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ट्रम्प की हत्या की साजिश या इजराइल की रणनीति? ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने अमेरिका को खुफिया जानकारी दी है कि ईरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या की नई साजिश पर काम कर रहा है। इसके बाद ट्रम्प के तेवर ईरान के प्रति और सख्त हो गए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी प्रशासन ने भी सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी नए षड्यंत्र की पुष्टि नहीं की है। इसी बीच अमेरिका ने 7-8 जुलाई की रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह हमला इजराइल की खुफिया जानकारी से प्रभावित था या इसके पीछे अन्य रणनीतिक कारण थे। इजराइल ने क्या दावा किया? अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने अमेरिका को सूचना दी कि ईरान ट्रम्प को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। The Wall Street Journal और CNN की रिपोर्टों में दावा किया गया कि अमेरिकी एजेंसियों को हाल के हफ्तों में ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर कई खुफिया इनपुट मिले थे। हालांकि, इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अमेरिकी एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से किसी नई साजिश की पुष्टि नहीं की है। क्या इसी वजह से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया? इस सवाल का स्पष्ट जवाब फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ घटनाक्रमों ने इस चर्चा को हवा दी है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा कि सैन्य कार्रवाई सीधे कथित हत्या की साजिश के कारण की गई। क्या इजराइल अमेरिका को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है? कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई गई है कि इजराइल ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य नीति को और आक्रामक बनाने की कोशिश कर रहा हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के वर्षों में ईरान के खिलाफ कई अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों से पहले इजराइल ने खुफिया इनपुट साझा किए थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर अलग-अलग विश्लेषण सामने आए हैं। क्या ट्रम्प वास्तव में निशाने पर हैं? यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर ईरान का नाम सामने आया हो। अमेरिका-ईरान तनाव क्यों बढ़ा? अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार कई मुद्दों पर बना हुआ है, जिनमें शामिल हैं— विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है। फिलहाल क्या स्थिति है? अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि: अधिक जानकारी देश-दुनिया और अंतरराष्ट्रीय मामलों की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हार के बाद BCCI करेगा टीम इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षा, गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर पर भी रहेगी नजर

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समीक्षा में हेड कोच गौतम गंभीर, टीम की रणनीति, चयन प्रक्रिया और कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व का भी आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड यह जानना चाहता है कि टीम की रणनीति और चयन में कहां कमी रह गई। हालांकि, फिलहाल गौतम गंभीर या श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लगातार दो टी-20 सीरीज हारी टीम इंडिया भारतीय टीम को हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत 0-3 से पिछड़ गया, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा (No Result) रहा। चौथे टी-20 में भारत को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ सीरीज भी हाथ से निकल गई। 12 साल बाद इंग्लैंड ने जीती टी-20 सीरीज इंग्लैंड ने 2014 के बाद पहली बार भारत को द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में हराया है। दोनों देशों के बीच अब तक 10 टी-20 सीरीज खेली गई हैं, जिनमें भारत ने 5, इंग्लैंड ने 4 और एक सीरीज ड्रॉ रही। इसके अलावा इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज अपने नाम की है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी समीक्षा टी-20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह हाल ही में श्रेयस अय्यर को टी-20 टीम की कमान सौंपी गई थी। लेकिन उनकी कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हार चुका है। आयरलैंड के खिलाफ मिली हार भारत की उस टीम के खिलाफ पहली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज हार थी। ब्रिस्टल टी-20 में मिली एकतरफा हार ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। जवाब में इंग्लैंड ने 159 रन का लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला 9 विकेट से जीत लिया। गौतम गंभीर का कार्यकाल 2027 तक हेड कोच गौतम गंभीर का अनुबंध 2027 तक है। ऐसे में BCCI की समीक्षा बैठक में टीम के प्रदर्शन, रणनीति और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। अधिक जानकारी क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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IND vs ENG महिला टेस्ट: स्मृति मंधाना की फिफ्टी, लंच तक भारत 122/3; लॉर्ड्स में रचा गया इतिहास

लंदन। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे पहले महिला टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने पहले दिन शानदार शुरुआत की। लंच तक भारत ने 25 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 122 रन बना लिए। अपने करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं स्मृति मंधाना 67 गेंदों में 56 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर 14 रन बनाकर उनका साथ दे रही हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती झटकों के बाद संभली भारतीय पारी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ओवर में बिना खाता खोले लॉरेन फिलर का शिकार बनीं। इसके बाद यस्तिका भाटिया 12 रन बनाकर लॉरेन बेल की गेंद पर बोल्ड हो गईं। 37 रन पर दो विकेट गिरने के बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संभाला। जेमिमा ने 38 गेंदों में 35 रन बनाए, लेकिन इजी वोंग ने उन्हें बोल्ड कर यह साझेदारी तोड़ी। 300वें इंटरनेशनल मैच में मंधाना का शानदार रिकॉर्ड 29 वर्षीय स्मृति मंधाना ने अपने करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर नया इतिहास रच दिया। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाली भारत की तीसरी और दुनिया की 12वीं महिला क्रिकेटर बनीं। इसके साथ ही वह सबसे कम उम्र में 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं। लंच तक मंधाना ने अपनी नाबाद पारी में 9 चौके और 1 छक्का लगाया। लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट 142 साल पुराने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह 16वां महिला टेस्ट है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेले गए 15 टेस्ट मैचों में भारत ने 3, इंग्लैंड ने 1 मुकाबला जीता, जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। टैमी ब्यूमोंट का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट के करियर का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला है। 35 वर्षीय ब्यूमोंट 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद संन्यास ले रही हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 260 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और महिला वनडे क्रिकेट में 12 शतक लगाकर इंग्लैंड की सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यस्तिका भाटिया, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, सयाली सतघरे, श्री चरणी, क्रांति गौड़। इंग्लैंड: टैमी ब्यूमोंट, माया बाउशियर, हीदर नाइट, नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, एमी जोन्स (विकेटकीपर), मैडी विलियर्स, सोफी एक्लेस्टोन, इजी वोंग, लॉरेन बेल, लॉरेन फिलर। अधिक जानकारी क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट खत्म

इंदौर। स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल में पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल जिन कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त किए गए हैं, उनमें विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनमें— सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से इंदौर जिले के विभिन्न अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई जिला अस्पताल बिल्डिंग के लिए लिया गया फैसला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी हैं। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट एक साथ समाप्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग को जल्द संचालित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और स्वास्थ्य से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राजस्थान हाईकोर्ट ने MSP पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, कहा- सिर्फ घोषणा नहीं, प्रभावी खरीद व्यवस्था भी जरूरी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को उसका वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यह टिप्पणी जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान की। सभी खरीद केंद्रों का ब्योरा मांगा हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में एमएसपी के तहत संचालित सभी सरकारी खरीद केंद्रों, नामित खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने का अवसर नहीं मिल रहा है, वहां सरकार ने खरीद की क्या व्यवस्था की है। 12 अगस्त को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। तब तक केंद्र और राज्य सरकार को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी। किसानों को नहीं मिल रहा समर्थन मूल्य याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश की कई कृषि मंडियों में किसानों की फसलें घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बिक रही हैं। याचिका में कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 की धारा 9(2)(xii) के तहत मंडी समितियों की जिम्मेदारी है कि किसानों की उपज एमएसपी से कम कीमत पर न बिके। इसके बावजूद कई मंडियों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। खुली नीलामी पर भी उठाए सवाल याचिका में यह भी कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी नियम, 1963 के नियम 64(3) के तहत होने वाली खुली नीलामी में एमएसपी को आधार मूल्य (Base Price) नहीं बनाया जाता। इससे किसानों को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता और कानून का उद्देश्य प्रभावित होता है। कोर्ट ने सरकार से क्या पूछा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) तथा अन्य फसलों की खरीद NAFED, CCI और अन्य नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि राजस्थान में इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए जमीन पर क्या व्यवस्था की गई है। सरकार नहीं दे सकी संतोषजनक जवाब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है, वहां प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था कैसे उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिक जानकारी देश, कृषि और न्यायालय से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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विंबलडन 2026: कारोलिना मुचोवा ने कोको गॉफ को हराकर पहली बार महिला सिंगल्स फाइनल में बनाई जगह

लंदन। चेक गणराज्य की कारोलिना मुचोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका की सातवीं वरीयता प्राप्त कोको गॉफ को रोमांचक मुकाबले में 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स फाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में जीत-हार का फैसला 2 घंटे 35 मिनट तक चले संघर्ष के बाद तीसरे सेट के टाई-ब्रेकर में हुआ। यह मुचोवा के करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। अब फाइनल में उनका मुकाबला चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा या यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। टाई-ब्रेकर में पलटा मैच निर्णायक तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। टाई-ब्रेकर में स्कोर 8-8 होने पर सर्विस में देरी के कारण मुचोवा को टाइम वॉयलेशन की चेतावनी मिली। इसके बाद उनका एक फोरहैंड शॉट बाहर चला गया और कोको गॉफ को मैच प्वाइंट मिल गया। हालांकि, गॉफ इस मौके का फायदा नहीं उठा सकीं और नेट पर ड्रॉप शॉट खेलने में चूक गईं। मुचोवा ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो अंक जीते और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। डॉक्टरों ने दी थी टेनिस छोड़ने की सलाह कारोलिना मुचोवा का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है। वह कलाई, पेट, पीठ, जांघ, टखने और पैर की गंभीर चोटों से जूझ चुकी हैं। वर्ष 2022 में डॉक्टरों ने उन्हें टेनिस छोड़ने तक की सलाह दी थी। इसके बाद 2023 और 2024 में उनकी दाईं कलाई की सर्जरी हुई, जिसके कारण वह लगभग 10 महीने तक कोर्ट से बाहर रहीं। अब शानदार वापसी करते हुए मुचोवा अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। गॉफ की सर्विस बनी हार की वजह पहले सेट में मुचोवा ने कोको गॉफ की कमजोर सर्विस का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीसरे और पांचवें गेम में सर्विस ब्रेक करते हुए 6-2 से पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में गॉफ ने दमदार वापसी करते हुए 6-1 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचाया। हालांकि, अंतिम सेट के दबाव भरे क्षणों में मुचोवा ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल कर ली। जीत के बाद क्या बोलीं मुचोवा फाइनल में पहुंचने के बाद कारोलिना मुचोवा ने कहा, “फाइनल में पहुंचना मेरे लिए बेहद खास पल है। मुकाबला बहुत कठिन था और पूरे मैच में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे। कोर्ट पर सोचने का ज्यादा समय नहीं था। आखिर तक मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा।” अधिक जानकारी खेल जगत और विंबलडन की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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TMC के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, बंगाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा ने तीनों नेताओं को पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित किया है। तीनों नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी मनमाने तरीके से चलाई जा रही है। जून में दिया था इस्तीफा जानकारी के अनुसार, सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दिया था। 24 जुलाई को होगा मतदान पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम: सुखेंदु शेखर राय का आरोप भाजपा में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि आरजी कर रेप-मर्डर केस में सबूतों से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने व अपहरण की धमकियां मिलने लगी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त और अस्पताल के प्राचार्य से पूछताछ की मांग करने पर उन्हें भी लालबाजार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुष्मिता देव का बयान भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा में भाजपा की सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार का बनना इसकी बड़ी मिसाल है। साथ ही उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें कोई अन्य राजनीतिक दल अपने साथ नहीं लेना चाहता। TMC का पलटवार टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तीनों नेता पहले से ही भाजपा के संपर्क में थे। उनके अनुसार, भाजपा ने केवल उनकी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने दावा किया कि इससे टीएमसी को कोई नुकसान नहीं होगा और भाजपा को भी विशेष राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है। TMC की मौजूदा स्थिति टीएमसी के अनुसार, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की संसदीय और विधायी ताकत में कमी आई है। अधिक जानकारी देश और राजनीति की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल पर ‘करारा जवाब’ देने की बात; क्षेत्र में बढ़ा तनाव

तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का हस्तक्षेप किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा, जिसका असर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका का दावा- 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों तथा सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। अधिक जानकारी देश-दुनिया और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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श्रीलंका अंडर-19 ने भारत को 1 विकेट से हराया, 2-1 से जीती यूथ वनडे सीरीज

हम्बनटोटा। श्रीलंका अंडर-19 टीम ने तीसरे और निर्णायक यूथ वनडे मुकाबले में भारत अंडर-19 को 1 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका ने आखिरी गेंद पर जीत हासिल करते हुए सीरीज पर कब्जा जमाया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 290 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने अंतिम गेंद पर लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया। वीके विनीत का शानदार शतक भारतीय टीम के लिए वीके विनीत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 136 गेंदों में 131 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं लक्ष्य रायचंदानी ने 63 गेंदों में 61 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। हालांकि, भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। कप्तान यशवर्धन चौहान 6 रन, रजत बघेल 8 रन, कुशाग्र ओझा 3 रन और अर्जुन राजपूत 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। निचले क्रम में शाविन विनोद ने 26 और मोहित ने नाबाद 19 रन का योगदान दिया। श्रीलंका के गेंदबाजों का प्रदर्शन श्रीलंका की ओर से सेथमिका सेनेविरात्ने ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। गिम्हान मेंडिस को 2 विकेट, जबकि कविजा गामगे को 1 सफलता मिली। चमिका हीनातिगला ने खेली मैच जिताऊ पारी 291 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन सेनुजा वेकुनागोडा ने 67 रन बनाकर टीम को संभाला। कविजा गामगे (29) और किथमा विथानापथिराना (31) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। अंत में चमिका हीनातिगला ने 68 गेंदों में नाबाद 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर श्रीलंका को यादगार जीत दिलाई। आखिरी ओवर में पलटा मैच श्रीलंका को अंतिम ओवर में जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी। चमिका हीनातिगला ने दूसरी गेंद पर चौका लगाया, फिर दो डॉट गेंदों के बाद पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का जड़ दिया। आखिरी गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने टीम को 1 विकेट से जीत दिलाई और श्रीलंका ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। अधिक जानकारी क्रिकेट और अन्य खेलों की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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यात्रियों के लिए राहत: शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच, बढ़ेंगी कन्फर्म सीटें

बिलासपुर। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और कन्फर्म बर्थ की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 टियर (AC-3) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से यात्रा के दौरान अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इन ट्रेनों में लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच रेल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार— यात्रियों को मिलेगा फायदा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त कोच लगाए जाने से वेटिंग लिस्ट कम होगी और अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी टिकट और ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य जांचने की अपील की है। अधिक जानकारी रेलवे और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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SCO Summit

SCO Summit में PM Modi: किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री, Putin से मुलाकात आज Xi Jinping भी रहेंगे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने Central Asia दौरे के अगले पड़ाव पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। यहां वे 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा ले रहे हैं। 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाली इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और बदलते वैश्विक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है। बिश्केक पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। विदेश यात्रा के दौरान गांधी जी को नमन करने का उनका यह अंदाज भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जुड़ा संदेश भी देता है। इसके बाद उनकी नजर SCO Summit में होने वाली अहम बैठकों पर है। SCO Summit में एक मंच पर मोदी, Putin और Xi इस बार बिश्केक में SCO का मंच इसलिए भी खास है क्योंकि भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेता एक साथ मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। SCO के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित यह सम्मेलन क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। SCO में सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार, परिवहन संपर्क और आर्थिक सहयोग पर भी जोर रहने की उम्मीद है। संगठन के भीतर आतंकवाद से मुकाबला और क्षेत्रीय स्थिरता लंबे समय से प्रमुख मुद्दे रहे हैं। Putin के साथ Bilateral Meeting पर खास नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-रूस संबंधों के साथ रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक यह बैठक SCO Summit से इतर होगी। भारत और रूस के रिश्तों को देखते हुए मोदी-पुतिन मुलाकात पर खास नजर रहेगी। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक सहयोग रहा है, इसलिए इस बातचीत से निकलने वाले संकेत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। Xi Jinping के साथ मुलाकात को लेकर क्या स्थिति? चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बिश्केक पहुंच चुके हैं। ऐसे में मोदी और जिनपिंग का एक ही मंच पर होना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, ताजा रिपोर्टों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच formal one-on-one bilateral meeting की संभावना फिलहाल स्पष्ट नहीं है। भारत और चीन के बीच सीमा और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है। ऐसे में SCO Summit के दौरान दोनों नेताओं की किसी भी बातचीत या आमने-सामने मुलाकात पर कूटनीतिक नजरें बनी रहेंगी। Uzbekistan से शुरू हुआ था PM Modi का दौरा प्रधानमंत्री मोदी का Central Asia दौरा उज्बेकिस्तान से शुरू हुआ था। ताशकंद में उन्होंने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत की। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। इसके बाद पीएम मोदी किर्गिस्तान के लिए रवाना हुए। यह दौरा भारत की Central Asia नीति के लिहाज से भी अहम है। भारत इन देशों के साथ व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में अपने रिश्ते लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत के लिए क्यों अहम है SCO Summit? भारत के लिए SCO केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं है। यह ऐसा मंच है जहां नई दिल्ली को रूस, चीन, मध्य एशिया और अन्य सदस्य देशों के साथ एक ही जगह बातचीत करने का मौका मिलता है। इस बार बदलते geopolitical माहौल के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और connectivity पर होने वाली चर्चा खास महत्व रखती है। इसके अलावा SCO की 25वीं वर्षगांठ भी इस सम्मेलन को अलग महत्व देती है। फिलहाल बिश्केक में होने वाली बैठकों पर सभी की नजर है। Modi-Putin Meeting और मोदी-जिनपिंग के बीच संभावित बातचीत से जुड़े घटनाक्रम आने वाले समय में भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Singer Murder Case में बड़ा एक्शन: पुलिस Encounter में 2 शूटर ढेर

Singer Murder Case में बड़ा एक्शन: पुलिस Encounter में 2 शूटर ढेर

चर्चित Singer Murder Case में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में शामिल बताए जा रहे दो शूटर पुलिस Encounter में मारे गए। दोनों आरोपी हरियाणा की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 20 राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद दोनों शूटर ढेर हो गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरियाणा भागने की कोशिश में थे आरोपी पुलिस को जानकारी मिली थी कि दोनों आरोपी वारदात के बाद हरियाणा की ओर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी घेराबंदी की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में करीब 20 राउंड फायर हुए। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याकांड में इन दोनों की क्या भूमिका थी और उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। बेटे की मौत के बाद पिता को अब भी पूरा इंसाफ का इंतजार सिंगर अंकित की हत्या ने उनके परिवार को अंदर तक तोड़ दिया है। बेटे को खोने का दर्द परिवार के लिए आज भी कम नहीं हुआ है। एनकाउंटर की खबर के बाद अंकित के पिता ने कहा कि उन्हें आधा इंसाफ मिला है, लेकिन आधा इंसाफ अभी बाकी है। पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन सभी को कानून के सामने लाया जाना चाहिए। सिर्फ शूटरों के मारे जाने से परिवार का दर्द खत्म नहीं होगा। वह चाहते हैं कि हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। पुलिस की जांच जारी दोनों शूटरों के एनकाउंटर के बाद पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को हथियार और भागने में मदद किसने दी थी। सिंगर हत्याकांड में हुई इस कार्रवाई से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परिवार की मांग साफ है—बेटे की हत्या के पीछे जो भी लोग हैं, उन सभी तक कानून पहुंचना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Mohan Bhagwat

Canada में RSS Chief Mohan Bhagwat बोले- दुनिया को परिवार मानना Bharat की सोच

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कनाडा के टोरंटो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की संस्कृति, सेवा और विविधता पर जोर दिया। ‘Hindu Vishwa Bandhu – Embrace the World in Friendship’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल एक शक्तिशाली देश के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया के लिए मदद का हाथ बढ़ाने वाली सभ्यता के तौर पर रही है। Mohan Bhagwat ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी दुनिया के किसी हिस्से में जरूरत पड़ी, भारत ने मदद करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, दूसरों की सहायता करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। उन्होंने इसी सोच को भारत के ‘DNA’ से जोड़ते हुए ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना का उल्लेख किया। Diversity भारत की कमजोरी नहीं, खूबसूरती है Mohan Bhagwat ने भारत की विविधता को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषा, पहनावा, परंपरा, पूजा-पद्धति और जीवनशैली होने के बावजूद भारत में एकता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सोच में Unity in Diversity केवल एक नारा नहीं है। विविधता को एकता के सामने चुनौती मानने के बजाय उसे उसी एकता की अभिव्यक्ति के रूप में देखने की परंपरा रही है। यही वजह है कि भागवत ने लोगों से ‘ये मेरा और वह तुम्हारा’ जैसी सीमित सोच से ऊपर उठने की अपील की। उनका कहना था कि बाहरी रूप अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत के स्तर पर सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ को बताया भारत की सोच भागवत ने अपने भाषण में Vasudhaiva Kutumbakam का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया को एक परिवार मानना भारतीय दर्शन की पुरानी सोच है। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति बाहरी अंतर से आगे बढ़कर इंसान के भीतर की समानता को देखता है, तभी समाज में वास्तविक भाईचारा मजबूत होता है। उन्होंने सेवा को भी इसी सोच का अहम हिस्सा बताया। उनका संदेश था कि समाज और देश की प्रगति केवल अपनी तरक्की तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका फायदा व्यापक मानवता तक पहुंचना चाहिए। Bharat ‘Vishwaguru’ कैसे बना? भागवत ने भारत की वैश्विक भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल ‘Mahashakti’ बनने की कोशिश से नहीं बनी। उनके मुताबिक, भारत ने दुनिया की सेवा और अपने सांस्कृतिक मूल्यों के कारण ‘Vishwaguru’ की पहचान हासिल की। उन्होंने भारत के इतिहास में दूसरे देशों और समुदायों की मदद के उदाहरणों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि भारत की सभ्यता का जोर दूसरे देशों पर प्रभुत्व स्थापित करने के बजाय ज्ञान, सेवा और मानवीय मूल्यों को साझा करने पर रहा है। ‘Hindus जागेंगे तो दुनिया जागेगी’ पर भी जोर टोरंटो के इस कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति का व्यापक संदेश पूरी मानवता से जुड़ा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि ‘If Hindus awaken, the world awakens’। उनके अनुसार, इस जागरूकता का मतलब केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, जिम्मेदारी और मानवता की भावना को आगे बढ़ाना है। भारतीय समुदाय के बीच दिखा उत्साह टोरंटो में आयोजित कार्यक्रम में कनाडा के अलग-अलग हिस्सों से भारतीय मूल के लोग पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। आयोजकों के मुताबिक, इसमें कनाडा के कई प्रांतों से लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य संदेश भारतीय संस्कृति, वैश्विक मित्रता और आपसी सद्भाव के इर्द-गिर्द रहा। सेवा और साथ चलने का संदेश Mohan Bhagwat के कनाडा संबोधन का सबसे अहम पहलू यही रहा कि उन्होंने भारत की पहचान को शक्ति और प्रभाव से ज्यादा सेवा, सह-अस्तित्व और विविधता से जोड़कर देखा। उनका संदेश था कि समाज तब मजबूत होता है, जब लोग अपने-पराए की दीवारों से ऊपर उठकर एक-दूसरे को स्वीकार करते हैं। टोरंटो में दिया गया यह संदेश विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भारत की सांस्कृतिक सोच और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को सामने रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Iran-America

Iran-America फिर बढ़ा Middle East तनाव, Hormuz के पास US Strike के बाद Iran का Missile Attack

ईरान और अमेरिका (Iran-America) के बीच एक महीने से जारी अपेक्षाकृत शांति अब फिर टूट गई है। अमेरिका ने ईरान के Larak Island पर दो लॉन्चर्स को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे Middle East में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Hormuz के पास अमेरिका ने क्यों किया हमला? अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, Larak Island पर ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। अमेरिका का दावा है कि वहां मौजूद दो लॉन्चर्स के जरिए Strait of Hormuz में समुद्री बारूदी सुरंगें पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई को सीमित और सटीक बताया। अमेरिका के अनुसार, इसका मकसद Hormuz में Commercial Shipping के लिए संभावित खतरे को रोकना था। ईरान ने हमले को बताया बड़ी कार्रवाई अमेरिकी हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि इस कार्रवाई में उसके सैनिकों और नागरिकों के हताहत होने की जानकारी है। ईरानी पक्ष ने अमेरिका को जवाब देने की चेतावनी भी दी। इसके बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही। हालांकि, हमले से हुए नुकसान को लेकर ईरान और अमेरिका की तरफ से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। Jordan में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला ईरान के IRGC के अनुसार, जॉर्डन में मौजूद दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें Al Azraq और King Hussein से जुड़े सैन्य ठिकाने शामिल बताए गए हैं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 8 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। शुरुआती जानकारी में बड़े नुकसान या बड़े पैमाने पर हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। Strait of Hormuz क्यों है इतना अहम? इस पूरे विवाद के केंद्र में Strait of Hormuz है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस रास्ते में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या बाधा का असर सिर्फ खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। Hormuz में तनाव बढ़ने पर तेल की सप्लाई, समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर पड़ सकता है। ताजा हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। Reuters के मुताबिक, 31 अगस्त को Brent crude करीब 2.5% बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था। एक महीने बाद फिर क्यों बढ़ा तनाव? अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से सैन्य गतिविधियों में कमी देखने को मिल रही थी। लेकिन Hormuz में समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ था। अमेरिका का कहना है कि ईरानी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं। वहीं, ईरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को आक्रामक कदम मानता है। Larak Island पर हुए हमले और उसके बाद Jordan में जवाबी मिसाइल हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आगे क्या होगा? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव यहीं रुक जाएगा या फिर Middle East में तनाव और बढ़ेगा। अगर Hormuz में सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और Shipping Industry पर भी पड़ सकता है। अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया के बाद अब दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि दोनों पक्ष तनाव कम करने की कोशिश करते हैं या संघर्ष एक बार फिर बड़े स्तर पर पहुंचता है। फिलहाल इतना साफ है कि Larak Island पर अमेरिकी कार्रवाई ने लंबे समय से चल रहे US-Iran तनाव को फिर भड़का दिया है और इसका असर पूरे Middle East के साथ-साथ Global Oil Market पर भी दिखाई दे सकता है।
Nepal Flood

Nepal Flood 2026: अपनों की तलाश में परिवार, अज्ञात शवों की पहचान के लिए DNA जांच शुरू

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। तेज बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल और तिब्बत को मिलाकर इस आपदा में 800 से ज्यादा लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को लेकर है, जिनके अपने कई दिनों से लापता हैं। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण प्रशासन के सामने उनकी पहचान और अंतिम संस्कार की चुनौती भी खड़ी हो गई है। नदियों के साथ बहकर दूर तक पहुंचे शव Nepal Flood की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर लोग और सामान पानी के साथ बह गए। कुछ शव घटनास्थल से काफी दूर तक नदियों के जरिए पहुंच गए। चितवन समेत कई इलाकों में लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। नेपाल सरकार के 30 अगस्त के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, 734 शव बरामद किए जा चुके थे और 2,498 लोग लापता थे। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर मृतकों और लापता लोगों की संख्या इससे ज्यादा बताई गई है। राहत अभियान जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव भी हो सकता है। पहचान मुश्किल, अज्ञात शवों को दफनाने की तैयारी इस आपदा के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी मुश्किल शवों की पहचान को लेकर है। कई शव लंबे समय तक पानी, कीचड़ और मलबे में रहने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में परिवारों के लिए अपने लोगों की पहचान करना आसान नहीं है। चितवन के देवघाट क्षेत्र में अज्ञात शवों को दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन ने बड़ी संख्या में कब्रें तैयार कराई हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि अस्पतालों और शवगृहों में शव रखने की क्षमता लगातार कम पड़ रही थी। हालांकि प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि दफनाए जाने वाले शवों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। DNA से होगी लापता लोगों की पहचान अज्ञात शवों की पहचान के लिए DNA Sampling और Forensic Investigation पर खास जोर दिया जा रहा है। शवों की तस्वीरें, DNA सैंपल और उपलब्ध पहचान संबंधी जानकारी रिकॉर्ड की जा रही है। इससे भविष्य में किसी परिवार के अपने लापता सदस्य का पता चलने पर DNA जांच के जरिए पहचान करने में मदद मिल सकती है। भारत की ओर से भी फॉरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल की सहायता कर रहे हैं। हजारों जवान Rescue Operation में जुटे बाढ़ प्रभावित इलाकों में Nepal Army, Nepal Police और Armed Police Force के जवान राहत एवं बचाव अभियान में लगे हुए हैं। हेलिकॉप्टरों की मदद से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। कई इलाकों में सड़कें टूट गई हैं और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके कारण जमीन के रास्ते राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हेलिकॉप्टर और स्थानीय बचाव दल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती Rescue Operation के दौरान खराब मौसम सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बना हुआ है। लगातार बारिश, मलबा और भूस्खलन के कारण कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है। कुछ जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि बचावकर्मियों को भी जोखिम उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और बरामद शवों की पहचान करना है। हर परिवार को अपनों के मिलने का इंतजार इस प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जो अस्पतालों और पहचान केंद्रों के बाहर अपने रिश्तेदारों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसी के पास सिर्फ एक फोटो है तो किसी के पास अपने लापता परिजन से जुड़ी कुछ पुरानी जानकारी। ऐसे में DNA जांच और फॉरेंसिक रिकॉर्ड परिवारों के लिए उम्मीद की एक महत्वपूर्ण कड़ी बने हुए हैं। नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। आने वाले दिनों में जब दुर्गम इलाकों तक टीमें पहुंचेंगी, तब इस आपदा से हुए कुल नुकसान और लापता लोगों की वास्तविक संख्या की तस्वीर और साफ हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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