Pakistan में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। इमरान खान के समर्थक लॉन्ग मार्च लेकर पेशावर की तरफ बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मार्च अब पेशावर से करीब 30 किलोमीटर दूर पहुंच गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान समर्थकों को बातचीत का न्योता दिया है।
सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मुख्य मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इमरान खान के समर्थकों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
PM शहबाज ने बातचीत के लिए बढ़ाया हाथ
लॉन्ग मार्च के पेशावर के करीब पहुंचने के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की है। सरकार का प्रयास है कि बढ़ते तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जाए और स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोका जा सके।
हालांकि, इमरान समर्थकों की तरफ से साफ संकेत दिया गया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है, जब उनकी प्रमुख मांग को गंभीरता से लिया जाए।
30 किलोमीटर दूर पहुंचा मार्च
इमरान खान के समर्थकों का लॉन्ग मार्च अब पेशावर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। मार्च में बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के साथ ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इमरान समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई की मांग को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
Release की मांग पर कायम समर्थक
सरकार की बातचीत की पेशकश के बाद भी इमरान खान के समर्थकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि पूर्व पीएम की रिहाई उनकी सबसे बड़ी मांग है और इस मुद्दे पर पीछे हटने का सवाल नहीं है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि शहबाज सरकार और इमरान समर्थकों के बीच बातचीत होती है या लॉन्ग मार्च आगे बढ़ता रहता है। पेशावर के करीब पहुंच चुके प्रदर्शनकारियों के कारण पाकिस्तान का यह राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकता है।
आगे क्या होगा?
एक तरफ सरकार बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं इमरान खान के समर्थक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। दोनों पक्षों के रुख में फिलहाल बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में बातचीत, प्रदर्शन और सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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