Monsoon Update 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल देश के करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक के कई इलाकों में बादलों की गतिविधि कमजोर बनी हुई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की प्रगति पिछले कुछ दिनों से धीमी है और कई राज्यों में अपेक्षित बारिश नहीं हो पा रही है। इसका असर खेती-किसानी के साथ-साथ जल स्रोतों पर भी पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कम बारिश
मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में पिछले दिनों से बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित रही हैं। कई क्षेत्रों में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हो रही। इससे खरीफ फसलों की बुवाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसान मानसून की सक्रियता बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि जून का महीना खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
कर्नाटक में भी कमजोर पड़ा मानसून
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मानसून की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं है। कर्नाटक के कई क्षेत्रों में बारिश का स्तर सामान्य से नीचे बना हुआ है। इससे जलाशयों और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
तेलंगाना में 7 दिनों से अटका मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून पिछले करीब 7 दिनों से तेलंगाना क्षेत्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे बढ़ने की गति धीमी होने के कारण उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है।
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
