आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलMeerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में युवक का शव मिला, रजिस्टर में युवती का जिक्र; पुलिस जांच में जुटी◆BREAKINGदेश-हरपलDharmendra Pradhan on CJP: राहुल गांधी पर सवाल, Regime Change को लेकर सियासत तेज◆BREAKINGBreaking NewsCJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात◆BREAKINGदेश-हरपलSupreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Canada Tour दिसंबर में होगी अहम बातचीत, Trade Deal से दोनों देशों को उम्मीद◆BREAKINGबिज़नेसReliance-Starlink Controversy: मस्क के आरोपों पर अंबानी की कंपनी का जवाब, कहा- Competition से नहीं डरते◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी◆BREAKINGदेश-हरपलMeerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में युवक का शव मिला, रजिस्टर में युवती का जिक्र; पुलिस जांच में जुटी◆BREAKINGदेश-हरपलDharmendra Pradhan on CJP: राहुल गांधी पर सवाल, Regime Change को लेकर सियासत तेज◆BREAKINGBreaking NewsCJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात◆BREAKINGदेश-हरपलSupreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Canada Tour दिसंबर में होगी अहम बातचीत, Trade Deal से दोनों देशों को उम्मीद◆BREAKINGबिज़नेसReliance-Starlink Controversy: मस्क के आरोपों पर अंबानी की कंपनी का जवाब, कहा- Competition से नहीं डरते◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

छत्तीसगढ़ में दो साल में 2960 हत्याएं: रायपुर सबसे आगे, नक्सल प्रभावित जिलों से भी ज्यादा दर्ज हुए हत्या के मामले

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान हत्या के मामलों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 के बीच प्रदेश में 2,960 हत्या के मामले दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि राज्य में औसतन हर महीने 123 और हर दिन करीब 4 लोगों की हत्या हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी रायपुर में हत्या के मामले नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों की तुलना में अधिक दर्ज किए गए हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा 169 हत्या के मामले गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दो वर्षों में सबसे अधिक 169 हत्या के मामले रायपुर जिले में दर्ज हुए। इसके बाद जशपुर और रायगढ़ में 114-114, जबकि दुर्ग और सरगुजा में 113-113 हत्या के मामले सामने आए। वहीं बिलासपुर में इस अवधि के दौरान 109 लोगों की हत्या दर्ज की गई। नक्सल प्रभावित जिलों में अपेक्षाकृत कम मामले आंकड़ों के अनुसार, नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों में हत्या के मामले राजधानी रायपुर से कम रहे। दो वर्षों के दौरान दर्ज हत्या के मामले इस प्रकार हैं— इन सभी जिलों की तुलना में अकेले रायपुर में कहीं अधिक हत्याएं दर्ज होना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर संकेत माना जा रहा है। पिछले एक साल में भी रायपुर पहले स्थान पर यदि केवल 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तब भी रायपुर हत्या के मामलों में प्रदेश में सबसे आगे रहा। इस अवधि में हत्या के मामले इस प्रकार रहे— बड़े शहरों में बढ़ रही हत्या की घटनाएं आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के बड़े शहरों में हत्या के मामलों की संख्या लगातार अधिक बनी हुई है। रायपुर लगातार पहले स्थान पर है, जबकि दुर्ग में पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी हत्या की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, इन आंकड़ों के पीछे के कारणों और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, अपराध, प्रशासन और ताजा खबरों की हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

अनियमित कर्मचारियों और बेरोजगारी भत्ते को लेकर AAP का सरकार पर हमला, 1 अगस्त से चलाएगी हस्ताक्षर अभियान

रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदेश में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का भी ऐलान किया है। 7.30 लाख अनियमित कर्मचारियों का उठाया मुद्दा प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP नेताओं ने कहा कि प्रदेश में 7.30 लाख से अधिक अनियमित कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके नियमितीकरण का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया। पार्टी का आरोप है कि कम मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ता भी नहीं मिल रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 के बाद न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किया गया है। वहीं, संविदा कर्मचारियों के वेतन में अगस्त 2023 के बाद से कोई बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेरोजगारी भत्ता बंद होने का लगाया आरोप AAP ने दावा किया कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 14.62 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं और हर साल करीब दो लाख नए बेरोजगार जुड़ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत अंतिम भुगतान अगस्त 2023 में किया गया था, जिसके बाद यह योजना प्रभावी रूप से बंद हो गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही बेरोजगारी भत्ता, जिससे चुनावी वादों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 1 अगस्त से प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज किया जाएगा। सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें छत्तीसगढ़ की राजनीति, सरकारी योजनाओं और ताजा खबरों की विस्तृत जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

सीहोर में ‘RTO’ लिखी संदिग्ध गाड़ी से अवैध लकड़ी जब्त, तस्कर जंगल में फरार

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के रेहटी वन क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध वाहन से बेशकीमती लकड़ियां जब्त की हैं। वाहन पर बड़े अक्षरों में ‘RTO’ लिखा हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया संदेह पैदा हुआ। हालांकि, वन विभाग की टीम को आता देख तस्कर वाहन छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई वन विभाग को सूचना मिली थी कि रेहटी वन क्षेत्र से एक संदिग्ध वाहन में अवैध रूप से लकड़ियां ले जाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही वन अमले ने वाहन का पीछा किया। कार्रवाई के दौरान तस्कर वाहन बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाते हुए मौके से भाग निकले। वाहन से मिली बेशकीमती लकड़ियां तलाशी लेने पर वाहन में अवैध रूप से काटी गई बेशकीमती लकड़ियां बरामद हुईं। वन विभाग ने वाहन और लकड़ियों को जब्त कर रेहटी वन परिसर में सुरक्षित रखवा दिया है। मालिक और आरोपियों की तलाश जारी वन विभाग अब वाहन के चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटा है। साथ ही, फरार आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। विभाग ने वाहन पर फर्जी तरीके से ‘RTO’ लिखे होने की जानकारी परिवहन विभाग को भी देने की बात कही है, ताकि इस मामले की अलग से जांच की जा सके। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज वन विभाग ने मामले में वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि लकड़ी कहां से काटी गई थी और इस अवैध तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिक मध्य प्रदेश और सीहोर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
Read more

केतन अग्रवाल हत्याकांड: क्या कोर्ट में साबित हो पाएगा सिया गोयल पर हत्या का आरोप? जानिए पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती

नेशनल डेस्क | DeshHarpal पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस का दावा है कि सिया गोयल ने अपने कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की। आरोप है कि दोनों ने लोहगढ़ किले से धक्का देकर केतन की जान ले ली क्योंकि सिया शादी नहीं करना चाहती थी। हालांकि, पुलिस की यह थ्योरी अदालत में साबित करना आसान नहीं होगा। कानून के जानकारों के अनुसार, केवल संदेह या परिस्थितियां पर्याप्त नहीं हैं। अभियोजन पक्ष को ठोस साक्ष्यों के जरिए यह साबित करना होगा कि केतन की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने किन आधारों पर बनाया आरोपी? जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर सिया गोयल और चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया। परिवार के शक से बदली जांच की दिशा शुरुआत में पुलिस इस घटना को हादसा मान रही थी। लेकिन अंतिम संस्कार के बाद केतन के परिजनों ने सिया के बदलते बयानों और व्यवहार पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। सिया के बदलते बयान पुलिस के मुताबिक, सिया ने घटना को लेकर अलग-अलग बयान दिए। पहले उसने कहा कि तेज हवा के कारण केतन गिर गए, बाद में पानी की बोतल देते समय संतुलन बिगड़ने की बात कही। दोनों बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। CCTV में संदिग्ध युवक लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक हुडी पहनकर सिया और केतन के आसपास दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि यह युवक चेतन चौधरी था, जो अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। मोबाइल लोकेशन और इंटरनेट रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन चेतन के मोबाइल का इंटरनेट कई घंटों तक बंद था। वहीं, उसके सहयोगी के मोबाइल की लोकेशन लोहगढ़ किले के आसपास मिली। पुलिस का दावा है कि चेतन मौके पर मौजूद था। हजारों कॉल्स का रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच जनवरी से घटना वाले दिन तक 2,000 से अधिक कॉल्स और करीब 338 घंटे बातचीत हुई थी। इसे पुलिस दोनों के करीबी रिश्ते और कथित साजिश का अहम आधार मान रही है। कोर्ट में क्या साबित करना होगा? कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हत्या के मामले में केवल शक या परिस्थितियां पर्याप्त नहीं होतीं। यदि प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं, तो पुलिस को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी मजबूत श्रृंखला पेश करनी होगी, जिससे यह साबित हो जाए कि केतन की मौत केवल हत्या से ही संभव थी और किसी अन्य संभावना की गुंजाइश नहीं बचती। इसके लिए पुलिस को यह साबित करना होगा कि— क्या कबूलनामा पर्याप्त होगा? पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। लेकिन भारतीय कानून के तहत पुलिस के सामने दिया गया कबूलनामा अपने आप में अदालत में स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जाता। इसलिए अभियोजन पक्ष को स्वतंत्र और विश्वसनीय सबूत पेश करने होंगे। बचाव पक्ष को कैसे मिल सकता है फायदा? कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि अभियोजन की साक्ष्य श्रृंखला में एक भी महत्वपूर्ण कड़ी कमजोर पड़ती है या घटना की कोई वैकल्पिक संभावना सामने आती है, तो आरोपियों को संदेह का लाभ मिल सकता है। बचाव पक्ष यह दलील दे सकता है कि— ऐसी स्थिति में अदालत आरोपियों को दोषमुक्त भी कर सकती है। आरुषि-हेमराज केस जैसी चुनौती कानूनी जानकार इस मामले की तुलना आरुषि-हेमराज हत्याकांड से भी कर रहे हैं। उस मामले में भी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर आरोपियों को बरी कर दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि केतन अग्रवाल हत्याकांड में भी अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि पुलिस अपने दावों को अदालत में कितनी मजबूती से साबित कर पाती है। अधिक राष्ट्रीय समाचार और एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए विजिट करें deshharpal.com
Read more

डायमंड लीग में सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, भारतीय हाई जम्पर ने जीता कांस्य; वेस्टइंडीज महिला टीम का रिकॉर्ड रन चेज, MLC में तजिंदर सिंह का धमाका

स्पोर्ट्स डेस्क | DeshHarpal खेल जगत में शनिवार को कई बड़ी उपलब्धियां देखने को मिलीं। भारतीय हाई जम्पर सर्वेश कुशारे ने डायमंड लीग में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता। वहीं, वेस्टइंडीज महिला टीम ने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में भारतीय बल्लेबाज तजिंदर सिंह की विस्फोटक पारी की बदौलत एमआई न्यूयॉर्क ने अहम जीत हासिल की। इसके अलावा JSW इंस्पायर को भारतीय दल का आधिकारिक स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस और लाइफस्टाइल पार्टनर बनाया गया है। डायमंड लीग में सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास महाराष्ट्र के 31 वर्षीय हाई जम्पर सर्वेश कुशारे ने मोनाको डायमंड लीग में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह डायमंड लीग में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हाई जम्पर बन गए हैं। सर्वेश ने टोक्यो ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुतज एसा बारशिम, इटली के जियानमार्को तांबेरी और अमेरिका के जूवॉन हैरिसन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। यूक्रेन के ओलेह डोरोशचुक ने 2.32 मीटर के साथ स्वर्ण और ब्रिटेन के जैक किमनि ने 2.30 मीटर के साथ रजत पदक जीता। नासिक के एक किसान परिवार से आने वाले सर्वेश ने हाल ही में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था और मौजूदा सीजन में एशिया के नंबर-1 हाई जम्पर बने हैं। वेस्टइंडीज महिला टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज आयरलैंड के खिलाफ खेले गए महिला वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 270 रन का लक्ष्य सिर्फ एक विकेट खोकर 35.4 ओवर में हासिल कर लिया। यह टीम के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। कप्तान हेली मैथ्यूज ने नाबाद 159 रन बनाए, जबकि रीआना ग्रिमंड ने 91 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 258 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले आयरलैंड ने 269 रन बनाए थे, जिसमें एमी हंटर ने 96 रन का योगदान दिया। MLC में तजिंदर सिंह की विस्फोटक पारी मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 में एमआई न्यूयॉर्क ने सिएटल ऑर्कास को 17 रन से हराकर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने शुरुआती झटकों के बाद तजिंदर सिंह और कप्तान कीरोन पोलार्ड की साझेदारी से वापसी की। तजिंदर सिंह ने मात्र 27 गेंदों में नाबाद 66 रन बनाए, जबकि पोलार्ड ने 54 रन की अहम पारी खेली। 180 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिएटल ऑर्कास मजबूत स्थिति में थी, लेकिन अंतिम ओवरों में लगातार विकेट गंवाने के कारण टीम 17 रन से मुकाबला हार गई। भारतीय खिलाड़ियों की आधिकारिक किट बनाएगा JSW इंस्पायर JSW ग्रुप के एक्टिववियर ब्रांड JSW इंस्पायर को 2026 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स, जापान एशियन गेम्स, डकार यूथ ओलिंपिक और रियाद एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स के लिए भारतीय दल का आधिकारिक स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस और लाइफस्टाइल पार्टनर बनाया गया है। JSW स्पोर्ट्स के संस्थापक पार्थ जिंदल ने कहा कि नई किट खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। वहीं, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने इसे भारतीय खेलों के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी बताया। अधिक खेल समाचार और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें deshharpal.com
Read more

महिला टेस्ट: लॉर्ड्स में भारत की मजबूत पकड़, इंग्लैंड 170 रन पर ढेर; क्रांति गौड़ ने झटके 5 विकेट

लंदन। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय महिला टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली। इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई, जिसके चलते भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की अहम बढ़त हासिल हुई। इससे पहले भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर 5 विकेट झटके। वहीं सयाली सतघरे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को 1 सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को किया ध्वस्त इंग्लैंड ने दूसरे दिन 21/1 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। क्रांति गौड़ ने पहले माया बाउशियर (23) को विकेटकीपर ऋचा घोष के हाथों कैच कराया। इसके बाद सयाली सतघरे ने कप्तान हीदर नाइट (6) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। कुछ ही देर बाद क्रांति ने शानदार आउटस्विंगर पर एलिस कैप्सी (9) का ऑफ स्टंप उखाड़ दिया। उस समय इंग्लैंड का स्कोर 47/4 हो गया था। एमी जोन्स और नैट सिवर-ब्रंट ने संभाली पारी शुरुआती झटकों के बाद एमी जोन्स और कप्तान नैट सिवर-ब्रंट ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी कर इंग्लैंड की पारी को संभालने का प्रयास किया। एमी जोन्स ने 62 गेंदों में 52 रन बनाए, लेकिन लंच से ठीक पहले स्नेह राणा ने उन्हें ऋचा घोष के हाथों कैच करा दिया। वहीं नैट सिवर-ब्रंट ने 85 गेंदों पर 44 रन बनाए और लंच के बाद क्रांति गौड़ की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं। निचला क्रम पूरी तरह बिखरा सिवर-ब्रंट के आउट होने के बाद इंग्लैंड का निचला क्रम ज्यादा देर टिक नहीं सका। सयाली सतघरे ने सोफी एक्लेस्टोन (11) को आउट किया, जबकि स्नेह राणा ने मैडी विलियर्स (10) को बोल्ड कर दिया। इसके बाद क्रांति गौड़ ने लॉरेन बेल (3) को स्लिप में कैच कराकर अपना पहला टेस्ट पांच विकेट हॉल पूरा किया। अंत में दीप्ति शर्मा ने लॉरेन फिलर को एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड की पूरी पारी 170 रन पर समेट दी। क्रांति गौड़ ने बनाया नया रिकॉर्ड 22 वर्ष 333 दिन की उम्र में क्रांति गौड़ टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली भारत की सबसे युवा महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने इस मामले में दिग्गज झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके अलावा, इंग्लैंड की धरती पर महिला टेस्ट में 2015 के बाद किसी तेज गेंदबाज का पहला पांच विकेट हॉल भी क्रांति के नाम दर्ज हुआ है। लॉर्ड्स में इतिहास रच रहा महिला टेस्ट यह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास का पहला महिला टेस्ट मैच है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह 16वां महिला टेस्ट है। इससे पहले खेले गए 15 टेस्ट मैचों में भारत ने 3, इंग्लैंड ने 1 मुकाबला जीता था, जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। टैमी ब्यूमोंट का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट अपने करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रही हैं। 35 वर्षीय ब्यूमोंट ने 17 साल के करियर में 260 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और इंग्लैंड के लिए महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 12 शतक लगाए। अधिक जानकारी खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, 24 IPS अधिकारियों के तबादले, 12 जिलों के SP बदले

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला करते हुए 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। यह बदलाव करीब 167 दिन पहले जारी पिछली तबादला सूची के बाद किया गया है। राजनांदगांव रेंज को मिला नया आईजी तबादला सूची के अनुसार, अजय कुमार यादव को नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से हटाकर राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। वहीं, राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर भेजा गया है। इसके अलावा बस्तर आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल की भी पुलिस मुख्यालय में नई पदस्थापना की गई है। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सरकार ने कई जिलों में पुलिस नेतृत्व बदलने का फैसला लिया है। कोरिया जिले में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाने की घटना के बाद एसपी हरीश राठौर का तबादला किया गया है। वहीं, जुआ-सट्टा की शिकायतों के बाद बलौदाबाजार एसपी भावना गुप्ता को भी पुलिस मुख्यालय वापस बुला लिया गया है। 12 जिलों के नए एसपी नियुक्त सरकार ने कई जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की है। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं— इसके अलावा रायपुर जोन के तीन डीसीपी को बस्तर भेजा गया है, जबकि रॉबिन्सन गुरिया को गरियाबंद के एसपी पद से रायपुर नगर पुलिस में डीसीपी (पश्चिम) बनाया गया है। कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, पुलिसिंग में सुधार लाने तथा विभिन्न जिलों में बेहतर प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। अधिक जानकारी देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

ट्रेन के आगे कूदा किसान, दो टुकड़ों में बंटा, VIDEO:ग्वालियर में सूदखोर धमकाते थे-घर में घुसकर मारेंगे; बेटा बोला- किडनैप कर पीटा भी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की धमकियों से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शव दो टुकड़ों में बंटा मिला। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने जीजा-साले समेत तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बावजूद आरोपी लगातार धमका रहे थे और घर में घुसकर मारने की बात कह रहे थे। 5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा। मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप परिजनों का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने तिलक के साथ मारपीट की और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। गुरुवार को भी उन्हें धमकाया गया था। इसी मानसिक दबाव के चलते शुक्रवार को तिलक एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए। सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के जिम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उसका साला कल्ला शर्मा तथा गजेन्द्र हैं। बेटे ने कहा- 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे मृतक के बेटे अजीत सिंह का कहना है कि पिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। 3 लाख रुपए लौटाने के बाद भी आरोपी बचे हुए पैसों पर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस बोली- हर पहलू की जांच करेंगे एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Read more

विंबलडन 2026: अलेक्जेंडर ज्वेरेव पहली बार फाइनल में, आर्थर फेरी का शानदार सफर सेमीफाइनल में थमा

लंदन। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बना ली। अब रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में उनका सामना मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर और नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। 31 साल बाद जर्मनी का खिलाड़ी विंबलडन फाइनल में 29 वर्षीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही वह फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। ज्वेरेव ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं और शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। आर्थर फेरी का यादगार अभियान विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी का ऐतिहासिक सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। हालांकि, उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम रैंकिंग में बड़ी छलांग के रूप में मिलेगा। फेरी की रैंकिंग अब 114 से बढ़कर 36वें स्थान पर पहुंचने की उम्मीद है, जिससे उन्हें भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में सीधे मुख्य ड्रॉ में प्रवेश मिल सकेगा। पहले सेट में कड़ा मुकाबला मुकाबले का पहला सेट बेहद रोमांचक रहा और टाई-ब्रेक तक पहुंचा। टाई-ब्रेक में ज्वेरेव ने लगातार सात अंक जीतकर बढ़त हासिल की। इसके बाद उन्होंने दूसरे और तीसरे सेट में दमदार सर्विस और शानदार बेसलाइन गेम के दम पर मैच अपने नाम कर लिया। सचिन, शुभमन गिल और ब्रायन लारा भी पहुंचे सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा और नीदरलैंड के फुटबॉलर वर्जिल वान डाइक सहित कई खेल हस्तियां मौजूद रहीं। विंबलडन आयोजकों ने सचिन तेंदुलकर का स्वागत करते हुए उन्हें ‘क्रिकेट रॉयल्टी’ बताया। फाइनल पर ज्वेरेव की नजर जीत के बाद ज्वेरेव ने कहा कि विंबलडन हमेशा उनके लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है, लेकिन अब फाइनल में पहुंचकर उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चाहे फाइनल में सामने जैनिक सिनर हों या नोवाक जोकोविच, मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। अधिक जानकारी खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

ओंकारेश्वर जाते समय नर्मदा में डूबा युवक, खेड़ीघाट पर स्नान के दौरान हुआ हादसा

खंडवा। खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट पर शुक्रवार शाम नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित पिता कमल पटेल (24) निवासी महू के रूप में हुई है। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जा रहा था। स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। ओंकारेश्वर जाते समय दोनों दोस्त मोरटक्का के खेड़ीघाट पर रुके और नर्मदा नदी में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान अंकित अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गोताखोरों ने बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और मोरटक्का चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक को नदी से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। निजी स्कूल में शिक्षक था युवक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकित को तैरना नहीं आता था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, अंकित महू के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी मित्र को ओंकारेश्वर दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में नर्मदा स्नान के दौरान यह दुखद हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more
1 … 15 16 17 18 19 … 50

Trending News

Editor's Picks

Meerut

Meerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के चर्चित मामले में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले ने उस समय सबको चौंका दिया था, जब शुरुआत में अमित कश्यप की मौत को सर्पदंश माना जा रहा था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी कुछ और ही निकली। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की परतें खुलती चली गईं। अदालत के फैसले के बाद मेरठ का यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। Meerut Murder Case: क्या है पूरा मामला? यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव घर में बिस्तर पर मिला था। शुरुआती तौर पर मौत की वजह सांप का काटना मानी गई। हालांकि, मामले की जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद घटना की गहराई से जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा अमित की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत सर्पदंश से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जांच की। जांच में अमित की पत्नी रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। रविता और अमरदीप को Death Penalty अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पति की मौत को सांप के काटने की घटना दिखाने के आरोपों से शुरू हुई जांच हत्या के मामले तक पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य सबूत यह समझने में मदद करते हैं कि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। मेरठ में तीन दिन में चार दोषियों को फांसी की सजा की चर्चा मेरठ में हाल के दिनों में दो चर्चित हत्याकांडों में मृत्युदंड सुनाए जाने की वजह से भी चर्चा तेज हुई है। अमित कश्यप हत्याकांड के अलावा सौरभ राजपूत हत्याकांड भी सुर्खियों में रहा। सौरभ की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को भी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। दोनों मामलों की घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन इन फैसलों ने हत्या के मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

ग्वालियर के वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में युवक का शव मिला, रजिस्टर में युवती का जिक्र; पुलिस जांच में जुटी

ग्वालियर: शहर के सिटी सेंटर स्थित वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में गुरुवार देर रात एक युवक का शव फ्लैट के कमरे में पंखे से लटका मिला। मृतक की पहचान अंबाह निवासी संतोष शर्मा के रूप में हुई है। वह ग्वालियर की एक बीमा कंपनी में नौकरी करता था। सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले एक रजिस्टर में युवती का जिक्र करते हुए कुछ पंक्तियां लिखी मिली हैं। इनमें संतोष ने युवती के साथ काफी समय बिताने और उसे अच्छा बताने की बात लिखी है। साथ ही, अपनी मौत के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराने का भी उल्लेख किया है। पुलिस इन पंक्तियों समेत सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है। बी-ब्लॉक के जी-8 फ्लैट में मिला शव घटना वेंकटेश्वर अपार्टमेंट के बी-ब्लॉक स्थित जी-8 फ्लैट की है। गुरुवार रात करीब 11 बजे पुलिस को युवक का शव कमरे में पंखे से लटका होने की सूचना मिली। इसके बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. कोक सिंह को भी बुलाया गया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कॉल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री की पड़ताल के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। युवती के साथ फ्लैट में रहने की जानकारी पुलिस के अनुसार, जिस फ्लैट में संतोष का शव मिला, वह एक युवती ने किराए पर लिया था। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने पुलिस को बताया कि युवती संतोष के साथ इसी फ्लैट में रहती थी। पुलिस ने युवती से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह पीएचडी के काम से बाहर गई हुई है। फिलहाल पुलिस संतोष और युवती के बीच संबंधों तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। ऑनलाइन गेमिंग की आदत की भी पड़ताल शुरुआती जानकारी में संतोष के ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय रहने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या ऑनलाइन गेमिंग में पैसों के लेनदेन या किसी अन्य कारण से वह तनाव में था। हालांकि, फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि संतोष को गेमिंग में बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ था, उस पर कर्ज था या उसकी मौत का संबंध ऑनलाइन गेमिंग से था। पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र जाटव के मुताबिक, पुलिस मामले की हर संभावित पहलू से जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले रजिस्टर, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
Dharmendra Pradhan

Dharmendra Pradhan on CJP: राहुल गांधी पर सवाल, Regime Change को लेकर सियासत तेज

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग से शुरू हुआ यह विवाद अब राहुल गांधी, कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) समेत बीजेपी के नेताओं ने आंदोलन को लेकर विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े नेताओं का कहना है कि उनकी लड़ाई चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर है। विवाद तब और बढ़ गया, जब आंदोलन को बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलाव और ‘Regime Change’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस से जोड़कर देखा जाने लगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि CJP का प्रदर्शन अब केवल चुनाव सुधार तक सीमित है या इसके राजनीतिक मायने भी हैं? धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी और CJP पर क्यों साधा निशाना? CJP के आंदोलन को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। Dharmendra Pradhan के बयान को भी इसी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने आंदोलन और बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच समानताएं बताते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं। बांग्लादेश जैसे घटनाक्रम को भारत में दोहराने की किसी कथित योजना को स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। ‘Regime Change’ बयान से क्यों शुरू हुई नई बहस? CJP आंदोलन के दौरान सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए गए बयानों ने विवाद को नया मोड़ दिया। आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं की टिप्पणियों को बीजेपी ने सरकार बदलने की मंशा से जोड़कर देखा। दूसरी ओर, CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई गई है। यही वजह है कि अब इस आंदोलन को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने हैं। बीजेपी इसे राजनीतिक अभियान बता रही है, जबकि आंदोलनकारी पक्ष चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा उठा रहा है। इन बयानों के बीच किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित नेताओं के पूरे वक्तव्य और उपलब्ध तथ्यों को देखना जरूरी है। राहुल गांधी ने CJP आंदोलन को लेकर क्या रुख अपनाया? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में बयान दिया था। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और तिरंगा फहराने के अधिकार का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष इन मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रहा है। इस तरह CJP आंदोलन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ चुनावी पारदर्शिता की मांग है, तो दूसरी तरफ आंदोलन के राजनीतिक उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे हैं। SIR विवाद क्या है और चुनाव आयोग पर क्यों उठ रहे सवाल? इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR भी है। यह मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं का विवरण सही रखना है। विपक्ष ने इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ रिपोर्टों और राजनीतिक बयानों में 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का दावा भी चर्चा में रहा है। हालांकि, ऐसे आंकड़ों को संबंधित राज्यों के आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के आधार पर समझना जरूरी है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम न छूटे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके फैसलों को लेकर उठाए गए राजनीतिक आरोपों का आकलन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। Delhi CJP Protest: तिरंगा मार्च और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर दिल्ली में CJP के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर भी विवाद सामने आया। प्रदर्शनकारियों की योजना कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की थी। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में बदलाव किए। प्रदर्शन स्थल, नेताओं की हिरासत और मार्च की अनुमति को लेकर भी सवाल उठे। इस बीच, अदालत में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। अदालत की टिप्पणियों और पुलिस के आश्वासनों को पूरे संदर्भ में समझना जरूरी है; इन्हें प्रदर्शन के हर पहलू पर अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। तिरंगा मार्च को लेकर विवाद ने एक बार फिर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बीच संतुलन का सवाल खड़ा किया है। CJP Protest पर आगे क्या होगा? फिलहाल CJP आंदोलन के साथ तीन बड़े मुद्दे जुड़े हुए हैं—SIR के तहत मतदाता सूची में बदलाव, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग और ‘Regime Change’ को लेकर बीजेपी तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया, आंदोलनकारियों की अगली रणनीति और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह भी देखना होगा कि राजनीतिक दल चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर किस तरह अपनी बात रखते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
अभिजीत दिपके

CJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात

दिल्ली में आज, 16 अक्टूबर को CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर माहौल गर्म है। मार्च से पहले दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके के घर पहुंची। वहीं, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाके में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि CJP का प्रस्तावित मार्च आगे किस तरह बढ़ता है। अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस CJP के प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस की टीम अभिजीत दिपके के घर पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने उन्हें मार्च को लेकर नोटिस दिया। संगठन की ओर से इस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। CJP का कहना है कि वह अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च निकालना चाहता है। हालांकि, दिल्ली में लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। Connaught Place में कड़ी सुरक्षा, 25 हजार जवान तैनात ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स में करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती का जिक्र है। सेंट्रल पार्क और आसपास के प्रमुख स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में कनॉट प्लेस आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्यों हो रहा है CJP का ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च? CJP ने इस मार्च का ऐलान अपने नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहा है। 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थकों ने बैरिकेडिंग पार कर नारेबाजी की थी। इसके बाद पुलिस ने संगठन के कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में CJP ने तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की। SIR विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल इस पूरे विवाद के पीछे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा भी है। CJP और कुछ विपक्षी समूहों ने मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम किए जाने की बात कही जाती रही है। SIR को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है और अब यह विवाद सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों तक पहुंच गया है। दिल्ली में Traffic Advisory, लोगों को सतर्क रहने की सलाह मार्च के चलते कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी अपडेट देख लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि CJP अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर आगे बढ़ना चाहता है। ऐसे में शुक्रवार शाम का घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहने वाला है। अब आगे क्या होगा? CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त है। एक तरफ संगठन अपने नेताओं की गिरफ्तारी और SIR के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराना चाहता है, तो दूसरी तरफ प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लागू कर रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस की पाबंदियों के बीच मार्च को लेकर क्या स्थिति बनती है और CJP आगे क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Supreme Court

Supreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के अधिकार और व्यापारियों की रोजी-रोटी का मुद्दा चर्चा में रहा। अदालत ने फिलहाल प्रदर्शन रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया। वहीं, व्यापारियों की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन और उससे जुड़ी पाबंदियों के कारण रोजाना करीब ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने यह मामला रखा गया। याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क और आसपास के बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई। उनका कहना था कि बाजारों में लोगों की आवाजाही बाधित होने से छोटे दुकानदारों और दूसरे कारोबारियों को परेशानी हो सकती है। CJI की टिप्पणी: किसी के लिए प्रदर्शन, किसी के लिए मूंगफली बेचना जरूरी सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रदर्शन के अधिकार और आम लोगों की आजीविका के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति के लिए प्रदर्शन करना जरूरी हो सकता है, जबकि किसी दूसरे के लिए मूंगफली बेचकर अपना परिवार चलाना महत्वपूर्ण है। CJI सूर्यकांत ने भी छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति का जिक्र किया। त्योहारों के समय दुकानदारों की कमाई बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर उनकी रोजाना की आमदनी पर पड़ सकता है। अदालत की टिप्पणियों से साफ है कि इस मामले में केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि आम लोगों की आजीविका और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। Delhi Business Loss: रोजाना ₹200 करोड़ के नुकसान का दावा व्यापारियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि कनॉट प्लेस और आसपास के व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शन के कारण रोजाना करीब ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव बड़े कारोबारियों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों पर भी पड़ सकता है। बाजार में ग्राहकों की संख्या कम होने या आवाजाही प्रभावित होने से उनकी कमाई पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि, ₹200 करोड़ का आंकड़ा व्यापारियों की ओर से पेश किया गया दावा है। इसे वास्तविक नुकसान का प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। Central Park को बंद करने का मुद्दा भी उठा सुनवाई के दौरान कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद करने से जुड़े प्रशासनिक फैसले का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई कि इस कदम से आसपास के बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि यदि किसी प्रतिबंध के कारण कारोबार या लोगों की आजीविका को अनुचित नुकसान पहुंचता है, तो उचित राहत देने के सवाल पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, तत्काल सुनवाई में प्रदर्शन पर रोक लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया। CJP Protest: क्यों किया गया प्रदर्शन का ऐलान? CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च और प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में यह कदम उठाने की बात कही थी। प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था, बाजारों में आवाजाही और कारोबार पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया था, जबकि दिल्ली पुलिस ने कानून के अनुसार जरूरी कदम उठाने की बात कही थी। Supreme Court Hearing: अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तत्काल आदेश के जरिए निपटाने के बजाय दशहरा अवकाश के बाद 26 या 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध किए जाने का संकेत दिया। फिलहाल, प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया गया है। आगे की सुनवाई में प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था और व्यापारियों की आजीविका से जुड़े पहलुओं पर चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि विरोध दर्ज कराने के अधिकार और आम लोगों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अदालत की अगली सुनवाई से इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.