॉस चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने। कई बार पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पटवारी हर बार चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। आखिरकार, वे शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए। वहां शिवराज ने पटवारी और कुछ नेताओं को अंदर बुलाया और कुछ देर चर्चा की। मुलाकात के बाद पटवारी ने मांगी माफी बंगले से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा— “अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर दीजिए।” भाजपा का पलटवार वहीं, भाजपा नेता हितेश बाजपेई ने X (ट्विटर) पर पटवारी की गेहूं की बोरी उठाए तस्वीर साझा की और लिखा— “किसानों की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति चमका रहे हैं जीतू पटवारी जी। उनके साथ पीआर टीम फोटो और वीडियो बनाने में लगी थी।” For more such political updates, visit: www.deshharpal.com
Read more
1 51 52 53 54 55 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.