आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGस्पोर्ट्सभारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग◆BREAKINGBreaking NewsDelhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन◆BREAKINGBreaking NewsGlobal Protest Network: फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों की चर्चा, 101 संगठनों पर रिपोर्ट◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस◆BREAKINGबिज़नेसJio Platforms IPO: तीसरे दिन 6 गुना पार Subscription, QIBs ने लगाई ताबड़तोड़ बोली◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: MP में बारिश, नैनीताल में Landslide से 2 की मौत; तमिलनाडु में भारी बारिश◆BREAKINGदेश-हरपलChinmaya Mission के 75 साल पूरे: PM Modi की मौजूदगी में भव्य Global Sammelan◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग◆BREAKINGBreaking NewsDelhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन◆BREAKINGBreaking NewsGlobal Protest Network: फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों की चर्चा, 101 संगठनों पर रिपोर्ट◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस◆BREAKINGबिज़नेसJio Platforms IPO: तीसरे दिन 6 गुना पार Subscription, QIBs ने लगाई ताबड़तोड़ बोली◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: MP में बारिश, नैनीताल में Landslide से 2 की मौत; तमिलनाडु में भारी बारिश◆BREAKINGदेश-हरपलChinmaya Mission के 75 साल पूरे: PM Modi की मौजूदगी में भव्य Global Sammelan◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Jio Platforms IPO

Jio Platforms IPO: तीसरे दिन 6 गुना पार Subscription, QIBs ने लगाई ताबड़तोड़ बोली

मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms के IPO को लेकर शेयर बाजार में काफी चर्चा है। इश्यू के तीसरे दिन निवेशकों ने जमकर बोली लगाई और सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 6 गुना के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा उत्साह बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) में देखने को मिला, जिन्होंने अपनी कैटेगरी में 13 गुना से ज्यादा बोली लगाई। अब निवेशकों की नजर IPO के अलॉटमेंट और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग पर है। Jio Platforms IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स Jio Platforms का करीब 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुला था। इसमें निवेश करने का आखिरी मौका 23 अक्टूबर को है। शुरुआती दो दिनों से ही इस इश्यू को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा था। तीसरे दिन सुबह 9:20 बजे तक IPO का सब्सक्रिप्शन 5.72 गुना पहुंच चुका था और कारोबार आगे बढ़ने के साथ इसमें और तेजी देखने को मिली। IPO में इतनी मजबूत मांग ने इसे शेयर बाजार की प्रमुख चर्चाओं में शामिल कर दिया है। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े और शुरुआती कारोबारी आंकड़ों में अंतर हो सकता है। QIBs ने 13 गुना से ज्यादा लगाई बोली इस IPO में सबसे ज्यादा दिलचस्पी Qualified Institutional Buyers यानी QIBs ने दिखाई। इस श्रेणी में बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं, जैसे म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थान। दूसरे दिन के अंत तक QIB कैटेगरी 13.29 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की ओर से भी अच्छी मांग आई। रिटेल निवेशकों ने भी इश्यू में भागीदारी दिखाई। संस्थागत निवेशकों की मजबूत बोली से IPO को लेकर बाजार का उत्साह साफ नजर आता है। हालांकि, ज्यादा सब्सक्रिप्शन का मतलब यह नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर निश्चित रूप से मुनाफा होगा। भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल Jio Platforms का इश्यू Jio Platforms का करीब 30,213 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम आकार के लिहाज से भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल है। इससे पहले Hyundai Motor India का करीब 27,859 करोड़ रुपये का IPO देश का सबसे बड़ा इश्यू था। Platforms का कारोबार टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ा है। कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंच रखती है। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल और कंपनी की बाजार में मौजूदगी के कारण इस IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। Jio Platforms IPO का Price Band और जरूरी तारीखें निवेशकों के लिए IPO से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां दी गई है: अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखों में बदलाव संभव है। निवेशकों को अंतिम जानकारी के लिए कंपनी और स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक घोषणाएं देखनी चाहिए। GMP पर भी निवेशकों की नजर IPO में मजबूत सब्सक्रिप्शन के बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी रहती है। GMP से बाजार में शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत को लेकर एक संकेत मिल सकता है, लेकिन यह आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। लिस्टिंग के दिन शेयर किस भाव पर खुलेगा, यह बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के मूल्यांकन समेत कई बातों पर निर्भर करेगा। इसलिए सिर्फ GMP देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। क्या Jio Platforms IPO में निवेश करना सही रहेगा? IPO को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स निश्चित रूप से चर्चा का विषय है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और शेयर के मूल्यांकन को समझना जरूरी है। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि IPO में आवेदन करने से शेयर अलॉट होने की गारंटी नहीं होती। इसी तरह, शेयर अलॉट होने के बाद लिस्टिंग पर फायदा होगा या नुकसान, यह पहले से तय नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, Jio Platforms IPO में QIBs की मजबूत भागीदारी ने बाजार का ध्यान खींचा है। अब सबकी नजर सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों, शेयर अलॉटमेंट और संभावित लिस्टिंग पर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल? अब टेस्ट में 75% अंक जरूरी करने का प्रस्ताव, PVC कार्ड भी मिलेगा

नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों का नया ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके तहत ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। साथ ही, टेस्ट से पहले कम से कम 30 मिनट का ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल’ देखना भी जरूरी किया जा सकता है। सरकार ने लाइसेंस से जुड़ी कुछ ऑनलाइन सेवाओं को आधार वेरिफिकेशन के जरिए मुफ्त करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने जैसी सेवाएं शामिल हैं। हालांकि, ये बदलाव अभी प्रस्तावित हैं और अंतिम नियम जारी होने के बाद ही इनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। अब मिलेगा मजबूत और वाटरप्रूफ PVC कार्ड ड्राफ्ट के मुताबिक, नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने पर साधारण कागज के बजाय ‘फॉर्म 7’ के तहत मजबूत और वाटरप्रूफ PVC कार्ड देने का प्रावधान है। लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया में पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर ID, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। दस्तावेजों की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और निर्धारित शर्तों पर निर्भर करेगी। 15 दिन में नाम-पता बदलने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव ड्राइविंग लाइसेंस में नाम, पता या अन्य जानकारी बदलवाने के लिए आवेदन करने वालों को भी राहत मिल सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के अधिकारी को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी या आवेदन खारिज करना होगा। यदि आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को उसका स्पष्ट कारण लिखित रूप में बताना होगा। इससे आवेदकों को आवेदन की स्थिति और अस्वीकृति की वजह जानने में मदद मिलेगी। आधार वेरिफिकेशन से मुफ्त में बदलवा सकेंगे नाम-पता सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आधार वेरिफिकेशन के जरिए ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं की फीस माफ करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत लाइसेंस में नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने जैसी सेवाएं मुफ्त हो सकती हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो निर्धारित ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने वाले आवेदकों को शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हालांकि, मुफ्त सेवाओं का अंतिम दायरा नियमों को मंजूरी मिलने के बाद स्पष्ट होगा। 30 दिनों में मांगे सुझाव और आपत्तियां परिवहन मंत्रालय ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी कर आम लोगों और विशेषज्ञों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद सरकार नियमों को अंतिम रूप दे सकती है। ध्यान दें: फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित नियमों का हिस्सा हैं। इन्हें अंतिम रूप से लागू किए जाने से पहले आधिकारिक अधिसूचना जारी होना जरूरी है।
Read more

Apple ने ऑनलाइन iPhone खरीदने की लिमिट तय की, एक ग्राहक खरीद सकेगा अधिकतम 2 फोन

फेस्टिव सीजन में iPhone खरीदने वालों के लिए Apple की ओर से खरीदारी की सीमा तय किए जाने की खबर सामने आई है। दावा है कि कंपनी के आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर पर एक ग्राहक अधिकतम 2 iPhone ही खरीद सकेगा। एक ही मॉडल के दो फोन खरीदें या अलग-अलग मॉडल चुनें, तीसरा iPhone कार्ट में जोड़ने पर ऑर्डर रोकने और चेतावनी संदेश दिखाने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस नियम की आधिकारिक पुष्टि और इसकी लागू होने की अवधि की जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। खरीदारी से पहले Apple के आधिकारिक स्टोर पर मौजूदा शर्तें जांच लें। ऑफलाइन स्टोर पर खरीदारी को लेकर दावा रिपोर्ट के मुताबिक, दो iPhone खरीदने की सीमा केवल ऑनलाइन स्टोर के लिए है। यदि किसी ग्राहक को दो से ज्यादा फोन खरीदने हैं, तो वह Apple के ऑफलाइन स्टोर से खरीदारी कर सकता है। हालांकि, ऑफलाइन स्टोर पर भी उपलब्धता और बिक्री की शर्तें लागू हो सकती हैं। कालाबाजारी रोकने की कोशिश त्योहारों के दौरान लोकप्रिय स्मार्टफोन की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में कुछ खरीदार या रीसेलर बड़ी संख्या में फोन खरीद सकते हैं, जिससे आम ग्राहकों के लिए उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका रहती है। एक ग्राहक के लिए खरीदारी की सीमा तय करने का उद्देश्य जमाखोरी और रीसेलिंग को नियंत्रित करना हो सकता है। हालांकि, इस नियम के पीछे Apple की आधिकारिक वजह की पुष्टि जरूरी है। फोल्डेबल iPhone और iPhone 18 सीरीज को लेकर भी दावे दी गई जानकारी में Apple के पहले फोल्डेबल iPhone ‘iPhone Duo’ का भी जिक्र है। इसके मुताबिक, फोन में 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले और 7.6 इंच की अंदरूनी स्क्रीन होने का दावा किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए और टॉप मॉडल की कीमत 4.50 लाख रुपए तक बताई गई है। इसी तरह, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की कीमतों और कैमरा फीचर्स को लेकर भी जानकारी दी गई है। लेकिन इन मॉडल्स, कीमतों और लॉन्च से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें पक्की जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।
Read more
Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।
Read more

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Read more
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Share Market

Share Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव

शेयर बाजार (Share Market) में तेजी देखकर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए बुधवार का कारोबार थोड़ा निराशाजनक रहा। 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बनाई, लेकिन दोपहर तक तस्वीर बदल गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया और 73,500 के आसपास कारोबार करने लगा। ऑटो और मेटल शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला। बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है। Sensex और Nifty में गिरावट, शुरुआती तेजी पड़ी फीकी बुधवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स को सहारा मिला। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद सेंसेक्स अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सका। दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक की गिरावट ने बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को उजागर किया। निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े दांव लगाने के बजाय कारोबार से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। Auto और Metal Stocks में क्यों बढ़ी बिकवाली? बाजार की गिरावट में ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों की कमजोरी चर्चा में रही। इन सेक्टरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। ऑटो कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए वाहन बिक्री, मांग और उत्पादन लागत जैसे पहलू अहम हैं। वहीं, मेटल कंपनियों के प्रदर्शन पर वैश्विक मांग, धातुओं की कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों का असर पड़ता है। हालांकि, पूरे सेक्टर को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा। अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में उनकी वित्तीय स्थिति और कारोबार के आधार पर अलग-अलग चाल देखने को मिल सकती है। Crude Oil Price में तेजी से बढ़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, परिवहन खर्च और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे कुछ कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और तेल बाजार की चाल पर नजर रख रहे हैं। IT Stocks और Reliance पर भी निवेशकों की नजर जहां ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, वहीं आईटी सेक्टर और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चर्चा में रहे। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबार की संभावनाएं निवेशकों के लिए अहम हैं। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़ी गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, किसी एक कंपनी में खरीदारी या तेजी से पूरे बाजार की दिशा तय नहीं होती। सेंसेक्स और निफ्टी पर कई बड़े शेयरों और सेक्टरों का संयुक्त असर पड़ता है। Share Market में गिरावट की 4 बड़ी वजहें निवेशक अब किन बातों पर रखें नजर? आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजे अहम रहेंगे। इन संकेतों से बाजार की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है, हालांकि बाजार की चाल का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन, अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना बेहतर रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gold-Silver Rate

Gold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे

Gold-Silver Rate में गिरावट ने सर्राफा बाजार का ध्यान खींचा है। बीते दो दिनों में सोना करीब ₹2,300 सस्ता होने की खबर है। वहीं, चांदी के दाम में भी लगभग ₹5,000 की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में जो लोग त्योहारों या शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनकी नजर अब सोने-चांदी के नए भाव पर है। आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर करीब ₹1.44 लाख रह गई है। हालांकि, 21 अक्टूबर 2026 को सामने आए ताजा बाजार अपडेट में सोने और चांदी के भाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए। इसलिए खरीदारी से पहले आज का रेट जरूर जांच लें। Gold Price Today: 10 ग्राम सोने का भाव कितना है? 21 अक्टूबर के बाजार अपडेट के अनुसार, सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:25 बजे उपलब्ध एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 ग्राम सोना ₹669 सस्ता होकर ₹1,45,850 पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,46,519 था। वहीं, एक अन्य बाजार अपडेट में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में कीमतों का अंतर अपडेट के समय और बाजार के आधार पर हो सकता है। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से गहने खरीदने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, केवल एक-दो दिन के भाव देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 21 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव ₹2,11,485 से घटकर ₹2,09,050 पर आ गया। यानी कीमत में ₹2,435 की कमी दर्ज की गई। वहीं, कुछ खुदरा बाजारों में चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो बताया गया। यह अंतर बाजार और कीमत अपडेट के तरीके के कारण हो सकता है। इसलिए अपने शहर के सर्राफा बाजार से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि बर्तन, सिक्के और कई औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। यही वजह है कि इसके दाम में होने वाले बदलाव पर खरीदारों और कारोबारियों की नजर बनी रहती है। Gold-Silver Rate क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों पर घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर पड़ता है। डॉलर की मजबूती, रुपये की विनिमय दर, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक हालात कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। 21 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से मिलने वाले संकेतों का भी इंतजार कर रहे हैं। इन परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, सोने और चांदी के भाव में गिरावट की वजह केवल एक कारक नहीं है। बाजार में निवेशकों की खरीद-बिक्री और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं भी कीमतों की दिशा तय करती हैं। क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप त्योहार, शादी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करना फायदेमंद रहेगा। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आज कीमत कम हुई है तो आने वाले दिनों में भी गिरावट जारी रहेगी। खरीदारी के समय इन बातों का ध्यान रखें: Gold-Silver Price: अलग-अलग शहरों में भाव क्यों बदलते हैं? दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दूसरे शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर हो सकता है। स्थानीय बाजार की परिस्थितियां, कारोबारी मार्जिन और आभूषण बनाने के शुल्क अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन दिखाई देने वाला बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप पर मिलने वाली कीमत एक जैसी होना जरूरी नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आज के Gold-Silver Rate पर एक नजर 21 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध अलग-अलग बाजार अपडेट के अनुसार: ये दरें अलग-अलग बाजारों और अपडेट के समय के आधार पर हैं। इन्हें एक ही बाजार की समान दर न मानें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Jio Platforms IPO

Jio Platforms IPO: QIB कैटेगरी में जबरदस्त मांग, Retail Investors का कैसा रहा रिस्पॉन्स?

Jio Platforms IPO को लेकर शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। 21 अक्टूबर 2026 को पब्लिक इश्यू खुलने के साथ ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। शुरुआती कारोबार के दौरान Qualified Institutional Buyers (QIB) कैटेगरी में मजबूत मांग देखने को मिली। दूसरी ओर, रिटेल निवेशकों की भागीदारी पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। करीब ₹30,213 करोड़ के इस IPO को देश के बड़े पब्लिक इश्यू में गिना जा रहा है। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता है कि आने वाले दिनों में इश्यू को कितना सब्सक्रिप्शन मिलता है और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग कैसी रहती है। Jio Platforms IPO Subscription Status: QIB कैटेगरी में मजबूत मांग IPO खुलने के शुरुआती घंटों में संस्थागत निवेशकों की ओर से अच्छी मांग दर्ज की गई। QIB कैटेगरी में मिले मजबूत रिस्पॉन्स ने इस इश्यू को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, रिटेल और Non-Institutional Investors (NII) कैटेगरी में शुरुआती प्रतिक्रिया तुलनात्मक रूप से धीमी रही। यहां ध्यान देने वाली बात है कि IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस लगातार बदलता रहता है। इसलिए निवेशकों को आवेदन करने से पहले NSE और BSE पर उपलब्ध ताजा आंकड़े देखने चाहिए। QIB कैटेगरी में म्यूचुअल फंड, बैंक और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। इस श्रेणी में ज्यादा मांग कंपनी के इश्यू में बड़े निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है, लेकिन इससे लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। ₹30,213 करोड़ का है Jio Platforms IPO Jio Platforms इस IPO के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना के साथ बाजार में आई है। कंपनी ने शेयरों के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक शेयर की कीमत ₹1,119 है। अगर लॉट साइज 12 शेयर है, तो एक लॉट के लिए ₹13,428 की रकम चाहिए। निवेशकों को आवेदन से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में इन जानकारियों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। Anchor Investors ने भी दिखाई दिलचस्पी पब्लिक इश्यू से पहले एंकर निवेशकों की भागीदारी भी चर्चा में रही। एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO खुलने से पहले निर्धारित नियमों के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। बड़े निवेशकों की भागीदारी से किसी इश्यू को लेकर बाजार की दिलचस्पी का अंदाजा मिल सकता है। हालांकि, आम निवेशकों को सिर्फ एंकर निवेशकों के नाम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति और भविष्य की कारोबारी संभावनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। Retail Investors के लिए क्या है जरूरी? Jio Platforms IPO में आवेदन करने से पहले रिटेल निवेशकों को कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) पढ़ें और उसमें दी गई वित्तीय जानकारी को समझें। इसके अलावा, कंपनी के कारोबार, प्रतिस्पर्धा, संभावित जोखिम और शेयर की कीमत का आकलन करना जरूरी है। IPO में ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव जरूर बढ़ेगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर भी मुनाफे का पक्का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह अनौपचारिक बाजार का संकेत होता है। Jio Platforms IPO की जरूरी तारीखें IPO से जुड़ी प्रमुख तारीखों के अनुसार, इश्यू 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहने का कार्यक्रम है। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर और शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इन तारीखों की पुष्टि कंपनी के अंतिम आधिकारिक अपडेट से करना जरूरी है। Jio Platforms IPO पर क्यों है बाजार की नजर? Jio Platforms टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की डिजिटल मौजूदगी और बड़े ग्राहक आधार के कारण इस IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इस इश्यू का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार में बड़े IPO और डिजिटल कारोबार से जुड़ी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चर्चा को भी प्रभावित कर सकता है। फिर भी, निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन और शेयर की कीमत को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 2 3 … 52

Trending News

Editor's Picks

भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में लिया संन्यास, अब युवा खिलाड़ियों को देंगी ट्रेनिंग

भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश की रहने वाली मेघना ने साल 2016 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 3 वनडे और 17 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। इसके अलावा, वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) के तीन सीजन में भी मैदान पर उतरीं। संन्यास के बाद मेघना युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने और क्रिकेट के विकास में योगदान करना चाहती हैं। अब युवा खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती हैं मेघना संन्यास की घोषणा करते हुए मेघना ने कहा कि क्रिकेट का मैदान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है। इस खेल ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया और ऐसी दोस्तियां दीं, जिन्हें वह जीवनभर याद रखेंगी। मेघना ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ी के रूप में उनका सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव बना रहेगा। वह भविष्य में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें सही दिशा दिखाने में अपनी भूमिका निभाना चाहती हैं। 20 साल की उम्र में किया था इंटरनेशनल डेब्यू मेघना ने 20 नवंबर 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ विजयवाड़ा में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से डेब्यू किया था। अपने पहले मैच में उन्होंने 16 गेंदों पर 17 रन बनाए, हालांकि भारतीय टीम को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा। वनडे इंटरनेशनल में उन्हें पदार्पण का मौका करीब पांच साल बाद मिला। फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन में उन्होंने अपना पहला वनडे खेला। इस मुकाबले में मेघना 14 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बना सकीं। हालांकि, अगले दो मैचों में उन्होंने शानदार वापसी की। दूसरे वनडे में 50 गेंदों पर 49 रन बनाए, जबकि तीसरे वनडे में 41 गेंदों पर 61 रन की पारी खेली। घरेलू क्रिकेट में भी दिखाया दम इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने के लिए मेघना ने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। 2021-22 के सीनियर महिला वनडे टूर्नामेंट में रेलवे की ओर से खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 388 रन बनाए और प्रतियोगिता की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इस दौरान मेघना ने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए। टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 142 रन रहा। एशिया कप विजेता टीम का हिस्सा रहीं मेघना भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2016 और 2022 में महिला टी-20 एशिया कप का खिताब जीता था। साल 2022 में उन्हें बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली। यह टूर्नामेंट भारतीय महिला क्रिकेट के लिए खास था, क्योंकि पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला टी-20 क्रिकेट को शामिल किया गया था। भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में बनाए 258 रन मेघना ने भारत के लिए 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 258 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 69 रन रहा और उन्होंने एक अर्धशतक लगाया। उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला अक्टूबर 2022 में थाईलैंड के खिलाफ था। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। WPL में गुजरात जायंट्स से शुरुआत, RCB के साथ जीता खिताब इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा मेघना ने महिला प्रीमियर लीग में भी हिस्सा लिया। उन्होंने 2023 में WPL के पहले सीजन में गुजरात जायंट्स की ओर से खेलना शुरू किया। इसके बाद वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से जुड़ीं और 2024 तथा 2025 के सीजन में टीम का हिस्सा रहीं। मेघना ने WPL में कुल 15 मैच खेले, जिनमें 302 रन बनाए। इस लीग में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 53 रन रहा। RCB के साथ रहते हुए उन्होंने टीम की खिताबी सफलता भी देखी।
SIR

Delhi SIR Protest: बंगला साहिब के पास प्रदर्शन, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे

दिल्ली में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर विरोध तेज होता नजर आ रहा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शनकारियों ने जुटकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया। इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। इस प्रदर्शन के केंद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया है। आंदोलन से जुड़े संगठन इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। Delhi Protest: बंगला साहिब के पास जुटे प्रदर्शनकारी SIR के विरोध में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों के जुटने के लिए बंगला साहिब गुरुद्वारे के आसपास, गोल डाकखाना और गोल मार्केट जैसे स्थानों का जिक्र किया गया। आंदोलन से जुड़े लोगों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकालने की योजना बनाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च निकालने और अपनी मांगें उठाने की बात कही। आयोजकों की योजना के मुताबिक, मार्च रोके जाने की स्थिति में शांतिपूर्ण सभा करने का विकल्प भी रखा गया था। SIR Controversy: आखिर क्यों हो रहा है विरोध? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन करना और सूची को अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर कई संगठनों ने चिंता जताई है। प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है। उनका कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। आंदोलन से जुड़े कुछ संगठनों ने मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ लोगों के नाम और मतदान अधिकार बहाल करने की मांग उठाई है। यह आंकड़ा संगठनों का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। Election Commission से प्रदर्शनकारियों की क्या मांगें हैं? SIR के विरोध में उतरे संगठनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: इन मांगों के जरिए प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग पर दबाव बनाना चाहते हैं। हालांकि, इन मांगों पर आयोग की ओर से किसी नए आधिकारिक फैसले या प्रतिक्रिया की पुष्टि होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। Delhi Police Alert: बैरिकेडिंग और Traffic Advisory प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संबंधित इलाकों में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। चुनाव आयोग की ओर जाने वाले रास्तों पर भीड़ और यातायात की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। यातायात प्रतिबंधों या रूट डायवर्जन के कारण आम लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में इन इलाकों से गुजरने वाले लोगों को निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी देखनी चाहिए और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करनी चाहिए। पहले भी उठ चुका है SIR का मुद्दा SIR को लेकर दिल्ली में पहले भी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है। आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, SIR के उद्देश्य और इसके क्रियान्वयन को लेकर जारी बहस में मतदाता सूची की शुद्धता, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। आगे क्या होगा? दिल्ली में इस प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजर चुनाव आयोग तक मार्च की स्थिति और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर होने वाली प्रतिक्रिया पर है। पुलिस की ओर से मार्च को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और चुनाव आयोग इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान देता है या नहीं, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने SIR के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के साथ पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tiger Shroff

Tiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर फायरिंग की घटना ने सभी को चौंका दिया था। वारदात के बाद आरोपी शहर से निकल गए, लेकिन पुलिस की जांच और लगातार मिल रहे इनपुट के चलते उनकी फरारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन के जनरल कोच से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस पूरे ऑपरेशन में करीब 15 से 20 मिनट लगे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस से मिली जानकारी, तकनीकी इनपुट और स्थानीय पुलिस की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। अब मुंबई पुलिस इस मामले में हमले की वजह और कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। Tiger Shroff Firing Case: क्या है पूरा मामला? 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में Tiger Shroff की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक पर सवार हमलावरों ने कार को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मौके से मिले सुराग, आसपास के CCTV फुटेज और संदिग्धों की आवाजाही की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी कि हमले की योजना किसने बनाई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। मुंबई से सूरत होते हुए कोटा पहुंचे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना के बाद आरोपी मुंबई से बाहर निकल गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वे सूरत पहुंचे और फिर ट्रेन से जयपुर की ओर जा रहे थे। पुलिस को शक था कि उनका अगला पड़ाव दिल्ली हो सकता है और वहां से वे नेपाल जाने की कोशिश कर सकते हैं। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के बाद कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तलाश शुरू की। पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद अलग-अलग टीमों ने मिलकर कार्रवाई की और तीनों को हिरासत में ले लिया। 15 मिनट में पूरा हुआ Kota Police का ऑपरेशन कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस, साइबर सेल और रेलवे से जुड़ी टीमों ने मिलकर काम किया। पुलिस ने ट्रेन और स्टेशन परिसर में तलाश की। करीब 15 से 20 मिनट के भीतर तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस को मुंबई से मिली जानकारी के आधार पर सीमित समय में संदिग्धों तक पहुंचना था। गिरफ्तारी के बाद तीनों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। कौन हैं Tiger Shroff Firing Case के तीन आरोपी? मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस इन तीनों की कथित भूमिका, आपसी संपर्क और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाना है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए और घटना के पीछे क्या मकसद था। पुलिस ने अदालत में हथियार बरामद करने और कथित साजिश की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत मांगी थी। Latest Update: 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई की अदालत ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए हमले की वजह, हथियारों की बरामदगी और दूसरे संदिग्धों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हमले की साजिश किसने रची, आरोपियों को किसने मदद दी और घटना के पीछे असली मकसद क्या था—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कोटा रेलवे स्टेशन पर हुई गिरफ्तारी ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की है। अब मुंबई पुलिस की पूछताछ और आगे मिलने वाले सबूतों से इस मामले की बाकी कड़ियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Global Protest

Global Protest Network: फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों की चर्चा, 101 संगठनों पर रिपोर्ट

फ्रांस में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी मीडिया संस्थान Fox News Digital की एक रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक संगठनों के बीच संपर्कों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 13 देशों में फैले 101 संगठन प्रदर्शनों को आयोजित करने, उनके बीच तालमेल बनाने और उनके संदेशों को लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय हैं। रिपोर्ट में भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी से अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ कथित संपर्कों को लेकर सवाल पूछे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। हालांकि, रिपोर्ट में बताए गए संपर्कों और भारत में प्रदर्शनों को किसी विदेशी नेटवर्क द्वारा सीधे संचालित किए जाने के दावे के बीच अंतर समझना जरूरी है। Fox News Report: 101 संगठनों के Network में कौन-कौन शामिल? पत्रकार Asra Q. Nomani की रिपोर्ट का शीर्षक है, Global ‘Chaos Inc’ grows to 101 groups with plans for new rounds of demonstrations। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पहले 54 संगठनों की पहचान की गई थी, जिनकी संख्या बढ़कर 101 हो गई। ये संगठन 13 देशों में फैले बताए गए हैं। रिपोर्ट में छात्र और युवा समूहों, श्रमिक संगठनों, समाजवादी तथा कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े समूहों और सामाजिक अभियानों का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि 33 संगठनों का नेतृत्व छात्र या युवा करते हैं। Fox News ने इस नेटवर्क को ‘Red-Green Alliance’ नाम दिया है। रिपोर्ट में ‘Red’ का इस्तेमाल वामपंथी, समाजवादी और कम्युनिस्ट समूहों के लिए, जबकि ‘Green’ का इस्तेमाल इस्लामी संगठनों के संदर्भ में किया गया है। यह रिपोर्ट में इस्तेमाल किया गया वर्गीकरण है। इससे यह अपने आप साबित नहीं होता कि सभी संगठन एक ही नेतृत्व के तहत काम करते हैं। जांच में मुख्य रूप से तीन तरह की गतिविधियों पर ध्यान दिया गया है—प्रदर्शन आयोजित करना, अलग-अलग आंदोलनों के बीच तालमेल बनाना और सोशल मीडिया व मीडिया कवरेज के जरिए उनके संदेशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना। India Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शनों का जिक्र Fox News की रिपोर्ट में भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों को भी शामिल किया गया है। ये प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के बीच हुए थे। रिपोर्ट में भारत के साथ फ्रांस, स्पेन और अल्बानिया में चल रहे आंदोलनों का भी उल्लेख है। इसके जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठन अलग-अलग देशों में होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को एक साझा राजनीतिक विमर्श से जोड़ रहे हैं। यहां सवाल उठता है कि क्या ये संगठन केवल एक-दूसरे के आंदोलनों का समर्थन कर रहे हैं या उनके आयोजन और रणनीति में भी उनकी भूमिका है? इसका जवाब देने के लिए ठोस साक्ष्यों की जरूरत है। किसी प्रदर्शन के समर्थन में बयान देना, सोशल मीडिया पर उसका प्रचार करना और प्रदर्शनकारियों को निर्देश देकर आंदोलन चलाना अलग-अलग बातें हैं। भारत में हुए प्रदर्शनों को विदेशी संगठन द्वारा सीधे संचालित किए जाने की पुष्टि के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक होंगे। Progressive International का नाम क्यों आया? Fox News की रिपोर्ट में Progressive International का खास तौर पर उल्लेख किया गया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका घोषित उद्देश्य दुनिया भर की प्रगतिशील राजनीतिक शक्तियों और सामाजिक आंदोलनों के बीच सहयोग बढ़ाना है। रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने 16 अक्टूबर 2026 की अपनी ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में चल रहे आंदोलनों का एक साथ जिक्र किया था। इसमें इन आंदोलनों के बीच संपर्क बढ़ाने और उन्हें संगठित राजनीतिक शक्ति में बदलने से जुड़े विचार भी सामने आए। Fox News ने इसे अलग-अलग देशों में चल रहे प्रदर्शनों के बीच संभावित राजनीतिक समन्वय के उदाहरण के रूप में पेश किया है। हालांकि, किसी आंदोलन को समर्थन देना और उसके आयोजन को नियंत्रित करना एक जैसी गतिविधियां नहीं हैं। इसलिए Progressive International का नाम रिपोर्ट में आने को भारत में प्रदर्शनों के प्रत्यक्ष संचालन का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। Rahul Gandhi-Sonia Gandhi की मुलाकात पर BJP ने उठाए सवाल Progressive International को लेकर चर्चा के बीच कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी की संगठन के प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। अप्रैल 2025 में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ आवास पर Progressive International के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उस समय विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई थी। अब भाजपा इसी मुलाकात का हवाला देकर कांग्रेस से सवाल पूछ रही है कि संगठन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी और क्या भारत में हुए प्रदर्शनों के साथ कोई समन्वय किया गया था। हालांकि, मुलाकात का होना और उसके आधार पर प्रदर्शनों के आयोजन में कथित भूमिका का आरोप लगाना दो अलग बातें हैं। सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी से यह साबित नहीं होता कि बैठक में भारत में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने या किसी सरकार को बदलने की योजना बनाई गई थी। BJP vs Congress: आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई राजनीति Fox News की रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा ने 22 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों और भारत के प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर आरोप लगाए। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी Progressive International और अलग-अलग देशों के आंदोलनों के बीच साझा संदेशों का मुद्दा उठाया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से पूछा कि संगठन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में क्या बातचीत हुई थी और क्या भारत में हुए प्रदर्शनों के दौरान किसी तरह का समन्वय किया गया था। कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा कि भाजपा कथित वोट चोरी से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। इस विवाद में भाजपा...
Jantar Mantar

Jantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस

Jantar Mantar पर प्रदर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस एक बार फिर पूछताछ के लिए बुला सकती है। दोनों नेता पिछले नोटिस पर क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए थे और उन्होंने इसके लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है। यह मामला 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बनी। पिछले Notice पर पेश नहीं हुए CJP नेता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होना था। हालांकि, सौरव और आशुतोष तय समय पर नहीं पहुंचे और उन्होंने पुलिस से कुछ अतिरिक्त समय मांगा। अब पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कह सकती है। जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस पहले ही मामले दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। Jantar Mantar Protest से कैसे शुरू हुआ विवाद? 13 अक्टूबर को CJP के नेताओं और समर्थकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। उनकी प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। पार्टी का आरोप था कि SIR प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की और कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस घटना के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है। सात दिन बाद Jail से मिली थी राहत सौरव दास और आशुतोष रांका करीब सात दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 21 अक्टूबर को जेल से बाहर आए थे। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी। दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा, उन्हें शांति बनाए रखने और अदालत की शर्तों का पालन करने का आश्वासन देना पड़ा। दोनों ने यह भी भरोसा दिया था कि जंतर-मंतर को दोबारा अधिकृत प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे में करने की बात भी कही गई थी। हालांकि, जेल से रिहाई का मतलब यह नहीं है कि मामले की जांच खत्म हो गई है। पुलिस अपनी जांच के लिए दोनों नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए बुला सकती है। दो FIR के बाद Crime Branch कर रही जांच जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दो FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इनमें सरकारी आदेश की अवहेलना, कथित अनधिकृत प्रवेश और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं। बाद में दोनों मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। अब जांच एजेंसी घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। CJP के एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ऐसे में जांच का दायरा केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं है। पुलिस आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर करेगी। अब आगे क्या होगा? फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस के अगले नोटिस पर कब पेश होते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश के आरोपों और दर्ज FIR से संबंधित सवाल पूछ सकती है। दूसरी ओर, CJP मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठा रही है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक विरोध, प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों के बीच चर्चा में बना हुआ है। अब सबकी नजर दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर है। फिलहाल, दोनों नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.