IRAN की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को साफ संदेश दिया है कि देश की सरकार को सुरक्षा और सैन्य मामलों में सेना के फैसलों के अनुसार काम करना होगा।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी भी बड़े फैसले का अंतिम अधिकार अब वरिष्ठ सैन्य कमांडर अहमद वाहिदी के पास रहेगा। यानी सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार का फैसला तभी लागू होगा, जब सेना की मंजूरी होगी।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में ईरान के सामने बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सेना की भूमिका और मजबूत की जा रही है। ऐसे समय में सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रपति के अधिकारों पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या राष्ट्रपति के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं। हालांकि, ईरानी सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मध्य पूर्व की राजनीति पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुरक्षा मामलों में सेना की भूमिका इसी तरह बढ़ती रही, तो इसका असर केवल ईरान की आंतरिक राजनीति ही नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की रणनीतिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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