जबलपुर के अधारताल निवासी 55 वर्षीय मुकेश गंभीर ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि मुंह के अंदर हुए एक छोटे से छाले की सर्जरी के बाद पिछले 19 महीनों से उनके मुंह के भीतर बाल उग रहे हैं, जिससे खाना-पीना और निगलना बेहद मुश्किल हो गया है।
गले की त्वचा लगाने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, जून 2024 में डॉक्टर अर्पण मिश्रा ने उनके मुंह के छाले का ऑपरेशन किया था। आरोप है कि सर्जरी के दौरान डॉक्टर ने गले की त्वचा (स्किन ग्राफ्ट) का इस्तेमाल मुंह के अंदर किया, जिसके कारण वहां लगातार बाल उगने लगे।
मुकेश गंभीर का कहना है कि ऑपरेशन से पहले उन्हें इस तरह के संभावित दुष्प्रभाव या जोखिम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
आयुष्मान योजना के बावजूद नकद राशि लेने का आरोप
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज का कुछ हिस्सा आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर होने के बावजूद अस्पताल ने उनसे 75 हजार रुपये नकद वसूले।
उनका कहना है कि ऑपरेशन से कुछ मिनट पहले घबराहट की स्थिति में उनसे और उनके परिजनों से कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें यह उल्लेख था कि अस्पताल ने कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली है।

कई अस्पतालों में कराया इलाज, नहीं मिली राहत
मुकेश गंभीर ने बताया कि समस्या बढ़ने पर उन्होंने संबंधित डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने भोपाल, मेमोरियल अस्पताल और होशंगाबाद सहित कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन अब तक स्थायी राहत नहीं मिल सकी।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
लगातार शारीरिक परेशानी और मानसिक तनाव झेल रहे पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायत पर आधारित है। संबंधित डॉक्टर या अस्पताल की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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