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Stock Market

Stock Market Crash ग्लोबल संकेतों से टूटा भारतीय बाजार, Sensex 500 अंक गिरा, Nifty भी फिसला

मुंबई, 6 मार्च 2026: शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते Stock Market खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 500 अंक टूट गया, जबकि Nifty 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर दरअसल, गुरुवार को अमेरिका के Dow Jones में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। Middle East Tension से बढ़ी चिंता इसी बीच मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर Iran से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। Crude Oil की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ ही Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। रुपये में कमजोरी भी बनी वजह डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बाजार में थोड़ी कम हो जाती है। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स के कारण है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। अक्सर ऐसी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए नए अवसर भी लेकर आती है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशक बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India को रूस से तेल खरीदने की मिली राहत: अमेरिका ने 3 अप्रैल तक दी छूट

India को रूस से तेल खरीदने की मिली राहत: अमेरिका ने 3 अप्रैल तक दी छूट

India के लिए राहत भरी खबर है। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत को अस्थायी छूट दे दी है। यह छूट 3 अप्रैल तक के लिए दी गई है। माना जा रहा है कि इससे फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, ईरान और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह राहत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने की सीमित अनुमति दी है, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो। भारत भी इस छूट का फायदा उठा सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर रूस से तेल की सप्लाई जारी रहती है तो भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना कम रहेगी। इससे आम लोगों को भी राहत मिलेगी। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में रूस से मिलने वाला सस्ता तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है। हालांकि, यह छूट फिलहाल 3 अप्रैल तक ही है। इसके बाद अमेरिका क्या फैसला लेता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अगर आगे भी छूट मिलती रही तो भारत के लिए तेल की आपूर्ति और कीमतों के मामले में स्थिति स्थिर रह सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price चांदी में भारी गिरावट, सोना भी ₹7,000 सस्ता बाजार में हलचल

सर्राफा बाजार में आई बड़ी गिरावट पिछले दो दिनों में सर्राफा बाजार में Gold और Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कई लोग इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं, तो कुछ निवेशक बाजार के अगले रुख Silver की कीमत में सबसे ज्यादा गिरावट ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, Silver की कीमत में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। महज दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹32,000 प्रति किलो तक सस्ती हो गई। इसके बाद चांदी का भाव घटकर करीब ₹2.58 लाख प्रति किलो पर पहुंच गया है। Gold भी हुआ सस्ता वहीं Gold की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है। सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोना लगभग ₹7,000 तक सस्ता हो गया है। गिरावट के बाद अब सोने का भाव करीब ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। गिरावट की क्या है वजह विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली की वजह से सोना और चांदी के दामों में यह गिरावट आई है। जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकेत बदलते हैं, तो उसका असर सीधे कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत बाजार के जानकार मानते हैं कि सोना और चांदी लंबे समय में अब भी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। कीमतों में आई गिरावट को कई निवेशक एक अवसर की तरह देख रहे हैं, खासकर वे लोग जो लंबे समय के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं। आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि Gold और Silver के दामों में फिर तेजी आती है या बाजार में कुछ और समय तक नरमी बनी रहती है। फिलहाल निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर टिकी हुई है। Ask for changes हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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South Korea

War Impact on Economy एशिया में हलचल, South Korea Market स्लिप, तेल कीमतों में उछाल

मध्य-पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे हालात गंभीर होते दिख रहे हैं, वैसे-वैसे शेयर बाजारों में अस्थिरता भी बढ़ रही है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और जोखिम भरे सौदों से दूरी बना रहे हैं। South Korea Market Crash: 4% की बड़ी गिरावट दक्षिण कोरिया के Korea Exchange में तेज बिकवाली देखी गई। प्रमुख सूचकांक कोस्पी करीब 4% टूट गया। तेल की कीमतों में उछाल और संभावित सप्लाई संकट की आशंका ने निवेशकों का भरोसा हिलाया है। ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था होने के कारण दक्षिण कोरिया पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। China–Hong Kong: फ्लैट ट्रेडिंग, निवेशक सतर्क चीन के Shanghai Stock Exchange में कारोबार लगभग सपाट रहा। बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई, लेकिन निवेशकों ने इंतजार की रणनीति अपनाई। वहीं हांगकांग के Hong Kong Stock Exchange में भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। साफ है कि एशियाई बाजार फिलहाल हर नई खबर पर नजर रखे हुए हैं। Indian Market Impact: आगे क्या हो सकता है? भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, लेकिन वैश्विक संकेतों को देखते हुए अगला कारोबारी सत्र दबाव में खुल सकता है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और महंगाई बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों के बजट पर पड़ेगा। Crude Oil Surge: दो दिन में 13% की तेजी मध्य-पूर्व वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम केंद्र है। तनाव बढ़ने से आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हुई है। यही वजह है कि दो दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 13% की उछाल दर्ज की गई। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो ऊर्जा कीमतों में और तेजी संभव है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। Market Outlook: निवेशकों के लिए क्या संकेत? फिलहाल बाजार की दिशा भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर है। निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या लंबी अस्थिरता की शुरुआत। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Iran तनाव का असर: कच्चा तेल 10% महंगा, सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, सोना 1.67 लाख के पार

America-Iran तनाव का असर: कच्चा तेल 10% महंगा, सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, सोना 1.67 लाख के पार

America – Iran के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर दिखा। कच्चा तेल 10% महंगा हुआ, सेंसेक्स 1100 अंक गिरा और सोने की कीमत 1.67 लाख रुपये तक पहुंच गई। अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक बाजार में हलचल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया भर के बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में जंग जैसे हालात बनने की आशंका से निवेशकों में डर बढ़ गया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल, शेयर बाजार और सोने की कीमतों पर पड़ा है। कच्चा तेल 10% तक महंगा जैसे ही युद्ध की खबरें तेज हुईं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आ गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सेंसेक्स 1100 अंक टूटा घरेलू शेयर बाजार में घबराहट का माहौल रहा। BSE Sensex करीब 1100 अंक टूटकर 80,100 के स्तर पर आ गया। निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया और शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में ज्यादा गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी वैश्विक तनाव बढ़ता है, भारतीय बाजार पर उसका असर तुरंत दिखाई देता है। सोना 1.67 लाख के पार तनाव के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। इसी वजह से सोने की कीमतों में तेज उछाल आया। सोना करीब ₹5,000 बढ़कर 1.67 लाख रुपये (प्रति 10 ग्राम, अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुसार) के स्तर तक पहुंच गया। बाजार जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। आम लोगों पर क्या असर? आगे क्या? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति पर है। अगर तनाव कम होता है तो बाजार संभल सकते हैं, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो महंगाई और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऐसे समय में विशेषज्ञ निवेशकों को धैर्य रखने और सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate All Time High सोना ₹1.59 लाख पहुंचा, Silver में भी बड़ी तेजी

देश के सर्राफा बाजार में आज फिर मजबूती देखने को मिली। 24 कैरेट सोना (Gold) ₹1,065 की बढ़त के साथ करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी (Silver) में भी जोरदार उछाल दर्ज हुआ और यह ₹7,233 महंगी होकर लगभग ₹2.61 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शादी-विवाह के सीजन और निवेश की बढ़ती मांग के बीच यह तेजी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। 2026 में Gold Price में अब तक कितना उछाल? साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹26,000 की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह तेजी बताती है कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में लोग आज भी सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) मानते हैं। चांदी की बात करें तो इसमें भी इस साल उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों की वजह से Silver की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver Rate? कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं: आम लोगों पर क्या असर? सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से जहां निवेशकों को फायदा हो रहा है, वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ सकता है। कई परिवार अब खरीदारी को टालने या कम वजन की ज्वेलरी लेने का विकल्प चुन रहे हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है। क्या आगे और बढ़ेगा Gold Price? विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी और निवेश की मांग मजबूत रहेगी, तब तक सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलता रह सकता है। फिलहाल, Gold और Silver दोनों ही नए उच्च स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं और बाजार की हलचल आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price Update सोना ₹1.60 लाख पर, चांदी में ₹6,455 की जोरदार तेजी

Gold Price में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई है, जिससे आम खरीदार से लेकर निवेशक तक सभी की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं। सिर्फ 3 दिनों में सोना करीब ₹5,000 महंगा हो गया है और 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए लगभग ₹1.60 लाख तक पहुंच गया है। वहीं Silver Rate Today में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। चांदी की कीमत में ₹6,455 की तेजी आई है और यह करीब ₹2.69 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के दाम? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सोना और चांदी को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए मांग बढ़ते ही कीमतों में तेजी आ जाती है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, लोग अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए सोने-चांदी की ओर झुकते हैं। यही वजह है कि मौजूदा हालात में कीमती धातुओं की कीमतें चढ़ती नजर आ रही हैं। स्थानीय बाजार का हाल दिल्ली, मुंबई, जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी सोने-चांदी के रेट में समान तेजी देखी जा रही है। हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं, लेकिन शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग के चलते बाजार में पूरी तरह सुस्ती भी नहीं है। कई ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक अब छोटी मात्रा में खरीदारी या पुराने गहनों के एक्सचेंज का विकल्प ज्यादा चुन रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? अगर आप सोने या चांदी में निवेश की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञ एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP की तरह) की सलाह दे रहे हैं। ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली से थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में रुझान मजबूत बना रह सकता है। आज के ताजा रेट (लगभग) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver

Silver Price Today 2 दिन में ₹16,000 की छलांग, Gold Rate भी ₹5,000 उछला

सर्राफा बाजार में इस हफ्ते जबरदस्त हलचल देखने को मिली। Silver Price यानी चांदी के भाव में महज दो दिनों के भीतर करीब ₹16,000 प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद चांदी की कीमत बढ़कर लगभग ₹2.67 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। वहीं Gold Rate Today भी पीछे नहीं रहा—सोना करीब ₹5,000 महंगा होकर 10 ग्राम के लिए लगभग ₹1.60 लाख के आसपास पहुंच गया। यह तेजी सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की चिंता और उम्मीदों से भी जुड़ी है जो निवेश, शादी-ब्याह या भविष्य की सुरक्षा के लिए सोना-चांदी खरीदते हैं। Silver Price में तेज उछाल क्यों? चांदी की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की तरफ रुख करते हैं। यही कारण है कि हाल के दिनों में चांदी में तेज खरीदारी देखने को मिली। Gold Rate Today: सोना भी चमका सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है। करीब ₹5,000 की तेजी के बाद 10 ग्राम सोने का भाव लगभग ₹1.60 लाख तक पहुंच गया है। शादी के सीजन और निवेश की बढ़ती मांग ने भी कीमतों को सहारा दिया है। कई निवेशकों का मानना है कि सोना लंबे समय में स्थिर रिटर्न देने वाला विकल्प है। यही वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इसकी मांग बनी रहती है। आम लोगों पर क्या असर? कीमतों में इस उछाल का असर आम ग्राहकों पर साफ दिख रहा है। सर्राफा बाजार के जानकारों का मानना है कि फिलहाल कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार की दिशा को समझना जरूरी है। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक आर्थिक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक सोना और चांदी में तेजी बनी रह सकती है। हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Share Bazaar Today Sensex 566 और Nifty 152 अंक फिसला, IT Sector में मचा हड़कंप

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026। हफ्ते की शुरुआत निवेशकों के लिए झटका लेकर आई। भारतीय शेयर बाजार में आज तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं। दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा और आईटी शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार की रफ्तार और धीमी कर दी। कारोबार के दौरान BSE Sensex 566 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 152 अंक लुढ़क गया। शुरुआती घंटों से ही बाजार में कमजोरी दिखने लगी थी और दोपहर तक गिरावट और गहरी हो गई। क्यों टूटा बाजार? आज की गिरावट के पीछे कई वजहें रहीं, जिनका असर सीधे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा— 1. Global Market Pressure:अमेरिका और एशिया के बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने घरेलू बाजार की धारणा पर असर डाला। 2. IT Stocks में भारी बिकवाली:आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में टेक कंपनियों पर दबाव का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ा। 3. FII Selling:विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में नकदी का प्रवाह कमजोर हुआ। 4. Crude Oil की बढ़ती कीमतें:कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और आर्थिक संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी। निवेशकों पर कितना असर? आज की गिरावट से बाजार पूंजीकरण में भारी कमी आई। लाखों छोटे निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो की वैल्यू घटती देखी। हालांकि, बाजार के जानकार इसे घबराने की स्थिति नहीं मानते। उनका कहना है कि इस तरह की गिरावटें बाजार का हिस्सा होती हैं। अब क्या करें निवेशक? बाजार में उतार-चढ़ाव नया नहीं है, लेकिन समझदारी और धैर्य से लिया गया फैसला ही लंबी दौड़ में फायदा देता है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price Today सोना महंगा, चांदी ₹15,000 की छलांग के साथ रिकॉर्ड स्तर पर

सर्राफा बाजार में आज फिर तेज हलचल देखने को मिली। सोने की कीमत में ₹3,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद भाव ₹1.58 लाख के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी जोरदार उछाल दिखाया और ₹15,000 महंगी होकर ₹2.65 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई। खास बात यह है कि चांदी इस साल अब तक करीब ₹35,000 तक चढ़ चुकी है। बाजार में क्यों आई इतनी तेजी? पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे दौर में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश की तलाश में सोना और चांदी खरीदते हैं। यही वजह है कि Gold Price और Silver Price में लगातार मजबूती देखी जा रही है। महंगाई बढ़ने से भी कीमती धातुओं को सहारा मिल रहा है। जब रोजमर्रा की चीजें महंगी होती हैं, तब लोग अपने पैसे की सुरक्षा के लिए सोने को बेहतर विकल्प मानते हैं। इसके अलावा डॉलर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है। शादी और त्योहारों का असर भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, भावनाओं से जुड़ा होता है। शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ जाती है। यही कारण है कि जैसे ही सीजन नजदीक आता है, बाजार में खरीदारी तेज हो जाती है और कीमतों पर असर दिखने लगता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से ये धातुएं अब भी भरोसेमंद मानी जाती हैं। अगर आप खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो जल्दबाजी के बजाय बाजार की चाल पर नजर रखना बेहतर रहेगा। सर्राफा बाजार की हर हलचल सीधे आपकी जेब पर असर डालती है, इसलिए समझदारी से फैसला लेना ही फायदेमंद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नवंबर राशिफल 2026, करियर राशिफल, नौकरी प्रमोशन, राशि भविष्यफल, ज्योतिष समाचार

नवंबर 2026 में इन 5 राशियों के करियर में आ सकते हैं नए मौके, नौकरी बदलने से प्रमोशन तक बन सकती है बात

नवंबर का महीना कुछ राशि वालों के लिए नौकरी, कारोबार और पेशेवर तरक्की के लिहाज से नई संभावनाओं का संकेत दे सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों को अपने काम में आगे बढ़ने, नई जिम्मेदारियां संभालने या बेहतर अवसर तलाशने की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक सफलता व्यक्ति की योग्यता, तैयारी और परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है। किन राशियों के लिए महत्वपूर्ण रह सकता है नवंबर? नौकरी में लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हों या बेहतर अवसर की तलाश में हों, नवंबर का महीना कुछ लोगों के लिए अपनी पेशेवर योजनाओं की समीक्षा करने का अच्छा समय हो सकता है। ज्योतिषीय आकलन में पांच राशियों के लिए करियर से जुड़े कुछ खास संकेत बताए गए हैं। 1. मेष राशि: काम में नई जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद मेष राशि के जातकों के लिए नवंबर में अपनी क्षमता साबित करने के अवसर बन सकते हैं। ऑफिस में किसी नए काम या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोग भी अपनी योग्यता के अनुरूप विकल्प तलाश सकते हैं। कारोबारियों के लिए नई योजनाओं पर काम करने और पहले से चल रहे काम को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने का समय हो सकता है। जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अवसरों का सही आकलन करना जरूरी रहेगा। 2. सिंह राशि: प्रतिभा दिखाने का मिल सकता है मौका सिंह राशि वालों के लिए कार्यस्थल पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर बन सकता है। जिन लोगों को प्रमोशन की उम्मीद है, उन्हें अपने काम की गुणवत्ता, समय पर जिम्मेदारियां पूरी करने और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल पर ध्यान देना चाहिए। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भूमिका मिलने से आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, केवल उम्मीद के भरोसे रहने के बजाय अपने प्रदर्शन को मजबूत बनाना ज्यादा जरूरी होगा। 3. वृश्चिक राशि: नौकरी बदलने वालों की बढ़ सकती है उम्मीद वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नवंबर करियर में बदलाव की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई नौकरी खोज रहे लोगों को इंटरव्यू, आवेदन या नए पेशेवर संपर्कों के जरिए अवसर मिलने की उम्मीद हो सकती है। जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए भी अपनी कार्यक्षमता और अनुभव को सामने रखने का समय हो सकता है। नौकरी बदलने से पहले वेतन, काम की जिम्मेदारियों और भविष्य की संभावनाओं की तुलना करना समझदारी होगी। 4. मकर राशि: मेहनत और अनुशासन से बन सकती है बात मकर राशि वालों के लिए लगातार मेहनत और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से निभाना अहम रह सकता है। ऑफिस में उनके काम की सराहना होने की संभावना जताई गई है। जो लोग लंबे समय से तरक्की की तैयारी कर रहे हैं, वे अपने लक्ष्य और आगे की रणनीति पर दोबारा विचार कर सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी योजनाओं को बेहतर बनाने और कामकाज की कमियों को दूर करने पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। 5. कुंभ राशि: करियर में नए रास्ते तलाशने का समय कुंभ राशि के जातकों के लिए नवंबर में नए पेशेवर विकल्पों पर विचार करने की संभावना बताई गई है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोग अपनी स्किल, अनुभव और मौजूदा बाजार की मांग के अनुसार अवसर तलाश सकते हैं। नई भूमिका या काम के अलग क्षेत्र में जाने की इच्छा रखने वालों को अपनी तैयारी मजबूत करनी चाहिए। सही जानकारी जुटाकर और विकल्पों की तुलना करके लिया गया फैसला भविष्य के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है। ग्रहों की चाल को क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण? ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को संवाद, बुद्धिमत्ता और व्यापार से, शुक्र को सुख-सुविधाओं और आर्थिक मामलों से तथा सूर्य को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जाता है। मंगल और गुरु की स्थिति को भी ऊर्जा, निर्णय लेने की क्षमता और विकास की संभावनाओं के संदर्भ में देखा जाता है। इन्हीं ग्रहों की चाल के आधार पर नवंबर के लिए करियर संबंधी अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यवाणियां वैज्ञानिक रूप से सुनिश्चित परिणाम नहीं हैं। किसी व्यक्ति को नौकरी मिलेगी, प्रमोशन होगा या आय बढ़ेगी, इसकी गारंटी राशि के आधार पर नहीं दी जा सकती। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के लिए क्या करें? नवंबर में करियर को लेकर सक्रिय रहने वाले लोगों के लिए कुछ व्यावहारिक कदम उपयोगी हो सकते हैं:

X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।

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