Ayodhya Ram Mandir एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
पूर्व अकाउंट इंचार्ज के आरोप
मंदिर के पूर्व अकाउंट इंचार्ज ने दावा किया है कि चढ़ावे के रूप में आए करीब ₹7 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब में अनियमितता हुई है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस मामले को लेकर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय से शिकायत की, तो इसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया।
पूर्व अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले से जुड़े CCTV फुटेज को कथित रूप से डिलीट कराया गया, जिससे पारदर्शिता और रिकॉर्डिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रस्ट की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
फिलहाल इस पूरे मामले पर Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता की भी अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलचल
इन आरोपों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और पूरी पारदर्शिता की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट में वित्तीय मामलों की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
जांच की मांग तेज
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई पाई जाती है, तो यह मंदिर प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आधिकारिक जांच और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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