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IND vs ENG: डेब्यू कैप मिलते ही भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने; इंग्लैंड ने रचा बड़ा रिकॉर्ड

IND vs ENG: डेब्यू कैप मिलते ही भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने; इंग्लैंड ने रचा बड़ा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के लिए यह मुकाबला कई मायनों में यादगार रहा। एक तरफ युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू करते हुए इतिहास रच दिया, तो दूसरी ओर इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज कर नया रिकॉर्ड बना दिया। डेब्यू कैप मिलने का पल वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद भावुक रहा। जैसे ही उन्हें टीम इंडिया की कैप सौंपी गई, उनकी आंखें नम हो गईं। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने उनका उत्साह बढ़ाया। डेब्यू के साथ रचा इतिहास वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला। भावुक कर देने वाला पल डेब्यू कैप मिलते ही वैभव अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। परिवार, कोच और लंबे संघर्ष को याद करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सोशल मीडिया पर भी इस पल का वीडियो तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रेमियों ने युवा खिलाड़ी को शुभकामनाएं दीं।
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Ram Mandir चढ़ावा चोरी विवाद: फ्लाइट में गोपाल राव को देखकर भड़के यात्री

Ram Mandir चढ़ावा चोरी विवाद: फ्लाइट में गोपाल राव को देखकर भड़के यात्री

Ram Mandir में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव को एक फ्लाइट में देखकर कुछ यात्रियों ने विरोध जताया। यात्रियों ने उनके सामने “चढ़ावा चोर” के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक का एजेंडा भी जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में मंदिर के प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। फ्लाइट में हुआ विरोध जानकारी के अनुसार, गोपाल राव जैसे ही फ्लाइट में अपनी सीट पर पहुंचे, कुछ यात्रियों ने उन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते विरोध बढ़ गया और लोगों ने “चढ़ावा चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि इस दौरान किसी तरह की हाथापाई या हिंसा की सूचना नहीं है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराने को गलत बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग मामले में जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। क्या है पूरा मामला? राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के कथित गबन को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। हालांकि संबंधित पक्ष की ओर से आरोपों को लेकर अपनी सफाई भी दी गई है और जांच की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। 6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है। इस बैठक में मंदिर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों के साथ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विवाद के बीच होने वाली इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस फ्लाइट का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मान लेना उचित नहीं है। फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की नजर आगामी ट्रस्ट बैठक और जांच की प्रगति पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में 17 वर्षीय छात्रा ने लगाई फांसी: कमरे से मिला मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता, जांच में जुटी पुलिस

भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। भोपाल में छात्रा ने की आत्महत्या राजधानी भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। 12वीं पास करने के बाद घर पर थी छात्रा पुलिस के अनुसार छात्रा ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह अपने पिता के साथ रहती थी। उसकी मां वर्ष 2017 से परिवार से अलग रह रही है। परिवार में एक छोटा भाई और एक बहन भी हैं। दरवाजा नहीं खुलने पर हुआ खुलासा घटना के समय छात्रा के दोनों छोटे भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे। रात में जब वे घर लौटे तो उन्होंने बहन को कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। चाचा और पिता को दी सूचना काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर बच्चों ने अपने चाचा को सूचना दी। इसके बाद छात्रा के पिता को बुलाया गया। पिता के पहुंचने पर दरवाजे में बने छेद से अंदर झांककर देखा गया। फंदे पर लटकी मिली छात्रा परिजनों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो छात्रा कमरे के अंदर फंदे पर लटकी मिली। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। कमरे से मिला मोबाइल फोन घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला है। छात्रा के पिता का कहना है कि उन्होंने बेटी को कभी मोबाइल फोन नहीं दिलाया था और उन्हें इस मोबाइल के बारे में कोई जानकारी नहीं है। गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता भी मिला पुलिस को कमरे से गर्भनिरोधक गोलियों का एक पत्ता भी मिला है। पिता का कहना है कि यह सामान घर में कैसे आया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच बजरिया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मोबाइल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी अहम पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोबाइल फोन की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों में शोक का माहौल छात्रा की अचानक मौत के बाद परिवार सदमे में है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Read more updates on www.deshharpal.com
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ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत: रातभर उल्टियां होती रहीं, परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में नर्सिंग ट्रेनिंग ले रही 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग लेने आई 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। देर रात बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, नीलू प्रजापति सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे अचानक बीमार हो गई थी। उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। उसके साथ हॉस्टल में रह रही चचेरे भाई की बेटी तनु ने परिवार को फोन कर इसकी जानकारी दी। इलाज में देरी का आरोप मृतका के पिता लक्ष्मण प्रजापति का आरोप है कि बेटी की हालत बिगड़ने के बावजूद कॉलेज और हॉस्टल प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया। उनका कहना है कि रात में तबीयत खराब होने के बाद सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच नीलू को अस्पताल ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान चली गई। 14 मई को ट्रेनिंग के लिए पहुंची थी छात्रा नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह 45 दिन की विशेष ट्रेनिंग के लिए 14 मई को आईपीएस कॉलेज पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले वह घर भी आई थी और अपने खराब जूते बदलवाकर दोबारा ट्रेनिंग के लिए लौटी थी। हॉस्टल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार हॉस्टल स्टाफ ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। स्टाफ का कहना है कि छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत ORS दिया गया था, जिससे उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। बाद में दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि एम्बुलेंस का इंतजार करने में अधिक समय लगता, इसलिए स्टाफ छात्रा को तुरंत स्कूटी से अस्पताल लेकर पहुंचा। वहीं परिजन इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विवाद आईपीएस हॉस्टल के ओबीसी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट डायरेक्टर कृति दीक्षित ने दावा किया कि नीलू को पहले से थायराइड और पेट दर्द की समस्या थी। हालांकि परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी। हॉस्टल की व्यवस्था पर उठे सवाल परिजनों ने हॉस्टल की क्षमता और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग के लिए ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में करीब 80 छात्राएं और 120 छात्र रह रहे थे। पुलिस हर एंगल से कर रही जांच एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। हॉस्टल के कमरे की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है। पैनल पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी होगी पुलिस के मुताबिक छात्रा का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ नीलू प्रजापति एक साधारण परिवार से थी। उसके पिता आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कचरा वाहन चलाते हैं। परिवार में छोटी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बेटी की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। ट्रेनिंग व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत चल रही ट्रेनिंग व्यवस्थाओं और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। Read more news and updates on www.deshharpal.com
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‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो?’: ट्विशा से समर्थ के सवाल पर टिकी सीबीआई जांच, प्रेग्नेंसी टर्मिनेट विवाद में नए खुलासे

प्रेग्नेंसी टर्मिनेट विवाद मामले में सीबीआई की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब एजेंसी की नजर ट्विशा और समर्थ के बीच हुई बातचीत पर है। जांच के दौरान कुछ ऐसे चैट और बातचीत सामने आई हैं, जिन्होंने इस केस को नया मोड़ दे दिया है। समर्थ ने पूछा- यह बच्चा किसका है? सूत्रों के मुताबिक, समर्थ ने ट्विशा से सवाल किया था कि वह प्रेग्नेंट कैसे हो सकती है और यह बच्चा आखिर किसका है। बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। सीबीआई अब इन्हीं सवालों और बातचीत को जांच का अहम हिस्सा मान रही है। डिजिटल सबूत खंगाल रही सीबीआई जांच एजेंसी कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और अन्य डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ भी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों के बीच हुई बातचीत से केस के कई अहम पहलुओं का खुलासा हो सकता है। मानसिक दबाव के एंगल पर भी जांच सीबीआई यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ट्विशा पर किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया गया था। प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई, इस पहलू पर भी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। रिश्तों में भरोसा, जिम्मेदारी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि परिवार और करीबी लोग फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी मेडिकल व डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। अधिक जानकारी के लिए इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट और ताजा खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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Twisha से समर्थ ने पूछा था- ‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह बच्चा किसका है?’

Twisha से समर्थ ने पूछा था- ‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह बच्चा किसका है?’

बहुचर्चित प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन विवाद मामले में अब जांच एजेंसियों का फोकस Twisha और समर्थ के बीच हुई बातचीत पर आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच कर रही सीबीआई को कुछ ऐसे चैट और बातचीत के सबूत मिले हैं, जिनमें समर्थ ने ट्विशा से सवाल किया था कि वह प्रेग्नेंट कैसे हो सकती है और यह बच्चा आखिर किसका है। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अब सीबीआई इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने को लेकर आखिर क्या परिस्थितियां बनीं और इसके पीछे किसका कितना दबाव या भूमिका थी। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी की जानकारी मिलने के बाद समर्थ काफी नाराज था। उसने ट्विशा से कई सवाल किए थे। यही बातचीत अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है। सीबीआई डिजिटल सबूत, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। मामले से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया गया था या फिर कोई साजिश रची गई थी। इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। लोग रिश्तों में भरोसे, जिम्मेदारी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। वहीं, परिवार से जुड़े लोग अभी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई साफ हो पाएगी। फिलहाल सभी डिजिटल और मेडिकल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अवैध शराब पर कार्रवाई में लापरवाही, गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित

रायपुर ग्रामीण पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं करने और कार्रवाई के दौरान संदिग्ध व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। यह आदेश रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जारी किया है। जानकारी के अनुसार गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार जारी रहने की बात सामने आई। मामला 29 मई को सामने आया, जब ACCU रायपुर की देहात टीम ने गोबरा नवापारा स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां अवैध शराब बिक्री होती मिली। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे। एसपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि उन्होंने आरोपी लल्ला सोनवानी से अलग जाकर बातचीत की, जिसके बाद उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दीपेश जायसवाल को निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर ग्रामीण से संबद्ध कर दिया है। मामले की प्राथमिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर ग्रामीण पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सागर में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट

उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी के असर से सागर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। देर रात शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और आंधी के साथ बारिश हुई। बंडा क्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम बदलने के बाद दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जबकि रात का पारा 30 डिग्री से गिरकर 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्म हवाओं और उमस से राहत महसूस हुई। शनिवार सुबह भी शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही। धूप जरूर निकली, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में उसकी तपिश कम रही। सुबह सागर का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 2 जून तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है। अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और आंधी चलने का अनुमान जताया है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

देश की सबसे बड़ी अदालत Supreme Court of India ने वोटर लिस्ट से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि SIR प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता, क्योंकि Election Commission of India ने यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से संदिग्ध मानकर हटाए गए हैं, उनकी जानकारी चार हफ्तों के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाए। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और सही मतदाता सूची बेहद जरूरी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि फर्जी या संदिग्ध नामों को हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, ताकि निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस मामले को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के नाम हटाए जाने से कई असली मतदाता परेशान हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष था कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद साफ हो गया है कि SIR प्रक्रिया फिलहाल कानूनी दायरे में मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग आगे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है। ऐसे में सही मतदाता सूची बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि किसी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे। यही संतुलन बनाए रखना अब सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हॉस्पिटल के बाहर पैपराजी पर भड़के Salman Khan, बाद में बड़े दिल से स्वीकार की माफी

हॉस्पिटल के बाहर पैपराजी पर भड़के Salman Khan, बाद में बड़े दिल से स्वीकार की माफी

बॉलीवुड सुपरस्टार Salman Khan को बहुत कम बार गुस्सा करते हुए देखा जाता है, लेकिन जब भी वह नाराज होते हैं तो हर किसी का ध्यान उनकी ओर चला जाता है। मंगलवार रात मुंबई के हिंदूजा हॉस्पिटल के बाहर सलमान खान का गुस्सा पैपराजी पर फूट पड़ा। दरअसल, सलमान खान अपने किसी करीबी से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी लगातार जोर-जोर से उनका नाम पुकारने लगे। जब सलमान अस्पताल से बाहर निकले, तो वह काफी नाराज नजर आए। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ क्रिप्टिक पोस्ट भी शेयर किए, जिन्हें लोग इस घटना से जोड़कर देख रहे हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। कई लोगों ने सलमान का समर्थन करते हुए कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर शांति और प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी है। लोगों का मानना था कि सेलेब्रिटीज भी निजी जिंदगी में सम्मान और सुकून डिजर्व करते हैं। अपनी गलती का एहसास होने के बाद पैपराजी ने सलमान खान से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। बुधवार रात रितेश देशमुख की फिल्म “राजा शिवाजी” की सक्सेस पार्टी में जब सलमान पहुंचे, तो पैपराजी उन्हें देखते ही “सॉरी भाई, सॉरी भाई” कहने लगे।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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