आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलSupreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Canada Tour दिसंबर में होगी अहम बातचीत, Trade Deal से दोनों देशों को उम्मीद◆BREAKINGबिज़नेसReliance-Starlink Controversy: मस्क के आरोपों पर अंबानी की कंपनी का जवाब, कहा- Competition से नहीं डरते◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी◆BREAKINGदेश-हरपलParliament Special Session: इसी महीने बुलाया जा सकता है संसद का सत्र, लोकसभा सीटें बढ़ाने पर नजर◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में वर्ल्ड स्पाइन डे पर डॉक्टरों ने निकाली साइक्लोथॉन, सर्जरी के बाद मरीजों ने भी चलाई साइकिल◆BREAKINGस्पोर्ट्सSmriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर प्रशासन का एक्शन, 15 दुकानदारों को 13 शर्तों का पालन करने के आदेश◆BREAKINGदेश-हरपलSupreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Canada Tour दिसंबर में होगी अहम बातचीत, Trade Deal से दोनों देशों को उम्मीद◆BREAKINGबिज़नेसReliance-Starlink Controversy: मस्क के आरोपों पर अंबानी की कंपनी का जवाब, कहा- Competition से नहीं डरते◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Update राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी◆BREAKINGदेश-हरपलParliament Special Session: इसी महीने बुलाया जा सकता है संसद का सत्र, लोकसभा सीटें बढ़ाने पर नजर◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में वर्ल्ड स्पाइन डे पर डॉक्टरों ने निकाली साइक्लोथॉन, सर्जरी के बाद मरीजों ने भी चलाई साइकिल◆BREAKINGस्पोर्ट्सSmriti Mandhana Captaincy: नई कप्तानी में आज खेलेगी टीम इंडिया, जानें मैच का पूरा शेड्यूल◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर प्रशासन का एक्शन, 15 दुकानदारों को 13 शर्तों का पालन करने के आदेश◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा, 2 की मौत; कई इलाकों में कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए भारतीय सीमा से सटे सुनसरी और सिराहा जिलों के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, रविवार को कांवड़िए कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे। इस दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस की फायरिंग, दो लोगों की मौत स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की, लेकिन हिंसा नहीं थमी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस को गोली चलानी पड़ी। फायरिंग में ओम प्रकाश मेहता की मौके पर मौत हो गई, जबकि घायल जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की टीमें तैनात की गई हैं। तीन साल पहले दी गई थी चेतावनी नेपाल के तराई और मधेश क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तीन वर्ष पहले ही सरकार को आगाह किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में धर्म और जातीय आधार पर लोगों को बांटने की संगठित कोशिशों की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उस समय इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नेपाल को भारत के मणिपुर सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं से सीख लेकर समय रहते कदम उठाने चाहिए। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

जैन संत मुनिश्री सुधासागर महाराज के चातुर्मास में आस्था का अद्भुत संगम, कलश स्थापना की बोली पहुंची 53 करोड़ रुपये

जैन संत मुनिश्री सुधासागर महाराज के चातुर्मास को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था देखने को मिली। चातुर्मास के शुभ अवसर पर आयोजित कलश स्थापना की बोली में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी श्रद्धा का अनूठा परिचय दिया। कलश स्थापना का लाभ प्राप्त करने के लिए आयोजित बोली ने नया इतिहास रच दिया। बोली की राशि बढ़ते-बढ़ते 53 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसे जैन समाज में गुरु भक्ति, समर्पण और धार्मिक आस्था का अभूतपूर्व उदाहरण माना जा रहा है। बोली के दौरान लगातार बढ़ती राशि ने आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं को भी आश्चर्यचकित कर दिया। धार्मिक आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल आर्थिक बोली नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, गुरु के प्रति समर्पण और धर्म के प्रति विश्वास का प्रतीक है। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, पूजा-अर्चना, तप, स्वाध्याय तथा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जैन धर्म में चातुर्मास को सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्वों में से एक माना जाता है। इस अवधि में श्रद्धालु धर्म साधना, सेवा, तप और धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। मुनिश्री सुधासागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस वर्ष के चातुर्मास में भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
अमेरिका-सऊदी के हवाई हमलों से IRAQ में तनाव बढ़ा, 10 PMF लड़ाके मारे गए

अमेरिका-सऊदी के हवाई हमलों से IRAQ में तनाव बढ़ा, 10 PMF लड़ाके मारे गए

IRAQ एक बार फिर मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में PMF के कम से कम 10 लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान का जवाब, दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें हवाई हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि मिसाइलों से हुए नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और अधिक बढ़ सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। आम लोगों में बढ़ी चिंता लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई के कारण इराक और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो क्षेत्र में बड़े संघर्ष की स्थिति बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

इंदौर नगर निगम 103.42 करोड़ फर्जी बिल घोटाला: ED ने 32 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की चार्जशीट

इंदौर। इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट में 20 हजार से अधिक पन्नों का अभियोजन शिकायत पत्र (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल किया है। आरोपियों में ठेकेदार, नगर निगम के अधिकारी, लोकल फंड ऑडिट, रेजिडेंट ऑडिट कार्यालय के अधिकारी और कुछ निजी व्यक्ति शामिल हैं। फर्जी दस्तावेजों से सरकारी खजाने को 103.42 करोड़ का नुकसान ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी वर्क ऑर्डर, जाली बिल, फर्जी मापन पुस्तिकाओं (MB), झूठे पूर्णता प्रमाणपत्र और छेड़छाड़ की गई नोटशीट के जरिए 103.42 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया। जांच के अनुसार कई ऐसे कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया, जो कभी हुए ही नहीं या पहले ही पूरे हो चुके थे। 59.18 करोड़ की संपत्ति अटैच और फ्रीज ईडी अब तक इस मामले में 59.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत दो अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर 37.14 करोड़ रुपये मूल्य की 52 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित व्यावसायिक भवन, मकान, भूखंड और कृषि भूमि शामिल हैं। 20 ठिकानों पर छापेमारी, मिले अहम सबूत ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को इंदौर सहित 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 22.04 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक खातों की राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), डीमैट होल्डिंग्स और म्यूचुअल फंड फ्रीज या जब्त किए गए। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए। नकद निकालकर खरीदी गई संपत्तियां जांच में सामने आया कि घोटाले से निकाली गई राशि पहले नकद निकाली गई, फिर अलग-अलग लाभार्थियों में बांटी गई। इसके बाद फर्जी व्यावसायिक लेनदेन के जरिए धन को अन्य संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया और चल-अचल संपत्तियां खरीदकर अपराध से अर्जित रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई। मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार ईडी ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड अभय सिंह राठौर सहित मोहम्मद जाकिर और राहुल बडेरा को पीएमएलए की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने घोटाले की साजिश रची और मनी लॉन्ड्रिंग में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट ने जारी किए समन ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से अटैच, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को जब्त (Confiscate) करने की मांग भी की है। अदालत ने सभी 32 आरोपियों को नोटिस/समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

रायपुर में साइबर ठगी के पैसों से खरीदे सोने के सिक्के, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी की रकम से सोने के सिक्के खरीदकर सराफा कारोबारियों को चूना लगाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को तकनीकी जांच के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.80 लाख रुपये कीमत के 12 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ कर साइबर ठगी की रकम के स्रोत और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। UPI से किया भुगतान, बाद में फ्रीज हुई रकम पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई को टिकरापारा स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स में दो युवक पहुंचे। इनमें से एक ने 7 ग्राम सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जताई। दुकान में एक साथ 7 ग्राम का सिक्का उपलब्ध नहीं होने पर उसे 1-1 ग्राम के सात सिक्के दिए गए, जिनकी कीमत 99,900 रुपये थी। आरोपी ने JAGDAMBA TC नाम की UPI आईडी के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया। दो दिन बाद ज्वेलर्स संचालक को बैंक से सूचना मिली कि यह राशि साइबर फ्रॉड से जुड़ी होने के कारण फ्रीज कर दी गई है। जांच में पता चला कि भुगतान जिस खाते से हुआ था, उसमें साइबर ठगी की रकम जमा थी। दूसरे ज्वेलर्स को भी बनाया शिकार जांच में सामने आया कि 17 जुलाई को एक आरोपी ने अजय ज्वेलर्स से भी 5 ग्राम सोने का सिक्का खरीदा था। इसके लिए 76,220 रुपये का भुगतान उसी UPI आईडी से किया गया। इसके बाद आरोपी ने 23,500 रुपये अतिरिक्त ट्रांसफर किए और बाद में सोना नहीं लेने की बात कहकर यह राशि वापस ले ली। बैंक जांच में कुल 1,99,440 रुपये का लेन-देन संदिग्ध और साइबर ठगी से जुड़ा पाया गया। तकनीकी जांच से तीन आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने UPI ट्रांजेक्शन, बैंक खातों, मोबाइल नंबर, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस ने मनजीत मंडल, शाहिल नेताम और आयुष साहू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

इंदौर जिला न्यायालय में फर्जी वकील पकड़ा गया, आठवीं पास युवक वकीलों की ड्रेस पहनकर घूम रहा था

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को एक फर्जी वकील पकड़ा गया। युवक वकीलों की वेशभूषा पहनकर कोर्ट परिसर में घूम रहा था। संदेह होने पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह न तो वकील है और न ही कानून का छात्र। उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल आठवीं पास निकली। दस्तावेज मांगने पर खुली पोल बार एसोसिएशन के अनुसार, सोमवार को कार्यकारिणी सदस्य न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कोर्ट रूम नंबर 45 के बाहर एक युवक वकीलों की ड्रेस में दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धर्मेंद्र पिता रमेश राठौर बताया और कहा कि वह एक अधिवक्ता के कार्यालय से जुड़ा हुआ है। जब उससे एलएलबी की डिग्री और बार काउंसिल से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने कानून की पढ़ाई नहीं की है और वह केवल आठवीं कक्षा तक शिक्षित है। सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी मिले सबूत बार एसोसिएशन ने युवक की फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की भी जांच की। जांच में वह कई तस्वीरों में वकीलों की वेशभूषा में नजर आया। इसके बाद इंदौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल और सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने आरोपी को एमजी रोड थाना पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई। फर्जी वकीलों के खिलाफ विशेष अभियान एमजी रोड थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बार एसोसिएशन के सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में फर्जी वकीलों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक महिला को फर्जी वकील के रूप में पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

इटावा के रामपुरिया गांव में फिर घुसा मगरमच्छ, रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा गया

इटावा। इटावा क्षेत्र के रामपुरिया गांव में एक बार फिर मगरमच्छ के घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह गांव की बस्ती में करीब 5 फीट लंबे और 40 से 45 किलोग्राम वजनी मगरमच्छ के दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और समाजसेवी हयात खान टाइगर को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया। तीन दिन में दूसरी बार गांव पहुंचा मगरमच्छ ग्रामीणों के अनुसार, गांव से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूरी पर चंबल नदी बहती है। इसके अलावा गांव के पास एक तलाई भी है, जिसमें सालभर पानी भरा रहता है। माना जा रहा है कि इन्हीं जल स्रोतों के कारण मगरमच्छ अक्सर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। गांव वालों ने बताया कि दो दिन पहले भी एक मगरमच्छ गांव के एक घर में घुस गया था। उस समय भी उसका सफल रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा गया था। पहले पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब साढ़े तीन फीट थी। मुंह पर टेप और पैरों को बांधकर किया सुरक्षित रेस्क्यू समाजसेवी हयात खान टाइगर ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले मगरमच्छ के मुंह को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उस पर टेप लगाई गई। इसके बाद आगे और पीछे के पैरों को रस्सी से बांधा गया तथा उसकी पूंछ को भी नियंत्रित किया गया। पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी करने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में भी कोई वन्यजीव गांव में दिखाई दे तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

CJP ने दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी, छात्रों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो फिर होगा देशव्यापी प्रदर्शन

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो पार्टी एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन स्थगित करने के दौरान हुए समझौते का उल्लंघन किया है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास, पार्टी नेता आशुतोष रांका और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल मौजूद रहे। कपिल सिब्बल ने कहा कि वे पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में सहयोग की भूमिका निभा रहे हैं। सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप सौरव दास ने आरोप लगाया कि बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने केंद्र सरकार के इस आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अब इस वादे का पालन नहीं किया जा रहा। ‘साक्षी’ पोर्टल लॉन्च CJP ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘साक्षी (Saakshi)’ नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो, वीडियो और केस से संबंधित जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। पार्टी ने छात्रों से 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च और उसके बाद हुई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी सबूत अपलोड करने की अपील की है। पुलिसकर्मियों की पहचान कर होगी कानूनी कार्रवाई सौरव दास ने कहा कि गंभीर चोट पहुंचाने, पेलेट गन चलाने या अन्य कथित ज्यादती करने वाले पुलिस और RAF कर्मियों की पहचान की जाएगी। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने, एफआईआर करवाने और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। अन्य राज्यों में भी कार्रवाई का आरोप इससे पहले सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार सहित कई राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। लद्दाख रवाना होने से पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था। वांगचुक बोले- गांधीजी का अहिंसा का रास्ता आज भी प्रभावी राजघाट में वांगचुक ने कहा कि पिछले कई वर्षों से लद्दाख में गांधीजी के अहिंसक मार्ग को अपनाया जा रहा है और यह बेहद प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने उनका विश्वास और मजबूत किया है कि गांधीजी का अहिंसा का रास्ता आज भी पूरे देश में उतना ही प्रासंगिक और असरदार है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, भारत के खाते में आया पांचवां मेडल

नई दिल्ली। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवां पदक जीत लिया है। भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया है। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने क्रमशः 103, 107 और 111 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाए। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया, हालांकि डिडीह के रिकॉर्ड प्रदर्शन के सामने उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेडल टैली में भारत आठवें स्थान पर ज्ञानेश्वरी के सिल्वर के बाद भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 17 स्वर्ण सहित 39 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। मीराबाई चानू ने दिलाया पहला गोल्ड इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल किया। संघर्ष से सफलता तक का सफर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में भी उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बॉक्सिंग में भारत की मजबूत शुरुआत भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। एथलेटिक्स और स्विमिंग में भी उम्मीदें कायम एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच गए, जबकि तेजस शिर्से ने 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में जगह बनाई। जिम्नास्टिक्स में पदक से चूकीं प्रतिष्ठा महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। वहीं भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। आज इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजर आज महिला 58 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल में बिंद्यारानी देवी और पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में वी. अजया बाबू भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे। वहीं हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम से भी देश को बड़ी उम्मीदें हैं। देश और दुनिया की ताजा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

निर्मला सीतारमण ने आयकर अधिकारियों को दी सख्त नसीहत, कहा- आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगवाएं

मुंबई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों को आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनने की नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों को अपने वैध कार्यों के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर नहीं कटवाए जाने चाहिए। अधिकारियों का दायित्व है कि वे नियमों के तहत नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करें। रविवार को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में नव-निर्मित 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ भवन के उद्घाटन के अवसर पर वित्त मंत्री ने यह बात कही। 13 मंजिला भवन के निर्माण का अनुभव किया साझा सीतारमण ने बताया कि करीब 1.13 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस भवन के निर्माण और विभिन्न अनुमतियों (क्लीयरेंस) के लिए स्वयं आयकर विभाग के अधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब इतनी शक्तिशाली संस्था के अधिकारियों को ही मंजूरियां लेने में परेशानी होती है, तो आम नागरिक किन चुनौतियों से गुजरते होंगे, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता को अनावश्यक रूप से भटकाने के बजाय उनके कार्यों को समय पर पूरा करें। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण पर जताई नाराजगी वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों की लापरवाही पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर ‘आयकर सिंधु’ भवन बनाया गया है, वह वर्ष 1973 से आयकर विभाग के पास थी, लेकिन वर्षों तक उस पर अतिक्रमण होता रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और समय पर उपयोग सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। अधिकारियों के आवास की समस्या का समाधान करने का आश्वासन सीतारमण ने मुंबई और नवी मुंबई में कार्यरत आयकर अधिकारियों के सरकारी आवास की कमी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अधिकारियों को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो पाता, जिसके कारण उन्हें लंबी दूरी तय कर कार्यालय आना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार-से-सरकार जमीन हस्तांतरण (Government-to-Government Land Transfer) की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, ताकि नए आवास और कार्यालयों का निर्माण तेजी से हो सके। BSNL और CPWD की जमीन के उपयोग पर दिया जोर वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे CPWD के साथ समन्वय बनाकर निर्माण कार्य समय पर पूरा करें। साथ ही उन्होंने BSNL की उपलब्ध जमीनों का उपयोग करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं संबंधित मंत्रालयों से बातचीत करेंगी। ईमानदारी और निष्ठा को बताया सबसे बड़ा सिद्धांत अपने संबोधन के अंत में निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों को ईमानदारी और निष्ठा बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे किसी से नियम तोड़ने की अपेक्षा नहीं कर रही हैं, बल्कि चाहती हैं कि नागरिकों को उनके वैध अधिकार समय पर मिलें।
Read more
1 … 7 8 9 10 11 … 50

Trending News

Editor's Picks

Supreme Court

Supreme Court on CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक से इनकार, ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के अधिकार और व्यापारियों की रोजी-रोटी का मुद्दा चर्चा में रहा। अदालत ने फिलहाल प्रदर्शन रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया। वहीं, व्यापारियों की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन और उससे जुड़ी पाबंदियों के कारण रोजाना करीब ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने यह मामला रखा गया। याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क और आसपास के बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई। उनका कहना था कि बाजारों में लोगों की आवाजाही बाधित होने से छोटे दुकानदारों और दूसरे कारोबारियों को परेशानी हो सकती है। CJI की टिप्पणी: किसी के लिए प्रदर्शन, किसी के लिए मूंगफली बेचना जरूरी सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रदर्शन के अधिकार और आम लोगों की आजीविका के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति के लिए प्रदर्शन करना जरूरी हो सकता है, जबकि किसी दूसरे के लिए मूंगफली बेचकर अपना परिवार चलाना महत्वपूर्ण है। CJI सूर्यकांत ने भी छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति का जिक्र किया। त्योहारों के समय दुकानदारों की कमाई बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर उनकी रोजाना की आमदनी पर पड़ सकता है। अदालत की टिप्पणियों से साफ है कि इस मामले में केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि आम लोगों की आजीविका और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। Delhi Business Loss: रोजाना ₹200 करोड़ के नुकसान का दावा व्यापारियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि कनॉट प्लेस और आसपास के व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शन के कारण रोजाना करीब ₹200 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव बड़े कारोबारियों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों पर भी पड़ सकता है। बाजार में ग्राहकों की संख्या कम होने या आवाजाही प्रभावित होने से उनकी कमाई पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि, ₹200 करोड़ का आंकड़ा व्यापारियों की ओर से पेश किया गया दावा है। इसे वास्तविक नुकसान का प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। Central Park को बंद करने का मुद्दा भी उठा सुनवाई के दौरान कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद करने से जुड़े प्रशासनिक फैसले का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई कि इस कदम से आसपास के बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि यदि किसी प्रतिबंध के कारण कारोबार या लोगों की आजीविका को अनुचित नुकसान पहुंचता है, तो उचित राहत देने के सवाल पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, तत्काल सुनवाई में प्रदर्शन पर रोक लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया। CJP Protest: क्यों किया गया प्रदर्शन का ऐलान? CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च और प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में यह कदम उठाने की बात कही थी। प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था, बाजारों में आवाजाही और कारोबार पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया था, जबकि दिल्ली पुलिस ने कानून के अनुसार जरूरी कदम उठाने की बात कही थी। Supreme Court Hearing: अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तत्काल आदेश के जरिए निपटाने के बजाय दशहरा अवकाश के बाद 26 या 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध किए जाने का संकेत दिया। फिलहाल, प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया गया है। आगे की सुनवाई में प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था और व्यापारियों की आजीविका से जुड़े पहलुओं पर चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि विरोध दर्ज कराने के अधिकार और आम लोगों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अदालत की अगली सुनवाई से इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi Canada Tour दिसंबर में होगी अहम बातचीत, Trade Deal से दोनों देशों को उम्मीद

PM Modi 11 दिसंबर को कनाडा के दौरे पर जा सकते हैं। इस यात्रा को भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील यानी व्यापार समझौते को लेकर बातचीत होने की संभावना है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बीच कनाडा भी अपने कारोबार के लिए नए बाजार तलाश रहा है। कनाडा लंबे समय से अमेरिकी बाजार पर काफी हद तक निर्भर रहा है। ऐसे में भारत जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार के साथ व्यापार बढ़ाना उसके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। दूसरी ओर, भारत की भी कोशिश है कि दूसरे देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़े और भारतीय कारोबारियों को नए अवसर मिलें। India-Canada Trade Deal पर क्यों है सबकी नजर? भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लेकर काफी उम्मीदें हैं। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना, निवेश के अवसर खोलना और कारोबार से जुड़ी बाधाओं को कम करना है। अगर ट्रेड डील पर सहमति बनती है, तो दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजार में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इससे कृषि, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और कई दूसरे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में प्रस्तावित समझौता इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है। Trump के Tariff दबाव के बीच कनाडा क्यों खोज रहा नए बाजार? डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है। इसका असर उन देशों पर भी पड़ता है, जिनका कारोबार अमेरिकी बाजार पर ज्यादा निर्भर है। कनाडा भी अपने व्यापारिक रिश्तों में विविधता लाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा है। भारत इस लिहाज से कनाडा के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है। भारत की बड़ी आबादी, बढ़ती अर्थव्यवस्था और अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ती मांग कनाडाई कंपनियों को आकर्षित करती है। हालांकि, भारत के साथ व्यापार बढ़ाना केवल अमेरिका पर निर्भरता कम करने तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच निवेश और कारोबारी सहयोग बढ़ने से लंबे समय में आर्थिक रिश्तों को भी मजबूती मिल सकती है। Energy और Technology सेक्टर में भी बढ़ सकते हैं मौके भारत और कनाडा के बीच कारोबार की संभावनाएं केवल ट्रेड डील तक सीमित नहीं हैं। ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जा सकता है। कनाडा के पास प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जा क्षेत्र में अनुभव है, जबकि भारत तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा बाजार है। दोनों देश अपनी जरूरतों और क्षमताओं के आधार पर साझेदारी को आगे बढ़ा सकते हैं। व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ने से कंपनियों और निवेशकों को भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, वास्तविक फायदा समझौते की शर्तों और उसके लागू होने पर निर्भर करेगा। पुराने तनाव के बाद रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कूटनीतिक तनाव भी देखने को मिला। इस वजह से दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को लेकर कई सवाल उठे थे। अब व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे साझा हितों पर बातचीत बढ़ाना दोनों देशों के लिए अहम हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित यात्रा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। फिर भी, व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई मुद्दों पर सहमति जरूरी होगी। इसलिए इस दौरे के दौरान होने वाली बातचीत और आधिकारिक घोषणाओं पर सबकी नजर रहेगी। भारत और कनाडा के लिए क्या होंगे इसके मायने? भारत-कनाडा ट्रेड डील आगे बढ़ती है, तो इससे दोनों देशों के कारोबारियों को नए बाजार मिल सकते हैं। निवेश बढ़ने, व्यापारिक अवसर पैदा होने और अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत होने की संभावना भी रहेगी। कनाडा के लिए भारत के साथ व्यापार बढ़ाना अपने आर्थिक रिश्तों में विविधता लाने का अवसर है। वहीं, भारत के लिए यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के क्षेत्र में अपनी पहुंच मजबूत करने का एक और रास्ता हो सकता है। अब नजर 11 दिसंबर की प्रस्तावित यात्रा पर है। क्या प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के नेतृत्व के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई ठोस सहमति बन पाएगी? इसका जवाब दोनों देशों की बातचीत और आगे होने वाली आधिकारिक घोषणाओं से ही साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Starlink

Reliance-Starlink Controversy: मस्क के आरोपों पर अंबानी की कंपनी का जवाब, कहा- Competition से नहीं डरते

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर रिलायंस (Reliance) इंडस्ट्रीज और एलन मस्क की कंपनी Starlink के बीच चर्चा तेज हो गई है। स्टारलिंक की भारत में एंट्री में देरी को लेकर मस्क ने सवाल उठाए थे। अब मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि वह प्रतिस्पर्धा से कभी नहीं डरी और भारत में स्टारलिंक का स्वागत करती है। Reliance के इस बयान के बाद देश के टेलीकॉम और सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में मुकाबले को लेकर चर्चा बढ़ गई है। एक तरफ एलन मस्क की स्टारलिंक भारतीय बाजार में अपनी सेवाएं शुरू करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ जियो भी सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। Reliance ने Starlink को लेकर क्या कहा? Reliance इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा कि कंपनी ने हमेशा प्रतिस्पर्धा का सामना किया है और वह नई कंपनियों के बाजार में आने से नहीं घबराती। कंपनी के मुताबिक, भारत में कारोबार करने वाली सभी कंपनियों को देश के नियमों का पालन करना चाहिए। रिलायंस ने स्टारलिंक का स्वागत करते हुए यह भी संकेत दिया कि सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में मुकाबला ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कंपनी का मानना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवाओं की गुणवत्ता और ग्राहकों के अनुभव में सुधार की गुंजाइश बनती है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत को लेकर कई कंपनियां तैयारी कर रही हैं। Elon Musk ने Mukesh Ambani पर क्यों उठाए सवाल? एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी हित कंपनी की भारतीय बाजार में एंट्री को मुश्किल बना रहे हैं। इस विवाद में रिलायंस और मुकेश अंबानी का नाम भी सामने आया। मस्क का कहना है कि स्टारलिंक जैसी कंपनियों को भारतीय बाजार में काम करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि ग्राहकों के पास इंटरनेट सेवा चुनने के अधिक विकल्प हों। हालांकि, इन आरोपों से यह साबित नहीं होता कि स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी के पीछे रिलायंस की भूमिका है। इसके लिए किसी ठोस प्रमाण की जरूरत होगी। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए कंपनियों को लाइसेंस के साथ-साथ दूसरी जरूरी मंजूरियां भी हासिल करनी होती हैं। Jio भी Satellite Internet Market में उतरने को तैयार Reliance जियो ने साल 2016 में भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था। सस्ते डेटा और किफायती सेवाओं के कारण कंपनी ने तेजी से ग्राहक जोड़े और देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में अपनी जगह बनाई। अब जियो की नजर सैटेलाइट इंटरनेट बाजार पर भी है। इस तकनीक के जरिए उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराना मुश्किल है। दूसरी तरफ, स्टारलिंक अपने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारत में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराना चाहती है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। Starlink की India Launch में देरी की वजह क्या है? भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करना केवल लाइसेंस मिलने तक सीमित नहीं है। कंपनियों को सुरक्षा मानकों, तकनीकी आवश्यकताओं और सरकारी नियमों से जुड़ी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होती हैं। स्टारलिंक के अलावा जियो और भारती समूह से जुड़ी Eutelsat OneWeb भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन कंपनियों की सेवाओं की शुरुआत जरूरी मंजूरियों और नियामकीय शर्तों पर निर्भर करती है। इसलिए स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी को किसी एक कंपनी से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी। वास्तविक स्थिति समझने के लिए सरकारी मंजूरियों और संबंधित कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी है। आम लोगों को क्या होगा फायदा? अगर भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू होती हैं, तो इसका फायदा खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों और उन जगहों पर, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है, यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, ग्राहकों के लिए सबसे अहम सवाल इंटरनेट की कीमत, स्पीड और उपलब्धता का होगा। स्टारलिंक और जियो की सेवाएं कितनी किफायती होंगी, यह उनकी व्यावसायिक योजनाओं और लॉन्च के समय घोषित किए जाने वाले प्लान पर निर्भर करेगा। अब आगे क्या? रिलायंस के बयान से साफ है कि कंपनी सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। वहीं, एलन मस्क की स्टारलिंक भारतीय बाजार में अपनी सेवाएं शुरू करने का इंतजार कर रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जरूरी सरकारी प्रक्रियाएं कब पूरी होती हैं और कंपनियां ग्राहकों के लिए अपनी सेवाएं कब पेश करती हैं। अगर बाजार में कई कंपनियां उतरती हैं, तो भारतीय ग्राहकों को इंटरनेट के नए विकल्प मिल सकते हैं। फिलहाल, रिलायंस और स्टारलिंक के बीच जारी यह बहस भारत के तेजी से बदलते डिजिटल और टेलीकॉम बाजार की एक अहम तस्वीर पेश करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Weather

Weather Update राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) का मिजाज बदल गया है। राजस्थान में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जबकि उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी देखने को मिली है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट की खबर है। मौसम में आए इस बदलाव से कहीं गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, तो कहीं किसानों और यात्रियों की चिंता बढ़ सकती है। Rajasthan Weather: बारिश के साथ ओलावृष्टि राजस्थान के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरने से मौसम सुहावना होने के साथ ठंडा भी हो गया है। अचानक बदले मौसम का असर आम जनजीवन पर पड़ सकता है। जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका भी रहती है। ऐसे में किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। Kedarnath-Badrinath में बर्फबारी, पहाड़ों पर बढ़ी ठंड उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। पहाड़ों पर मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए यहां जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा की तैयारी सावधानी से करनी चाहिए। खासतौर पर धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों को सड़क की स्थिति, मौसम का पूर्वानुमान और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। UP-Bihar Rain Alert: इन राज्यों में भी बदल सकता है मौसम राजस्थान और उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना को लेकर अलर्ट की खबर सामने आई है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, बारिश का असर हर जिले में एक जैसा नहीं होगा। इसलिए अपने इलाके के लिए मौसम विभाग की ताजा चेतावनी जरूर देखें। किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह बदलते मौसम को देखते हुए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। आंधी या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में रुकने से बचें। किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें। वहीं, पहाड़ी इलाकों में जाने वाले यात्री मौसम और रास्तों की स्थिति की जानकारी पहले ही हासिल कर लें। Weather Update Today: आगे कैसा रहेगा मौसम? अक्टूबर के मध्य में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ने मौसम का रुख बदल दिया है। राजस्थान में ओलावृष्टि और उत्तराखंड में बर्फ गिरने के बीच दूसरे राज्यों के लोगों की नजर भी बारिश के पूर्वानुमान पर है। मौसम से जुड़ी योजनाएं बनाने से पहले अपने शहर का ताजा अपडेट देखना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Parliament

Parliament Special Session: इसी महीने बुलाया जा सकता है संसद का सत्र, लोकसभा सीटें बढ़ाने पर नजर

संसद (Parliament) के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज होने की चर्चा है। केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इस सत्र में लोकसभा की सीटें बढ़ाने, परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक विशेष सत्र की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार इस बार जरूरी समर्थन जुटा पाएगी? अप्रैल 2026 में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला था। ऐसे में सरकार के सामने अब राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की चुनौती है। लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने की चर्चा फिलहाल लोकसभा में 543 निर्वाचित सीटें हैं। प्रस्तावित योजना के तहत इनकी संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 करने की बात सामने आई है। इस बदलाव का संबंध महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है। अगर लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी होती है, तो संसदीय क्षेत्रों और राज्यों के प्रतिनिधित्व में बदलाव हो सकता है। हालांकि, सीटों की अंतिम संख्या और उनके बंटवारे को लेकर स्थिति विधेयक के प्रावधानों तथा संवैधानिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। Delimitation Bill क्या है और इससे क्या बदलेगा? परिसीमन यानी Delimitation का मतलब लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का दोबारा निर्धारण करना है। इसके जरिए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जा सकता है। यह मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि परिसीमन का असर संसद में अलग-अलग राज्यों की राजनीतिक भागीदारी पर पड़ सकता है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने चिंता जताई है कि आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होने से उनका मौजूदा प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, सरकार की प्रस्तावित योजना में लोकसभा की सीटें बढ़ाने का मुद्दा शामिल है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए प्रस्ताव में राज्यों के प्रतिनिधित्व से जुड़ी चिंताओं का किस तरह समाधान किया जाता है। महिला आरक्षण 2029 से लागू करने की तैयारी? महिला आरक्षण भी इस पूरे मामले का एक अहम हिस्सा है। संसद ने 2023 में महिला आरक्षण से जुड़ा कानून पारित किया था। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। हालांकि, इस कानून के क्रियान्वयन को जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। इसी वजह से परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है। अप्रैल में क्यों पास नहीं हो पाया था बिल? अप्रैल 2026 में लोकसभा में संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े थे। इसके बावजूद जरूरी विशेष बहुमत नहीं मिल सका और विधेयक पारित नहीं हुआ। संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई मतों की जरूरत होती है। कुछ संविधान संशोधनों के लिए कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं से मंजूरी लेना भी जरूरी होता है। यानी सरकार के लिए केवल सांसदों की साधारण बहुमत संख्या पर्याप्त नहीं होगी। उसे संवैधानिक नियमों के मुताबिक जरूरी समर्थन हासिल करना होगा। DMK समेत दूसरे दलों से संपर्क की चर्चा मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सरकार विधेयकों के समर्थन में राजनीतिक दलों से बातचीत कर रही है। इसमें डीएमके (DMK) और कुछ छोटे दलों से संपर्क किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दलों के अंतिम रुख को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। विपक्षी दलों की प्रमुख चिंताओं में परिसीमन की प्रक्रिया, राज्यों का प्रतिनिधित्व और प्रस्तावित बदलावों पर व्यापक चर्चा शामिल है। ऐसे में विशेष सत्र बुलाए जाने पर संसद में इस मुद्दे पर बहस तेज हो सकती है। कब हो सकता है संसद का Special Session? मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर सकती है। 26 और 27 अक्टूबर को प्रस्तावित BRICS Parliamentary Forum के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सत्र की तारीखें तय किए जाने की संभावना भी जताई गई है। लेकिन अभी तक विशेष सत्र का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। इसलिए तारीखों और विधेयकों को लेकर सामने आ रही जानकारियों को संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब सरकार के सामने क्या चुनौती है? सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं—पहली, विधेयकों के लिए जरूरी संवैधानिक समर्थन जुटाना और दूसरी, परिसीमन को लेकर राज्यों की चिंताओं पर सहमति बनाना। अगर विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी, महिला आरक्षण और राज्यों के प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे फिर से चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा और राजनीतिक दलों के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.