नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में इस बार दुनिया की निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अहम बैठकों पर टिकी हैं। सम्मेलन के दौरान ट्रंप की मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति से होने की संभावना है। इन बैठकों को वैश्विक सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व की बदलती स्थिति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेलेंस्की के साथ किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात में सबसे बड़ा मुद्दा रूस-यूक्रेन युद्ध रहेगा। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति, संभावित शांति वार्ता, सुरक्षा सहयोग और अमेरिका की भविष्य की भूमिका पर चर्चा कर सकते हैं।
इसके अलावा यूक्रेन की सुरक्षा, रक्षा सहायता और यूरोपीय सहयोग को लेकर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
सीरिया के राष्ट्रपति से भी होगी अहम बातचीत
नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप की सीरिया के राष्ट्रपति से संभावित मुलाकात भी चर्चा में है। इस बैठक में मध्य पूर्व की सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिका-सीरिया संबंधों को लेकर विचार-विमर्श हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम संकेत दे सकती है।
क्या रहेगा NATO Summit का मुख्य एजेंडा?
इस बार नाटो शिखर सम्मेलन में कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें शामिल हैं—
- रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की सुरक्षा
- नाटो सदस्य देशों की रक्षा तैयारियां
- रक्षा बजट बढ़ाने पर जोर
- साइबर सुरक्षा और नई सैन्य तकनीक
- मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां
- वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना
