केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में पुरुषों की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ वाली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी, इस पर समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी तो समाज आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और पुरुषों की जिम्मेदारी को लेकर लोगों से सोचने की अपील की।
‘ऐसी नौबत क्यों आई?’
शिवराज ने ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ वाली घटना का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। उनका कहना था कि समाज में ऐसा माहौल होना चाहिए जहां महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें और पुरुषों पर भरोसा कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को सिर्फ एक मामले के तौर पर देखने के बजाय समाज को इनके पीछे की वजहों पर भी विचार करना चाहिए।
‘बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं करेंगी तो समाज कैसे बढ़ेगा’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच विश्वास जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी तो सामाजिक विकास प्रभावित होगा।
उन्होंने पुरुषों से भी अपनी जिम्मेदारी समझने और महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही।
समाज को करना होगा आत्ममंथन
शिवराज ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर सिर्फ प्रतिक्रिया देने के बजाय समाज को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने पुरुषों के व्यवहार और सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
महिला सुरक्षा पर फिर चर्चा
शिवराज सिंह चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है जब महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है।


