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PM Narendra Modi की अपील – हर दुकान पर लगाएं ‘स्वदेशी’ का बोर्ड

PM Narendra Modi की अपील – हर दुकान पर लगाएं ‘स्वदेशी’ का बोर्ड

PM Narendra Modi ने देशवासियों से अपील की है कि वे भारतीय सामान खरीदें और स्वदेशी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि हर दुकान पर ‘स्वदेशी’ का बोर्ड जरूर लगना चाहिए, ताकि लोग यह समझ सकें कि यहां देश में बने उत्पाद उपलब्ध हैं। मोदी ने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा – “वही खरीदें जिसमें हमारे देशवासियों का पसीना हो।” उन्होंने बताया कि भारतीय सामान खरीदने से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि लोगों को GST कटौती का भी सीधा फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि हमें छोटे उद्योगों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। जब हम स्वदेशी अपनाएंगे, तभी देश आत्मनिर्भर भारत के सपने की ओर तेजी से बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi बोले- ऑपरेशन सिंदूर में हमारे जवानों ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया

PM Modi बोले- ऑपरेशन सिंदूर में हमारे जवानों ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया

PM Modi ने कहा है कि अब “नया भारत” किसी परमाणु धमकी से नहीं डरेगा और आतंकियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि हमारी सैनिक कार्रवाई से आतंकवादी आधार नष्ट हुए और हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने निर्णायक कार्रवाई की। मोदी ने कहा, “हम घर में घुसकर मारते हैं — बचने का कोई मौका नहीं देंगे,” और यह संदेश पड़ोसी देश को भी दिया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को देश की भावनाओं और वीर जवानों की बहादुरी का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री का कहना था कि हमारी सेनाओं ने जिस तेज़ी से और सटीक तरीके से कार्रवाई की, उसने आतंकियों और उनके मददगारों को भारी झटका दिया। मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार और सशस्त्र बल उठाएंगे। स्थल – संदर्भ (संक्षेप में): यह संबोधन ऑपरेशन सिंदूर के बाद सार्वजनिक रूप से दी गई कई बैठकों और रैलियों में से एक था, जहाँ पीएम ने कार्रवाई की सफलता और आगे की नीति पर साफ़ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन फिलहाल रोका गया है, लेकिन ज़रूरत पड़ी तो इसे दुबारा शुरू किया जा सकता है — यानी आगे का फैसला पड़ोसी देश के बरताव पर निर्भर करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर: छात्रा पर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव, नहीं मानी तो दी एसिड अटैक की धमकी

इंदौर में 21 साल की छात्रा ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। छात्रा का कहना है कि युवक उस पर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। इनकार करने पर आरोपी ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने और एसिड अटैक की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी मुकीम खान के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एडिशनल डीसीपी (जोन-2) अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा का आरोप – “शादी नहीं की तो तेजाब फेंक दूंगा” छात्रा ने पुलिस को बताया कि जब उसने शादी से मना किया तो आरोपी ने धमकी दी –“शादी तो करनी पड़ेगी, नहीं तो परिवार को भेड़-बकरी की तरह खत्म कर दूंगा और तुझ पर तेजाब फेंक दूंगा।” ऐसे हुई पहचान अप्रैल 2025 में प्रैक्टिकल एग्जाम के दौरान छात्रा और आरोपी की पहचान हुई थी। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल नंबर लेकर इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू की और शादी का प्रस्ताव रखा। छात्रा ने घर से भागने और शादी करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी कॉल पर दबाव बनाने लगा। रास्ता रोककर बनाया दबाव छात्रा ने बताया कि उसने आरोपी का कॉल उठाना बंद कर दिया था। लेकिन सोमवार शाम 5 बजे जब वह गरबा प्रैक्टिस के लिए जा रही थी, तभी आरोपी ने रास्ते में रोककर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। जब छात्रा ने मना किया तो उसने धमकी दी कि अगर शादी नहीं हुई तो वह उस पर तेजाब फेंक देगा। डरी-सहमी छात्रा घर पहुंची और भाई को घटना बताई। इसके बाद भाई के साथ थाने जाकर मामला दर्ज कराया गया। 👉 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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खंडवा की बेटी अदिती इंदौरे ने जीता नेशनल ताइक्वांडो गोल्ड, कलेक्टर को कहा धन्यवाद

खंडवा की छठवीं कक्षा की छात्रा अदिती इंदौरे ने नेशनल ताइक्वांडो स्पर्धा में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। जीत के बाद मंगलवार को अदिती कलेक्टर ऋषव गुप्ता से मिली और गुलाब का फूल भेंट कर आभार जताया। दरअसल, नेशनल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए अदिती को यात्रा भत्ता की जरूरत थी। परिवार के पास आर्थिक संसाधन नहीं थे, ऐसे में कलेक्टर ने मदद की और अदिती का रास्ता आसान बनाया। अदिती का संघर्ष और सफर अदिती एक निजी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा हैं और नियमित रूप से ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेती हैं। उनके पिता बसंत इंदौरे राजमिस्त्री हैं और मां ममता इंदौरे ग्रेजुएट गृहिणी। मां ही बच्चों की पढ़ाई और खेल-कूद की जिम्मेदारी संभालती हैं। अदिती का चयन गुजरात के अहमदाबाद में हुई प्रतियोगिता के बाद हुआ था। नेशनल चैंपियनशिप उत्तर प्रदेश के इटावा में आयोजित की गई थी। आर्थिक तंगी के बावजूद मां ने बेटी का हौसला बनाए रखा और कलेक्टर से मदद मांगी। कलेक्टर की मदद से मिली उड़ान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत आर्थिक सहयोग दिलाया। इसके बाद अदिती प्रतियोगिता में शामिल हुई और गोल्ड जीतकर पूरे जिले का नाम रोशन किया। मां का बयान अदिती की मां ममता ने कहा – “बेटी ने मेहनत और लगन से गोल्ड जीता, लेकिन इसमें कलेक्टर साहब का सहयोग भी उतना ही अहम रहा। उनकी मदद के बिना नेशनल तक पहुंचना संभव नहीं था।” 👉 पूरी खबर पढ़ें: www.deshharpal.com
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भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, नियमितीकरण और अवकाश नीति की मांग

प्रदेश भर के हजारों अतिथि शिक्षक आज राजधानी भोपाल के अंबेडकर मैदान, तुलसी नगर में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। वे नियमितीकरण, नौकरी में स्थायित्व और अवकाश नीति जैसी मांगों को लेकर “गुरु दक्षिणा” कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आयोजन का मकसद सरकार का ध्यान लंबे समय से अनदेखी झेल रहे अतिथि शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को भी आमंत्रित किया गया है। शिक्षक उनसे अपनी मांगें सीधे तौर पर रखेंगे। उनका कहना है कि जिस तरह पहले “गुरुजी” शिक्षकों को नियमित किया गया था, उसी तरह अतिथि शिक्षकों के लिए भी एक स्पष्ट और स्थायी नीति बनाई जानी चाहिए। संघ की प्रमुख मांगें संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी की मांग नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती तभी संभव है, जब शिक्षकों को स्थायित्व और अधिकार मिलें। 👉 पूरी खबर पढ़ें: www.deshharpal.com
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इंदौर में मौत का ट्रक: एयरपोर्ट रोड पर भीषण हादसा, 3 की मौत, 12 घायल

इंदौर में सोमवार शाम का समय एक खौफनाक मंजर में बदल गया, जब एयरपोर्ट रोड पर तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने करीब एक किलोमीटर तक लोगों और वाहनों को रौंद डाला। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में इंदौर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी, वैशाली नगर निवासी प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) और महेश खतवासे शामिल हैं। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें गीतांजलि, वर्मा यूनियन, बांठिया, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल शामिल हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक (MP09 ZP 4069) के ब्रेक फेल हो गए थे। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। ट्रक में फंसी एक बाइक के कारण आग लग गई और धमाके के बाद पूरा ट्रक लपटों में घिर गया। परिजनों का दर्द प्रशासन की कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा और गृह विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की मॉनिटरिंग की। सवालों के घेरे में पुलिस स्थानीय लोगों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं कि जब शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है, तो इतना बड़ा ट्रक शहर में कैसे घुस गया? पुलिस की चेकिंग के बावजूद यह हादसा प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। यह घटना पूरे शहर को झकझोर देने वाली है और परिवारों के लिए जीवनभर का घाव छोड़ गई है। 👉 अधिक खबरों के लिए पढ़े www.deshharpal.com
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Bhopal Swadeshi Mela

Bhopal Swadeshi Mela 2025 Local Products और Swadeshi Culture Showcase

भोपाल में 17 से 20 सितंबर 2025 तक चार दिवसीय Bhopal Swadeshi Mela का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हो रहा है और इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों (Local Products) और स्वदेशी संस्कृति (Swadeshi Culture) को बढ़ावा देना है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। Bhopal Swadeshi Mela का स्थान और आयोजन यह मेला हाट बाजार, भोपाल में आयोजित होगा। आयोजन के मुख्य संयोजक हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा हैं। यह मेला स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और छोटे व्यवसायों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देगा। मेले की प्रमुख विशेषताएँ मेले का उद्देश्य इस मेला का मुख्य उद्देश्य ‘Vocal for Local’ की भावना को बढ़ावा देना है। मेले में भाग लेकर लोग न केवल स्थानीय उत्पादों का समर्थन करेंगे, बल्कि Swadeshi Culture को भी अपनाएंगे। क्यों जाएँ Swadeshi Mela में? यदि आप स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और लोकल व्यंजनों में रुचि रखते हैं, तो यह मेला आपके लिए एक आदर्श स्थल है। मेले में भाग लेकर आप स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को प्रोत्साहित कर सकते हैं और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने में योगदान दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal Metro

Bhopal Metro और Smart City Projects CM ने की बड़ी घोषणाएं और रोड सुधार

Bhopal Metro में मंगलवार को जिला पंचायत भवन में ‘दिशा’ समिति की बैठक हुई, जिसमें Metro परियोजना, Smart City योजनाओं और शहर की Roads की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कुल 11 अहम मुद्दों पर विचार किया गया और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। भोपाल Metro परियोजना की प्रगति Bhopal Metro का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुभाष नगर से AIIMS तक 7.5 किलोमीटर लंबा Priority Corridor अक्टूबर 2025 तक जनता के लिए खोलने की योजना है। इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। Metro परियोजना से शहर में यातायात सुगम होगा और यात्रियों के लिए Public Transport का अनुभव बेहतर होगा। Smart City योजनाओं का विकास Smart City के तहत TT नगर क्षेत्र में 342 एकड़ में Redevelopment कार्य जारी हैं। इस परियोजना में Smart Roads, Green Technology, Smart Parking और Multimodal Transportation Network शामिल हैं। आगामी Metro स्टेशन के पास इन सुविधाओं के बनने से Traffic Management और Public Convenience दोनों बेहतर होंगे। Roads सुधार और Traffic Safety बैठक में शहर की प्रमुख Roads की स्थिति की समीक्षा की गई। MP नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे Road Excavation के कारण Traffic में रुकावटें आ रही हैं, जिन्हें जल्द सुलझाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को Road Safety Measures को बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। समग्र विकास और ₹599 करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल को एक Smart और Modern City के रूप में विकसित करने के लिए ₹599 करोड़ की परियोजनाओं का Shilanyas किया। इसमें जल आपूर्ति, Western Bypass, Tourism Facilities और Smart City योजनाओं को शामिल किया गया है। यह निवेश शहर के Infrastructure और Public Services में सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। Metro और Smart City Projects के तेजी से आगे बढ़ने से न केवल Traffic बेहतर होगा, बल्कि शहर का Modern और Organized रूप भी उभरकर सामने आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Coral Woods Society Club House Sealed: निगम ने लगाया ताला, 550 परिवार संकट में

भोपाल की कोरल वुड्स सोसायटी में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने पर नगर निगम ने क्लब हाउस को सील कर दिया। बिल्डर और सोसायटी की अनियमितताओं से 550 परिवारों पर सुरक्षा संकट मंडरा रहा है। कोरल वुड्स सोसायटी का क्लब हाउस सील, रहवासी हुए परेशान सुनील भंडारी, भोपाल।भोपाल की चर्चित कोरल वुड्स सोसायटी (Coral Woods Society Bhopal) में चल रहे प्रॉपर्टी टैक्स विवाद ने 550 से अधिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर निगम ने ₹4.60 लाख से अधिक बकाया संपत्ति कर जमा न होने पर सोसायटी के क्लब हाउस को ताला लगाकर सील कर दिया। इस कार्रवाई से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी संकट आ गया है, क्योंकि क्लब हाउस में ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सोसाइटी ऑफिस मौजूद है। निगम की कार्रवाई नगर निगम जोन 13 के अमले ने वार्ड 52 स्थित कोरल वुड्स क्लब हाउस को सील किया। निगम के अनुसार, बिल्डर ऋषि कंस्ट्रक्शन के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं हुआ, जिसके बाद कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की गई। बिल्डर बनाम सोसायटी विवाद रहवासियों की परेशानी वरिष्ठ रहवासी हरिओम गुप्ता ने कहा:“हम हर महीने मेंटेनेंस दे रहे हैं, फिर भी हमें अपमानित होना पड़ रहा है। क्लब हाउस सील होने से बच्चों की क्लासेस, जिम, इंडोर गेम्स सब बंद हो गए। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा व्यवस्था की है।” रहवासी प्रफुल्ल दानी ने आरोप लगाया कि भंग समिति ने आर्थिक अनियमितताओं को छिपाया और दो साल से AGM नहीं बुलाई। शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की कार्रवाई से सीधे-सीधे रहवासी दंडित हुए हैं, जबकि असली जिम्मेदार बिल्डर है। निगम को चाहिए कि वह बिल्डर की संपत्तियों को जब्त करे, न कि आम नागरिकों को परेशान करे। आगे की राह रहवासी अब इस विवाद को लेकर रेरा (RERA) में बिल्डर की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
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Free Scooty Yojana : 7832 छात्र-छात्राओं को CM ने सौंपी Scooty की चाबी, 20 लाख छात्राओं को मिला सीधा लाभ

Free Scooty Yojana: 7832 छात्र-छात्राओं को CM ने सौंपी Scooty की चाबी, 20 लाख छात्राओं को मिला सीधा लाभ

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Free Scooty Yojana से हजारों बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने खुद 7,832 छात्र-छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी। इस दौरान मंच पर बच्चों और उनके परिवारों की खुशी देखने लायक थी। योजना के तहत अब तक 20 लाख से ज्यादा छात्राओं के बैंक खातों में सीधा पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इस पहल से बेटियों की पढ़ाई आसान होगी और उन्हें कॉलेज-यूनिवर्सिटी आने-जाने में सुविधा मिलेगी। कई छात्राओं ने बताया कि स्कूटी मिलने से उनका समय बचेगा और वे बिना किसी रुकावट अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगी। वहीं, परिवार के लोगों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके बच्चों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार का दावा है कि यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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