आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

Latest Posts

स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी: 7 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही बेच दिया और ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। महाराष्ट्र भेजने के बजाय उरला में बेच दिया माल पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक क्रमांक CG 08 AT 3321 में करीब 35 टन 870 किलोग्राम स्पंज आयरन, जिसकी कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये थी, महाराष्ट्र भेजने के लिए लोड किया था। लेकिन ट्रक चालक ने रास्ते में बीमारी सहित अन्य बहाने बनाकर वाहन को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। कुछ समय बाद चालक और वाहन मालिक दोनों से संपर्क भी टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी असली पहचान छिपा दी गई। फाइनेंस की किश्त जमा करने से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पूरे मामले का खुलासा हो गया। फरार चालक की तलाश जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चालक रहीमान साहू सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों और अपराध से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

पुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़: एक श्रद्धालु की मौत, बारिश के बीच 10 लाख से अधिक लोग पहुंचे

ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना शाम करीब 5 बजे उस समय हुई, जब पारंपरिक पहांडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथों की ओर बढ़ने लगे। भीड़ बढ़ने से मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रा मार्ग पर तैनात स्वयंसेवक (वॉलेंटियर) भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को पीछे हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अफरा-तफरी में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। तेज बारिश के बीच उमड़ी भारी भीड़ हादसे के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद रथयात्रा मार्ग पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। भारी भीड़ और खराब मौसम के कारण व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शाम को आगे बढ़ा भगवान जगन्नाथ का रथ भगदड़ की घटना के बाद कुछ समय के लिए रथयात्रा प्रभावित रही। शाम करीब 7:30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ाया गया, लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद पहले दिन की यात्रा रोक दी गई। अब यात्रा शुक्रवार सुबह दोबारा शुरू होगी और लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक पहुंचेगी। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान इससे पहले भी भगदड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 18 जुलाई 2015 नवकलेवर वर्ष होने के कारण लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। भगवान बलभद्र के रथ के पास अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे। 29 जून 2025 गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे तथा लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। देश-दुनिया, धर्म और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

ISRO में वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर सख्ती: गगनयान समेत अहम मिशनों को देखते हुए DoS ने बदले नियम

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफों तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अंतरिक्ष विभाग (Department of Space – DoS) ने 14 जुलाई को जारी निर्देश में कहा है कि अब ग्रुप-ए वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफे या VRS आवेदन पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया के तहत मंजूर नहीं किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि हाल के महीनों में वैज्ञानिकों के बढ़ते इस्तीफों का असर गगनयान सहित कई राष्ट्रीय महत्व की अंतरिक्ष परियोजनाओं पर पड़ सकता है। अब अंतिम फैसला करेगा अंतरिक्ष विभाग नए आदेश के अनुसार, ISRO के विभिन्न केंद्रों से आने वाले वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के इस्तीफे या VRS आवेदन अब संबंधित केंद्र निदेशक की स्पष्ट सिफारिश के साथ सीधे अंतरिक्ष विभाग को भेजे जाएंगे। इन मामलों में अंतिम मंजूरी अब विभाग स्तर पर ही दी जाएगी। इससे पहले वर्ष 2020 में ISRO के केंद्र निदेशकों को ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था। किन केंद्रों पर लागू होंगे नए नियम यह निर्देश ISRO के कई प्रमुख संस्थानों को भेजा गया है, जिनमें शामिल हैं— 10 महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले लगभग 10 महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारी ISRO छोड़ चुके हैं। सबसे अधिक इस्तीफे बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) और तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) से सामने आए हैं। इस्तीफा देने वालों में वरिष्ठ वैज्ञानिक विक्टर जोसेफ टी भी शामिल हैं। वे VSSC में GSLV Mk-III (LVM3) परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रह चुके हैं। यही लॉन्च व्हीकल भविष्य के गगनयान मिशन में इस्तेमाल किया जाएगा। निजी स्पेस स्टार्टअप्स की ओर बढ़ रहा रुझान रिपोर्ट्स के मुताबिक, ISRO छोड़ने वाले कई वैज्ञानिक अब निजी अंतरिक्ष कंपनियों से जुड़ रहे हैं। वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने और भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 लागू होने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में भारत में 400 से अधिक पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप्स कार्यरत हैं, जिनमें अब तक करीब 500 मिलियन डॉलर का निवेश हो चुका है। केवल वर्ष 2025 में ही इस क्षेत्र में लगभग 150 मिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया गया। प्रमुख भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स में शामिल हैं— पूर्व ISRO प्रमुख भी स्टार्टअप से जुड़े ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ भी अब चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2025 तक ISRO का नेतृत्व किया और उनके कार्यकाल में चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता तथा आदित्य-L1 मिशन का प्रक्षेपण हुआ। लगातार दो PSLV मिशन रहे असफल हाल के समय में ISRO को कुछ तकनीकी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। इन घटनाओं ने ISRO की भविष्य की परियोजनाओं को लेकर चुनौतियां बढ़ा दी हैं। कई बड़े मिशनों पर जारी है काम चुनौतियों के बावजूद ISRO अपने महत्वाकांक्षी मिशनों पर तेजी से काम कर रहा है। इनमें शामिल हैं— इनमें सबसे महत्वपूर्ण गगनयान मिशन है, जिसके सफल होने पर भारत अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीक से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

विप्रो का Q1 मुनाफा 3,352 करोड़ रुपये, ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान; रेवेन्यू अनुमान से रहा कम

नई दिल्ली। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 3,330 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। रेवेन्यू में 10.6% की बढ़ोतरी, लेकिन अनुमान से कम पहली तिमाही में विप्रो का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.6% अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार विश्लेषकों के अनुमान से थोड़ा कम रहा। रॉयटर्स-LSEG के अनुसार, विश्लेषकों ने कंपनी का रेवेन्यू लगभग 24,776 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। तिमाही आधार (QoQ) पर कंपनी के कुल राजस्व में करीब 1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईटी सर्विसेज कारोबार में मिली-जुली तस्वीर विप्रो के प्रमुख आईटी सर्विसेज बिजनेस का राजस्व 2.61 बिलियन डॉलर रहा। वहीं, कॉन्सटेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू में: बड़ी डील्स में 12.9% की शानदार बढ़ोतरी तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बुकिंग 3.37 बिलियन डॉलर रही, जो पिछली तिमाही की तुलना में 2.4% कम है। हालांकि, बड़ी डील्स (Large Deals) की बुकिंग में 12.9% की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1.63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसे कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऑपरेटिंग मार्जिन और एट्रिशन विप्रो का आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन इस तिमाही में 16% रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3,288 करोड़ रुपये रहा, जो शुद्ध आय (Net Income) का 98% है। वहीं, पिछले 12 महीनों का वॉलंटरी एट्रिशन रेट (स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर) 13.9% दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए विप्रो ने अपने आईटी सर्विसेज कारोबार का राजस्व 2.57 बिलियन डॉलर से 2.63 बिलियन डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया है। कंपनी के अनुसार, कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ अगली तिमाही में -1.5% से 0.5% के बीच रह सकती है। क्या है कॉन्सोलिडेटेड रिजल्ट? कंपनियां आमतौर पर दो तरह के वित्तीय परिणाम जारी करती हैं— इसी वजह से निवेशक किसी कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति समझने के लिए कॉन्सोलिडेटेड परिणामों को अधिक महत्व देते हैं। कॉन्सटेंट करेंसी क्या होती है? आईटी कंपनियों को अपने विदेशी ग्राहकों से डॉलर, यूरो और अन्य विदेशी मुद्राओं में भुगतान मिलता है। विनिमय दरों (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव से वास्तविक प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कॉन्सटेंट करेंसी के आधार पर आंकड़े जारी किए जाते हैं, जिसमें मुद्रा विनिमय दर को स्थिर मानकर कंपनी की वास्तविक कारोबारी वृद्धि का आकलन किया जाता है। विप्रो के बारे में विप्रो लिमिटेड भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल है और दुनिया के 65 देशों में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। अजीम प्रेमजी ने वर्ष 1966 में 21 वर्ष की आयु में कंपनी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में विप्रो ने वनस्पति तेल के कारोबार से आगे बढ़ते हुए आईटी सेवाओं, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और वैश्विक कंसल्टिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई। बिजनेस, शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

जापान ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, चीन की वर्ल्ड नंबर-5 हान यू को सीधे गेम में हराया

नई दिल्ली। भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। सिंधु ने दूसरे दौर के मुकाबले में चीन की दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को मात्र 35 मिनट में 21-16, 21-14 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। इस जीत के साथ सिंधु ने हान यू के खिलाफ अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में सिंधु 8-1 से आगे हैं। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से होगा। ओकुहारा को दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के कारण बिना खेले ही क्वार्टर फाइनल का टिकट मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद गुरनूर बरार पर ICC की कार्रवाई भारत के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में ICC आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच के दौरान फील्डिंग करते समय उन्होंने गेंद बल्लेबाज की ओर खतरनाक तरीके से फेंकी थी, जिसके बाद अंपायरों ने इसकी शिकायत दर्ज की। बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। ICC ने उन्हें लेवल-1 उल्लंघन का दोषी मानते हुए एक डिमेरिट पॉइंट और आधिकारिक चेतावनी दी है। निकोलस पूरन का तूफानी शतक, 31 गेंदों में पूरा किया सैकड़ा मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने इतिहास रचते हुए महज 31 गेंदों में शतक जड़ दिया। MI न्यूयॉर्क की ओर से खेलते हुए उन्होंने वॉशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 5 चौके और 13 छक्कों की मदद से शानदार पारी खेली। उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 266 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स पहली बार MLC फाइनल में मेजर लीग क्रिकेट के दूसरे मुकाबले में लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 7 रन से हराकर पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 187/3 का स्कोर बनाया। जवाब में सैन फ्रांसिस्को की टीम 180/4 ही बना सकी। अब फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को ऑकलैंड में खेला जाएगा। स्टेफानी टेलर के लगातार दूसरे शतक से वेस्टइंडीज ने किया क्लीन स्वीप वेस्टइंडीज महिला टीम ने तीसरे वनडे में आयरलैंड को 64 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। टीम की कप्तान स्टेफानी टेलर ने लगातार दूसरे मैच में शतक लगाते हुए 105 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बदौलत वेस्टइंडीज ने 257 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में आयरलैंड की पूरी टीम 193 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में भी रहा वेस्टइंडीज का दबदबा स्टेफानी टेलर ने इस पारी के दौरान अपने वनडे करियर का 10वां शतक भी पूरा किया। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार कर लिया। खेल जगत की ताजा खबरें, लाइव अपडेट और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

चलती कार में लगी भीषण आग, धमाके से मची अफरा-तफरी; चालक ने कूदकर बचाई जान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बुधवार देर रात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका होने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। चालक ने समय रहते कूदकर बचाई जान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया। चालक के सुरक्षित बाहर आने के कुछ ही क्षण बाद आग ने पूरी कार को अपनी गिरफ्त में ले लिया और वाहन धू-धूकर जलने लगा। चालक की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड घटना की सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या वाहन में तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। जली हुई कार का पंजीयन नंबर MP-07-TH-1239 है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वाहन ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। deshharpal.comमध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:
Read more

भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक प्रभावित रहेगी सप्लाई

भोपाल। राजधानी भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में गुरुवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते 1 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने आवश्यक बिजली संबंधी कार्य पहले ही पूरे कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। कटौती से दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैंपस, भवानी धाम समेत कई प्रमुख इलाके प्रभावित होंगे। किस समय किन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद? सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बिजली कंपनी की अपील बिजली कंपनी ने बताया कि यह कटौती रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण की जा रही है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरा कर लें। मौसम या तकनीकी कारणों से बिजली कटौती के समय में बदलाव भी संभव है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

इंदौर में CM मोहन यादव का बड़ा बयान: ‘एक देश में सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए’, UCC लागू करने के संकेत

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह के दौरान समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं। उनके जीवन में भी कठिनाइयां आती हैं। एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। UCC लागू करने की तैयारी का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान” का विचार दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और अब मध्य प्रदेश भी उसी भावना के साथ समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर सीधे कानून लाने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की। समिति ने प्रदेश के 55 जिलों और 10 संभागों में जाकर लोगों से सुझाव लिए हैं। इन सुझावों के आधार पर सरकार अब विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में है। 83 करोड़ रुपये की लागत से बने नए जिला अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय का लोकार्पण भी किया। करीब 83.16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चार मंजिला अस्पताल से पश्चिमी इंदौर के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पहले चरण में अस्पताल की केवल 34 बेड वाली प्रसूति (मैटरनिटी) विंग शुरू की गई है। मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य प्रमुख विभागों की सेवाएं बाद में शुरू की जाएंगी। 38 साल बाद मिला नया जिला अस्पताल धार रोड स्थित पुराना जिला अस्पताल वर्ष 1988 से एक जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। नए अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 18 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ पहुंची लागत अस्पताल निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये थी, लेकिन समय के साथ संशोधित स्वीकृतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 83.16 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ अभी शुरू नहीं हो सका है। 166 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती अस्पताल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 166 अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और लैब तकनीशियन शामिल हैं। स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा तैयारियों की समीक्षा भी की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यक्रम में बुलाने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इमरजेंसी स्टाफ को छोड़कर जिले के सभी जोनल स्वास्थ्य कर्मचारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए। इसे लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। पश्चिमी इंदौर को मिलेगी शुरुआती राहत अस्पताल शुरू होने से चंदन नगर, नूरानी नगर, द्वारकापुरी, सिरपुर, राजेंद्र नगर सहित पश्चिमी इंदौर और आसपास के कई गांवों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, अन्य विभाग शुरू होने तक गंभीर मरीजों को अभी भी एमवाय अस्पताल पर निर्भर रहना होगा। बलराम कृषि महोत्सव का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान किसानों के लिए कई घोषणाएं भी की गईं, जिनमें प्रमुख हैं— मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, ड्रोन तकनीक, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी देने की घोषणा की। लंबे समय से लंबित इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र की यातायात समस्या कम होने की उम्मीद है। नोट: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की मंशा और तैयारियों की जानकारी दी है। कानून लागू करने की प्रक्रिया विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ेगी। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति, विकास एवं ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

नकटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की 14 किमी पदयात्रा, राज्यपाल से मुलाकात नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने बुधवार को राजभवन तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। पदयात्रा वीआईपी चौक होते हुए लोकभवन तक पहुंची, लेकिन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। रास्ते में सड़क पर बैठकर किया भोजन पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और नकटी गांव के प्रभावित परिवारों ने सड़क पर बैठकर सामूहिक भोजन किया। पार्टी ने इसे प्रभावित लोगों के समर्थन और एकजुटता का प्रतीक बताया। मेक इन इंडिया चौक पर पुलिस से धक्का-मुक्की पदयात्रा जब मेक इन इंडिया चौक के पास पहुंची, तब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गांव में ही पुनर्वास की मांग प्रदर्शन के दौरान प्रभावित परिवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “नकटी में ही घर बनाओ” के नारे लगाए। उनका कहना था कि जिन परिवारों के मकानों पर कार्रवाई हुई है, उनका पुनर्वास उसी गांव में किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों के साथ न्याय नहीं हुआ है और सरकार को पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए। नोट: कांग्रेस ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। पार्टी ने कहा है कि यदि जल्द मुलाकात नहीं होती, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

भोपाल में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान: जीतू पटवारी ने पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सरकार को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक आरिफ मसूद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इंदौर से शुरू हुई कांग्रेस की साइक्लोथॉन का समापन भोपाल में सभा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। जीतू पटवारी ने पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 90 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले से लेकर लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षाओं तक कई विवाद सामने आए और ऐसा कोई बड़ा परीक्षा आयोजन नहीं हुआ जो पूरी तरह विवादों से मुक्त रहा हो। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया कि पेपर लीक मामलों के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद उन्होंने अब तक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। आरिफ मसूद का RSS पर हमला कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कई छात्रों ने अपने भविष्य के लिए संघर्ष किया और कुछ ने अपनी जान भी गंवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की शिक्षा और विचारधारा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को शुरू से ही असहजता रही है। हरीश चौधरी बोले- शिक्षा संस्थाओं पर दबाव कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CBSE, NEET और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक प्रभाव पड़ा है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उमंग सिंघार ने युवाओं से किया बदलाव का आह्वान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसी भी देश में परिवर्तन लाने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नियमित सरकारी भर्तियों के बजाय आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग उठाएगी। साइक्लोथॉन के समापन पर ट्रैफिक जाम इंदौर से भोपाल पहुंची लगभग 200 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन के समापन पर हमीदिया अस्पताल के सामने सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान रॉयल मार्केट रोड पर यातायात प्रभावित रहा और बैरिकेडिंग के कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी। इस दौरान एक एम्बुलेंस भी ट्रैफिक में फंस गई, जबकि दूसरी एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। बाद में पुलिस ने रास्ता खुलवाकर एम्बुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाया। नमाज के दौरान पटवारी ने रोका भाषण सभा के दौरान पास की मस्जिद में नमाज अदा की जा रही थी। नमाज की आवाज सुनकर जीतू पटवारी ने कुछ देर के लिए अपना संबोधन रोक दिया। नमाज समाप्त होने के बाद उन्होंने फिर से भाषण शुरू किया। इसके बाद पटवारी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति अस्पताल के समीप जानबूझकर दी गई, जबकि पहले ऐसे आयोजन अन्य स्थानों पर कराए जाते रहे हैं। कार्यक्रम में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे सभा में उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, आरिफ मसूद सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने नारेबाजी की। हालांकि, मीडिया द्वारा जब कुछ प्रतिभागियों से नीट परीक्षा और साइक्लोथॉन के उद्देश्य को लेकर सवाल पूछे गए, तो कई प्रतिभागी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस दौरान विधायक आरिफ मसूद कार्यकर्ताओं से शांत और व्यवस्थित रहने की अपील करते भी नजर आए। नोट: कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 10 11 12 13 14 47

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.