मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दुखद खबर सामने आई है। आदि कैलाश की धार्मिक यात्रा पर गए इंदौर के युवा सराफा कारोबारी तिलक शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। यात्रा से लौटते समय उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। उन्हें इलाज के लिए गुंजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
तिलक शर्मा महाकाल मंदिर के लिए चांदी के मुकुट और श्रृंगार सामग्री बनाने तथा बेचने के काम से जुड़े थे। उनकी मौत की खबर से इंदौर में उनके परिवार, परिचितों और कारोबार से जुड़े लोगों में शोक है।
यात्रा से लौटते समय बिगड़ी तबीयत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिलक शर्मा अपने दोस्तों के साथ आदि कैलाश यात्रा पर गए थे। शुक्रवार को यात्रा के दौरान उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। साथियों ने उनकी हालत बिगड़ते देख उन्हें गुंजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उपचार किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बताया गया है कि यात्रा के दौरान क्षेत्र में ठंड और ऊंचाई का असर भी था। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महाकाल के लिए बनाते थे चांदी के मुकुट
तिलक शर्मा इंदौर के सराफा कारोबार से जुड़े थे। वह अपने पिता के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर के लिए चांदी की श्रृंगार सामग्री का काम करते थे। इसमें चांदी के मुकुट भी शामिल थे।
उनकी पहचान धार्मिक श्रृंगार सामग्री के कारोबार से जुड़े युवा व्यवसायी के रूप में थी। उनके निधन की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
धारचूला लाया गया शव
अस्पताल में उपचार के बाद तिलक शर्मा का शव धारचूला लाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
ऊंचाई वाले इलाकों में सांस की परेशानी को न करें नजरअंदाज
आदि कैलाश जैसे ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हवा में ऑक्सीजन का दबाव कम हो जाता है। ऐसे स्थानों पर कुछ यात्रियों को सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना और शरीर को वातावरण के अनुकूल ढलने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी माना जाता है।











































