शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के लिए भारी साबित हुआ। सुबह की शुरुआत से ही कमजोरी दिखा रहे BSE Sensex में गिरावट बढ़ती गई और यह करीब 1000 अंक लुढ़ककर 76,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी लगभग 280 अंकों की गिरावट के साथ दबाव में रहा।
दिनभर के कारोबार में बाजार का मूड साफ तौर पर नकारात्मक रहा और निवेशकों में बेचैनी देखी गई।
क्या है गिरावट की असली वजह?
IT Shares में भारी बिकवाली
आज बाजार पर सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर की कमजोरी का पड़ा। Infosys और TCS जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया। कमजोर ग्लोबल डिमांड और धीमी ग्रोथ के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
Foreign Investors की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए बड़ा झटका बन रही है। जब बड़े निवेशक पैसा निकालते हैं, तो बाजार में दबाव तेजी से बढ़ता है।
ग्लोबल संकेत भी रहे कमजोर
मध्य-पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
सेक्टर का हाल कैसा रहा?
- IT सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट
- मेटल और फार्मा शेयरों में भी कमजोरी
- बैंकिंग और ऑटो सेक्टर भी दबाव में
लगभग हर सेक्टर लाल निशान में नजर आया, जिससे बाजार की व्यापक कमजोरी साफ दिखी।
आगे बाजार कैसा रह सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात स्थिर नहीं होते और आईटी सेक्टर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
