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Skoda

Skoda Cars अब गांव-गांव तक: CSC eStore के साथ नई Partnership

Skoda Auto India ने देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए Common Services Centre Grameen eStore (CSC ग्रामीण ई-स्टोर) के साथ हाथ मिलाया है। इस नई साझेदारी का सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जो अब तक बड़े शहरों से दूर होने के कारण प्रीमियम कारों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे। इस पहल के तहत अब कंपनी की लोकप्रिय कारें — Škoda Kylaq, Škoda Kushaq और Škoda Slavia — CSC के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश के गैर-महानगरीय क्षेत्रों में भी उपलब्ध होंगी। छोटे शहरों में बढ़ेगी Skoda की पकड़ भारत का ऑटो बाजार अब तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में Skoda का यह कदम समय के साथ चलने वाला माना जा रहा है। CSC का नेटवर्क पहले से ही गांव-गांव तक फैला हुआ है, जिससे कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिलेगी। यह साझेदारी Skoda को उन चुनिंदा प्रीमियम ब्रांड्स की सूची में शामिल करती है, जो डिजिटल और लोकल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल कर ग्रामीण भारत में कदम बढ़ा रहे हैं। कंपनी ने क्या कहा? Skoda Auto India के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता के मुताबिक, “हमारा लक्ष्य सिर्फ कार बेचना नहीं, बल्कि ग्राहकों तक अपनी पहुंच को आसान बनाना है। CSC के साथ यह साझेदारी हमें ऐसे इलाकों में पहुंचने का मौका देती है, जहां पहले हमारी मौजूदगी सीमित थी।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे ग्राहकों को अपने ही शहर या गांव में Skoda के प्रोडक्ट्स और सर्विस का अनुभव मिल सकेगा। Hybrid Model से आसान होगी खरीद प्रक्रिया इस साझेदारी के तहत एक Hybrid Retail Model अपनाया जाएगा, जिससे ग्राहक ऑनलाइन जानकारी लेने के साथ-साथ ऑफलाइन सपोर्ट भी पा सकेंगे। ग्राहकों को मिलेंगे ये फायदे: ग्राहकों के लिए क्यों है खास? अब तक ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों के लिए प्रीमियम कार खरीदना थोड़ा मुश्किल होता था। लेकिन इस नई पहल के बाद ग्राहक CSC eStore के जरिए आसानी से कार की जानकारी ले सकेंगे और खरीद की प्रक्रिया शुरू कर पाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सेंसेक्स

Share Bazaar Crash: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, Global Tension का असर, Nifty भी गिरा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी रहा। सुबह से ही बाजार में दबाव नजर आया और देखते ही देखते गिरावट गहराती चली गई। कई निवेशकों के लिए यह दिन चिंता और नुकसान दोनों लेकर आया। बाजार का ताजा हाल कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 350 अंक से ज्यादा गिरकर 23,800 के नीचे फिसल गया। शुरुआती घंटों में हल्की रिकवरी की उम्मीद थी, लेकिन दिनभर बाजार दबाव में ही बना रहा। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? आज की गिरावट में कुछ सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे— गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें 1. Global Tension का असर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव, ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। 2. Crude Oil Prices में उछाल कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ने का डर है। 3. FII Selling जारी विदेशी निवेशक लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई। 4. Rupee Weakness रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। 5. Global Markets से Weak Signals एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इससे अछूते नहीं रहे, जिससे बाजार की चौड़ाई (market breadth) कमजोर रही। निवेशकों की जेब पर असर आज की इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर डाला। कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया, जिससे रिटेल निवेशकों में घबराहट देखने को मिली। अब निवेशक क्या करें? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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OPEC

OPEC से UAE अलग? India को Relief, Pakistan पर Economic Pressure

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में इन दिनों एक बड़ी चर्चा चल रही है—क्या United Arab Emirates (UAE) जल्द ही OPEC से अलग हो सकता है? अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब तक पहुंच सकता है—खासकर भारत और पाकिस्तान में। आखिर UAE के फैसले की इतनी चर्चा क्यों? OPEC एक ऐसा समूह है जो तेल उत्पादन को नियंत्रित करके कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करता है। UAE इस संगठन का अहम सदस्य है। अगर वह इससे बाहर निकलता है, तो उसे अपने हिसाब से ज्यादा तेल उत्पादन करने की आजादी मिल जाएगी।सीधा मतलब—मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों में नरमी आ सकती है। भारत के लिए क्या बदलेगा? (India Benefit) भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में हर छोटी-बड़ी कीमत में बदलाव का असर यहां तुरंत दिखता है। Pakistan के लिए क्यों बढ़ सकती हैं दिक्कतें? Pakistan पहले से आर्थिक दबाव में है। ऐसे में तेल बाजार में बदलाव उसके लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। Global Market पर क्या होगा असर? UAE अगर OPEC से अलग होकर उत्पादन बढ़ाता है, तो ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ेगी।इससे कीमतें कम हो सकती हैं, लेकिन साथ ही बाजार में अस्थिरता भी बढ़ सकती है क्योंकि OPEC का कंट्रोल कमजोर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update Today: कमजोर शुरुआत के साथ Sensex-Nifty फिसले, निवेशक सतर्क

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Today) की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान (Red Zone) में खुले, जिससे निवेशकों में हल्की चिंता और सतर्कता का माहौल देखने को मिला। बाजार की इस गिरावट ने साफ संकेत दिया कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और घरेलू फैक्टर्स का असर आज ट्रेडिंग पर दिखाई दे रहा है। Stock Market Opening: शुरुआत से ही दबाव में बाजार आज जैसे ही बाजार खुला, शुरुआती मिनटों में ही गिरावट दिखने लगी। सुबह का माहौल ही थोड़ा सुस्त रहा और बाजार में तेजी की कमी साफ नजर आई। किन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट? आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में दबाव देखने को मिला, खासकर: इन सेक्टर्स में बिकवाली ज्यादा रही, जिससे इंडेक्स पर सीधा असर पड़ा। Market Fall की बड़ी वजहें क्या रहीं? आज की गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार की शुरुआत को कमजोर बना दिया। Stocks Today: कुछ शेयरों में भी दिखा दबाव शुरुआती कारोबार में ज्यादातर स्टॉक्स लाल निशान में रहे, हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की खरीदारी भी देखने को मिली। Market Mood: निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय आज की शुरुआत यह संकेत दे रही है कि बाजार फिलहाल अस्थिर (Volatile) बना रह सकता है। दिनभर: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate Update: बढ़े सोने के दाम, बड़े शहरों में Gold Price ने तोड़ा रिकॉर्ड

देश के सर्राफा बाजार में आज फिर हलचल देखने को मिली। Gold और Silver की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम खरीदार से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शादी-ब्याह के सीजन और वैश्विक हालात के बीच गोल्ड की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। बड़े शहरों में क्या है आज का भाव? राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में सोने के रेट में आज बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट Gold (10 ग्राम): 22 कैरेट गोल्ड (ज्वेलरी): सीधे शब्दों में कहें तो 10 ग्राम गोल्ड की कीमत अब ₹1.54 लाख के आसपास पहुंच चुकी है। Silver के दाम का हाल सोने के साथ चांदी भी पीछे नहीं है। बाजार में हल्की तेजी देखी जा रही है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर चांदी के भाव पर साफ दिख रहा है आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम? अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक ये तेजी क्यों आई, तो इसके पीछे कई वजहें हैं— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI ने Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द किया: ग्राहकों और उनकी जमा राशि पर क्या असर पड़ेगा?

RBI ने Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द किया: ग्राहकों और उनकी जमा राशि पर क्या असर पड़ेगा?

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस कदम के बाद लाखों ग्राहकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि उनकी जमा रकम, सेविंग्स और ट्रांजैक्शन का क्या होगा। सरल भाषा में समझें तो RBI का यह फैसला बैंकिंग नियमों के पालन और सुरक्षा को लेकर लिया गया है। ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है? RBI के इस फैसले का सीधा असर Paytm Payments Bank के ग्राहकों पर पड़ेगा, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। 1. जमा पैसे सुरक्षित हैं ग्राहकों का पैसा तुरंत गायब नहीं होगा। बैंक में जमा राशि आमतौर पर तय नियमों के तहत सुरक्षित रहती है और उसे निकालने या ट्रांसफर करने का समय दिया जाता है। 2. नए अकाउंट और लेन-देन पर असर अब Paytm Payments Bank में नए खाते खोलने या कुछ बैंकिंग सेवाओं पर रोक लग सकती है। 3. UPI और Paytm ऐप पर असर Paytm ऐप का इस्तेमाल जारी रह सकता है, लेकिन बैंकिंग सेवाओं में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। UPI लेन-देन किसी अन्य बैंक के माध्यम से जुड़े रह सकते हैं। 4. ग्राहकों को क्या करना चाहिए? क्यों लिया गया यह फैसला? RBI का कहना है कि बैंकिंग नियमों और कंप्लायंस को लेकर गंभीर चिंताएं थीं, जिसके चलते यह कदम उठाया गया। इसका मकसद ग्राहकों की सुरक्षा और सिस्टम की स्थिरता बनाए रखना है।
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Meta

Meta Layoffs 2026 8 हजार नौकरियों पर खतरा, कंपनी का बड़ा restructuring प्लान

टेक दुनिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी चल रही है, जिससे करीब 8,000 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। यह खबर सामने आते ही पूरी टेक इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो गई है। Meta Layoffs 2026: क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta अपने संगठन को दोबारा restructure करने जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत कंपनी लगभग 10% workforce यानी करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। यह फैसला अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही internal planning का हिस्सा बताया जा रहा है। कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छंटनी की प्रक्रिया 2026 में चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी, ताकि कंपनी अपने नए फोकस के अनुसार टीम को reshape कर सके। कब शुरू होगी छंटनी? जानकारी के अनुसार, Meta में layoffs का पहला चरण मई 2026 के आसपास शुरू हो सकता है। इसके बाद अलग-अलग departments में धीरे-धीरे असर देखने को मिलेगा। यह पूरा प्रोसेस एक साथ नहीं बल्कि phase-wise किया जाएगा। आखिर क्यों ले रहा है Meta इतना बड़ा फैसला? Meta के इस कदम के पीछे कुछ मुख्य कारण बताए जा रहे हैं: कर्मचारियों पर असर इस फैसले का सबसे बड़ा असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ेगा। कई लोग जो लंबे समय से Meta के साथ जुड़े हुए हैं, उन्हें भी इस restructuring का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम भविष्य की ग्रोथ और टेक्नोलॉजी बदलाव को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत Meta जैसी बड़ी कंपनी का यह फैसला साफ दिखाता है कि आने वाले समय में AI और automation का प्रभाव और बढ़ने वाला है। इससे कई traditional roles बदल सकते हैं और नई skills की demand तेजी से बढ़ेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Market Today Sensex टूटा 1000 Points, Nifty Down IT Sector बना सबसे बड़ा कारण

शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के लिए भारी साबित हुआ। सुबह की शुरुआत से ही कमजोरी दिखा रहे BSE Sensex में गिरावट बढ़ती गई और यह करीब 1000 अंक लुढ़ककर 76,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी लगभग 280 अंकों की गिरावट के साथ दबाव में रहा। दिनभर के कारोबार में बाजार का मूड साफ तौर पर नकारात्मक रहा और निवेशकों में बेचैनी देखी गई। क्या है गिरावट की असली वजह? IT Shares में भारी बिकवालीआज बाजार पर सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर की कमजोरी का पड़ा। Infosys और TCS जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया। कमजोर ग्लोबल डिमांड और धीमी ग्रोथ के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशनअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। Foreign Investors की लगातार बिकवालीविदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए बड़ा झटका बन रही है। जब बड़े निवेशक पैसा निकालते हैं, तो बाजार में दबाव तेजी से बढ़ता है। ग्लोबल संकेत भी रहे कमजोरमध्य-पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सेक्टर का हाल कैसा रहा? लगभग हर सेक्टर लाल निशान में नजर आया, जिससे बाजार की व्यापक कमजोरी साफ दिखी। आगे बाजार कैसा रह सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात स्थिर नहीं होते और आईटी सेक्टर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Petrol-Diesel ₹28 महंगा होने की खबरें गलत, सरकार ने किया साफ इनकार

Petrol-Diesel ₹28 महंगा होने की खबरें गलत, सरकार ने किया साफ इनकार

देशभर में Petrol-Diesel की कीमतों को लेकर फैली चिंता के बीच सरकार ने बड़ी सफाई दी है। हाल ही में यह खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम ₹28 तक बढ़ सकते हैं। लेकिन अब सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। क्या था मामला? दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस रिपोर्ट को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई थी और सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से फैलने लगी। सरकार ने क्या कहा? सरकार ने साफ कहा है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस तरह की खबरें सिर्फ अफवाह हैं और लोगों को भ्रमित करने वाली हैं। सरकार के मुताबिक, कीमतों को लेकर कोई फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को देखकर ही लिया जाता है। आम लोगों की चिंता तेल की कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। ऐसे में इस तरह की खबरों से लोगों में चिंता होना स्वाभाविक है। लेकिन सरकार के इस बयान के बाद लोगों को राहत जरूर मिली है। आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम कई फैक्टर्स पर निर्भर करते हैं, जैसे कच्चे तेल की कीमत, डॉलर की स्थिति और टैक्स। इसलिए भविष्य में क्या होगा, यह कहना अभी मुश्किल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price Update चांदी में भारी गिरावट सोने के दाम भी लुढ़के

सर्राफा बाजार से आज राहत भरी खबर सामने आई है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे थे, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। गुरुवार को बाजार खुलते ही सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा चांदी की तेज गिरावट को लेकर हो रही है। चांदी टूटी, सोना भी फिसला आज चांदी की कीमत में अचानक ₹4,000 से ₹6,000 प्रति किलो तक की गिरावट देखी गई। वहीं सोना भी सस्ता हुआ और इसके दाम में करीब ₹800 से ₹1,000 तक की कमी दर्ज की गई।इस गिरावट के बाद बाजार में खरीदारों की हलचल बढ़ गई है। आज के ताजा रेट (Gold Silver Price Today) आखिर क्यों गिरे दाम? बाजार के जानकारों की मानें तो इसके पीछे कई वजहें हैं: क्या अभी खरीदना सही रहेगा? अगर आप निवेश के नजरिए से सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञ इसे “Buy on Dip” का मौका मान रहे हैं।यानि जब कीमतें गिरती हैं, तब खरीदारी करना लंबे समय में फायदा दे सकता है। लेकिन अगर आप शॉर्ट टर्म में खरीद रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार भी समझदारी हो सकती है। खरीदते समय ये बात जरूर याद रखें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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