IRAN की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि ईरानी राष्ट्रपति ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खबरों में यह भी आरोप लगाया गया कि देश की असली सत्ता अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों के हाथ में चली गई है और सरकार पर उनका कंट्रोल बढ़ता जा रहा है।
हालांकि, ईरान सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अधिकारी का कहना है कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरें झूठी और भ्रामक हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से ईरान में राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच तनाव की चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबर सामने आने से देश और दुनिया में कई तरह के सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में IRGC का प्रभाव पहले से काफी मजबूत रहा है। देश की सुरक्षा, विदेश नीति और कई अहम फैसलों में इस संगठन की बड़ी भूमिका मानी जाती है। ऐसे में जब सत्ता पर नियंत्रण को लेकर आरोप सामने आए तो लोगों की चिंता बढ़ गई।
फिलहाल ईरान सरकार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति अपने पद पर बने हुए हैं और सरकार सामान्य रूप से काम कर रही है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इस खबर को लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
मध्य पूर्व में पहले से चल रहे तनाव के बीच इस तरह की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर ईरान की अगली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
