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भाजपा का 47वां स्थापना दिवस: 17 जिलों में नए कार्यालयों का भूमिपूजन, गांव-बस्ती अभियान की घोषणा

आज भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने अपना 47वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में पार्टी कार्यालयों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ। यहां से मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम का हिस्सा बने। सीएम का बयान: मजबूत नेतृत्व से हर समस्या का समाधान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देता है। उन्होंने कहा कि मजबूत और सक्षम नेतृत्व होने पर देश की हर समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश और पार्टी दोनों मजबूत हुए हैं। सीएम ने भाजपा की तुलना फीनिक्स पक्षी से करते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा अटल और अमर है, जो हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर उभरती है। अटल जी के दौर को भी किया याद मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि गठबंधन की सरकार होने के बावजूद उन्होंने 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया और अपने वादे पूरे किए। 62 जिलों में कार्यालय बनाने का लक्ष्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल जी के विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि फिलहाल 17 जिलों में कार्यालय निर्माण शुरू हो रहा है और लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों। हर कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और पुस्तकालय भी होगा, जहां संगठन और विचारधारा से जुड़ी किताबें उपलब्ध रहेंगी। दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान सम्मेलन के दौरान पार्टी के दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मंच से उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों से मिलने पहुंचे, जिसने कार्यक्रम को भावुक बना दिया। 7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ भाजपा 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाएगी। इस अभियान में सांसद, विधायक और सभी बड़े नेता गांव-गांव पहुंचेंगे। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि नेता सिर्फ भाषण न दें, बल्कि जनता के बीच जाकर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव समझें और उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। 👉 अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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जबलपुर में डायल-112 की हालत खराब: बच्चों से धक्का लगवाकर स्टार्ट करनी पड़ी पुलिस गाड़ी

मध्य प्रदेश के जबलपुर से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां डायल-112 की इमरजेंसी वाहन को स्टार्ट करने के लिए बच्चों से धक्का लगवाना पड़ा। धक्का देकर स्टार्ट करनी पड़ी गाड़ी कटंगी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात डायल-112 (FRV) गाड़ी अचानक बंद हो गई। बैटरी खराब होने की वजह से गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, जिसके बाद उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। इस घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें कुछ बच्चे पुलिस वाहन को धक्का देते नजर आ रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 गाड़ियों की ऐसी हालत सामने आई हो। इससे पहले सितंबर 2025 में भी जबलपुर में नई गाड़ी को धक्का देने के बाद भी स्टार्ट नहीं किया जा सका था, तब उसे क्रेन से मैकेनिक के पास ले जाना पड़ा था। इमरजेंसी सेवा पर उठे सवाल डायल-112 जैसी इमरजेंसी सेवा का उद्देश्य लोगों को तुरंत मदद पहुंचाना है। लेकिन अगर गाड़ियां ही समय पर स्टार्ट न हों, तो गंभीर स्थिति में लोगों तक मदद कैसे पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। सीएम ने दिखाई थी हरी झंडी गौरतलब है कि 14 अगस्त 2025 को डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से डायल-112 सेवा की शुरुआत की थी। इसके तहत पूरे प्रदेश में करीब 1200 गाड़ियां तैनात की गईं। जबलपुर जिले को 47 वाहन दिए गए थे, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस बताया गया था। आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं गाड़ियां डायल-112 वाहनों में GPS, वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। यह सेवा पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सभी आपात सेवाओं को एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध कराती है। अधिकारियों ने कंपनी को दी चेतावनी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वाहन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से बात कर भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने की हिदायत दी है। यह घटना एक बार फिर सिस्टम की हकीकत सामने लाती है, जहां कागजों में आधुनिक सुविधाएं हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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रायपुर में दो जगह आग का कहर: अपार्टमेंट की लिफ्ट और तंबाखू गोदाम में लगी आग, टला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार को दो अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। अपार्टमेंट की लिफ्ट में लगी आग खमतराई थाना क्षेत्र स्थित डॉल्फिन ज्वेलो अपार्टमेंट में अचानक लिफ्ट में आग लग गई। आग लगते ही धुआं तेजी से पूरे अपार्टमेंट में फैल गया, जिससे वहां रहने वाले लोग घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले लिफ्ट से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए कॉलोनीवासियों को अलर्ट किया। रहवासियों और गार्ड की समझदारी से बची जानें सिक्योरिटी गार्ड और कॉलोनी के लोगों ने मिलकर फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने की कोशिश की और काफी हद तक आग पर काबू पा लिया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी हद तक नियंत्रित हो चुकी थी। हालांकि, लिफ्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारण शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन असली कारणों की जांच अभी जारी है। घटना के बाद अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। तंबाखू गोदाम में भी लगी आग इसी दिन भनपुरी इलाके में एक बंद पड़े तंबाखू गोदाम में भी आग लग गई। बताया जा रहा है कि कचरा जलाने के कारण आग भड़क उठी और धीरे-धीरे पूरे गोदाम में फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। प्रशासन की अपील घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच करवाएं और किसी भी आपात स्थिति में सतर्कता बरतें। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और जरूरी खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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सागर में घर में घुसी कोबरा नागिन: सो रही बच्ची के तकिए के पास बैठी, समय रहते टली बड़ी घटना

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बड़तूमा गांव में शनिवार सुबह एक डराने वाली घटना सामने आई, जहां एक जहरीली कोबरा नागिन घर के अंदर घुस गई और सो रही बच्ची के बिल्कुल पास पहुंच गई। तकिए के पास बैठी थी नागिन जानकारी के मुताबिक, बड़तूमा निवासी प्रशांत ठाकुर के घर में उनकी छोटी बच्ची सो रही थी। तभी करीब ढाई फीट लंबी कोबरा प्रजाति की नागिन चुपचाप आकर उसके तकिए के पास बैठ गई। जैसे ही परिवार के लोगों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने आवाज की, नागिन तुरंत भागकर फ्रिज के नीचे छिप गई। घबराए माता-पिता ने बिना देर किए बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्नेक कैचर को दी गई सूचना घटना की जानकारी तुरंत स्नेक कैचर बबलू पवार को दी गई। उन्होंने परिवार को सांप पर नजर बनाए रखने को कहा और खुद मौके पर पहुंचे। फ्रिज हटाकर किया गया रेस्क्यू स्नेक कैचर ने बताया कि नागिन फ्रिज के नीचे छिपी हुई थी। काफी सावधानी के साथ फ्रिज को हटाया गया और फिर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि यह बेहद जहरीली कोबरा नागिन थी, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। जंगल में छोड़ा गया सुरक्षित रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते बच्ची को बाहर निकाल लिया गया, वरना कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि घरों में भी सतर्क रहना कितना जरूरी है, खासकर गांव और खुले इलाकों में। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और जागरूक करने वाली खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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उज्जैन सड़क हादसा: मिनी बस-ट्रैक्टर टक्कर में युवक की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने बस में लगाई आग

c के उज्जैन में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गरोठ रोड पर मिनी बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से श्रद्धालुओं को लेकर आ रही मिनी बस ने तुलाहेड़ा टोल प्लाजा के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर खाई में गिरकर पलट गया। इस हादसे में 21 वर्षीय विजय सोलंकी ट्रॉली के नीचे दब गया। वह करीब एक घंटे तक फंसा रहा और समय पर मदद नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। चार लोग घायल, दो की हालत गंभीर हादसे में ट्रैक्टर सवार राजेश शर्मा, बस ड्राइवर शिवकुमार (अमृतसर), और यात्री बॉबी व धर्मेंद्र कुमार (दिल्ली) घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया। गुस्साए ग्रामीणों ने किया हंगामा युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि हादसे के बाद क्रेन समय पर नहीं पहुंची, जिससे घायल युवक को निकालने में देरी हुई। इसी लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। बस में रखा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। पुलिस ने संभाला मोर्चा मौके पर तीन थानों की पुलिस पहुंची और हालात को काबू में किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाम खुलवाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु पहले ही सुरक्षित उतर चुके थे और उन्हें दूसरे वाहनों से उज्जैन भेज दिया गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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खंडवा जनजातीय विभाग ट्रांसफर विवाद: रिटायरमेंट से पहले 61 तबादले, वसूली के आरोपों से मचा बवाल

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जनजातीय कार्य विभाग में रिटायरमेंट से ठीक पहले बड़े पैमाने पर हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिटायरमेंट से पहले 61 ट्रांसफर आदेश असिस्टेंट कमिश्नर संतोष शुक्ला ने 26 से 31 मार्च के बीच 61 ट्रांसफर के आदेश जारी किए। इनमें शिक्षक, हॉस्टल अधीक्षक और भृत्य शामिल हैं। कुछ मामलों में प्रमोशन भी दिए गए, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। बिना मंजूरी के आदेश जारी करने के आरोप आरोप है कि इन तबादलों में न तो प्रभारी मंत्री की मंजूरी ली गई और न ही कलेक्टर को इसकी जानकारी दी गई। खास बात यह है कि संतोष शुक्ला 31 मार्च को रिटायर हो चुके हैं, जिसके बाद अब उनके खिलाफ विभागीय जांच की मांग उठ रही है। वसूली के गंभीर आरोप जय आदिवासी युवा संगठन ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के बदले पैसे लिए गए। बताया गया कि हॉस्टल अधीक्षक हेमंत सिन्हा के जरिए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से पैसे वसूले गए। कई लोगों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की। इसके अलावा आरोप है कि हॉस्टल अधीक्षकों से हर महीने 1500 से 2000 रुपए तक की अवैध वसूली की जाती थी, जबकि प्रमोशन के नाम पर 5 से 10 हजार रुपए तक लिए गए। कई स्थानों पर अनियमितताओं का आरोप राजगढ़, पंधाना, हरसूद, खंडवा, मोजवाड़ी, जामन्या, बेदीमाल, खुटला, आसा और नेटीसराय जैसे कई स्थानों पर पोस्टिंग, निर्माण कार्य और वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। रिटायर्ड अधिकारी ने दी सफाई इस मामले में संतोष शुक्ला ने कहा कि उनकी तबीयत खराब थी और रिटायरमेंट वाले दिन वे दफ्तर भी नहीं गए थे। उन्होंने दावा किया कि सभी ट्रांसफर नियमों के अनुसार किए गए हैं। प्रभारी मंत्री का बड़ा बयान खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने साफ कहा कि इन ट्रांसफर में उनकी कोई मंजूरी नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है, तो सभी ट्रांसफर आदेश निरस्त कराए जाएंगे। पहले भी विवादों में रह चुके हैं अधिकारी संतोष शुक्ला पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त कार्रवाई कर चुका है। साथ ही, 2023 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी उन्हें एक मामले में फटकार लगाई थी। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। 👉 ऐसी ही एक्सक्लूसिव और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Permalink (SEO Friendly):khandwa-tribal-department-transfer-scam-61-posting-controversy
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बिलासपुर में रेलवे नौकरी के नाम पर ठगी: रिटायर्ड कर्मचारी से 15 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर बनाया शिकार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड कर्मचारी को उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 15 लाख रुपए ठग लिए गए। नौकरी का सपना दिखाकर शुरू हुई ठगी तोरवा इलाके में रहने वाले एन. वेंकट सूर्यप्रताप, जो अब रिटायर हो चुके हैं, ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2020 में उन्हें एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में 6 लाख रुपए की मांग की गई, लेकिन बाद में 4 लाख रुपए में बात तय हुई। इसके बाद बेटे के दस्तावेज ईमेल के जरिए मंगवाए गए और पैसे ट्रांसफर करवाए गए। राजनीतिक कोटे का झांसा देकर बढ़ाई रकम आरोप है कि महिला ने “पॉलिटिकल कोटा” में नौकरी दिलाने का दावा किया और अपनी बेटी के खाते में पैसे जमा कराने को कहा। पहले 4 लाख रुपए लिए गए, फिर अलग-अलग बहानों से 50-50 हजार और बाद में लाखों रुपए और वसूले गए। जब नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे। फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर बढ़ाया भरोसा जून 2024 में आरोपियों ने रेल मंत्रालय के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल के जरिए भेजा, जो बिल्कुल असली जैसा लग रहा था। इसे देखकर पीड़ित को भरोसा हो गया और उन्होंने पैसे देना जारी रखा। 5 साल में 15 लाख की ठगी दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने फिर से पैसे मांगे। इस दौरान यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और NEFT के जरिए कई बार पैसे भेजे गए। पीड़ित के अनुसार, कुल 18 ट्रांजेक्शन में करीब 15 लाख रुपए आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने दर्ज किया केस जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी और पैसे भी वापस नहीं मिले, तब पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तोरवा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी कितनी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। 👉 ऐसी ही जरूरी और जागरूक करने वाली खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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सीहोर में कांग्रेस का जनआक्रोश प्रदर्शन: किसानों की गेहूं तुलाई और महंगाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अहमदपुर (देवीपुरा) में शुक्रवार को कांग्रेस ने जनआक्रोश प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। किसानों के मुद्दों पर घिरी सरकार जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि किसानों की गेहूं तुलाई शुरू न करना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सीधा धोखा बताया और कहा कि इससे किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। महंगाई और जरूरी सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी इस प्रदर्शन में सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े कई मुद्दों को उठाया गया। कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर की कमी, बिजली दरों में बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल की समस्या को लेकर सरकार को घेरा। सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप राजीव गुजराती ने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को न किसानों की चिंता है और न ही आम लोगों की परेशानियों की कोई परवाह है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता जल्द ही इसका जवाब देगी। पहले भी हो चुका है प्रदर्शन गौरतलब है कि कांग्रेस इससे पहले भी सीहोर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर चुकी है। उस दौरान भी किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें deshharpal.com
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सागर रानगिर मंदिर ब्लास्ट: पत्नी के मायके वालों को फंसाने के लिए रची खौफनाक साजिश, स्पीकर बम से 3 घायल

मध्य प्रदेश के सागर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी के मायके वालों को फंसाने के लिए खौफनाक साजिश रच डाली। यह घटना रानगिर देवी धाम मंदिर की है, जहां आरोपी ने ब्लूटूथ स्पीकर में बम फिट कर मंदिर परिसर में रख दिया। 17 मार्च को जैसे ही स्पीकर चालू हुआ, जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में 11 साल की मासूम बच्ची समेत तीन लोग घायल हो गए, जिनमें बच्ची की हालत गंभीर है और उसका इलाज भोपाल में चल रहा है। कैसे हुआ पूरा हादसा? 16 मार्च को आरोपी मंदिर के पास पहुंचा और प्रसाद की दुकान के बाहर स्पीकर रखकर चला गया। दुकान संचालक राधेश्याम रैकवार को लगा कि कोई गलती से स्पीकर भूल गया है, इसलिए उन्होंने उसे घर के अंदर रख लिया। अगले दिन रात को उनकी नातिन संजना ने जब स्पीकर ऑन किया, तो तेज धमाका हो गया। इस विस्फोट में संजना बुरी तरह घायल हो गई, जबकि राधेश्याम और उनकी पत्नी भी जख्मी हो गए। पहले मोबाइल ब्लास्ट बताया गया, फिर खुली सच्चाई शुरुआत में इस घटना को मोबाइल बैटरी फटने का मामला बताया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इतनी गंभीर चोटों पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। मौके से वायर और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिलने पर फोरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें बारूद से ब्लास्ट होने की पुष्टि हुई। एक मैसेज से खुला पूरा राज पुलिस को जांच के दौरान एक बड़ा सुराग मिला। घटना से पहले मंदिर के पुजारी को एक संदिग्ध मैसेज भेजा गया था, जिसमें कुछ लोगों के नाम लेकर बम ब्लास्ट की साजिश बताई गई थी। इसी मैसेज के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। पत्नी के मायके वालों को फंसाने की थी साजिश जांच में सामने आया कि आरोपी गोलू उर्फ इमारत पटेल ने अपनी पत्नी के मायके वालों से बदला लेने के लिए यह प्लान बनाया था। पत्नी उससे नाराज होकर मायके चली गई थी और वापस नहीं आ रही थी। गुस्से में आकर आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर स्पीकर बम तैयार किया और उसे मंदिर में रख दिया, ताकि यह आतंकी घटना लगे और पत्नी के परिवार वाले इस केस में फंस जाएं। पहले से शादीशुदा थी पत्नी, बढ़ा विवाद आरोपी ने 2025 में अपने से 11 साल बड़ी महिला से शादी की थी। बाद में उसे पता चला कि महिला पहले से शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और महिला फरवरी 2026 में मायके लौट गई। यूट्यूब से सीखा बम बनाना पुलिस के अनुसार आरोपी पहले माइंस में काम कर चुका है, इसलिए उसे बारूद की जानकारी थी। उसने डेटोनेटर खरीदा और यूट्यूब की मदद से स्पीकर बम तैयार किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, वहीं एक मासूम बच्ची की जिंदगी पर इसका गहरा असर पड़ा है। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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ईरान-इजराइल जंग का असर MP में: खाने-पीने की चीजें महंगी, आम आदमी की जेब पर डबल मार

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के शहरों में साफ दिखने लगा है। गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। इंदौर में स्ट्रीट फूड महंगा, ग्राहक कम इंदौर के मशहूर 56 दुकान और सराफा बाजार में खाने-पीने के दाम ₹1 से ₹10 तक बढ़ गए हैं।पोहा, चाय, समोसा, कचौरी से लेकर चाइनीज फूड तक सब महंगा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि गैस, तेल और कच्चे माल की कीमत बढ़ने के कारण रेट बढ़ाना मजबूरी है।ग्राहक सावन इंगले बताते हैं कि पहले दो लोगों का खाना ₹400-₹500 में हो जाता था, अब वही ₹700-₹800 तक पहुंच गया है। इसका असर ग्राहकों की संख्या पर भी पड़ा है—लोग अब बाहर कम खाने लगे हैं। भोपाल में भी खाने का खर्च बढ़ा भोपाल में रोजमर्रा का खाना महंगा हो गया है। जबलपुर में नाश्ता महंगा जबलपुर में कमर्शियल गैस की कमी और महंगे तेल की वजह से नाश्ते के दाम बढ़ गए हैं।समोसा ₹20 हो चुका है और जल्द ₹25 होने की संभावना है। जलेबी ₹240 से बढ़कर ₹300 प्रति किलो हो गई है। ग्वालियर में किराना और ड्राई फ्रूट्स महंगे ग्वालियर में एलपीजी की कमी के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर युद्ध जल्द नहीं रुका, तो महंगाई और बढ़ सकती है। रीवा में पानी तक महंगा रीवा में गर्मी के साथ महंगाई ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। 20 लीटर पानी का जार जो पहले ₹25-₹30 में मिलता था, अब ₹40 में मिल रहा है। गैस की कमी बनी बड़ी वजह दुकानदारों और होटल संचालकों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की कमी और महंगे ईंधन के कारण लागत 20-25% तक बढ़ गई है। कई जगह कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है, जबकि नई बुकिंग बढ़े हुए रेट पर ही हो रही है। यह स्थिति साफ बताती है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीधे आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। 👉 ऐसी ही जमीनी और असरदार खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Gold Silver Market Update: रिकॉर्ड तेजी के बाद फिसले दाम

महंगाई के दौर में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। सर्राफा बाजार से आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम सोना ₹558 सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के भाव में ₹744 प्रति किलोग्राम की कमी आई है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊंचाई पर बने रहने के बाद कीमती धातुओं में आई यह नरमी आम खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों का भी ध्यान खींच रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे सोने-चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। आज कितना है सोने का भाव? ताजा बाजार दरों के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में भी गिरावट दर्ज की गई है। कैरेट के हिसाब से Gold Rate शहर, टैक्स और ज्वेलर्स के अनुसार इन कीमतों में मामूली अंतर संभव है। चांदी के भाव में भी आई गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव करीब ₹2,48,400 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले चांदी लगातार तेजी के दौर में थी, लेकिन अब बाजार में कुछ नरमी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में आई यह गिरावट फिलहाल सीमित हो सकती है, क्योंकि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। क्यों घटे सोना और चांदी के दाम? अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर टिकी हुई है। ऐसे माहौल में कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा। इसके अलावा डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। क्या यह खरीदारी का सही समय है? ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए मौजूदा गिरावट एक अच्छा मौका मानी जा रही है। खासकर शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए कई खरीदार इस समय बाजार पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले हॉलमार्क, शुद्धता और स्थानीय बाजार के ताजा रेट की जांच जरूर कर लें। निवेश के नजरिए से भी एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीदारी अधिक सुरक्षित मानी जाती है। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाओं और केंद्रीय बैंकों के फैसलों का असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। इसलिए निवेशकों और खरीदारों दोनों को बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। फिलहाल, कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ में पुरानी बैटरियों के अवैध कारोबार पर सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में पुरानी और खराब बैटरियों के अवैध कारोबार पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के पुरानी बैटरियों का खरीद-बिक्री, भंडारण या परिवहन करना कानूनन अपराध है। मंडल के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में कबाड़ और पुरानी बैटरियों का कारोबार नियमों के विपरीत संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। केवल पंजीकृत कारोबारी ही कर सकेंगे कारोबार पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बताया कि बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 के तहत पुरानी और खराब बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन और रीसाइक्लिंग केवल अधिकृत एवं पंजीकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। संबंधित कारोबारियों के लिए खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े सभी दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। खुले में बैटरियां रखने पर भी होगी कार्रवाई मंडल ने चेतावनी दी है कि खुले स्थान पर पुरानी बैटरियों का ढेर लगाना, बिना अनुमति उनका भंडारण करना या अवैध तरीके से खरीद-बिक्री करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष जांच अभियान पर्यावरण संरक्षण मंडल जल्द ही राज्यभर में विशेष जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान के दौरान स्क्रैप डीलर, कबाड़ कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और बैटरी व्यापार से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से सहयोग की अपील मंडल ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में पुरानी बैटरियों का अवैध भंडारण, परिवहन या कारोबार होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय या पर्यावरण संरक्षण मंडल को देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे अवैध कारोबारों पर रोक लगाना जरूरी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com

रायपुर नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन-7 की कमान

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया गया है। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने आदेश जारी कर कई अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व सौंपे हैं। जारी आदेश के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन क्रमांक-7 के प्रभारी जोन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मिली नई जिम्मेदारी निगम प्रशासन ने डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मुख्यालय स्वास्थ्य अधिकारी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के दायित्वों से मुक्त करते हुए जोन-7 की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर निगम का मानना है कि इस बदलाव से जोन स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी आएगी। जागृति साहू और डॉ. अंजलि शर्मा को अतिरिक्त प्रभार आदेश के मुताबिक उपायुक्त जागृति साहू को उनके वर्तमान कार्यों के साथ पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों के बीच कार्यों के पुनर्वितरण का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करना है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com

रायपुर की प्यास बुझाएगा गजराज बांध! 230 एकड़ जलाशय को शहर की नई लाइफलाइन बनाने की तैयारी

रायपुर की बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए गजराज बांध को बड़े जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। कमल विहार स्थित करीब 230 एकड़ क्षेत्र में फैले इस बांध को राजधानी की नई पेयजल लाइफलाइन बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। बुधवार को लोकभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर महापौर मीनल चौबे और नगर निगम अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की। पेयजल के लिए उपयोगी बनाया जाएगा गजराज बांध बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में गजराज बांध का सिंचाई कार्यों में प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। यदि आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य किए जाएं तो इसे रायपुर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पेयजल स्रोत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शहर को भविष्य में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा जल संकट की संभावित चुनौतियों से भी निपटा जा सकेगा। विभागों के समन्वय से आगे बढ़ेगी योजना राज्यपाल ने महापौर और संबंधित अधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। बढ़ती आबादी के बीच अहम कदम रायपुर की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही पेयजल की मांग में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे में 230 एकड़ में फैले गजराज बांध को जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को राजधानी के भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो आने वाले वर्षों में गजराज बांध रायपुर की जल आपूर्ति व्यवस्था का प्रमुख आधार बन सकता है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
G7

G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। Global Trade पर पड़ रहा है असर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है। संवाद और कूटनीति पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की। मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें। ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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