देश के सर्राफा बाजार में आज फिर मजबूती देखने को मिली। 24 कैरेट सोना (Gold) ₹1,065 की बढ़त के साथ करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी (Silver) में भी जोरदार उछाल दर्ज हुआ और यह ₹7,233 महंगी होकर लगभग ₹2.61 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी।
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शादी-विवाह के सीजन और निवेश की बढ़ती मांग के बीच यह तेजी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है।
2026 में Gold Price में अब तक कितना उछाल?
साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹26,000 की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह तेजी बताती है कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में लोग आज भी सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) मानते हैं।
चांदी की बात करें तो इसमें भी इस साल उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों की वजह से Silver की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver Rate?
कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- Global Uncertainty: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता।
- Investment Demand: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश।
- Wedding & Festive Season: भारत में शादी और त्योहारों के कारण ज्वेलरी की मांग बढ़ना।
- International Market Trend: वैश्विक बाजार में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर सीधा पड़ता है।
आम लोगों पर क्या असर?
सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से जहां निवेशकों को फायदा हो रहा है, वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ सकता है। कई परिवार अब खरीदारी को टालने या कम वजन की ज्वेलरी लेने का विकल्प चुन रहे हैं।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है।
क्या आगे और बढ़ेगा Gold Price?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी और निवेश की मांग मजबूत रहेगी, तब तक सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलता रह सकता है।
फिलहाल, Gold और Silver दोनों ही नए उच्च स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं और बाजार की हलचल आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है।
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