इंग्लैंड के खिलाफ चल रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी (Anderson-Tendulkar Trophy) के मैनचेस्टर टेस्ट (Manchester Test) से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। भारत के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत (Rishabh Pant) अब आगामी छह हफ्तों के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे। ये हादसा टेस्ट मैच के पहले ही दिन 68वें ओवर में हुआ, जब क्रिस वोक्स (Chris Woakes) की चौथी गेंद पर पंत ने reverse sweep खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले के एज से टकराकर सीधे उनके जूते पर लगी। दुर्भाग्यवश, यह चोट पैरों के उस हिस्से पर लगी जहाँ कोई भी प्रोटेक्शन नहीं होता। इसके बाद पंत दर्द से कराहते हुए ज़मीन पर गिर गए और फिर खड़े तक नहीं हो पाए। मैदान पर टीम इंडिया के फिजियो को तुरंत बुलाया गया। जब पंत ने जूता हटाया, तो चोट की गंभीरता साफ दिख रही थी। उनकी हालत को देखते हुए स्कैन कराया गया और Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, उनके पैर के पंजे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। BCCI की मेडिकल टीम ने क्या कहा? BCCI के एक वरिष्ठ सूत्र ने पुष्टि करते हुए कहा: “स्कैन रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि ऋषभ पंत को फ्रैक्चर है। वह कम से कम छह हफ्ते के लिए बाहर रहेंगे। मेडिकल टीम ये देखने की कोशिश कर रही है कि क्या वह painkiller लेकर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत बेहद सीमित है और बिना सहारे चल भी नहीं पा रहे हैं।“ इसका मतलब साफ है कि पंत 31 जुलाई से 4 अगस्त तक होने वाले आख़िरी टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे। ऐसे में चयन समिति ईशान किशन (Ishan Kishan) को टीम में शामिल करने की तैयारी कर रही है। चोटों से परेशान है Team India वैसे भी इस सीरीज़ में भारत खिलाड़ियों की चोट की मार से जूझ रहा है। ऑलराउंडर नितेश कुमार रेड्डी पहले ही घुटने की चोट के कारण पूरी सीरीज़ से बाहर हो चुके हैं। वहीं, तेज़ गेंदबाज़ आकाश दीप (groin injury) और अर्शदीप सिंह (thumb injury) भी चौथे टेस्ट से बाहर हैं। इससे पहले तीसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम को प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव करने पड़े थे, जिसकी वजह से प्रदर्शन पर असर पड़ा। अब टीम में बदलाव तय, भारत की चुनौती बढ़ी ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी भारत के लिए सिर्फ विकेट के पीछे नहीं बल्कि मिडल ऑर्डर बल्लेबाज़ी में भी एक बड़ी कमी लेकर आएगी। पंत ने इस सीरीज़ में अब तक कई महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं और इंग्लिश गेंदबाज़ों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था। इशान किशन को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया जाना लगभग तय है, लेकिन उनका टेस्ट अनुभव सीमित है। ऐसे में ओवल टेस्ट में भारत की बल्लेबाज़ी पर और भी दबाव रहेगा।
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