अमेरिकी टेक दिग्गज Nvidia और AMD ने चीन में अपनी AI Chips की बिक्री से होने वाले राजस्व का 15% हिस्सा US Government को देने पर सहमति जताई है। यह डील अमेरिकी प्रशासन की नई नीति के तहत हुई है, जिसमें कंपनियों को चीन में चिप्स निर्यात करने के लिए विशेष Export License तभी मिलेगा, जब वे इस Revenue Sharing Condition को मानें।
यह समझौता खासतौर पर Nvidia H20 Chips और AMD MI308 Chips पर लागू होगा। पहले Biden Administration ने इन हाई-परफॉर्मेंस AI चिप्स की चीन को बिक्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन Trump Administration ने पॉलिसी बदलते हुए सीमित बिक्री की इजाजत दी—हालांकि इसके बदले 15% Revenue Share की शर्त जोड़ी गई।
क्यों है यह डील Controversial?
- यह कदम Unprecedented है, क्योंकि अमेरिकी Export Control के इतिहास में पहली बार किसी कंपनी से Export License के बदले उसकी विदेशी बिक्री का हिस्सा लिया जा रहा है।
- एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह National Security और Commerce के बीच की सीमा को धुंधला करता है।
- लीगल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह US Constitution में Export Tax Ban का उल्लंघन भी हो सकता है।
- कुछ पूर्व अधिकारियों ने इसे “Bribery + Pressure” का मिश्रण बताया और चेतावनी दी कि इससे भविष्य में Export Control की Credibility पर असर पड़ेगा।
Companies के लिए Impact
हालांकि यह डील कंपनियों के मुनाफे को कम करेगी, लेकिन इसके जरिए उन्हें चीन के AI Chip Market में फिर से एंट्री मिलेगी—जो दुनिया का सबसे बड़ा और लाभदायक मार्केट माना जाता है।
Global Trade पर असर
एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फैसला Global Trade Policies में नया मिसाल बना सकता है और अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों में नई जटिलताएं ला सकता है।
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