नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो।
लोकसभा में मंगलवार को Operation Sindoor पर हुई बहस के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की।
प्रियंका गांधी ने संसद में सवाल उठाते हुए कहा, “पहलगाम की बायसरन घाटी में सुरक्षा क्यों नहीं थी? हजारों लोग वहां जाते हैं, क्या सरकार को इसका अंदाज़ा नहीं था? सरकार ने नागरिकों को भगवान भरोसे छोड़ दिया।” उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि जब वहां कोई सुरक्षा बल मौजूद नहीं था, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?
जनता भगवान भरोसे, सरकार प्रचार में व्यस्त: प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार केवल इवेंट और प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। “इस सरकार को जनता की चिंता नहीं, सिर्फ अपनी छवि की पड़ी है। जनता के सवालों से ये सरकार हमेशा बचती है।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही होती है, लेकिन यहां सिर्फ बहानों और पुराने इतिहास की बातें करके वर्तमान की ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है।
TRF को लेकर भी घेरा, पूछा- किसकी ज़िम्मेदारी?
प्रियंका गांधी ने जम्मू-कश्मीर में हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “TRF ने कई हमले किए, लेकिन उसे 2023 में आतंकी संगठन घोषित किया गया। क्या सरकार को पहले इसकी भनक तक नहीं लगी?”
उन्होंने सवाल किया कि क्या गृह मंत्री या खुफिया एजेंसियों ने अब तक कोई जवाबदेही ली? “क्या किसी ने इस्तीफा दिया? खुफिया विभाग गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है — इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि 11 वर्षों से केंद्र में एक ही सरकार है, फिर ज़िम्मेदारी से कैसे भागा जा सकता है?
अमित शाह को लेकर तीखे तंज
प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के आंसुओं की बात तो करते हैं, लेकिन सीजफायर के फैसले पर चुप हैं।
उन्होंने पूछा, “जब हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, तब संघर्षविराम क्यों घोषित किया गया? क्या यह जनता और सेना के हित में था या कोई राजनीतिक मजबूरी?” उन्होंने कहा कि देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष:
Operation Sindoor के बहाने संसद में विपक्ष ने सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी के इस हमले से सत्तापक्ष को जवाब देना कठिन होता जा रहा है। क्या सरकार अब इन आरोपों पर कोई सफाई देगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

