रायपुर। मई की शुरुआत के साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में कहर बरपाया है। 6 मई तक 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। शनिवार को रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ओले गिरे। इस बदलाव से तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। किसानों पर दोहरी मार: फसलें चौपट, बिजली सेवा ठप तेज आंधी और ओलों ने रबी फसलों, फल-सब्जियों और खासकर आम के उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाया है। भिलाई में पपीते, केले और चीकू की 500 एकड़ खेती बर्बाद हो गई। धमधा क्षेत्र के धौराभाठा गांव में 500 एकड़ पर ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान राजेश पुनिया ने बताया कि करीब 70-80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित तेज अंधड़ से इलेक्ट्रिक पोल और तार टूटने के कारण रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पावर कंपनी की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए शुक्रवार शाम तक 80% व्यवस्था बहाल कर दी थी, जबकि शेष शिकायतों का निपटारा देर रात तक जारी रहा। खेतों से बाजार तक असर बदला मौसम क्यों? मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं हरियाणा से केरल तक ट्रफ लाइन बनने से छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम बदला है। आगे क्या? राहत भी, गर्मी भी मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, जिससे थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है। https://deshharpal.com/ पर बने रहें, हम आपको पल-पल की सटीक खबर सबसे पहले देंगे।
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