नागपंचमी के मौके पर Ujjain के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर में स्थित Nagchandreshwar Temple के बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में करीब 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य टीम ने सभी को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया।
नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ नागपंचमी के दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है। यही वजह है कि इस दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के दर्शन को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहता है और दूर-दूर से लोग उज्जैन आते हैं।
भीड़ बढ़ने के साथ मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं पर दबाव बढ़ गया। इस दौरान कुछ लोगों को घबराहट और कमजोरी महसूस हुई। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर सक्रिय रही।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लगातार भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। फिलहाल सभी प्रभावित श्रद्धालुओं की हालत सामान्य बताई जा रही है।
क्यों खास है नागचंद्रेश्वर मंदिर?
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव नाग के आसन पर विराजमान हैं। नागपंचमी पर साल में एक बार मंदिर के कपाट खुलते हैं, जिसके चलते इस दिन दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
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