भोपाल की कोरल वुड्स सोसायटी में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने पर नगर निगम ने क्लब हाउस को सील कर दिया। बिल्डर और सोसायटी की अनियमितताओं से 550 परिवारों पर सुरक्षा संकट मंडरा रहा है।
कोरल वुड्स सोसायटी का क्लब हाउस सील, रहवासी हुए परेशान
सुनील भंडारी, भोपाल।
भोपाल की चर्चित कोरल वुड्स सोसायटी (Coral Woods Society Bhopal) में चल रहे प्रॉपर्टी टैक्स विवाद ने 550 से अधिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर निगम ने ₹4.60 लाख से अधिक बकाया संपत्ति कर जमा न होने पर सोसायटी के क्लब हाउस को ताला लगाकर सील कर दिया।

इस कार्रवाई से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी संकट आ गया है, क्योंकि क्लब हाउस में ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सोसाइटी ऑफिस मौजूद है।
निगम की कार्रवाई
नगर निगम जोन 13 के अमले ने वार्ड 52 स्थित कोरल वुड्स क्लब हाउस को सील किया। निगम के अनुसार, बिल्डर ऋषि कंस्ट्रक्शन के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं हुआ, जिसके बाद कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की गई।
बिल्डर बनाम सोसायटी विवाद
- बिल्डर का कहना है कि दिसंबर 2022 में क्लब हाउस और मेंटेनेंस का जिम्मा निर्वाचित समिति को सौंप दिया गया था।
- रहवासियों और पूर्व समिति सदस्यों का आरोप है कि बिल्डर ने अधूरे प्रोजेक्ट का गलत तरीके से हैंडओवर किया और करों का भुगतान अभी भी उसकी जिम्मेदारी है।
- अप्रैल 2025 में आर्थिक गड़बड़ियों और इस्तीफों के चलते समिति को भंग कर दिया गया और अब प्रबंधन प्रशासक सपना गुहा के पास है।
रहवासियों की परेशानी
वरिष्ठ रहवासी हरिओम गुप्ता ने कहा:
“हम हर महीने मेंटेनेंस दे रहे हैं, फिर भी हमें अपमानित होना पड़ रहा है। क्लब हाउस सील होने से बच्चों की क्लासेस, जिम, इंडोर गेम्स सब बंद हो गए। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा व्यवस्था की है।”
रहवासी प्रफुल्ल दानी ने आरोप लगाया कि भंग समिति ने आर्थिक अनियमितताओं को छिपाया और दो साल से AGM नहीं बुलाई। शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की कार्रवाई से सीधे-सीधे रहवासी दंडित हुए हैं, जबकि असली जिम्मेदार बिल्डर है। निगम को चाहिए कि वह बिल्डर की संपत्तियों को जब्त करे, न कि आम नागरिकों को परेशान करे।
आगे की राह
रहवासी अब इस विवाद को लेकर रेरा (RERA) में बिल्डर की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
