इंदौर में सोमवार शाम का समय एक खौफनाक मंजर में बदल गया, जब एयरपोर्ट रोड पर तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने करीब एक किलोमीटर तक लोगों और वाहनों को रौंद डाला। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में इंदौर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी, वैशाली नगर निवासी प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) और महेश खतवासे शामिल हैं। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें गीतांजलि, वर्मा यूनियन, बांठिया, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल शामिल हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक (MP09 ZP 4069) के ब्रेक फेल हो गए थे। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। ट्रक में फंसी एक बाइक के कारण आग लग गई और धमाके के बाद पूरा ट्रक लपटों में घिर गया।
परिजनों का दर्द
- प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से पत्नी, बेटा और बुजुर्ग मां बेसहारा हो गए।
- कैलाशचंद्र जोशी अगले साल रिटायर होने वाले थे, लेकिन आग में झुलसकर उनकी मौत हो गई।
- पुणे से इंदौर आए गोपलानी परिवार के चार सदस्य भी इस हादसे में घायल हो गए।
प्रशासन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा और गृह विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की मॉनिटरिंग की।

सवालों के घेरे में पुलिस
स्थानीय लोगों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं कि जब शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है, तो इतना बड़ा ट्रक शहर में कैसे घुस गया? पुलिस की चेकिंग के बावजूद यह हादसा प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
यह घटना पूरे शहर को झकझोर देने वाली है और परिवारों के लिए जीवनभर का घाव छोड़ गई है।
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