मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शव की हालत देखकर शिकार कर उसके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामला गुना उत्तर वन परिक्षेत्र की भदौरा सब रेंज के आगरा-हंसली जंगल का है।
गुरुवार को जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुए का शव पड़ा देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
वन अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए का शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। उसके चारों पैर और सिर गायब थे, जबकि केवल धड़ मौके पर पड़ा मिला। धड़ की खाल भी नहीं थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए का शिकार उसके नाखून, दांत और अन्य अंगों की तस्करी के उद्देश्य से किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव तस्करों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित शिकार का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने वन विभाग की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए मांग की है कि यह पता लगाया जाए कि घटना के समय बीट गार्ड और गश्ती दल कहां मौजूद थे तथा तेंदुए के शव को इस हालत में किसने पहुंचाया।
मामले की जानकारी मिलने पर गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने वन विभाग को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है।
गौरतलब है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत तेंदुए का शिकार एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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