आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

टॉप नेशनल शूटिंग कोच पर हितों के टकराव के आरोप, SAI ने शुरू कराई जांच

नई दिल्ली। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने एक शीर्ष राष्ट्रीय शूटिंग कोच के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच के निर्देश दिए हैं। कोच पर चेन्नई में प्रस्तावित शूटिंग रेंज निर्माण परियोजना का ठेका हासिल करने की कोशिश करने का आरोप है। SAI ने इसे संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला मानते हुए जांच शुरू की है। फिलहाल संबंधित कोच का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित कोच नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के साथ मिलकर भारतीय शॉटगन निशानेबाजों को ओलंपिक, ISSF वर्ल्ड कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण देते हैं। SAI ने मांगी जांच रिपोर्ट SAI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस मामले में नाम सहित औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है। इसके बाद स्टेडियम डिवीजन और दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। चेन्नई शूटिंग रेंज परियोजना से जुड़ा मामला सूत्रों के मुताबिक, शिकायत चेन्नई में लगभग 15 से 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच शॉटगन शूटिंग रेंज की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया से असंतुष्ट एक बोलीदाता ने मामले को विजिलेंस विभाग के समक्ष उठाया है। एशियन गेम्स कोचिंग स्टाफ से हटाए जाने की चर्चा जानकारी के अनुसार, इस मामले के चलते संबंधित कोच को 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय कोचिंग स्टाफ से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। NRAI ने कहा- जानकारी नहीं NRAI ने अपने बयान में कहा कि फेडरेशन को किसी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों या उनके खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच की जानकारी नहीं है। फेडरेशन ने यह भी बताया कि एशियन गेम्स प्रशिक्षण शिविर के लिए कोचों की सूची को आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम शामिल नहीं हैं। इस संबंध में SAI के अंतिम निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। राइफल कोच भी जांच के दायरे में इसी बीच, भारतीय राइफल टीम के एक हाई परफॉर्मेंस कोच भी SAI की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर नई दिल्ली स्थित कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में निजी कोचिंग चलाने और अपनी निजी क्लास में शामिल न होने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, 50 मीटर राइफल इवेंट के हेड कोच मनोज कुमार से जुड़े मामले में हाल ही में SAI मुख्यालय में सुनवाई हुई, जिसमें खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की शिकायतें दर्ज की गईं। फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
ODI World Cup 2027

ODI World Cup 2027 Update: कई बड़ी Teams की बढ़ी मुश्किलें, बिना Qualification नहीं मिलेगा मौका

ICC ODI World Cup 2027 से पहले क्रिकेट जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार कई टीमों के लिए वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं रहने वाला है। ICC ने टूर्नामेंट के Qualification Rules में बदलाव किया है, जिसके बाद अब हर टीम को सीधे World Cup में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। पहले कुछ बड़ी टीमों को अपने प्रदर्शन और ICC की स्थिति के कारण वर्ल्ड कप में जगह बनाना आसान होता था, लेकिन अब नए नियमों के तहत टीमों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ODI Ranking में मजबूत स्थिति बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर Qualifier मुकाबलों में जीत हासिल करना बेहद जरूरी होगा। ICC ODI World Cup 2027 में कैसे मिलेगी Entry? ODI World Cup 2027 की मेजबानी South Africa, Zimbabwe और Namibia करेंगे। इस टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान देशों को सीधे टूर्नामेंट में जगह मिलेगी, जबकि बाकी टीमों को अपनी स्थिति के आधार पर क्वालिफाई करना होगा। नए Qualification System के अनुसार: इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ बड़ी टीम का दर्जा होना काफी नहीं होगा। टीमों को हर सीरीज और हर मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करना पड़ेगा। West Indies जैसी बड़ी Teams पर बढ़ा खतरा वर्ल्ड क्रिकेट की दिग्गज टीमों में शामिल West Indies के लिए यह बदलाव बड़ी चुनौती बन सकता है। खराब ODI प्रदर्शन के कारण टीम को अब सीधे World Cup Qualification के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। दो बार की ODI World Cup Champion West Indies पहले भी 2023 World Cup से बाहर रह चुकी है। ऐसे में 2027 टूर्नामेंट के लिए टीम को अपनी Ranking सुधारने और लगातार जीत हासिल करने की जरूरत होगी। India की World Cup 2027 Qualification मजबूत भारतीय क्रिकेट टीम की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रही है। लगातार शानदार प्रदर्शन और ICC ODI Ranking में अच्छी स्थिति के कारण Team India के Direct Qualification हासिल करने की संभावना काफी ज्यादा है। भारत के अलावा Australia, England, New Zealand, Pakistan, South Africa और Afghanistan जैसी टीमें भी World Cup Qualification की रेस में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। छोटे देशों के लिए भी मिलेगा मौका ICC के नए नियम सिर्फ बड़ी टीमों को ध्यान में रखकर नहीं बनाए गए हैं। Associate Nations और उभरती हुई टीमों के लिए भी World Cup तक पहुंचने का रास्ता खुला रहेगा। जो टीमें Direct Qualification हासिल नहीं कर पाएंगी, वे Qualifier मुकाबलों के जरिए अपनी जगह पक्की कर सकती हैं। इससे छोटी टीमों को बड़े मंच पर पहुंचने का मौका मिलेगा। नए Rules से बढ़ेगा Competition ODI World Cup 2027 का नया Qualification Format क्रिकेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने वाला है। अब हर मैच का महत्व बढ़ जाएगा क्योंकि Ranking Points सीधे World Cup की टिकट से जुड़े होंगे। कई बड़ी टीमें जहां Direct Entry के लिए संघर्ष करेंगी, वहीं नई टीमें इतिहास बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
Read more

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला, ACC ने जारी किया पूरा शेड्यूल

दुबई। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने विमेंस एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा। उद्घाटन मैच में थाईलैंड और हांगकांग-चीन की टीमें आमने-सामने होंगी। 8 टीमें लेंगी हिस्सा विमेंस एशिया कप 2026 में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-A ग्रुप-B ग्रुप चरण के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मुकाबले दुबई में होंगे पूरे टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मैच माना जा रहा है, जिस पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। भारत सबसे सफल टीम टी-20 फॉर्मेट में अब तक खेले गए पांच विमेंस एशिया कप में भारतीय महिला टीम सबसे सफल रही है। भारत ने तीन बार खिताब अपने नाम किया है, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी जीती है। श्रीलंका मौजूदा चैंपियन के रूप में इस टूर्नामेंट में उतरेगा। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

4 साल बाद टेस्ट शतक के करीब पहुंचे बाबर आजम, वेस्टइंडीज के खिलाफ 88 रन बनाकर नाबाद

स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में बाबर 88 रन बनाकर नाबाद हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके हैं। बाबर आजम ने अपना पिछला टेस्ट शतक वर्ष 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट में लगाया था। उस मुकाबले में उन्होंने 161 रन की शानदार पारी खेली थी। संयोग से उस समय भी वह पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे थे। कप्तानी में वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन खराब फॉर्म के चलते बाबर आजम ने वर्ष 2023 में टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद शान मसूद को नियमित कप्तान बनाया गया। हालांकि, 5 जुलाई 2026 को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर बाबर को टेस्ट टीम की कमान सौंपी। कप्तानी में वापसी के बाद उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब्दुल्ला शफीक के शतक से पाकिस्तान मजबूत दूसरी पारी में अब्दुल्ला शफीक के शानदार नाबाद शतक और बाबर आजम की अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान ने 2 विकेट पर 273 रन बना लिए हैं। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हो चुकी है। पहली पारी के आधार पर पाकिस्तान अब वेस्टइंडीज से केवल 71 रन पीछे है। दो साल बाद शतक लगाने में सफल रहे शफीक अब्दुल्ला शफीक ने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक लगाया। यह उनका 2024 के बाद पहला टेस्ट शतक है। वह लंबे समय तक 99 रन पर रुके रहे, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर मिडविकेट की दिशा में चौका लगाकर तीन अंकों तक पहुंचे। अजान ओवैस ने दिलाई तेज शुरुआत पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत युवा बल्लेबाज अजान ओवैस ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने दूसरे ही ओवर में तेज गेंदबाज केमार रोच के खिलाफ लगातार तीन चौके जड़कर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, इमाम-उल-हक तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंद पर स्लिप में कैच देकर आउट हो गए। ओवैस ने अर्धशतक जरूर पूरा किया, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। पहली पारी में 344 रन पर सिमटी थी वेस्टइंडीज इससे पहले वेस्टइंडीज की पहली पारी 344 रन पर समाप्त हुई थी। टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। पाकिस्तान के लिए अली उस्मान ने पहली ही गेंद पर जस्टिन ग्रीव्स का विकेट लिया। उबैद शाह ने रोस्टन चेज को बोल्ड किया, जबकि साजिद खान ने शमार जोसेफ का विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी का अंत किया। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम के ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ के आरोपों को किया खारिज, बोले- ऐसी कोई समस्या नहीं

लंदन। इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम में कथित ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ की धारणा को खारिज करते हुए कहा है कि सीनियर टीम में शराब से जुड़ी किसी तरह की संस्कृति या समस्या नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि यूनाइटेड किंगडम में क्रिकेट और शराब का ऐतिहासिक संबंध रहा है। 35 वर्षीय स्टोक्स ने पूर्व क्रिकेटरों स्टुअर्ट ब्रॉड और जोस बटलर के पॉडकास्ट ‘For The Love of Cricket’ में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की सीनियर टीम को शराब की समस्या से जोड़ना सही नहीं है। एशेज सीरीज के दौरान उठा था विवाद इंग्लैंड क्रिकेट में शराब को लेकर बहस उस समय तेज हुई थी, जब एशेज सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों के शराब पीने की खबरें सामने आई थीं। विवाद तब और बढ़ गया था, जब सलामी बल्लेबाज बेन डकेट टीम के मिड-सीरीज ब्रेक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के नूसा में कथित तौर पर नशे की हालत में नजर आए थे। इसके अलावा, न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद बेन स्टोक्स तेज गेंदबाज गस एटकिंसन के साथ बाहर गए थे। इस दौरान एक नाइटक्लब में हुई घटना के बाद उन्हें अगले टेस्ट मैच से बाहर बैठना पड़ा था। कोचिंग में बनाना चाहते हैं करियर बेन स्टोक्स ने बताया कि वह इस समय लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह खेल से जुड़े रहना चाहते हैं और भविष्य में कोचिंग की भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। स्टोक्स ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि क्रिकेट छोड़ने से पहले कोचिंग की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें, ताकि वह भविष्य में टीमों के साथ प्रभावी भूमिका निभा सकें। जो रूट की कप्तानी को लेकर जताई चिंता स्टोक्स ने इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान जो रूट को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि रूट हमेशा टीम को खुद से पहले रखते हैं और यही बात उन्हें परेशान करती है। उन्होंने बताया कि कप्तान के रूप में रूट पहले भी खुद पर काफी दबाव लेते थे और वह नहीं चाहते कि दोबारा उन्हें उसी मानसिक दबाव का सामना करना पड़े। बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने आक्रामक ‘बैजबॉल’ शैली से टेस्ट क्रिकेट में नई पहचान बनाई। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

पाकिस्तान क्रिकेट टीम को मिला नया बैटिंग कोच, माइक स्मिथ संभालेंगे जिम्मेदारी

लगातार खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन और बार-बार होने वाले बैटिंग कोलैप्स से जूझ रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम को नया बैटिंग कोच मिल गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर माइक स्मिथ को टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया है। माइक स्मिथ आगामी 19 अगस्त से इंग्लैंड में शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पाकिस्तान टीम के साथ अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। बोर्ड को उम्मीद है कि उनकी नियुक्ति से टीम की बल्लेबाजी में स्थिरता आएगी और लगातार खराब प्रदर्शन पर अंकुश लगेगा। आवेदन प्रक्रिया के बाद हुआ चयन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने स्थायी बैटिंग कोच की नियुक्ति के लिए सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए थे। कई उम्मीदवारों के इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद माइक स्मिथ का चयन किया गया। बोर्ड ने उनके अनुभव और आधुनिक बल्लेबाजी कोचिंग शैली को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लंबा अनुभव माइक स्मिथ लेवल-4 क्वालिफाइड कोच हैं और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बल्लेबाजी कोच के रूप में अच्छी पहचान रखते हैं। वह विभिन्न टी-20 लीग और कई फ्रेंचाइजी टीमों के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का भी उन्हें अनुभव है, जिससे वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों और वहां की क्रिकेट परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। असद शफीक की लेंगे जगह माइक स्मिथ पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज और मौजूदा राष्ट्रीय चयनकर्ता असद शफीक की जगह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। शफीक हाल के समय में अंतरिम बैटिंग कोच की भूमिका निभा रहे थे। फिलहाल वह पाकिस्तान टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर मौजूद हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि माइक स्मिथ के मार्गदर्शन में टीम की बल्लेबाजी मजबूत होगी और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलेगा। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

दलीप ट्रॉफी 2026-27: करीब एक साल बाद रेड बॉल क्रिकेट में लौटे अर्शदीप सिंह, नॉर्थ जोन टीम में मिली जगह

नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की करीब एक साल बाद रेड बॉल क्रिकेट में वापसी हो गई है। उन्हें दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए नॉर्थ जोन की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। अर्शदीप ने अपना पिछला रेड बॉल मुकाबला पिछले साल दलीप ट्रॉफी में खेला था। नॉर्थ जोन की कप्तानी जम्मू-कश्मीर के विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वधावन को सौंपी गई है, जबकि दिल्ली के ऑलराउंडर आयुष बडोनी को उपकप्तान बनाया गया है। नॉर्थ जोन की टीम अपना पहला मुकाबला 23 अगस्त को बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में वेस्ट जोन के खिलाफ खेलेगी। जम्मू-कश्मीर के 6 खिलाड़ियों को मिला मौका नॉर्थ जोन की टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें कप्तान कन्हैया वधावन के अलावा ओपनर कामरान इकबाल, बल्लेबाज अब्दुल समद, स्पिन ऑलराउंडर आबिद मुश्ताक और तेज गेंदबाज सुनील कुमार व युद्धवीर सिंह शामिल हैं। पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में अब्दुल समद ने 15 पारियों में 57.53 की औसत से 748 रन बनाकर टीम के सबसे सफल बल्लेबाज का दर्जा हासिल किया था। वहीं, कप्तान वधावन ने 13 पारियों में 474 रन बनाए थे। कामरान इकबाल को पहली बार दलीप ट्रॉफी में मौका मिला है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ नाबाद 160 रन की शानदार पारी खेली थी। आबिद मुश्ताक ने पिछले सीजन में 445 रन बनाने के साथ 20 विकेट भी अपने नाम किए थे। दिल्ली के चार खिलाड़ियों का चयन नॉर्थ जोन की टीम में दिल्ली के चार खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनमें आयुष दोसेजा, सनत सांगवान, यश धुल और आयुष बडोनी शामिल हैं। आयुष दोसेजा ने पिछले रणजी सीजन में 7 मैचों की 12 पारियों में 105.44 की औसत से 949 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 5 अर्धशतक निकले। वहीं सनत सांगवान ने 7 मैचों में 69.00 की औसत से 828 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे। यश धुल और आयुष बडोनी को लगातार दूसरी बार दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन टीम में चुना गया है। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी अर्शदीप पर नॉर्थ जोन के तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान अर्शदीप सिंह, अंशुल कंबोज, युद्धवीर सिंह और सुनील कुमार संभालेंगे। हालांकि, पिछले रणजी सीजन के सबसे सफल गेंदबाज आकिब नबी का चयन इस बार नहीं किया गया है, क्योंकि वह भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर व्यस्त हैं। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
Commonwealth

Commonwealth Games: Boxing बना भारत की ताकत, Athletics में नहीं आया Gold

Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। भारत ने अब तक कुल 39 Medals अपने नाम किए हैं और Medal Table में चौथे स्थान पर बना हुआ है। खास बात यह है कि भारतीय दल के 123 खिलाड़ियों में से 38 खिलाड़ी पदक जीतने में कामयाब रहे हैं। यानी करीब 31 प्रतिशत खिलाड़ियों ने देश के लिए Medal जीता। भारत के प्रदर्शन की सबसे बड़ी तस्वीर Boxing से सामने आई है। रिंग में उतरे भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार मुकाबले करते हुए देश की Medal उम्मीदों को मजबूत किया। दूसरी ओर Athletics में खिलाड़ियों ने मेहनत जरूर की, लेकिन Gold Medal हासिल नहीं कर सके। यही वजह है कि भारतीय अभियान में Boxing की चमक सबसे ज्यादा नजर आ रही है। Boxing ने बढ़ाया भारत का भरोसा Commonwealth Games में Boxing हमेशा से भारत का मजबूत पक्ष रहा है और इस बार भी भारतीय मुक्केबाजों ने निराश नहीं किया। अलग-अलग Weight Categories में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। रिंग में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास साफ नजर आया। कई मुकाबलों में उन्होंने दबाव के बावजूद वापसी की और अपने अनुभव का फायदा उठाया। यही प्रदर्शन भारत को Medal Table में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर रहा है। Athletics में पदक आए, लेकिन Gold नहीं Track and Field Events में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना पूरा जोर लगाया। कुछ स्पर्धाओं में भारत के खाते में पदक भी आए, लेकिन Gold Medal हाथ नहीं लगा। Athletics में Gold की कमी भारतीय अभियान का एक ऐसा पहलू है, जिस पर आगे जरूर नजर रहेगी। भारत के पास इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन Commonwealth Games जैसे बड़े मंच पर शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए प्रदर्शन को एक कदम और आगे ले जाने की जरूरत दिखाई देती है। 123 में से 38 खिलाड़ी बने Medalist भारत ने इस Commonwealth Games में 123 खिलाड़ियों का दल उतारा। इनमें से 38 खिलाड़ी पदक जीतने में सफल रहे। यह आंकड़ा भारतीय दल की गहराई को दिखाता है। अगर इसे प्रतिशत में देखें तो करीब 31% भारतीय खिलाड़ियों ने Medal जीता। यानी लगभग हर तीन में से एक खिलाड़ी पोडियम तक पहुंचा। यह किसी भी बड़े Multi-Sport Event में भारतीय दल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला आंकड़ा है। 39 Medals के साथ चौथे स्थान पर Team India भारत के खाते में फिलहाल 39 Medals हैं और टीम चौथे स्थान पर है। अलग-अलग खेलों में आए पदकों ने भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। हालांकि Medal Table में ऊपर पहुंचने के लिए अब बाकी मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण होंगे। भारतीय खिलाड़ियों के पास अभी और पदक जीतने के मौके हैं और टीम की नजर इस संख्या को बढ़ाने पर होगी। Boxing की सफलता, Athletics की चुनौती भारत के Commonwealth Games अभियान को अगर दो हिस्सों में देखें तो Boxing ने उम्मीदें बढ़ाई हैं, जबकि Athletics ने एक सवाल भी छोड़ा है। Boxing में लगातार मजबूत प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं Athletics में Gold Medal नहीं मिलना बताता है कि इस क्षेत्र में अभी और मेहनत की जरूरत है। फिलहाल 39 Medals के साथ चौथे स्थान पर मौजूद Team India के लिए तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं, बल्कि काफी उम्मीद भरी है। आने वाले मुकाबलों में एक-दो बड़े Gold Medal भारत को Medal Table में और ऊपर पहुंचा सकते हैं। अब नजर बाकी मुकाबलों पर Commonwealth Games अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का मौका है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Team India अपने मौजूदा प्रदर्शन को और आगे ले जाकर Top-3 में जगह बना पाएगी? Boxing ने भारत को मजबूत आधार दिया है और अब बाकी खेलों से भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। 39 Medals के बाद भारतीय फैंस की नजरें अब उन मुकाबलों पर हैं, जहां एक जीत पूरे Medal Table का समीकरण बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स: आज भारत के लिए मेडलों की बारिश का मौका, बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मुकाबले; लवलीना समेत कई स्टार्स एक्शन में

कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की झड़ी लग सकती है। शनिवार को भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में 44 गोल्ड मेडल मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बॉक्सिंग से है। भारतीय मुक्केबाज 10 गोल्ड मेडल फाइनल खेलेंगे। इनमें ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन भी शामिल हैं। बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनल मुकाबले भारत की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे प्रीति पवार (54 किग्रा) के फाइनल से होगी। बॉक्सिंग फाइनल का शेड्यूल: एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद भारतीय एथलीट भी कई फाइनल मुकाबलों में उतरेंगे। प्रमुख मुकाबले: जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भी चुनौती जूडो में उन्नति शर्मा, करणजीत सिंह मान, हर्ष तोकस और इनुंगानबी ताखेल्लामबम अपने शुरुआती मुकाबले खेलेंगे। ट्रैक साइक्लिंग में: लॉन बॉल्स में इंग्लैंड से मुकाबला महिला सिंगल्स में: भारत को शनिवार को बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में कई स्वर्ण पदकों की उम्मीद है। सभी की नजरें खासतौर पर ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और अन्य भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर रहेंगी। अधिक खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

भारत-बांग्लादेश क्रिकेट सीरीज पर सस्पेंस बरकरार, BCB ने सरकार से भारत को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील

भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में प्रस्तावित सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने अपनी सरकार से भारत के साथ बातचीत कर टीम इंडिया को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील की है। भारत को बांग्लादेश दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हालांकि, इस सीरीज को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी तक आधिकारिक मंजूरी या कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। 3 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला 1. पहले 2024 में होना था दौरा यह सीरीज मूल रूप से वर्ष 2024 में आयोजित होनी थी। लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और सरकार विरोधी आंदोलन के बाद हालात बदल गए। इसके चलते दौरा स्थगित कर दिया गया। अब इसे सितंबर 2026 में कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन भारत की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। 2. सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा तमीम इकबाल ने बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबैद इस्लाम से मुलाकात कर आग्रह किया कि सरकार भारत के साथ बातचीत करे और टीम इंडिया की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे। 3. रिश्ते सुधरे तो सीरीज संभव हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद बढ़ा है। भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS सम्मेलन का निमंत्रण दिया गया है। साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच भी बातचीत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजनीतिक संबंध सामान्य होते हैं, तो सीरीज आयोजित होने की संभावना बढ़ जाएगी। तमीम इकबाल ने क्या कहा? तमीम इकबाल ने कहा कि, “हम इस सीरीज को लेकर काफी आशावान हैं, लेकिन कुछ फैसले हमारे हाथ में नहीं हैं। यह दोनों देशों की सरकारों के बीच का विषय है और वही अंतिम निर्णय लेंगी।” BCB भारत के जवाब का इंतजार कर रहा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड फिलहाल भारत सरकार और BCCI के फैसले का इंतजार कर रहा है। जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक ब्रॉडकास्ट अधिकार और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही मैचों का आधिकारिक शेड्यूल जारी किया जाएगा। अधिक खेल जगत की खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 2 3 4 5 43

Editor's Picks

Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.