मुंबई, 6 मार्च 2026: शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते Stock Market खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 500 अंक टूट गया, जबकि Nifty 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।
अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर
दरअसल, गुरुवार को अमेरिका के Dow Jones में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
Middle East Tension से बढ़ी चिंता
इसी बीच मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर Iran से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
Crude Oil की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के साथ ही Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है।
रुपये में कमजोरी भी बनी वजह
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बाजार में थोड़ी कम हो जाती है। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स के कारण है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। अक्सर ऐसी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए नए अवसर भी लेकर आती है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।
फिलहाल निवेशक बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
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