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रायपुर में छात्रों ने मनाया जश्न, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत

रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद राजधानी रायपुर में छात्र-युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर के छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांग आखिरकार सरकार तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार या जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत है। छात्रों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। उनका मानना है कि यह घटनाक्रम छात्रों के लंबे संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है। पहले भी हुआ था आंदोलन और भूख हड़ताल रायपुर में हाल ही में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा रही। अब शिक्षा सुधार की मांग तेज प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएं। देश, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नकटी विस्थापन मामला: कांग्रेस के चार बड़े फैसले, राज्यपाल को फिर भेजेगी अनुरोध पत्र

रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में तोड़फोड़ और विस्थापन के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना अगला कदम तय कर लिया है। इस मामले को लेकर गठित कांग्रेस समिति की बैठक में चार अहम फैसले लिए गए। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और विस्थापितों को उसी स्थान पर मकान देने की मांग दोहराई है। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि घटना को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार अब तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कलेक्टर, राज्यपाल और सरकार के मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के मौसम में कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहले भी प्रभावित परिवारों के साथ राज्यपाल से मिला था। उस समय राज्यपाल ने विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। कांग्रेस समिति के चार प्रमुख फैसले बैठक में तय किया गया कि नकटी विस्थापन मामले के समाधान के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। प्रभावित परिवारों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस के विधि विभाग की पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी, जो पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक पहलुओं पर काम करेगी। इसके अलावा पार्टी ने मांग की है कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उसी स्थान पर दोबारा आवास उपलब्ध कराया जाए। कांग्रेस ने नकटी गांव और आसपास की जमीनों की राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है। दीपक बैज का कहना है कि राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस क्षेत्र में किन प्रभावशाली लोगों की जमीन है और किन परिस्थितियों में गरीब परिवारों के घरों पर कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ की राजनीति और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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कर्नाटक के पूर्व CM सिद्धारमैया का बड़ा ऐलान, 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे

बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रिय राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे और जनता के मुद्दों के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे। शनिवार को मंड्या जिले के के.आर. पेट में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि राजनीति अब पहले जैसी नहीं रही। उनके अनुसार, आज की राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और ईमानदार राजनीति के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र अब 79 वर्ष हो चुकी है और मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक वह 81-82 वर्ष के हो जाएंगे। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब पहले जैसी ऊर्जा के साथ चुनावी राजनीति करना संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। जनता की सेवा जारी रखने का संकल्प सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में सिद्धारमैया ने बताया कि वरुणा विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें एक बार फिर चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपना निर्णय बदलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब कार्यकर्ता और जनता चुनाव जिताने के लिए हरसंभव सहयोग करते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और चुनाव लड़ने के लिए नेताओं को ही पैसे खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक उनके राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इस लंबे सफर में उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी। आगे भी उनका जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेगा। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद आया बयान सिद्धारमैया का यह बयान मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लगभग दो महीने बाद आया है। उन्होंने 28 मई 2026 को कांग्रेस आलाकमान के निर्देश और रोटेशनल मुख्यमंत्री व्यवस्था के तहत अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में लंबे समय तक सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं चलती रहीं। अंततः पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हुआ और सिद्धारमैया ने पद छोड़ दिया। राजनीति से दूरी नहीं, चुनावी राजनीति से विराम सिद्धारमैया ने साफ किया कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन कांग्रेस और जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे तथा राज्य और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। अधिक राजनीतिक खबरों और ताजा अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भारत vs जिम्बाब्वे तीसरा टी20 आज: टीम इंडिया की नजर क्लीन स्वीप पर, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा। टीम इंडिया इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती दोनों मैच जीत चुकी है और 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम की नजर तीसरा मुकाबला जीतकर जिम्बाब्वे का क्लीन स्वीप करने पर होगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। संभावित प्लेइंग इलेवन भारत अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और यश ठाकुर। जिम्बाब्वे ब्रायन बेनेट, तादीवानाशे मरुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी। अधिक खेल समाचार और ताजा अपडेट के लिए DeshHarpal की वेबसाइट देखें:deshharpal.com
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ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदें

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग के पहले मेडल इवेंट में निराशा हाथ लगी। पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। हालांकि स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक चौथे स्थान पर पुरुष लाइटवेट फाइनल में नौ बार के राष्ट्रीय चैंपियन अशोक कुमार मलिक ने पहली कोशिश में 195 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। दूसरी कोशिश में उन्होंने 200 किलोग्राम की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) लिफ्ट पूरी कर 143.8 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के कारण वह चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने पहले प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर 135.6 अंक अर्जित किए। इसके बाद 179 किलोग्राम वजन उठाने के दोनों प्रयास असफल रहे और वह छठे स्थान पर रहे। अब महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी, जबकि महिला हेवीवेट में कस्तूरी राजामणि तथा पुरुष हेवीवेट में झंडू कुमार और सुधीर भारत की ओर से पदक की चुनौती पेश करेंगे। स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल और सेमीफाइनल में जगह भारत के लिए अच्छी खबर स्विमिंग से आई। इस स्पर्धा में कुल आठ प्रतिभागी होने के कारण दोनों भारतीय तैराक फाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालते हुए अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 14वां स्थान हासिल किया। इसके साथ उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। जिम्नास्टिक्स में भारत मजबूत स्थिति में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की पुरुष टीम ऑलराउंड स्पर्धा में दो उपकरणों के बाद भारत सब-डिवीजन-2 में सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर चल रहा है। भारतीय टीम में तपन मोहंती, स्वाथिश केपी, तपेश्वरनाथ दास और योगेश्वर सिंह शामिल हैं। बॉक्सिंग में आज से भारत का अभियान बॉक्सिंग में भारत की ओर से जदुमणि सिंह पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन का सामना करेंगे। वहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाय मिला है, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है। जूडो में भारत को झटका भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण NADA ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पुरुष 73 किलोग्राम वर्ग के अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स, भारतीय खिलाड़ियों और खेल जगत की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ऑस्ट्रेलिया

Gold Mining: ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज से बदलेगी तस्वीर, भारत को मिल सकता है नया सप्लायर

भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि लोगों की बचत और निवेश का भी अहम हिस्सा है। शादी का सीजन हो या दिवाली-धनतेरस, सोने की खरीदारी को लेकर बाजार में हमेशा हलचल रहती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया से आई सोने की खोज और बढ़ते निवेश की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज के लिए कंपनियां बड़े स्तर पर खर्च कर रही हैं। इससे आने वाले समय में सोने की वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना है। भारत जैसे देश के लिए यह एक अहम घटनाक्रम है, क्योंकि अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए भारत को दूसरे देशों से सोना आयात करना पड़ता है। Australia में Gold Exploration पर कितना खर्च हुआ? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज से जुड़ा निवेश जून 2026 की तिमाही में बढ़कर लगभग 565.6 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 23.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह खर्च जमीन के नीचे मौजूद सोने के संभावित भंडार का पता लगाने, ड्रिलिंग और खनन की संभावनाओं का आकलन करने जैसे कामों पर किया जाता है। हालांकि, खोज पर खर्च बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह सोने का नया भंडार मिल गया है। किसी जगह सोना मिलने के बाद भी यह देखना पड़ता है कि वहां से उसे निकालना आर्थिक रूप से कितना व्यावहारिक होगा। ऑस्ट्रेलिया में कितना Gold Reserve मौजूद है? ऑस्ट्रेलिया दुनिया के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है। सरकारी संस्था Geoscience Australia के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक देश के अनुमानित Ore Reserves करीब 4,785 टन थे। वहीं, पहचाने गए कुल Gold Resources का आंकड़ा इससे काफी ज्यादा था। यहां एक बात समझना जरूरी है। Gold Resources में सोने के संभावित और पहचाने गए संसाधन शामिल होते हैं, जबकि Ore Reserves उस सोने को दर्शाते हैं जिसे मौजूदा तकनीकी और आर्थिक परिस्थितियों में निकालना व्यावहारिक माना जाता है। इसीलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने के बड़े भंडार होने और किसी नई खोज को दुनिया का सबसे बड़ा भंडार बताने में अंतर है। किसी खास नई खोज के बारे में ऐसा दावा करने से पहले उसके आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है। भारत को कैसे मिल सकता है फायदा? भारत में सोने की मांग काफी बड़ी है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर ऑस्ट्रेलिया में आने वाले वर्षों में सोने का उत्पादन बढ़ता है, तो भारतीय आयातकों के लिए सप्लाई का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार हो सकता है। इसके तीन संभावित फायदे हो सकते हैं: हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में निकाला गया सोना अपने आप भारत नहीं पहुंचेगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन कितना बढ़ता है, कंपनियां किस देश को निर्यात करती हैं और भारतीय आयातकों के साथ किस तरह के व्यापारिक समझौते होते हैं। क्या भारत में सस्ता हो जाएगा सोना? सोने की नई खोज की खबर सुनकर खरीदारों के मन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या अब Gold Price कम होगा? फिलहाल ऐसा कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं करती। निवेशकों की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी भाव को प्रभावित करती हैं। भारत में इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स और घरेलू मांग का भी असर पड़ता है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतें तुरंत कम होंगी, इसकी गारंटी नहीं है। ₹13,000 करोड़ के निवेश की खबर कितनी सही है? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर खर्च बढ़ने के आंकड़े सामने आए हैं। लेकिन ₹13,000 करोड़ के निवेश को किसी खास नई खोज या दुनिया के सबसे बड़े सोना भंडार से जोड़ने के लिए संबंधित कंपनी और परियोजना के आधिकारिक दस्तावेजों की जरूरत है। इसलिए इस रकम को किसी एक नए गोल्ड रिजर्व की खोज पर खर्च हुई राशि बताने से पहले इसकी पुष्टि करना जरूरी है। खोज पर किया गया खर्च, जमीन में मौजूद कुल सोने का मूल्य और खनन परियोजना में कुल निवेश तीन अलग-अलग बातें हैं। आगे क्या होगा? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर बढ़ता खर्च वैश्विक गोल्ड इंडस्ट्री के लिए अहम है। अगर आने वाले वर्षों में नए भंडार की पहचान होती है और उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो पाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के विकल्प बढ़ सकते हैं। भारत के लिए भी यह एक संभावित अवसर है। लेकिन नए सप्लायर की भूमिका, आयात पर असर और सोने की कीमतों में बदलाव का पता तभी चलेगा, जब वास्तविक उत्पादन और निर्यात के आंकड़े सामने आएंगे। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड इंडस्ट्री पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन नई खोज के नाम पर सोना सस्ता होने की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में 175 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अटैचमेंट खत्म, मूल पदस्थापना पर जॉइनिंग के बाद ही मिलेगा अक्टूबर का वेतन

स्वास्थ्य विभाग में मूल पदस्थापना के बजाय दूसरी जगह काम कर रहे 175 डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त कर दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी कर सभी अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। आदेश के बाद संबंधित कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस जाकर जॉइनिंग देनी होगी। ऐसा करने के बाद ही उन्हें अक्टूबर महीने का वेतन मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। तत्काल कार्यमुक्त कर मूल पदस्थापना पर भेजने के निर्देश CMHO के आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को अटैचमेंट पर काम कर रहे कर्मचारियों को उसी दिन कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजना होगा। इसकी जानकारी CMHO कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। वेतन आहरण केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों की मूल पदस्थापना पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही अक्टूबर का वेतन जारी किया जाए। इससे कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यस्थल पर लौटना अनिवार्य होगा। अटैचमेंट जारी मिला तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने आदेश के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने के बाद भी कोई कर्मचारी या अधिकारी अटैचमेंट पर काम करता पाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्रभारी की होगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं को भेजा गया आदेश यह आदेश सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, देपालपुर, मानपुर, सांवेर और हातोद के खंड चिकित्सा अधिकारियों, महू सहित विभिन्न अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के प्रभारियों को भेजा गया है। आदेश में भोपाल में हुई बैठकों और 16 अक्टूबर को मुख्यालय स्तर से मिले निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आदेश लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नवरात्रि पर रायपुर सेंट्रल जेल में सेवा की मिसाल, काली माता सेवा समिति ने 1300 बंदियों को बांटे फल

नवरात्रि के अवसर पर काली माता सेवा समिति ने रायपुर सेंट्रल जेल में करीब 1300 बंदियों को फल वितरित किए। समिति ने यह पहल उन बंदियों के लिए की, जो नवरात्रि में उपवास रखकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन के जरिए समिति ने सेवा, करुणा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावनाएं समाप्त नहीं हो जातीं। बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर दिया जोर दीपक भारद्वाज ने कहा कि समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है। समिति का मानना है कि जेल में बंद लोगों के साथ भी सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित हो सके। पहले भी जेल में कर चुके हैं फल वितरण काली माता सेवा समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का कहना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने उपवास रखने वाले बंदियों तक फल पहुंचाए। आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति ने समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वैभव सूर्यवंशी

IND vs WI T20: वैभव सूर्यवंशी का भरोसा कायम, 4 दिन में दूसरी पोस्ट; अब भी मौके का इंतजार

भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच T-20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिलने के बावजूद वैभव ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। चार दिन के भीतर उनकी दूसरी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें भरोसे का संदेश देखने को मिला। वैभव को इस सीरीज में अब तक मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के मन में एक ही सवाल है—क्या पांचवें टी-20 में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा? Vaibhav Sooryavanshi की दूसरी पोस्ट ने खींचा ध्यान वैभव सूर्यवंशी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फैंस के बीच चर्चा हो रही है। चार दिन में दूसरी पोस्ट आने के बाद उनके संदेश पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, पोस्ट को टीम में चयन या किसी खास फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि प्लेइंग-11 में किसे मौका मिलेगा, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करता है। कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव के लिए टीम के साथ रहना और मौके का इंतजार करना भी अनुभव का हिस्सा है। अब देखना होगा कि उन्हें इस सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। IND vs WI 5th T20: निर्णायक मुकाबले पर नजर भारत और वेस्टइंडीज की टी-20 सीरीज का पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। सीरीज के आखिरी मैच में जीत हासिल करने वाली टीम खिताब अपने नाम करेगी। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। फैंस यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इस मुकाबले में युवा खिलाड़ियों को मौका देगा। वैभव सूर्यवंशी का नाम भी इसी चर्चा में शामिल है। हालांकि, उनके खेलने को लेकर आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा डेब्यू का मौका? वैभव को लेकर उत्सुकता की एक बड़ी वजह उनकी कम उम्र और क्रिकेट में तेजी से बनी पहचान है। फैंस उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलना टीम की जरूरत और चयन रणनीति पर निर्भर करता है। फिलहाल वैभव के लिए इंतजार जारी है। पांचवें टी-20 में उनका नाम प्लेइंग-11 में शामिल होता है या नहीं, इसका पता टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा। क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वैभव के समर्थकों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मैदान पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
लालकृष्ण आडवाणी

LK Advani Hospitalised ICU में भर्ती लालकृष्ण आडवाणी की सेहत कैसी? जानें ताजा अपडेट

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर 17 अक्टूबर को ताजा जानकारी सामने आई है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिवार और समर्थकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली जरूर है, लेकिन फिलहाल राहत की बात यह है कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। डॉक्टर उनकी सेहत से जुड़ी जरूरी जांच कर रहे हैं और इलाज जारी है। LK Advani Health Update: अस्पताल में क्या चल रहा है इलाज? लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद पल्मोनरी विभाग में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। 17 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, उनकी सेहत में आगे कितना सुधार हुआ है और अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं लालकृष्ण आडवाणी लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। दिसंबर 2024 में भी उन्हें अपोलो अस्पताल की ICU में रखा गया था। उस समय डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच और इलाज किया था। जून और जुलाई 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बढ़ती उम्र को देखते हुए उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौजूदा समय में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। PM Modi ने हाल ही में की थी लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे आशीर्वाद लिया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की थी। आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उनकी सेहत से जुड़ी खबर पर राजनीतिक जगत और उनके समर्थकों की नजर बनी हुई है। राम रथ यात्रा से उपप्रधानमंत्री तक का सफर लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। साल 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2002 से 2004 तक वह भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। देश की राजनीति में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। LK Advani अब अगले हेल्थ अपडेट का इंतजार लालकृष्ण आडवाणी फिलहाल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। 17 अक्टूबर तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और सीने में संक्रमण के लिए इलाज चल रहा है। अब सभी की नजर अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले हेल्थ अपडेट पर है। उनकी सेहत में सुधार, इलाज की स्थिति और डिस्चार्ज को लेकर नई जानकारी मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि लालकृष्ण आडवाणी की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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