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उज्जैन में सामाजिक बहिष्कार से परेशान युवक ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में यादव (अहीर) समाज के एक युवक ने समाज के पंचों पर सामाजिक बहिष्कार, अपमान और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित नरेंद्र यादव मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की। न्याय नहीं मिला तो धर्म परिवर्तन की चेतावनी नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और समाज में सम्मानजनक स्थान वापस नहीं मिला, तो वे परिवार सहित धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे। व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ विवाद पीड़ित के अनुसार, विवाद की शुरुआत डॉक्टर विष्णु प्रसाद यादव के यहां आयोजित एक शादी समारोह से हुई। समारोह में समाज की ओर से ₹5100 की जगह ₹11 हजार चंदा और धर्मशाला किराए को लेकर समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में चर्चा चल रही थी। इसी दौरान नरेंद्र यादव ने ग्रुप में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी से गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर राशि वापस कर देनी चाहिए। आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया। फोन पर गाली-गलौज और धमकी के आरोप नरेंद्र यादव का आरोप है कि समाज के एक पंच के भाई ईश्वरलाल यादव ने उन्हें व्हाट्सऐप कॉल कर अपशब्द कहे और समाज छोड़ने तक की बात कही। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने समाज के ग्रुप में भी दी, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। इसके बाद अन्य पदाधिकारियों द्वारा भी फोन पर गाली-गलौज और धमकी दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार को समाज से किया निष्कासित पीड़ित का कहना है कि बिना उनका पक्ष सुने समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में उनके परिवार को समाज से निष्कासित करने का संदेश जारी कर दिया गया। साथ ही गांव के सामाजिक कार्यक्रमों और गतिविधियों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई। एसपी कार्यालय में भी की थी शिकायत नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले एसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में समाज की बैठक हुई, लेकिन उसमें उन्हें बुलाया तक नहीं गया। उनका आरोप है कि समाज की धर्मशाला के किराए और चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का विरोध करने के कारण कुछ प्रभावशाली लोग उनसे नाराज हो गए थे। प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा लगातार मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बहिष्कार से परेशान नरेंद्र यादव ने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन ने शिकायत की जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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MP हाईकोर्ट के जस्टिस साइकिल से पहुंचे कोर्ट, PM मोदी की फ्यूल बचाने की अपील का दिखा असर

प्रधानमंत्री Narendra Modi की फ्यूल बचाने की अपील का असर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस DD Bansal लग्जरी कार छोड़ साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे। उनका वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे हाईकोर्ट जानकारी के मुताबिक, जस्टिस डीडी बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने निवास से करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। रास्तेभर लोग उन्हें देखते रहे। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में भी कर्मचारियों और आम लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा। बोले- जज भी चला सकते हैं साइकिल मीडिया से बातचीत में जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोच बिल्कुल गलत है कि हाईकोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। उन्होंने इसे सिर्फ फ्यूल बचाने का नहीं, बल्कि पर्यावरण और देशहित से जुड़ा कदम बताया। चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा जस्टिस बंसल ने बताया कि वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva से प्रेरित होकर साइकिल चला रहे हैं। उनके इस कदम से प्रेरित होकर हाईकोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से ऑफिस आना शुरू किया है। PM मोदी ने की थी फ्यूल बचाने की अपील दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे ऊर्जा की बचत होगी और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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बिलासपुर में उर्स के दौरान थाने के सामने मारपीट, चाकू-डंडे लेकर दौड़ाए युवक; VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में उर्स के दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमकर बवाल हो गया। थाने के सामने ही दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बाइक टकराने से शुरू हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पुलिस लाइन स्थित मजार में उर्स का आयोजन चल रहा था। अलग-अलग इलाकों से मुस्लिम समुदाय के लोग संदल और चादर चढ़ाने के लिए डीजे और ढोल-ताशों के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान शनिवार रात संदल जुलूस के दौरान बाइक टकराने की बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। लाठी-डंडे और चाकू लेकर दौड़ाए युवक वायरल वीडियो में कुछ युवक खुलेआम लाठी-डंडे और चाकू लेकर दूसरे युवकों को दौड़ाते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के सामने इस तरह खुलेआम हथियार लहराना अपराधियों के बढ़ते हौसले को दिखाता है। पुलिस युवकों को थाने लाई, लेकिन नहीं हुई FIR सिविल लाइन थाना प्रभारी SR Sahu ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के युवकों को थाने लेकर आई। हालांकि, दोनों पक्षों ने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहिए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। VIDEO वायरल होने के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइन सीएसपी Nimitesh Singh के अनुसार, घोड़ादाना स्कूल के पास निकली संदल टोली में डांस के दौरान पैर टकराने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान हर्ष खांडे नामक युवक चाकू लहराते हुए लोगों को डराने लगा। पुलिस पहुंची तो वह मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में CCTV फुटेज की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, दूसरी घटना मगरपारा चौक के पास हुई, जहां अब्दुल अजीम खान हाथ में चाकू लहराते मिला। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25-27 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चाकू और चापड़ बरामद किए हैं। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.comPortal के साथ।
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सीहोर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित Maa Gayatri Hospital में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत जानकारी के मुताबिक, मृतका मयूरी राठौर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मयूरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मृतका के पति मनीष राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने के 5 से 7 मिनट बाद ही मयूरी की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि मयूरी पेशे से एएनएम (ANM) थीं। डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत अस्पताल की डॉक्टर Sujata Parmar ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज का इलाज पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। डॉक्टर के अनुसार, संभव है कि चाय पीने के दौरान कुछ सांस नली में फंस गया हो, जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ी हो। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। पुलिस जांच में जुटी अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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खंडवा में सांसद-विधायक के दिए पानी टैंकर बने मुसीबत, 4 महीने में ही टूटा टैंकर

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पेयजल समस्या दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए पानी के टैंकर अब सवालों के घेरे में हैं। गांव में उपयोग के दौरान सांसद निधि से मिला एक टैंकर महज चार महीने में ही टूट गया। घटना के बाद टैंकर की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। श्मशान घाट ले जाते समय टूटा टैंकर मामला खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बावड़ियांकाजी (ग्राम पंचायत सिरपुर) का है। यहां सांसद Gyaneshwar Patil निधि से फरवरी 2026 में एक पानी का टैंकर पंचायत को दिया गया था। बताया जा रहा है कि गांव में एक अंत्येष्टि कार्यक्रम के दौरान टैंकर में पानी भरकर श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में लॉकिंग एरिया के पास से टैंकर ट्रैक्टर से अलग होकर टूट गया। राहत की बात यह रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। कमजोर वेल्डिंग पर उठे सवाल सरपंच प्रतिनिधि दीपक पटेल के अनुसार, टैंकर की वेल्डिंग बेहद कमजोर थी। अगर ढलान पर ट्रैक्टर पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद तुरंत खंडवा से वेल्डर बुलाकर टैंकर की मरम्मत कराई गई। बाद में इसे दोबारा मजबूत वेल्डिंग के लिए खंडवा भेजा गया। उन्होंने कहा कि नया टैंकर होने के बावजूद उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी, जिससे निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक के टैंकर में भी आई दिक्कत दीपक पटेल ने बताया कि गांव को विधायक Kanchan Tanve की ओर से भी एक टैंकर मिला था। लेकिन उसकी हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। महज तीन महीने में उसके टायर बदलवाने पड़े, जिस पर करीब 7 हजार रुपए खर्च हुए। थर्ड पार्टी एजेंसी से होते हैं ऐसे काम जानकारी के मुताबिक, सांसद और विधायक निधि की राशि जनहित कार्यों में खर्च की जाती है। सड़क, नाली जैसे निर्माण कार्य पंचायत सीधे करवाती है, लेकिन टैंकर और यात्री प्रतीक्षालय जैसे काम निजी एजेंसियों के जरिए कराए जाते हैं। पहले भी उठ चुका है ‘टैंकर भ्रष्टाचार’ का मुद्दा मध्यप्रदेश में टैंकरों की खराब गुणवत्ता का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में मंदसौर संसदीय क्षेत्र में घटिया क्वालिटी के टैंकरों को लेकर काफी विवाद हुआ था। उस समय सांसद Sudhir Gupta को लोग ‘टैंकर बाबू’ तक कहने लगे थे। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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बिलासपुर में पानी भरने के विवाद में ऑटो चालक पर कुल्हाड़ी से हमला, हालत गंभीर

Bilaspur में पीने के पानी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ऑटो चालक पर कुल्हाड़ी और गमले से हमला कर दिया गया। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के महिमा नगर का है। मोटर पंप चालू होने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, शज्जाद अली ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 7 मई की रात वह काम से लौटकर घर आया था। बताया जा रहा है कि रात में शॉर्ट सर्किट के कारण मोटर पंप अपने आप चालू हो गया। सुबह जब शज्जाद पानी भरने पहुंचा, तब पड़ोसी कुनाल मानिकपुरी और उसके रिश्तेदार ने उससे विवाद शुरू कर दिया। शज्जाद ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि उसने मोटर चालू नहीं किया था। इसके बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हो गया। घर में घुसकर किया हमला आरोप है कि बाद में कुनाल मानिकपुरी अपने साथियों के साथ शज्जाद के घर पहुंच गया। वहां गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने कुल्हाड़ी और गमले से हमला कर दिया। हमले में शज्जाद गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में गिर पड़ा। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। अफवाह फैलाने का भी आरोप घायल शज्जाद का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी यह अफवाह फैला रहे हैं कि उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट की थी। पीड़ित ने इस दावे को गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद सिरगिट्टी पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री का फैसला पड़ा भारी, कई दुकानों में शराब की कमी

Chhattisgarh में प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री लागू करने के फैसले के बाद आबकारी विभाग की सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा गई है। अधूरी तैयारी के बीच नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेशभर की शराब दुकानों में देसी और सस्ती अंग्रेजी शराब की कमी देखने को मिल रही है। कई दुकानों में पसंदीदा ब्रांड का स्टॉक खत्म हो चुका है। वहीं डिस्टिलर्स और बोतल सप्लाई लॉबी पर सप्लाई प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं। सप्लाई तिथि बढ़ाने पड़ रहे आदेश जानकारी के मुताबिक कैबिनेट से फैसला होने के बाद 1 अप्रैल से डिस्टिलरियों को पीईटी प्लास्टिक बोतलों में शराब बॉटलिंग करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अचानक लागू हुए इस फैसले के कारण डिस्टिलर्स और बोतल सप्लायरों में अफरा-तफरी मच गई। कई कारोबारी कोर्ट तक पहुंच गए। बड़ी संख्या में प्लास्टिक बोतलों की व्यवस्था नहीं होने से विभाग को दोबारा आदेश जारी कर 31 मई तक कांच की बोतलों में भी सप्लाई की अनुमति देनी पड़ी। 10 दिन तक बंद रही बॉटलिंग नई व्यवस्था के बीच कई डिस्टिलरियों में करीब 10 दिनों तक उत्पादन और बॉटलिंग का काम प्रभावित रहा। पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद अब शराब दुकानों तक मांग के मुकाबले कम सप्लाई पहुंच रही है। इसी वजह से कई दुकानों में शराब की कमी हो गई है। सरकार को राजस्व नुकसान का अंदेशा आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में रोजाना करीब 70 करोड़ रुपए की देसी और किफायती अंग्रेजी शराब बिकती है। सप्लाई प्रभावित होने से सरकार को हर दिन 40 से 50 करोड़ रुपए तक के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मिलावट रोकने के लिए लिया गया था फैसला सरकार ने प्लास्टिक बोतलों में शराब सप्लाई का फैसला मिलावट रोकने के उद्देश्य से लिया था। लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने और सप्लायरों की मनमानी के चलते विभाग को बार-बार अपने आदेश बदलने पड़ रहे हैं। 31 मई के बाद होगी सख्ती आबकारी आयुक्त पदुम एल्मा ने बताया कि डिस्टिलर्स के साथ लगातार बैठक की जा रही है। फिलहाल प्लास्टिक और कांच दोनों बोतलों में सप्लाई जारी है। उन्होंने कहा कि 15 मई से डिस्टिलर्स प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई बढ़ाएंगे। वहीं 31 मई के बाद सप्लाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित डिस्टिलर्स का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सीहोर-इछावर हाईवे पर एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर, केबिन में फंसा चालक

Sehore-इछावर स्टेट हाईवे पर शुक्रवार देर रात एंबुलेंस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक केबिन में फंस गया। घटना दो पुलिया जोड़ के पास की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने केबिन काटकर निकाला चालक हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस का केबिन काटकर घायल चालक को बाहर निकाला। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। “बिना मरीज के दौड़ती हैं एंबुलेंस” स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि कई बार एंबुलेंस बिना मरीज के भी तेज रफ्तार में सायरन बजाते हुए हाईवे पर दौड़ती हैं। लोगों का कहना है कि कुछ सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल निजी कामों में भी किया जाता है। इसी वजह से जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। पुलिस कर रही जांच सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे अस्पताल भेजा गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय एंबुलेंस में कोई मरीज था या नहीं। प्रेग्नेंट महिला को छोड़कर लौट रही थी एंबुलेंस जानकारी के अनुसार, यह 108 एंबुलेंस रेहटी क्षेत्र की थी। एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को सीहोर अस्पताल छोड़कर वापस लौट रही थी। घटना के समय वाहन में केवल चालक मौजूद था। घायल चालक को पहले इछावर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सागर में जनगणना कार्य में लापरवाही पर 5 अधिकारियों को नोटिस, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

Sagar में जनगणना के तहत मकान गणना कार्य की धीमी प्रगति पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर पांच जनगणना चार्ज अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। तय समय में पूरा करना होगा काम कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकान गणना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 मई तक 50 प्रतिशत, 15 मई तक 75 प्रतिशत और 20 मई तक 100 प्रतिशत कार्य पूरा करना होगा। साथ ही चेतावनी दी कि दो दिन में प्रगति नहीं दिखने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन अधिकारियों को मिला नोटिस कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए मकरोनिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पवन कुमार शर्मा, शाहपुर के मुख्य नगर परिषद अधिकारी बालकिशन पटेल, राहतगढ़ के जनगणना चार्ज अधिकारी आकाश जैन, जैसीनगर के तहसीलदार प्रेमनारायण सिंह और बांदरी के तहसीलदार अनिल कुशवाहा को नोटिस जारी किया है। “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जनगणना महाअभियान के तहत मकान गणना का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने साफ कहा कि काम में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने शुरू किया पहला प्रवचन, देवी शक्ति और शक्तिपीठों का बताया महत्व

Ujjain की मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं Harsha Richhariya ने संन्यास लेने के एक महीने के भीतर ही प्रवचन की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा गांव में आयोजित 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच से प्रवचन दिया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। “हर्षानंद गिरी” नाम से किया प्रवचन कार्यक्रम में जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगाए गए थे, जिन पर “देवी प्रवचन – हर्षानंद गिरी” लिखकर उनकी तस्वीरें लगाई गई थीं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए प्रवचन में हर्षा ने देवी शक्ति, माता सती और 52 शक्तिपीठों का महत्व बताया। उन्होंने राजा दक्ष और माता सती की कथा का भी उल्लेख किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण कहीं नहीं जाना चाहिए। साथ ही 52 शक्तिपीठों और हिंदी वर्णमाला के 52 अक्षरों को जोड़ते हुए धार्मिक व्याख्या भी की। 19 अप्रैल को लिया था संन्यास हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल को उज्जैन के मोनी आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में संन्यास लिया था। संन्यास के बाद उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर “स्वामी हर्षानंद गिरी” नाम अपनाया। उनके संन्यास को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा भी हुई थी। पहली बार मंच से प्रवचन देने पहुंचीं करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रवचन के दौरान हर्षा बीच-बीच में लिखित नोट्स देखकर बोलती नजर आईं। बाद में उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के सामने बोलना उनके लिए नया अनुभव था और शुरुआत में वे काफी घबराई हुई थीं। हालांकि गुरु और माता के आशीर्वाद से वे प्रवचन कर सकीं। श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद प्रवचन के दौरान व्यास गद्दी पर बैठीं हर्षा के चरण स्पर्श करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया समेत कई स्थानीय नेता और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रवचन समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं ने उन्हें दक्षिणा भी भेंट की।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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