Operation Sindoor पर लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने पी. चिदंबरम के बयान पर तीखा हमला बोला। बोले- कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रही है। आतंकियों की पहचान हो चुकी है, मददगार पकड़े गए हैं।
Operation Sindoor पर लोकसभा में मंगलवार को गहमागहमी देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन रखते हुए कांग्रेस और विशेष रूप से पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “चिदंबरम पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रहे हैं और यह बयान देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।”
“पाकिस्तान को क्यों बचा रही है कांग्रेस?” – शाह का सीधा सवाल
गृह मंत्री ने चिदंबरम के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या पुख्ता सबूत है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे। शाह ने जवाब में कहा, “हमारे पास सबूत हैं – मारे गए आतंकियों के पास पाकिस्तान की बनी चॉकलेट, वोटर ID और हथियार मिले हैं। उनके मददगारों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।”
22 अप्रैल के हमले के बाद कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
- 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
- उसी दिन अमित शाह श्रीनगर रवाना हुए और अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CCS (Cabinet Committee on Security) की आपात बैठक बुलाई।
- फैसले लिए गए कि हमलावरों को पाकिस्तान भागने नहीं दिया जाएगा और आतंकी ठिकानों पर हमला किया जाएगा।
- 1055 संदिग्धों से 3000 घंटे पूछताछ कर स्केच तैयार किया गया और दो मददगारों को पकड़ा गया।
- इसके बाद 22 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के तहत आतंकियों को मार गिराया गया।
शाह बोले – आतंकवादी मारे गए लेकिन विपक्ष को दुःख है
अमित शाह ने कहा, “जब हमने तीन आतंकियों को मारा तो अपेक्षा थी कि पूरे सदन में संतोष होगा, लेकिन विपक्ष के चेहरों पर स्याही छा गई। ऐसा लगता है उन्हें आतंकियों के मारे जाने से दुख है।”
💣 100 KM अंदर घुसकर किया गया पाकिस्तान में हमला – शाह का बड़ा दावा
शाह ने कहा कि इस बार की कार्रवाई PoK नहीं बल्कि पाकिस्तान की ज़मीन पर 100 किलोमीटर अंदर घुसकर की गई। उन्होंने बताया कि इसमें हाफिज मोहम्मद जमील, मुदस्सर खादियान और याकूब मलिक जैसे खूंखार आतंकवादी मारे गए।
उन्होंने दावा किया कि इस बार सिर्फ आतंकियों के 9 अड्डे तबाह किए गए, कोई सिविलियन नहीं मारा गया।
सीजफायर क्यों हुआ? शाह ने बताया कारण
8 मई को पाकिस्तान की ओर से रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी के जवाब में भारत ने 9 मई को एयरबेस को टारगेट किया। पाकिस्तान के DGMOs ने 10 मई को फोन कर संघर्ष विराम की मांग की, जिसे भारत ने शाम 5 बजे स्वीकार किया।
इतिहास का हवाला: नेहरू और कांग्रेस की भूलें गिनाईं
अमित शाह ने कहा, “1948 में नेहरू के एकतरफा सीजफायर ने PoK को स्थायी कर दिया। 1971 के युद्ध में 93 हजार युद्धबंदियों और जीती हुई जमीन को भी कांग्रेस सरकार ने लौटा दिया। सिंधु जल संधि में भी 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। क्या यही नीति राष्ट्रहित की थी?”
पोटा पर कांग्रेस का विरोध – आतंकवाद को समर्थन?
शाह ने बताया कि 2002 में POTA (Prevention of Terrorism Act) लाया गया था जिसे कांग्रेस ने गिरा दिया। 2004 में सत्ता में आते ही इसे हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोटबैंक के लिए आतंकियों को बचाती रही है।
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में हुई चर्चा ने एक बार फिर आतंकवाद पर राजनीतिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। जहां सरकार ने इसे ‘स्ट्रेटजिक मास्टरस्ट्रोक’ बताया, वहीं विपक्ष ने सवाल उठाए। लेकिन गृह मंत्री ने तथ्यों, सबूतों और ऐतिहासिक संदर्भों से अपना पक्ष स्पष्ट किया।

