AIIMS Bhopal की डॉ. तान्या शर्मा ने World Congress of Nephrology 2026 (Japan) में मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी पर ICMR फंडेड रिसर्च प्रस्तुत कर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
भोपाल से ग्लोबल मंच तक: AIIMS की डॉक्टर ने दिखाई रिसर्च की ताकत
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए गर्व का क्षण है। एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) की डॉक्टर डॉ. तान्या शर्मा ने जापान के योकोहामा में आयोजित World Congress of Nephrology 2026 में अपने शोध कार्य को प्रस्तुत कर देश का नाम रोशन किया है।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन किडनी से जुड़ी बीमारियों पर रिसर्च और नई खोजों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, जहां चयनित वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को ही अपने कार्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
International Society से मिला Travel Grant
डॉ. तान्या शर्मा को इस बड़े मंच पर अपने शोध को प्रस्तुत करने के लिए International Society of Nephrology (ISN) की ओर से ट्रैवल ग्रांट भी प्रदान किया गया। यह ग्रांट उन चुनिंदा शोधकर्ताओं को दिया जाता है, जिनका काम वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालने की क्षमता रखता है।
किस विषय पर था शोध?
डॉ. शर्मा का यह शोध मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी (Membranous Nephropathy) नामक गंभीर किडनी रोग पर आधारित है। यह शोध ICMR (Indian Council of Medical Research) द्वारा वित्तपोषित है।
उनके अध्ययन में इस बीमारी से जुड़े नए एंटीजन (Antigens) की पहचान पर विशेष काम किया गया है।
👉 इस खोज से भविष्य में:
- बीमारी का सटीक और जल्दी निदान संभव होगा
- मरीजों के लिए बेहतर और टार्गेटेड इलाज विकसित किया जा सकेगा
भारत के लिए क्यों है यह बड़ी उपलब्धि
आज के समय में किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में भारतीय वैज्ञानिकों का इस स्तर पर रिसर्च प्रस्तुत करना न केवल मेडिकल फील्ड में नई दिशा देता है, बल्कि भारत की रिसर्च क्षमता को भी वैश्विक मंच पर मजबूत करता है।
AIIMS Bhopal की यह उपलब्धि सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। डॉ. तान्या शर्मा जैसे युवा शोधकर्ता भारत को मेडिकल रिसर्च में नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
