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बिलासपुर रेल हादसा: एक और छात्रा की मौत, अब तक 12 लोगों की जान गई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे में घायल कॉलेज छात्रा महविश परवीन (19) ने एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल थी छात्रा महविश बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी। वह जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा की रहने वाली थी और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करती थी।4 नवंबर को वह रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर घर से कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन से लौट रही थी। लालखदान स्टेशन के पास यह ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। महविश ट्रेन के महिला कोच में सवार थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए और कई जगह फ्रैक्चर हो गए। झटके के कारण उसकी कॉलर बोन और पसलियों की चार हड्डियां भी टूट गईं। घटना के तुरंत बाद उसे सिम्स लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। एक सप्ताह तक जिंदगी से लड़ती रही, फिर मौत ने छीन ली जिंदगी अपोलो अस्पताल में डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई।मंगलवार रात इलाज के दौरान महविश ने अंतिम सांस ली। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो उसे लेकर अकलतरा रवाना हो गए। दिल की मरीज रह चुकी थी महविश, भाई की शादी में गई थी घर महविश के चाचा मोहम्मद रहमान ने बताया कि बचपन में उसे हृदय संबंधी बीमारी थी और रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में उसकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी थी।12वीं के बाद उसे बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में दाखिला दिलाया गया था।वह अपने चचेरे भाई की शादी के लिए घर गई थी — शादी 2 नवंबर को हुई थी और 4 नवंबर को वह बिलासपुर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया। मुआवजे के लिए फर्जी दावा करने की कोशिश का खुलासा इस बीच, सोमवार को एक अन्य व्यक्ति पवन गढ़ेवाल को मृत अवस्था में सिम्स लाया गया।साथ आए लोगों ने दावा किया कि वह भी इसी रेल हादसे में घायल था। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि पवन की कोई मेडिकल हिस्ट्री या इलाज का रिकॉर्ड नहीं मिला।सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि मुआवजे के लिए उसकी मौत को रेल हादसे से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। रेल हादसे की जांच अब भी जारी है, जबकि मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन ने ली है। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.deshharpal.com — सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
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हॉस्टल से 15 वर्षीय छात्रा की मौत — परिजन कहते हैं — “हादसा नहीं, हत्या”

हत्या जूर गांव के माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर में 15 साल की छात्रा पूजा किरेड़े की मौत ने परिवार और इलाके में गहरा सदमा पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि पूजा हॉस्टल की चौथी मंजिल से धक्का देकर गिराई गई थी, जबकि हॉस्टल वार्डन और उसकी बेटी पर पहले से ही प्रताड़ना के आरोप लगे हुए हैं। क्या हुआ: पूजा का एग्जाम था और एक दिन पहले ही उसे हॉस्टल से घर छोड़ा गया था। अगले दिन खबर मिली कि वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरी मिली। इलाज के दौरान जब पूजा होश में आई तो उसने परिजनों को बताया — “मुझे किसी ने धक्का दिया है।”आठ दिन इंदौर के इंडेक्स अस्पताल में इलाज के बाद 9 नवंबर को पूजा की मौत हो गई। परिजनों की मांग — हत्या का केस दर्ज किया जाए परिजन कलेक्टर, एसपी और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण को ज्ञापन देकर मांग कर चुके हैं कि घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।पिता सुंदर सिंह और रिश्तेदारों का कहना है कि पूजा के शरीर पर चोट के भी निशान मिले हैं और वह खुद नहीं मर सकती थी। उनका पूरा संदेह हॉस्टल वार्डन और उसकी बेटी प्राची पर है — जिन्होंने कथित रूप से पूजा को लगातार प्रताड़ित किया था। वार्डन की दलील और जांच वार्डन कोकिला बौरासी का कहना है कि पूजा पर “भूत-प्रेत” का साया था और वह अक्सर बीमार रहती थी। परिजन इस दावे को खारिज करते हैं।कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।कमेटी का नेतृत्व संयुक्त कलेक्टर निकिता मंडलोई कर रही हैं; उसमें मिट्टी परीक्षण अधिकारी कविता गवली और पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की इंस्पेक्टर सुनीता मुवेल शामिल हैं।जांच टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण किया, स्टाफ व छात्राओं के बयान लिए और परिजनों से भी तफ्तीश की। चौंकाने वाले तथ्य जांच में यह भी पता चला कि वार्डन कोकिला के पास 60% दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र है, बावजूद इसके उन्हें वार्डन का पद दिया गया था — जो नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।और सबसे बड़ी बात यह कि वार्डन का अधिकांश काम उसकी बेटी प्राची ही संभालती थी, जिसे पीटीआई (स्पोर्ट्स टीचर) के रूप में नियोजित किया गया था।परिजन और छात्राएं बताती हैं कि प्राची अक्सर छात्राओं से मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करती थी, और पूजा तथा प्राची के बीच कई बार विवाद हो चुका था। निलंबन और स्थानीय प्रतिक्रिया जनजातीय कार्य आयुक्त ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद वार्डन को निलंबित कर इंदौर संभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया है।आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया है कि आदिवासी हॉस्टलों में बच्चों के साथ प्रताड़ना की घटनाएं सामान्य हैं और संदिग्ध मौतों को अक्सर हादसा बताकर दबा दिया जाता है।टंट्या मामा आदिवासी संगठन की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता मोरे ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजन अब न्याय की उम्मीद में हैं — वे चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएं। अधिकारिक जांच रिपोर्ट और आगे के कदमों पर हम नजर बनाए रखेंगे। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: deshharpal.com— सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
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दिल्ली धमाका: अब जुड़ा कनेक्शन मध्यप्रदेश के महू से, आरोपी डॉक्टर की यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पर जांच की नजर

दिल्ली धमाके का एक सिरा अब मध्यप्रदेश के महू से जुड़ता नजर आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी, जो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था, उसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी मूल रूप से महू का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि डॉ. उमर नबी ने अपनी i-20 कार में विस्फोटक रखकर खुद को उड़ा लिया, जबकि उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल शकील को विस्फोटक जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।इस यूनिवर्सिटी को चलाने वाला अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट भी महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी ने ही स्थापित किया था। वही ट्रस्ट का अध्यक्ष और यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति भी है। यूनिवर्सिटी का बयान: “हर काम कानून के हिसाब से” बुधवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने पहली बार बयान जारी करते हुए कहा— “हमारे दो डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल और शाहीन सईद) हिरासत में हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी का उनसे जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी में न कोई केमिकल और न ही विस्फोटक रखा गया था। हमारी लैब सिर्फ MBBS स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए है और हर काम कानून के हिसाब से किया जाता है।” जवाद का अतीत: इन्वेस्टमेंट कंपनी से लेकर यूनिवर्सिटी तक जांच में पता चला है कि जवाद ने पहले अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी के नाम से कारोबार शुरू किया था। उसने लोगों को मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया, लेकिन 2001 में आर्थिक गड़बड़ी के बाद वह परिवार समेत दिल्ली भाग गया। इसके बाद फरीदाबाद में कॉलेज शुरू किया, जो आगे चलकर यूनिवर्सिटी बन गया। महू में खाली पड़ा मकान, जांच जारी महू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद और उसके परिवार के पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है।उनके अनुसार, “जवाद करीब 25 साल पहले तक महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हम्माद सिद्दीकी शहर काजी रह चुके हैं। वहीं, उसका सौतेला भाई अफाम हत्या के मामले में जेल जा चुका है।” वर्तमान में जवाद के महू स्थित चार मंजिला मकान पर ताला लगा है। यह मकान उसके पिता के नाम पर है और स्थानीय लोग इसे ‘मौलाना की बिल्डिंग’ के नाम से जानते हैं। आईजी (ग्रामीण) अनुराग सिंह ने कहा— “हमें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। संबंधित रिकॉर्ड जुटाकर जांच की जा रही है।” 🔗 Source: Deshharpal News Portal — सच्ची और संवेदनशील खबरों के लिए जुड़ें deshharpal.com
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बिलासपुर में हाईकोर्ट वकील की संदिग्ध मौत: परिजनों और अधिवक्ताओं ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे आत्महत्या या हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और साथी वकील इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अब वकीलों ने कलेक्टर और एसएसपी से मिलकर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) बनाने की मांग की है। घटना की रात घर नहीं लौटे राहुल, 22 घंटे बाद नदी में मिला शव जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय वकील राहुल अग्रवाल 10 नवंबर की रात करीब एक बजे अपने साथी वकील के घर से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन उनकी बाइक पुराने अरपा पुल के पास संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। इसके करीब 22 घंटे बाद राहुल की लाश अरपा नदी से बरामद हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया। वकीलों ने जताई हत्या की आशंका वकीलों का कहना है कि यह न तो आत्महत्या है और न ही कोई साधारण हादसा। उनके अनुसार, यह किसी “संदेहास्पद या अप्राकृतिक कारण” से हुई मौत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है, जिससे परिवार और कानूनी समुदाय दोनों ही असंतुष्ट हैं। स्पेशल टीम से जांच की मांग अधिवक्ताओं के एक दल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। घटना से पहले क्या हुआ था राहुल अग्रवाल, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे, पिछले 7-8 साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। 6 नवंबर को वे हाईकोर्ट में प्रेक्टिस के लिए गए थे। शाम को नेहरू चौक पर अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले, फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा शोरूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद वे मुकेश के मोपका स्थित घर गए, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी थोड़ी देर के लिए आया। इसके बाद राहुल घर नहीं लौटे, और अगली सुबह उनकी लाश नदी में मिली। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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गुना पुलिस की बड़ी सफलता: महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियां गुजरात और राजस्थान से बरामद

गुना की कैंट पुलिस ने शानदार काम करते हुए महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल खोज निकाला है। एक लड़की को गुजरात के पोरबंदर से और दूसरी को राजस्थान के कोटा से बरामद किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया है। फरवरी और जून से थीं लापता पहली 16 वर्षीय किशोरी 23 फरवरी को बिना बताए घर से चली गई थी, जबकि दूसरी 15 साल की लड़की 19 जून से लापता थी। दोनों के परिवारों ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिली सफलता प्रदेशभर में 1 से 30 नवंबर तक “विशेष ऑपरेशन मुस्कान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत SP अंकित सोनी ने सभी थाना प्रभारियों को लापता बच्चों की खोज तेज करने के निर्देश दिए थे। ASP मानसिंह ठाकुर और CSP प्रियंका मिश्रा के निर्देशन में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से दोनों लड़कियों का लोकेशन ट्रेस किया। दो राज्यों में भेजी गईं पुलिस टीमें जांच में पता चला कि एक लड़की गुजरात के पोरबंदर में है जबकि दूसरी राजस्थान के कोटा में। इसके बाद पुलिस की दो टीमें तुरंत दोनों राज्यों के लिए रवाना हुईं और सफलतापूर्वक दोनों नाबालिगों को सुरक्षित गुना लेकर आईं। बाल कल्याण समिति ने किया सुपुर्द गुना पहुंचने के बाद दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति अध्यक्ष नीरू शर्मा ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया। पुलिस टीम की सराहना इस पूरी कार्रवाई में TI अनूप कुमार भार्गव, उप निरीक्षक ज्योति राजपूत, SI अरुंधति राजावत, प्रधान आरक्षक मनोज कलावत, आरक्षक माखन चौधरी, सचिन शर्मा, सूर्यभान जाट, महिला आरक्षक प्रीति राठौड़, रक्षा रघुवंशी, धनकुवर जाटव और साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव व भूपेंद्र खटीक की अहम भूमिका रही। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में दोस्त ने ही की दोस्त की पत्थर से हत्या, रेलवे स्टेशन पर मिला शव

ग्वालियर में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां एक युवक की उसके ही जिगरी दोस्त ने सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को शहर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला खून से लथपथ शव यह घटना ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के सर्कुलेटिंग एरिया की है। यहां 28 वर्षीय शिवम यादव, निवासी नूरगंज, का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उसके सिर पर गहरे घाव थे और पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। शिवम घरों में रंगाई-पुताई का काम करता था। CCTV में दिखा आखिरी वक्त का सच पुलिस को मौके से CCTV फुटेज मिला जिसमें शिवम और उसका दोस्त आकाश जाटव शराब खरीदते नजर आ रहे हैं। फुटेज में दोनों कुछ देर बात करते हैं और फिर सड़क की ओर जाते हैं। इसके बाद आकाश ने पत्थर उठाकर शिवम के सिर पर वार कर दिया। कहासुनी के बाद हत्या की कबूलियत सोमवार रात पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शिवम शराब पीने के बाद उसे जबरदस्ती घूमने के लिए दबाव डाल रहा था। इसी बात पर गुस्से में आकर उसने पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस की सख्त जांच जारी आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों काफी देर से झगड़ रहे थे। पुलिस को शक है कि आरोपी की कहानी पूरी सच्चाई नहीं है। जीआरपी थाना नैरोगेज प्रभारी दीप शिखा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या के असली कारणों की गहराई से जांच जारी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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कोरबा: ईसाई पत्नी का जैन पति पर धर्म बदलने का दबाव डालने का आरोप, हाईकोर्ट ने 12 हजार रुपए भरण-पोषण का आदेश बरकरार रखा

कोरबा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने के बाद ईसाई धर्म की महिला ने अपने जैन पति पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि शादी के बाद पति उसे अपने साथ नहीं ले गया और ससुराल वालों ने भी उस पर जैन धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पत्नी के इनकार के बाद वह मजबूरी में अपने मायके में ही रहने लगी। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की। कोर्ट को बताया गया कि उसे कमर और सीने में गंभीर दर्द रहता है, जिसका इलाज कराने में हर माह 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं। वहीं पति एक इंजीनियर है और उसकी मासिक सैलरी करीब 85,940 रुपए है। पत्नी ने कोर्ट से हर माह 45 हजार रुपए भरण-पोषण की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने 12 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसमें उसने कहा कि पत्नी शिक्षित है और खुद का खर्च उठा सकती है। लेकिन हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पत्नी के पास आय का कोई स्रोत नहीं है, जबकि पति की आमदनी पर्याप्त है। ऐसे में पत्नी को आर्थिक सहायता देना जरूरी है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पत्नी को हर महीने 12 हजार रुपए भरण-पोषण मिल सकेगा। 👉 ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में आदिवासी विधवा से अन्याय: शादी का झांसा देकर किया रेप, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई — ज़हर खाकर दी जान देने की कोशिश

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय आदिवासी विधवा महिला ने रविवार को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि एक खेत मालिक ने उससे शादी का झांसा देकर रेप किया, और जब उसने न्याय के लिए पुलिस व अधिकारियों से शिकायत की, तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। इसी अन्याय से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। ससुराल ने निकाला, मायके में रह रही थी महिला पीड़िता ने बताया कि वह विधवा है और उसकी चार बेटियां हैं। बेटा न होने के कारण ससुराल वालों ने उसे झिरन्या क्षेत्र से निकाल दिया था। अब उसकी बेटियां सास-ससुर के पास हैं और वह खुद मायके में रह रही थी। खेत मालिक ने शादी का झांसा देकर किया रेप महिला के मुताबिक, जुलाई में वह जामला गांव के एक खेत में मजदूरी करने गई थी, जहां खेत मालिक सुखलाल भिलाला ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 15 दिन तक साथ रखा, फिर पंचायत में हुआ पैसों का सौदा सुखलाल उसे भगाकर ले गया और करीब 15 दिन तक अपने साथ रखा। जब परिजनों को पता चला, तो पंचायत बुलाई गई। वहां तय हुआ कि शादी के बदले सुखलाल 80 हजार रुपए देगा। उसने पहले 25 हजार दिए, लेकिन बाद में कहा कि “वह विधवा है, कबाड़ हो गई है।” तीन महीने तक साथ रखकर फिर भगा दिया महिला का आरोप है कि सुखलाल ने तीन महीने तक उसे पत्नी की तरह रखा और फिर यह कहकर निकाल दिया कि उसने कोई शादी नहीं की। पुलिस और प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई पीड़िता ने 24 अक्टूबर को पंधाना थाने में शिकायत की, लेकिन सिर्फ आवेदन लेकर लौटा दिया गया। 4 नवंबर को उसने जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी से भी मुलाकात की, पर कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर उठाया आत्मघाती कदम न्याय न मिलने से निराश महिला ने रविवार को ज़हर खा लिया। भाई ने समय रहते देखा और उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस बोली—मामले की जानकारी नहीं थी टीआई दिलीप देवड़ा ने कहा कि उन्हें इस आवेदन की जानकारी नहीं थी, अब कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएसपी अनिल सिंह चौहान ने कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की है तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसे और सच्चे समाचार पढ़ें: www.deshharpal.com
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कटनी f ग्रामीणों की जिद पर जीता न्याय: कलेक्टर ने ठेकेदार को दी सड़क की लीज, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

कटनी जिले की बरही तहसील के तीन गांवों — करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा — के लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। ग्रामीणों की आवाजाही रोकने वाले मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दरअसल, इन गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क को कटनी कलेक्टर ने एक ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को लीज पर दे दी थी। ठेकेदार ने उस रास्ते पर गिट्टी डंप करना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया। कलेक्टर से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ⚖️ कोर्ट ने जताई नाराजगी मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने पहले प्रशासन को सड़क खोलने के आदेश दिए, लेकिन आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खोला गया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी किया और 10 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा — “अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ है, तो यह गंभीर अवमानना का मामला है।” 🛣️ ग्रामीणों का एकमात्र रास्ता यह सड़क वर्षों से ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा रही है। लोग इसी रास्ते से तहसील और शहर तक आते-जाते थे।लेकिन 1 जुलाई 2025 को कलेक्टर ने खनिज विभाग की रिपोर्ट पर ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की करीब 65 हेक्टेयर भूमि को ठेकेदार को लीज पर दे दी। महज 300 रुपये वार्षिक किराये में यह जमीन खनन डंपिंग साइट के रूप में दे दी गई। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि “सार्वजनिक सड़क” के रूप में दर्ज है। 🧾 ग्रामीणों की याचिका बनी आधार कटनी निवासी संदीप जायसवाल ने 16 सितंबर को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।27 सितंबर और 13 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन को सड़क खोलने का आदेश दिया था।लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो 4 नवंबर को अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण जे. पवार, अक्षत अरजरिया और चिरंजीवी शर्मा ने दलील दी कि प्रशासन ने “राजनीतिक दबाव” में आकर यह निर्णय लिया। ⚠️ कोर्ट की सख्त चेतावनी कोर्ट ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनी सड़क को किसी निजी व्यक्ति या कंपनी के हित में नहीं दिया जा सकता।यदि अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगी।फिलहाल, अदालत ने सड़क पर डंपिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिली है। 📍 ग्रामीणों की एकजुटता और न्याय के प्रति भरोसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। 👉 ऐसी और जनहित से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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MP में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती के लिए आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक भरें फॉर्म

मध्यप्रदेश पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज बड़ा दिन है। सब इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार भर्ती के लिए आवेदन भरने का आज आखिरी दिन (10 नवंबर) है। उम्मीदवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। राज्य में कुल 500 पदों पर भर्ती हो रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगले साल 9 जनवरी 2026 से भोपाल, इंदौर सहित 12 शहरों में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगा। 📝 आवेदन और संशोधन की अंतिम तिथि 💰 आवेदन शुल्क (यह शुल्क केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए लागू है।) 👮 वेतनमान और योग्यता 📍 परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन, रतलाम, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा और बालाघाट सहित 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी। यह भर्ती युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार आज ही अपना आवेदन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरा करें। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
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Gold

Gold Silver Market Update: रिकॉर्ड तेजी के बाद फिसले दाम

महंगाई के दौर में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। सर्राफा बाजार से आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम सोना ₹558 सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के भाव में ₹744 प्रति किलोग्राम की कमी आई है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊंचाई पर बने रहने के बाद कीमती धातुओं में आई यह नरमी आम खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों का भी ध्यान खींच रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे सोने-चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। आज कितना है सोने का भाव? ताजा बाजार दरों के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में भी गिरावट दर्ज की गई है। कैरेट के हिसाब से Gold Rate शहर, टैक्स और ज्वेलर्स के अनुसार इन कीमतों में मामूली अंतर संभव है। चांदी के भाव में भी आई गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव करीब ₹2,48,400 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले चांदी लगातार तेजी के दौर में थी, लेकिन अब बाजार में कुछ नरमी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में आई यह गिरावट फिलहाल सीमित हो सकती है, क्योंकि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। क्यों घटे सोना और चांदी के दाम? अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर टिकी हुई है। ऐसे माहौल में कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा। इसके अलावा डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। क्या यह खरीदारी का सही समय है? ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए मौजूदा गिरावट एक अच्छा मौका मानी जा रही है। खासकर शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए कई खरीदार इस समय बाजार पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले हॉलमार्क, शुद्धता और स्थानीय बाजार के ताजा रेट की जांच जरूर कर लें। निवेश के नजरिए से भी एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीदारी अधिक सुरक्षित मानी जाती है। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाओं और केंद्रीय बैंकों के फैसलों का असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। इसलिए निवेशकों और खरीदारों दोनों को बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। फिलहाल, कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ में पुरानी बैटरियों के अवैध कारोबार पर सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में पुरानी और खराब बैटरियों के अवैध कारोबार पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के पुरानी बैटरियों का खरीद-बिक्री, भंडारण या परिवहन करना कानूनन अपराध है। मंडल के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में कबाड़ और पुरानी बैटरियों का कारोबार नियमों के विपरीत संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। केवल पंजीकृत कारोबारी ही कर सकेंगे कारोबार पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बताया कि बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 के तहत पुरानी और खराब बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन और रीसाइक्लिंग केवल अधिकृत एवं पंजीकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। संबंधित कारोबारियों के लिए खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े सभी दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। खुले में बैटरियां रखने पर भी होगी कार्रवाई मंडल ने चेतावनी दी है कि खुले स्थान पर पुरानी बैटरियों का ढेर लगाना, बिना अनुमति उनका भंडारण करना या अवैध तरीके से खरीद-बिक्री करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष जांच अभियान पर्यावरण संरक्षण मंडल जल्द ही राज्यभर में विशेष जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान के दौरान स्क्रैप डीलर, कबाड़ कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और बैटरी व्यापार से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से सहयोग की अपील मंडल ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में पुरानी बैटरियों का अवैध भंडारण, परिवहन या कारोबार होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय या पर्यावरण संरक्षण मंडल को देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे अवैध कारोबारों पर रोक लगाना जरूरी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com

रायपुर नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन-7 की कमान

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया गया है। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने आदेश जारी कर कई अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व सौंपे हैं। जारी आदेश के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन क्रमांक-7 के प्रभारी जोन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मिली नई जिम्मेदारी निगम प्रशासन ने डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मुख्यालय स्वास्थ्य अधिकारी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के दायित्वों से मुक्त करते हुए जोन-7 की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर निगम का मानना है कि इस बदलाव से जोन स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी आएगी। जागृति साहू और डॉ. अंजलि शर्मा को अतिरिक्त प्रभार आदेश के मुताबिक उपायुक्त जागृति साहू को उनके वर्तमान कार्यों के साथ पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों के बीच कार्यों के पुनर्वितरण का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करना है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com

रायपुर की प्यास बुझाएगा गजराज बांध! 230 एकड़ जलाशय को शहर की नई लाइफलाइन बनाने की तैयारी

रायपुर की बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए गजराज बांध को बड़े जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। कमल विहार स्थित करीब 230 एकड़ क्षेत्र में फैले इस बांध को राजधानी की नई पेयजल लाइफलाइन बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। बुधवार को लोकभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर महापौर मीनल चौबे और नगर निगम अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की। पेयजल के लिए उपयोगी बनाया जाएगा गजराज बांध बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में गजराज बांध का सिंचाई कार्यों में प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। यदि आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य किए जाएं तो इसे रायपुर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पेयजल स्रोत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शहर को भविष्य में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा जल संकट की संभावित चुनौतियों से भी निपटा जा सकेगा। विभागों के समन्वय से आगे बढ़ेगी योजना राज्यपाल ने महापौर और संबंधित अधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। बढ़ती आबादी के बीच अहम कदम रायपुर की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही पेयजल की मांग में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे में 230 एकड़ में फैले गजराज बांध को जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को राजधानी के भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो आने वाले वर्षों में गजराज बांध रायपुर की जल आपूर्ति व्यवस्था का प्रमुख आधार बन सकता है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
G7

G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। Global Trade पर पड़ रहा है असर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है। संवाद और कूटनीति पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की। मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें। ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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